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योजना चालू है

राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (संशोधित एनपीडीडी)

2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 44 (Department of Animal Husbandry and Dairying), item 9 Dairy Development, BE 2026-27 ₹1055.00 crore (Revenue ₹655.00 crore, Capital ₹400.00 crore); Notes item 9 (release of funds to Milk Unions/State Milk Federations for approved projects))

NPDD · पशुपालन और डेयरी विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय · केंद्रीय योजना, सभी राज्य

डेयरी किसानों को अपने दुग्ध संघ के ज़रिए गाँव की दुग्ध समिति, बल्क मिल्क कूलर, दूध जाँच मशीन और मुफ़्त प्रशिक्षण मिलता है: समिति और कूलर की स्वीकृत लागत का 50% (पूर्वोत्तर, पहाड़ी क्षेत्र और केंद्र शासित प्रदेशों में 75%) केंद्र देता है, मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी बनाने पर 35% (₹15 करोड़ तक), और किसान प्रशिक्षण का पूरा 100%।

मुख्य लाभ
50%लागत का, अधिकतम (75% पूर्वोत्तर क्षेत्र और केंद्र शासित प्रदेश में)
घटक
3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
कौन ले सकता है
सभीआवेदक
अंतिम तिथि
कोई नहींकभी भी आवेदन

क्या मिलता है

50%लागत का, अधिकतम (75% पूर्वोत्तर क्षेत्र और केंद्र शासित प्रदेश में)

दुग्ध संघ की स्वीकृत परियोजना में गाँव की डेयरी सहकारी समिति और उसका बल्क मिल्क कूलर लगाने पर: लागत का 50% केंद्र देता है (पूर्वोत्तर, पहाड़ी क्षेत्र और केंद्र शासित प्रदेशों में 75%)।

स्रोत संशोधित एनपीडीडी — प्रशासनिक स्वीकृति 2025-26 और परिचालन दिशानिर्देश (अप्रैल 2025) · धारा Appendix-I (Component A), cl. 5.1–5.2, 6.1.2.1–6.1.2.2 · पृ. 5, 7 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

75% की दर "पहाड़ी क्षेत्र" पर भी लागू है, जिसकी सूची दिशानिर्देशों में नहीं है; पहाड़ी राज्य में हों तो अपने दुग्ध संघ से पूछें कि कौन-सी दर लगेगी। समिति या कूलर पर गाँव स्तर की दूध जाँच प्रयोगशाला (धारा 5.4.1) को 50% (पूर्वोत्तर, पहाड़ी क्षेत्र और केंद्र शासित प्रदेशों में 70%) मिलता है (धारा 6.1.2.4)।

“6.1.2.1. Milk Procurement (Setting up of DCS): For Milk Unions/ Federations of North Eastern Region (NER), Hilly Area & Union Territories (UTs): central assistance would be 75%. For other States: central assistance would be 50% 6.1.2.2. Milk Chilling -Support for Bulk Milk Coolers (BMC): For Milk Unions/ Federations of NER, Hilly Area & UTs: central assistance would be 75%. For other States: central assistance would be 50%”
35%लागत का, अधिकतम

मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी बनाने (सदस्य जोड़ना, पंजीकरण, दूध संग्रह और ठंडा करना, 3 साल का कार्यालय ख़र्च, छोटी प्रोसेसिंग) पर केंद्र 35% देता है, अधिकतम ₹15 करोड़।

स्रोत संशोधित एनपीडीडी — प्रशासनिक स्वीकृति 2025-26 और परिचालन दिशानिर्देश (अप्रैल 2025) · धारा Appendix-I (Component A), cl. 5.8.1–5.8.6, 6.1.2.8 · पृ. 7–8 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियों और एफ़पीओ के प्रस्ताव राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के ज़रिए जाते हैं (पैरा 2.2)। 35% स्वीकृत परियोजना लागत पर लगता है।

“6.1.2.8. Establishment of 2 Milk producer Company: Central assistance would be 35% (maximum Rs 15 Cr) for all States and UTs”
100%किसान प्रशिक्षण का ख़र्च केंद्र देता है

परियोजना क्षेत्र के डेयरी किसानों को किसान परिचय कार्यक्रम और साफ़-सुथरे दूध उत्पादन का प्रशिक्षण मिलता है, जिसका पूरा ख़र्च केंद्र देता है।

स्रोत संशोधित एनपीडीडी — प्रशासनिक स्वीकृति 2025-26 और परिचालन दिशानिर्देश (अप्रैल 2025) · धारा Appendix-I (Component A), cl. 5.6.1, 6.1.2.6 · पृ. 6, 8 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“5.6.1. Farmer Induction Programme including Training of farmers in good hygienic practices/ good manufacturing practices … 6.1.2.6. Training & Capacity building: Central assistance would be 100% for all States and UTs”

मुझे कितना मिल सकता है?

यह प्रावधान इस आवेदक श्रेणी को सहायता नहीं देता (Appendix-I (Component A), cl. 5.1–5.2, 6.1.2.1–6.1.2.2)।

स्रोत संशोधित एनपीडीडी — प्रशासनिक स्वीकृति 2025-26 और परिचालन दिशानिर्देश (अप्रैल 2025) · धारा Appendix-I (Component A), cl. 5.1–5.2, 6.1.2.1–6.1.2.2 · पृ. 5, 7 · हमारी प्रति (PDF)

कौन आवेदन कर सकता है

  • सभी आवेदक

ज़रूरी काग़ज़

  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), दुग्ध संघ, महासंघ या प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा बनाई हुई
  • शपथ-पत्र कि यही काम किसी और केंद्रीय या राज्य योजना से वित्तपोषित नहीं है
  • उपकरण और निर्माण कार्य की लागत के समर्थन में कोटेशन, निविदा काग़ज़ या ख़रीद आदेश
  • पिछले वित्त वर्ष की बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाता
  • डेयरी प्लांट के एफ़एसएसएआई, आईएसओ, एचएसीसीपी जैसे प्रमाणपत्र

आवेदन कैसे करें

  1. इस योजना में किसान अकेले आवेदन नहीं करता: लाभ किसानों की अपनी संस्थाओं — दुग्ध महासंघ और संघ, डेयरी सहकारी समितियाँ, एफ़पीओ/मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियाँ और एसएचजी संघ — के ज़रिए मिलता है (दिशानिर्देश पैरा 2, 2.1)।
  2. अपने गाँव में डेयरी सहकारी समिति, बल्क मिल्क कूलर या दूध जाँच इकाई के लिए ज़िला दुग्ध संघ या राज्य डेयरी महासंघ से उसे अपनी परियोजना रिपोर्ट में शामिल करने को कहें (परिशिष्ट I धारा 5.1, 5.2, 5.4)।
  3. संघ या महासंघ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाता है; राज्य स्तरीय तकनीकी प्रबंधन समिति इसकी सिफ़ारिश करती है और डीएएचडी की परियोजना स्वीकृति समिति इसे मंज़ूर करती है (परिशिष्ट I धारा 7.2, 7.6, 8.6)। श्वेत क्रांति 2.0 के तहत नई समितियों के प्रस्ताव एसएलटीएमसी सिफ़ारिश के बिना राज्य सरकार के ज़रिए डीएएचडी को जाते हैं (धारा 8.7)।
  4. मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियाँ और एफ़पीओ अपने प्रस्ताव राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के ज़रिए भेजते हैं; एसएचजी द्वारा चलाई जा रही डेयरियाँ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के ज़रिए (पैरा 2.2)।

आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।

कब आवेदन करें

दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।

दूसरी योजनाओं के साथ

दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।