पाड़ी-बछिया पालन सहायता, गुजरात
चालू होने का आधार: गुजरात सरकारी संकल्प: डेयरी फ़ार्म ब्याज व पूँजी सहायता योजनाएँ और बछिया-पाड़ी पालन (₹53.60 करोड़), 2026-27 (1 अप्रैल 2026, ઠરાવ table row (4): ₹12.00 crore for 2026-27 (about 8,000 units))
कृत्रिम गर्भाधान से जन्मी 3–6 महीने की पाड़ी या बछिया वाले पशुपालक को उसके आहार का आधा मुफ़्त मिलता है — 75 किलो काफ़ स्टार्टर, 500 किलो संतुलित दाना और 7.5 किलो मिनरल मिक्सचर, लगभग ₹15,000 का — साल में एक बछिया के लिए।
- मुख्य लाभ
- 50%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
बछिया के आहार की ज़रूरत (अनुमानित ₹30,000) का आधा — प्रति बछिया अधिकतम ₹15,000, आहार के रूप में, परिवार को साल में एक बछिया।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
सभी पशुपालकों के लिए, दूध संघ के सदस्य हों या नहीं (शर्त 2)। अवधि में बछिया मर जाए या बिक जाए तो सहायता नहीं (शर्त 22)।
“પ્રતિ પાડી/વાછરડી માટે કાફ સ્ટાર્ટર ૧૫૦ કિલો, સમતોલ દાણ ૧૦૦૦ કિલો, મિનરલ મિક્ષ્ચર ૧૫ કિલોની જરૂરિયાત રહેશે. જેના અંદાજીત ખર્ચ રૂ.૩૦,૦૦૦/- ના ૫૦% લેખે વધુમાં વધુ રૂ.૧૫,૦૦૦/- પ્રતિ પાડી/ વાછરડી સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए बछिया की संख्या भरें।
सभी पशुपालकों के लिए, दूध संघ के सदस्य हों या नहीं (शर्त 2)। अवधि में बछिया मर जाए या बिक जाए तो सहायता नहीं (शर्त 22)।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- बछिया के कृत्रिम गर्भाधान से जन्म का प्रमाण-पत्र (शर्त 8)
- शपथ-पत्र कि आहार केवल इसी बछिया के लिए होगा और बाक़ी आधा ख़ुद ख़रीदेंगे (शर्त 13, 16)
आवेदन कैसे करें
- बछिया 3 से 6 महीने की हो तब आई-खेडूत पोर्टल पर आवेदन करें (परिशिष्ट-4, शर्त 5, 7)।
- गर्भाधान करने वाली संस्था का कृत्रिम गर्भाधान प्रमाण-पत्र लगाएँ; पशु चिकित्सा अधिकारी मौक़े पर जाँच करते हैं (शर्त 8–9)।
- बछिया का भारत पशुधन पर पंजीकरण कराएँ; आहार किस्तों में ज़िला पंचायत के ज़रिये मिलता है (शर्त 11, 19)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
बछिया 3–6 महीने की हो तब आवेदन; सहायता 24 महीने की उम्र तक।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।