मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मज़दूर जीवन सुरक्षा योजना
चालू होने का आधार: हिमाचल कृषि विभाग योजना पृष्ठ — जीवन सुरक्षा योजना (तिथि नहीं छपी, Scheme page — “वर्ष 2025 2026 के लिए इस योजना पर 20 लाख रू. खर्च किये जायेंगे”)
खेती की मशीन से काम करते हुए मारे गए या घायल हुए हिमाचल के किसानों और खेतिहर मज़दूरों को मुआवज़ा: मृत्यु पर ₹3,00,000, स्थायी अपंगता पर ₹1,00,000, अंग या उँगली कटने पर ₹10,000–₹40,000।
- मुख्य लाभ
- ₹3,00,000खेती मशीन की दुर्घटना में मृत्यु पर
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 7तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
खेती मशीन की दुर्घटना में किसान या खेतिहर मज़दूर की मृत्यु पर कानूनी वारिस को ₹3,00,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
खेती की मशीनों — ट्रैक्टर, पावर टिलर, वीडर, थ्रेशर, चारा कटर, औज़ार, ट्यूबवेल या बोरवेल पंप, लिफ्ट — से काम करते हुए घर, खेत में या उन्हें ले जाते समय मौत या चोट, और बिजली से चलने वाली खेती मशीन से करंट लगना शामिल है (धारा 2–3)। पीड़ित की उम्र कम से कम 14 वर्ष हो (धारा 4)। केवल हिमाचल के मूल निवासी किसान और खेतिहर मज़दूर; किसी कंपनी या ठेकेदार के कर्मचारी नहीं (धारा 2)।
“Death — Compensation applicable as per existing guidelines 1,50,000/- — Revised compensation as per Budget Assurance 2019-20 3,00,000/-”खेती मशीन की दुर्घटना से स्थायी अपंगता पर ₹1,00,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
खेती की मशीनों — ट्रैक्टर, पावर टिलर, वीडर, थ्रेशर, चारा कटर, औज़ार, ट्यूबवेल या बोरवेल पंप, लिफ्ट — से काम करते हुए घर, खेत में या उन्हें ले जाते समय मौत या चोट, और बिजली से चलने वाली खेती मशीन से करंट लगना शामिल है (धारा 2–3)। पीड़ित की उम्र कम से कम 14 वर्ष हो (धारा 4)। केवल हिमाचल के मूल निवासी किसान और खेतिहर मज़दूर; किसी कंपनी या ठेकेदार के कर्मचारी नहीं (धारा 2)।
“Permanent disability due to breakage of backbone or otherwise — 50,000/- — 1,00,000/-”दो अंग कटने पर ₹40,000, एक अंग (या चार उँगलियाँ) पर ₹30,000, तीन तक पूरी उँगलियों पर ₹20,000, उँगली या अँगूठे का हिस्सा कटने पर ₹10,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
खेती की मशीनों — ट्रैक्टर, पावर टिलर, वीडर, थ्रेशर, चारा कटर, औज़ार, ट्यूबवेल या बोरवेल पंप, लिफ्ट — से काम करते हुए घर, खेत में या उन्हें ले जाते समय मौत या चोट, और बिजली से चलने वाली खेती मशीन से करंट लगना शामिल है (धारा 2–3)। पीड़ित की उम्र कम से कम 14 वर्ष हो (धारा 4)। केवल हिमाचल के मूल निवासी किसान और खेतिहर मज़दूर; किसी कंपनी या ठेकेदार के कर्मचारी नहीं (धारा 2)।
“Amputation of two limbs/ permanent serious injury 40,000; Amputation of one limb (amputation of four fingers shall be deemed as loss of one limb)/ permanent serious injury 30,000; Amputation of full finger (up to 3 fingers) 20,000; Partial Amputation of finger/thumb 10,000”मुझे कितना मिल सकता है?
कानूनी वारिस को ₹3,00,000 का एकमुश्त मुआवज़ा (20.05.2019 का संशोधन, तालिका क्रम 1)।
खेती की मशीनों — ट्रैक्टर, पावर टिलर, वीडर, थ्रेशर, चारा कटर, औज़ार, ट्यूबवेल या बोरवेल पंप, लिफ्ट — से काम करते हुए घर, खेत में या उन्हें ले जाते समय मौत या चोट, और बिजली से चलने वाली खेती मशीन से करंट लगना शामिल है (धारा 2–3)। पीड़ित की उम्र कम से कम 14 वर्ष हो (धारा 4)। केवल हिमाचल के मूल निवासी किसान और खेतिहर मज़दूर; किसी कंपनी या ठेकेदार के कर्मचारी नहीं (धारा 2)।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- भूमिहीन
ज़रूरी काग़ज़
- तय फ़ॉर्म पर दावा आवेदन, पंचायत प्रधान या सचिव से सत्यापित (धारा 7(a)(i)–(ii))
- मृत्यु पर: कानूनी वारिस प्रमाणपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृत्यु प्रमाणपत्र (धारा 7(a)(iii)–(iv))
- अपंगता पर: पंजीकृत योग्य डॉक्टर का तय फ़ॉर्म पर चिकित्सा प्रमाणपत्र, और बचे हुए अंग की फ़ोटो (नागरिक अधिकार-पत्र 2024-25, क्रम 7)
आवेदन कैसे करें
- दावा फ़ॉर्म (अनुलग्नक A) भरें — मृत्यु होने पर कानूनी वारिस, अपंगता होने पर घायल व्यक्ति स्वयं हस्ताक्षर करे (धारा 7)।
- इसे पंचायत प्रधान या सचिव से सत्यापित कराएँ (शहर में नगर निकाय अधिकारी से) (धारा 7(a)(ii))।
- काग़ज़ों के साथ 2 महीने के अंदर अपने ब्लॉक के विषय विशेषज्ञ (कृषि) को जमा करें; वे इसे उप निदेशक कृषि को भेजते हैं (धारा 7(a)(v))।
- पूरा दावा मिलने के 15 दिन के अंदर उप निदेशक कृषि भुगतान करते हैं (धारा 7(a)(vi))।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दुर्घटना के 2 महीने के अंदर दावा करें; कृषि निदेशक 6 महीने तक और सचिव (कृषि) 1 साल तक की देरी माफ़ कर सकते हैं (धारा 7(a)(v), 18.08.2017 का संशोधन)।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।