HRT-2 फल फ़सल रोपण, सघन बाग़ और पुराने बाग़ों का नवीनीकरण, गुजरात
चालू होने का आधार: गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 (1 अप्रैल 2026, ઠરાવ: HRT-2 continued from 1-4-2026 to 31-3-2027 with a ₹430.00 crore budget provision for 2026-27)
फल उत्पादकों को राज्य की मदद: कलम और पौधों की लागत का 90% (फ़सलवार प्रति हेक्टेयर लागत, 4 हेक्टेयर तक), खजूर और ड्रैगन फ्रूट रोपण पर 50%, सघन बाग़ में आम की कलम पर ₹100 और अमरूद के पौधे पर ₹80, केले या पपीते के पौधे पर ₹5, नारियल रोपण पर 75%, और पुराने आम व नींबू के बाग़ नए करने पर 50%।
- मुख्य लाभ
- ₹100प्रति कलम, अधिकतम
- घटक
- 12हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
बहुवर्षीय फल फ़सलों की कलम, टिश्यू-कल्चर पौधे या बीज से तैयार पौधों पर ख़र्च का अधिकतम 90%, फ़सलवार प्रति हेक्टेयर लागत तक (आम ₹32,000, चीकू ₹22,000, अनार ₹20,000 …), 4 हेक्टेयर तक; केवल ₹250 तक क़ीमत वाले पौधों पर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
कलम NHB-मान्य, कृषि विश्वविद्यालय या विभाग की नर्सरी से; टिश्यू-कल्चर पौधे DBT-मान्य या सरकारी लैब (GNFC, GSFC, विश्वविद्यालय) से। प्रति खाता अधिकतम 4 हेक्टेयर। HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“બાગાયતી પાકોના વાવેતર માટે પ્લાંટીંગ મટીરીયલમાં ૯૦% સહાય આપવાનો કાર્યક્રમ … પાક વાર નિયત કરવામાં આવેલ બહુવર્ષાયુ ફળપાકની કલમ/ ટીસ્યુકલ્ચર (રોપા) / નાળીયેરી તથા અન્ય ગૌણ ફળપાક માટે બીજથી તૈયાર કરવામાં આવેલ રોપા ઉપર થયેલ ખર્ચના મહત્તમ ૯૦% મુજબ સહાય. જે રોપાની કિંમત રૂ.૨૫૦/- સુધી હશે તેવા કિસ્સામાં જ સહાય મળવાપાત્ર થશે.”खजूर (टिश्यू-कल्चर पौधे): पौधों की लागत का 50%, ₹4,37,500 प्रति हेक्टेयर (₹3,500 प्रति पौधा) तक गिनी — अधिकतम ₹2,18,750 प्रति हेक्टेयर — 0.20 से 2 हेक्टेयर पर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
आयातित टिश्यू-कल्चर पौधों (देश में कमी होने पर) पर अधिकतम ₹1,750 प्रति पौधा। प्रति खाता कम से कम 0.20 और अधिकतम 2 हेक्टेयर। HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“ટીસ્યુકલ્ચર છોડ દ્વારા ખારેકની ખેતીમાં વાવેતર વિસ્તાર વધારવા સહાય આપવાનો કાર્યક્રમ • પ્લાંટીંગ મટીરીયલ માટે સહાય • યુનિટ કોસ્ટ- રૂ. ૪,૩૭,૫૦૦/હે. (પ્રતિ રોપ- રૂ. ૩૫૦૦/-) • સહાય:- ખર્ચના ૫૦% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૨,૧૮,૭૫૦/હે. ની મર્યાદામાં સહાય.”खजूर खेती ख़र्च: ₹40,000 प्रति हेक्टेयर का 50% (अधिकतम ₹20,000/हे.), पहले साल 60% और 75% पौधे ज़िंदा रहें तो दूसरे साल 40%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“ખેતી ખર્ચ માટે સહાય. યુનિટ કોસ્ટ-રૂ. ૪૦,૦૦૦/હે. • સહાય- ખર્ચના ૫૦% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૨૦,૦૦૦/- પ્રતિ હેક્ટરની મર્યાદામાં સહાય જેમાં પ્રથમ વર્ષે મળવાપાત્ર રકમના ૬૦% સહાય તેમજ બીજા વર્ષે જો ૭૫ % રોપા જીવંત હોય તો જ બાકીના ૪૦% સહાય ચૂકવવાની રહેશે.”ड्रैगन फ्रूट (कमलम): ₹6,00,000 प्रति हेक्टेयर का 50%, अधिकतम ₹3,00,000 प्रति हेक्टेयर, 0.20 से 1 हेक्टेयर पर — पहले साल खंभे और पौधों पर ₹2,44,420/हे. तक और दूसरे साल रिंग या ट्रेलिस पर ₹55,580/हे. तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह संकल्प सामान्य जाति के किसानों की दर छापता है; लघु, सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता। जीवन में एक बार, प्रति लाभार्थी 0.20–1 हेक्टेयर; भुगतान से पहले संयुक्त स्थल जाँच। पहले साल 1,111 सीमेंट खंभे (₹3,33,300) और 4,444 पौधे (₹1,55,540); दूसरे साल 1,111 हेड रिंग या 400 किलो ट्रेलिस तार (₹1,11,160)।
“કમલમ ફળ (ડ્રેગનફ્રુટ)ના વાવેતર માટે સહાયનો કાર્યક્રમ • યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૬,૦૦,૦૦૦/હે • સહાય: સામાન્ય જાતિના ખેડુતને ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ. ૩,૦૦,૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”सघन आम बाग़: प्रति कलम ₹100 तक (या असली क़ीमत, जो कम हो), अधिकतम ₹40,000 प्रति हेक्टेयर, कम से कम 400 कलम प्रति हेक्टेयर, 0.20 से 2 हेक्टेयर पर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
₹100 प्रति कलम, ₹40,000 प्रति हेक्टेयर (400 कलम प्रति हेक्टेयर) की सीमा तक, अधिकतम 2 हेक्टेयर, यानी अधिकतम 800 कलम। कलम NHB-मान्य, विश्वविद्यालय या विभाग की नर्सरी से; बाक़ी रोपण ख़र्च किसान का। भुगतान से पहले संयुक्त स्थल जाँच।
“આંબા, જામફળ ફળપાકમાં ઘનિષ્ટ ખેતી પધ્ધતિ અપનાવી ક્રોપ ડાઇવર્સીફીકેશન • આંબા પાકમાં કલમ દીઠ મહત્તમ રૂ. ૧૦૦/- અથવા પ્રતિ કલમ ખરેખર થયેલ ખર્ચ બે માંથી જે ઓછુ હોય તે ધ્યાને લઇને મહત્તમ રૂ. ૦.૪૦ લાખ પ્રતિ હેક્ટર સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”सघन अमरूद बाग़: प्रति कलम या टिश्यू पौधा ₹80 तक, अधिकतम ₹44,000 प्रति हेक्टेयर, कम से कम 550 पौधे प्रति हेक्टेयर, 0.20 से 2 हेक्टेयर पर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
₹80 प्रति पौधा, ₹44,000 प्रति हेक्टेयर (550 पौधे) तक, अधिकतम 2 हेक्टेयर, यानी अधिकतम 1,100 पौधे।
“જામફળ પાકમાં કલમ/ ટીસ્યુ રોપા દીઠ મહત્તમ રૂ. ૮૦/- અથવા પ્રતિ કલમ/ ટીસ્યુ રોપા દીઠ ખરેખર થયેલ ખર્ચ બે માંથી જે ઓછુ હોય તે ધ્યાને લઇને મહત્તમ રૂ. ૦.૪૪ લાખ પ્રતિ હેક્ટર સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”सघन आम या अमरूद बाग़ के पहले साल अंतरफ़सल: पौध सामग्री की लागत का 50%, अधिकतम ₹10,000 (आम) या ₹6,000 (अमरूद) प्रति हेक्टेयर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“પ્રથમ વર્ષે આંતર પાકમાં અન્ય બાગાયતી પાકના પ્લાન્ટીંગ મટીરીયલના ખર્ચના ૫૦ ટકા લેખે મહત્તમ રૂ. ૦.૧૦ લાખ પ્રતિ હેક્ટર … (જામફળ) મહત્તમ રૂ. ૦.૦૬ લાખ પ્રતિ હેક્ટર”केले के टिश्यू-कल्चर पौधे: ₹5 प्रति पौधा, अधिकतम ₹15,000 प्रति हेक्टेयर (कम से कम 3,000 पौधे प्रति हेक्टेयर), 0.20 से 1 हेक्टेयर पर, हर दो साल में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल उन किसानों के लिए जिनकी विभाग की दूसरी केला योजनाओं में क्षेत्र सीमा पूरी हो चुकी है। पौधे DBT-मान्य या सरकारी टिश्यू लैब से।
“કેળ પાકના ટીસ્યુકલ્ચર રોપ ઉપર સહાય • કેળપાકના ટીસ્યુકલ્ચર રોપા દીઠ મહત્તમ રૂ.૫/- સહાય ધ્યાને લઇ મહત્તમ રૂ. ૦.૧૫ લાખ પ્રતિ હેક્ટર બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”पपीता: ₹5 प्रति पौधा, अधिकतम ₹15,000 प्रति हेक्टेयर (कम से कम 3,000 पौधे प्रति हेक्टेयर), 0.20 से 1 हेक्टेयर पर, हर दो साल में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल उन किसानों के लिए जिनकी विभाग की दूसरी योजनाओं में पपीते की क्षेत्र सीमा पूरी हो चुकी है। पौधे NHB-मान्य, विश्वविद्यालय या विभाग की नर्सरी से (मान्य नर्सरी पर्याप्त न होने तक अपनी पसंद की अच्छी नर्सरी से); बीज उत्पादक के अधिकृत विक्रेता से।
“પપૈયા પાકમાં ફળ પાક ઉત્પાદકતા વધારવાનો કાર્યક્રમ • પપૈયા પાકના રોપા દીઠ મહત્તમ રૂ.૫/- સહાય ધ્યાને લઇ મહત્તમ રૂ. ૦.૧૫ લાખ પ્રતિ હેક્ટર બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”नारियल रोपण: पौध सामग्री और इनपुट पर ₹50,000 प्रति हेक्टेयर का 75% (अधिकतम ₹37,500/हे.), 4 हेक्टेयर तक, दो किस्तों (75:25) में।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“નાળીયેરી વાવેતર વિસ્તાર સહાય • યુનિટ કોસ્ટ રૂ ૦.૫૦ લાખ/ હે. • ખર્ચના ૭૫% મુજબ મહત્તમ ૦.૩૭૫ લાખ/હે.”नारियल में पोषण और कीट प्रबंधन: ₹10,000 प्रति हेक्टेयर का 50% (₹5,000/हे.), 0.20 से 4 हेक्टेयर, गुजरात एग्रो / गुजकोमासोल के विक्रेता से कम दाम पर इनपुट के रूप में।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
स्रोत पर सहायता: विक्रेता क़ीमत में से घटा देता है।
“નાળીયેરીમાં સંકલિત પોષણ /જીવાત વ્યવસ્થાપનને પ્રોત્સાહન • યુનિટ કોસ્ટ- રૂ.૧૦૦૦૦ /હે • ખર્ચના ૫૦%, (મહત્તમ રૂ. ૫૦૦૦/હે.)”पुराने बाग़ों का नवीनीकरण (30 साल से पुराना आम, 20 साल से पुराना नींबू): छँटाई, टॉप-वर्किंग, खाली जगह भराई और कीट/पोषण प्रबंधन की लागत का 50%, ₹80,000 (आम) या ₹50,000 (नींबू) प्रति हेक्टेयर तक, 0.20 से 2 हेक्टेयर, जीवन में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
आम इकाई: छँटाई/कटाई/टॉप-वर्किंग ₹40,000, खाली जगह भराई ₹20,000 (200 कलम/हे. तक), एकीकृत कीट व पोषण प्रबंधन ₹20,000। नींबू इकाई: ₹20,000, ₹10,000 और ₹20,000। औज़ार ISO/BIS/ISI प्रमाणित; इनपुट गुजरात एग्रो/गुजकोमासोल के अधिकृत विक्रेता से।
“ફળપાકોના જુના બગીચાઓને નવસર્જન કરવા … આંબા પાક એકમ ખર્ચ – મહત્તમ રૂ. ૮૦,૦૦૦/હેક્ટર … ખર્ચના ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ. ૪૦,૦૦૦/હેક્ટર … લીંબુ પાક એકમ ખર્ચ – મહત્તમ રૂ. ૫૦,૦૦૦/હેક્ટર … ખર્ચના ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ. ૨૫,૦૦૦/હેક્ટર”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए फल फ़सल भरें।
कलम NHB-मान्य, कृषि विश्वविद्यालय या विभाग की नर्सरी से; टिश्यू-कल्चर पौधे DBT-मान्य या सरकारी लैब (GNFC, GSFC, विश्वविद्यालय) से। प्रति खाता अधिकतम 4 हेक्टेयर। HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- रोपण वाले घटकों के लिए: डिजिटल क्रॉप सर्वे में फ़सल की एंट्री, या रोपण की तारीख़ और अक्षांश-देशांतर वाली फ़ोटो (परिशिष्ट-1, 22)।
आवेदन कैसे करें
- आई-खेडूत पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें और आवेदन का प्रिंट अपने पास रखें (परिशिष्ट-3 (1), पृ.77)।
- पात्र आवेदनों की प्राथमिकता सूची (ज़रूरत हो तो कम्प्यूटर ड्रॉ से) बनती है और ज़िले के लक्ष्य में मंज़ूरी मिलती है; आपको लिखित सूचना मिलती है (परिशिष्ट-3 (2)–(3))।
- मंज़ूरी के बाद सामान ख़रीदें (जहाँ ज़रूरी हो, आई-खेडूत पर पंजीकृत कंपनी का मान्य मॉडल) और 60 दिन में बिल जाँच के लिए कार्यालय में दिखाएँ (परिशिष्ट-3 (4))।
- जाँच के बाद सहायता डीबीटी/आरटीजीएस/एनईएफ़टी से आपके बैंक खाते में आती है (परिशिष्ट-3 (5); परिशिष्ट-1, 17)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
HRT-2 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक; साल का लक्ष्य खुला रहने तक आई-खेडूत पर आवेदन।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।