राष्ट्रीय पशुधन मिशन के अंतर्गत पशुधन बीमा
2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 44 (Department of Animal Husbandry and Dairying), item 19.02 National Livestock Mission, BE 2026-27 ₹808.00 crore; Notes items 19 and 19.02)
गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर और अन्य पशुओं की मृत्यु का बीमा, जिसमें प्रीमियम का 15% आप देते हैं और 85% सरकार।
- मुख्य लाभ
- प्रीमियम का 85%सरकार देती है; आप 15% देते हैं
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 7तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
पशुओं का उनके बाज़ार मूल्य पर मृत्यु बीमा कराने में प्रीमियम का 85% सरकार देती है; आप 15% देते हैं। यह सहायता प्रति परिवार 10 कैटल यूनिट तक है (सूअर और खरगोश के लिए 5; 10 भेड़, बकरी, सूअर या खरगोश = 1 कैटल यूनिट)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
देसी और संकर दुधारू पशु, बोझा ढोने वाले पशु (घोड़ा, गधा, खच्चर, ऊँट, टट्टू, नर गाय/भैंस) और बकरी, भेड़, सूअर, खरगोश, याक व मिथुन शामिल हैं (मद 2)। दो साल और तीन साल की पॉलिसी का प्रीमियम मूल्य का अधिकतम 8% और 11% (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 9% और 11.5%) है। अधिक पशुओं का बीमा पूरा प्रीमियम ख़ुद देकर करा सकते हैं। गाय का न्यूनतम मूल्य प्रति लीटर दैनिक दूध पर ₹3,000 और भैंस का ₹4,000, या सरकार द्वारा घोषित स्थानीय बाज़ार भाव माना जाता है (परिशिष्ट VI, पैरा 2)। दिशानिर्देशों में दावा भुगतान का समय 21–25 दिन और 15 दिन दोनों छपे हैं; देर होने पर बीमा कंपनी 12% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज देती है (परिशिष्ट VI, पैरा 3)।
“Rate of premium: One year (Normal area) 4.5% NER/Himalayan States 5.5% Two year (Normal area) 8% NER/Himalayan States 9% Three year (Normal area) 11% NER/Himalayan States 11.5% Share of premium: Beneficiary 15% Central and state share 85%”मुझे कितना मिल सकता है?
पशुधन बीमा प्रीमियम का 85% केंद्र और राज्य देते हैं; प्रीमियम ख़ुद एक साल के लिए पशु के मूल्य के 4.5% (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 5.5%) से अधिक नहीं
देसी और संकर दुधारू पशु, बोझा ढोने वाले पशु (घोड़ा, गधा, खच्चर, ऊँट, टट्टू, नर गाय/भैंस) और बकरी, भेड़, सूअर, खरगोश, याक व मिथुन शामिल हैं (मद 2)। दो साल और तीन साल की पॉलिसी का प्रीमियम मूल्य का अधिकतम 8% और 11% (पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में 9% और 11.5%) है। अधिक पशुओं का बीमा पूरा प्रीमियम ख़ुद देकर करा सकते हैं। गाय का न्यूनतम मूल्य प्रति लीटर दैनिक दूध पर ₹3,000 और भैंस का ₹4,000, या सरकार द्वारा घोषित स्थानीय बाज़ार भाव माना जाता है (परिशिष्ट VI, पैरा 2)। दिशानिर्देशों में दावा भुगतान का समय 21–25 दिन और 15 दिन दोनों छपे हैं; देर होने पर बीमा कंपनी 12% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज देती है (परिशिष्ट VI, पैरा 3)।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- भूमिहीन
ज़रूरी काग़ज़
- दो फ़ोटो: पशु आपके साथ, और पशु जिसमें उसका कान का टैग साफ़ दिखे
- दावे के लिए: बीमा कंपनी को सूचना, पॉलिसी का काग़ज़, दावा फ़ॉर्म और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
आवेदन कैसे करें
- अपने राज्य पशुपालन विभाग या पशु चिकित्सालय से संपर्क करें — योजना वही चलाते हैं; दुग्ध समितियाँ अपने सदस्यों के पशुओं का सामूहिक बीमा करा सकती हैं (गतिविधि III, मद 4–5)।
- पंजीकृत पशु चिकित्सक पशु की जाँच करता है, और पशु चिकित्सक की मौजूदगी में आप और बीमा कंपनी मिलकर उसका बाज़ार मूल्य तय करते हैं (परिशिष्ट VI, पैरा 2)।
- पशु के कान में 12 अंकों का टैग लगता है (या पहले का टैग ही चलता है); प्रीमियम का अपना 15% हिस्सा देते ही पॉलिसी शुरू होती है (परिशिष्ट VI, पैरा 2)।
- पशु की मृत्यु होने पर चार काग़ज़ों से दावा करें: बीमा कंपनी को सूचना, पॉलिसी, दावा फ़ॉर्म और पोस्टमार्टम रिपोर्ट। पॉलिसी के पहले 21 दिन में कोई दावा नहीं माना जाता (परिशिष्ट VI, पैरा 3)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।