तालाब तथा जलाशय मत्स्य का विकास एवं जीर्णोद्धार योजना
चालू होने का आधार: तालाब तथा जलाशय मत्स्य विकास एवं जीर्णोद्धार योजना स्वीकृति 2026-27 (राज्यादेश 15, 23.06.2026) (23 जून 2026, Para 1 — वित्तीय वर्ष 2026–27 में तालाब तथा जलाशय मत्स्य का विकास एवं जीर्णोद्धार योजना अंतर्गत … मो0 7282.9524 लाख … की स्वीकृति प्रदान की जाती है)
झारखंड की अपनी मत्स्य योजना 2026-27: तालाब में अंगुलिका डालने के लिए 50% सहायता (अधिकतम ₹1,875 प्रति एकड़), प्रशिक्षित बीज उत्पादकों को स्पॉन की कीमत का 90%, और जलाशय के मछुआरों को गिल नेट, नाव, केज के ग्रो-आउट नेट और केज हाउस पर 75–90% अनुदान।
- मुख्य लाभ
- 90%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 7हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 8तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
निजी या बंदोबस्त सरकारी तालाब में डालने के लिए स्थानीय अंगुलिका की ख़रीद का 50%, अधिकतम ₹1,875 प्रति एकड़ जलक्षेत्र।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
लगभग 5,000 अंगुलिका प्रति एकड़। आदेश में रकबे की कोई सीमा नहीं छपी; 1,000 एकड़ की सीमा केवल इस कैलकुलेटर की तकनीकी सीमा है। विभाग से स्पॉन लेने वाले बीज उत्पादक और उनका परिवार यह लाभ नहीं ले सकते।
“इस योजना अंतर्गत निजी क्षेत्र के तथा बंदोबस्त सरकारी तालाबों के मत्स्य पालन से आच्छादन हेतु स्थानीय स्तर पर उत्पादित मत्स्य अंगुलिका के क्रय में 50 प्रतिशत सहायता अर्थात् अधिकतम 1875/- रु0 प्रति एकड़ औसत जलक्षेत्र (लगभग 5000 बीज प्रति एकड़) हेतु अनुदान डी0बी0टी0 के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा।”प्रशिक्षित मत्स्य बीज उत्पादकों को स्पॉन मिलता है, जिसकी कीमत का 90% सरकार देती है (अनुमानित दर अधिकतम ₹550 प्रति लाख स्पॉन); उत्पादक 10% देता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल चालू या पिछले वर्ष विभाग से प्रशिक्षित बीज उत्पादकों के लिए। इन्हें ₹2,000 का एक्सट्रूडेड मैश फीड और जाल पर अधिकतम ₹2,000 की सहायता भी मिलती है (कंडिका 7)।
“मत्स्य बीज उत्पादकों को सरकारी तथा गैर सरकारी हैचरी से अधिकतम 550/–रु0 प्रति लाख स्पॉन की अनुमानित दर से उत्पादन/जिला स्तरीय निविदा द्वारा क्रय कर आपूर्ति करने की योजना है। आपूर्ति किये जाने वाले स्पॉन के मूल्य का 90 प्रतिशत व्यय का वहन सरकार द्वारा तथा 10 प्रतिशत मूल्य का वहन लाभुक मत्स्य बीज उत्पादक द्वारा किया जायेगा।”जलाशय के मछुआरों को अधिकतम 5 कि.ग्रा. गिल नेट पर ₹590 प्रति कि.ग्रा. का 90% — अधिकतम ₹2,655।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
जलाशय मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के सदस्यों, विस्थापितों और कोविड-19 के प्रवासी मज़दूरों के लिए जो जलाशय में मछली पकड़ते हैं।
“प्रति लाभुक अधिकतम 05 कि0 ग्रा0 गिल नेट … हेतु अनुदान उपलब्ध कराया जाना है। … निर्धारित न्यूनतम दर 590/– रुपये के विरुद्ध 90 प्रतिशत् की आर्थिक सहायता अर्थात् 2655/– रु0 दी जाएगी एवं आवश्यक शेष 10 प्रतिशत राशि का वहन लाभुकों द्वारा स्वयं किया जाएगा।”जलाशय मत्स्यजीवी सहयोग समिति को ₹4,14,000 की 4–6 सीटर मोटरचालित नाव पर 90% — अधिकतम ₹3,72,600।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
समितियों का चयन अख़बार में विज्ञापन के बाद उपायुक्त करते हैं; नाव चलाने और रख-रखाव की ज़िम्मेदारी समिति की है।
“मोटरचालित नाव की इकाई लागत निर्धारित करने हेतु आमंत्रित “इच्छा की अभिव्यक्ति” में निर्धारित न्यूनतम दर 4,14,000/– रुपये का 90 प्रतिशत अर्थात् अधिकतम 3,72,600/– रुपये का स्वीकृत अनुदान देय होगा तथा आवश्यक शेष 10 प्रतिशत राशि का वहन लाभुक समितियों द्वारा स्वयं किया जाएगा।”जलाशय/खदान स्तरीय समितियों और उनके सदस्यों को ₹40,000 इकाई लागत की 14 फ़ुट नाव: सरकारी सहायता अधिकतम ₹36,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
आदेश ₹40,000 इकाई लागत में से ₹36,000 (90%) छापता है। ज़रूरत पर 4 हेक्टेयर से बड़े निजी तालाब वालों को भी नाव मिल सकती है।
“स्पेसिफिकेशन (ल0 X चौ0 X ग0 – 14’ X 4’6” X 20”) एवं इकाई लागत के आलोक में मो0 40,000/– (चालीस हजार) रू0 होगी, में सरकारी सहायता अधिकतम् मो0 36,000/– (छत्तीस हजार) रू0 प्रति नाव लाभुक के बैंक खाते में डी0बी0टी0 के माध्यम से उपलब्ध करायी जायेगी। शेष राशि समितियों अथवा उनके सदस्यों के द्वारा स्वयं वहन किया जायेगा।”2020-21 तक बने केज के धारकों को नए ग्रो-आउट नेट पर ₹30,200 का 75% — ₹22,650 प्रति नेट — अधिकतम दो नेट।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
नॉटलेस या बड़े नेट पर भी गणना ₹30,200 पर ही होगी; बाक़ी आप देंगे। केज में अभी मछली पालन चल रहा होना चाहिए।
“45 Ply के knotted ग्रो–आउट हेतु निर्धारित न्यूनतम दर 30,200/– रुपये का 75 प्रतिशत अर्थात् अधिकतम 22,650/– रुपये का स्वीकृत अनुदान देय होगा तथा शेष लाभुक का अंशदान होगा।”जिन केज धारकों के पास केज हाउस नहीं है, उन्हें ₹6,01,000 तक के केज हाउस (फीड भंडार और ठहरने की जगह) पर 90% अनुदान।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
निदेशालय द्वारा सूचीबद्ध फ़र्म (पत्रांक 248, 08.02.2024) से बनवाया जाएगा, केवल वहाँ जहाँ केज पहले से हैं या इस वर्ष लग रहे हैं।
“केज हाउस की इकाई लागत निर्धारित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2023–24 में आमंत्रित “इच्छा की अभिव्यक्ति” में निर्धारित न्यूनतम दर 6,01,000/– रुपये पर अधिकतम 90 प्रतिशत अनुदान देय होगा तथा शेष 10 प्रतिशत लाभुक का अंशदान होगा।”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए जलक्षेत्र (एकड़) भरें।
लगभग 5,000 अंगुलिका प्रति एकड़। आदेश में रकबे की कोई सीमा नहीं छपी; 1,000 एकड़ की सीमा केवल इस कैलकुलेटर की तकनीकी सीमा है। विभाग से स्पॉन लेने वाले बीज उत्पादक और उनका परिवार यह लाभ नहीं ले सकते।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- भूमिहीन
- सहकारी समिति
ज़रूरी काग़ज़
- अपना अंशदान देने की लिखित सहमति
- पिछले वर्षों की मछली पकड़ या केज उत्पादन का आँकड़ा (नेट, गिल नेट और केज हाउस के लिए)
- सूचीबद्ध फ़र्म से ख़रीद का बिल
आवेदन कैसे करें
- ज़िला मत्स्य कार्यालय के अख़बार में छपे विज्ञापन पर नज़र रखें और ज़िला मत्स्य पदाधिकारी को आवेदन दें; लाभुकों का चयन ज़िला स्तरीय समिति करती है (कंडिका 8(ङ), 10(च)–(ज))।
- नेट, नाव और केज हाउस के लिए आवेदन के साथ अपना अंशदान देने की लिखित सहमति और पिछले वर्षों की मछली पकड़ या केज उत्पादन का आँकड़ा दें (कंडिका 10(च), (ज), (झ))।
- निदेशालय द्वारा सूचीबद्ध फ़र्म से सामान ख़रीदें और बिल जमा करें; भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान डीबीटी से आपके बैंक खाते में आता है (कंडिका 10(च), (ज))।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
2026-27 के लिए 23.06.2026 को स्वीकृत; ज़िले अख़बार में विज्ञापन देकर आवेदन मँगाते हैं। अंतिम तिथि नहीं छपी है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।