बायोगैस कार्यक्रम (राष्ट्रीय जैव-ऊर्जा कार्यक्रम)
2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 71 (Ministry of New and Renewable Energy), item 16 Biogas Programme (Off-Grid), BE 2026-27 ₹45.00 crore; Notes item 16 "To install bio gas plants for providing alternate cooking fuel solutions")
परिवार या खेत के 1 से 25 घन मीटर प्रतिदिन वाले बायोगैस प्लांट के लिए केंद्रीय अनुदान — प्रति प्लांट ₹9,800 से ₹52,800, और पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों, द्वीपों तथा अनुसूचित जाति/जनजाति परिवारों के लिए ₹17,000 से ₹70,400 — और बिजली बनाने वाले मध्यम प्लांट के लिए ₹45,000 प्रति किलोवाट तक।
- मुख्य लाभ
- 100%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 11तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
आकार के हिसाब से हर बायोगैस प्लांट पर तय अनुदान — ₹9,800 (1 घन मीटर) से ₹52,800 (20–25 घन मीटर), और पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों व द्वीपों में ₹17,000 से ₹70,400।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह हर प्लांट पर तय केंद्रीय अनुदान है, जो एमएनआरई राज्य की कार्यक्रम क्रियान्वयन एजेंसी (पीआईए) को देता है और वह आपको देती है (पैरा 10(i))। इसके ऊपर, प्लांट शौचालय से जुड़ा हो तो ₹1,600 (केवल 1–10 घन मीटर) और एमएनआरई-स्वीकृत स्लरी फ़िल्टर यूनिट से जुड़ा हो तो ₹1,600 और मिलते हैं (पंक्ति B); मौके पर बने फ़िक्स्ड-डोम/फ़्लोटिंग डिज़ाइन के लिए टर्नकी कारीगर को ₹3,000 (1–10 घन मीटर) या ₹5,000 (15–25 घन मीटर) फ़ीस मिलती है (पंक्ति C)। 10–25 घन मीटर के जो प्लांट 100% बायोगैस से जनरेटर या पानी का पंप चलाते हैं, उन्हें ₹10,000 और मिलते हैं (पंक्ति G)। प्लांट की लागत भरने पर हम रक़म को उस लागत तक सीमित दिखाते हैं।
“Table-I … Biogas Plants under Biogas Programme ranging from size 1 to 25 cubic Metre biogas per day (In ₹per plant) — A CFA Applicable: 1 M3 | 2-4 M3 | 6 M3 | 8-10 M3 | 15 M3 | 20-25 M3; (i) Hilly/NER States (Arunachal Pradesh, Assam, Himachal Pradesh, Jammu & Kashmir, Ladakh, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Sikkim, Tripura and Uttarakhand) (ii) Island; and (iii) Scheduled Castes (SC)/ Scheduled Tribes(ST): 17,000 | 22,000 | 29,250 | 34,500 | 63,250 | 70,400; (iv) All other States and Categories: 9,800 | 14,350 | 22,750 | 23,000 | 37,950 | 52,800”किसी भी राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति परिवारों को प्रति प्लांट ऊँचा अनुदान — ₹17,000 (1 घन मीटर) से ₹70,400 (20–25 घन मीटर)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह हर प्लांट पर तय केंद्रीय अनुदान है, जो एमएनआरई राज्य की कार्यक्रम क्रियान्वयन एजेंसी (पीआईए) को देता है और वह आपको देती है (पैरा 10(i))। इसके ऊपर, प्लांट शौचालय से जुड़ा हो तो ₹1,600 (केवल 1–10 घन मीटर) और एमएनआरई-स्वीकृत स्लरी फ़िल्टर यूनिट से जुड़ा हो तो ₹1,600 और मिलते हैं (पंक्ति B); मौके पर बने फ़िक्स्ड-डोम/फ़्लोटिंग डिज़ाइन के लिए टर्नकी कारीगर को ₹3,000 (1–10 घन मीटर) या ₹5,000 (15–25 घन मीटर) फ़ीस मिलती है (पंक्ति C)। 10–25 घन मीटर के जो प्लांट 100% बायोगैस से जनरेटर या पानी का पंप चलाते हैं, उन्हें ₹10,000 और मिलते हैं (पंक्ति G)। प्लांट की लागत भरने पर हम रक़म को उस लागत तक सीमित दिखाते हैं।
“Table-I … Biogas Plants under Biogas Programme ranging from size 1 to 25 cubic Metre biogas per day (In ₹per plant) — A CFA Applicable: 1 M3 | 2-4 M3 | 6 M3 | 8-10 M3 | 15 M3 | 20-25 M3; (i) Hilly/NER States (Arunachal Pradesh, Assam, Himachal Pradesh, Jammu & Kashmir, Ladakh, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Sikkim, Tripura and Uttarakhand) (ii) Island; and (iii) Scheduled Castes (SC)/ Scheduled Tribes(ST): 17,000 | 22,000 | 29,250 | 34,500 | 63,250 | 70,400; (iv) All other States and Categories: 9,800 | 14,350 | 22,750 | 23,000 | 37,950 | 52,800”3 से 50 किलोवाट बिजली बनाने वाले मध्यम बायोगैस प्लांट के लिए: ₹45,000 प्रति किलोवाट तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह 3–50 किलोवाट श्रेणी की अधिकतम सीमा है; हम अधिकतम 50 किलोवाट गिनते हैं। बड़े प्लांट को ₹40,000 प्रति किलोवाट (>50–200 किलोवाट, डीपीआर ज़रूरी) और ₹35,000 प्रति किलोवाट (>200–250 किलोवाट) मिलते हैं, और गर्मी या ठंडक के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लांट को इन दरों का आधा प्रति kWeq (तालिका-II)। पूर्वोत्तर राज्यों, द्वीपों, पंजीकृत गौशालाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति को तालिका-II से 20% ज़्यादा मिलता है — यह हमारे आंकड़े में नहीं जोड़ा गया।
“Table-II … Power generating Capacity 3 kW-50 kW — Requirement of DPR: No — CFA** limited to the following ceiling limit: Power Generation ₹45,000 per kW; Thermal Application ₹22,500 per kWeq thermal/ cooling … ** Special Incentives for NER, Island, Registered Gaushalas; and SC/ST: An incentive of 20% over and above the CFA mentioned in Table-II.”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए प्लांट का आकार (प्रतिदिन बायोगैस) भरें।
यह हर प्लांट पर तय केंद्रीय अनुदान है, जो एमएनआरई राज्य की कार्यक्रम क्रियान्वयन एजेंसी (पीआईए) को देता है और वह आपको देती है (पैरा 10(i))। इसके ऊपर, प्लांट शौचालय से जुड़ा हो तो ₹1,600 (केवल 1–10 घन मीटर) और एमएनआरई-स्वीकृत स्लरी फ़िल्टर यूनिट से जुड़ा हो तो ₹1,600 और मिलते हैं (पंक्ति B); मौके पर बने फ़िक्स्ड-डोम/फ़्लोटिंग डिज़ाइन के लिए टर्नकी कारीगर को ₹3,000 (1–10 घन मीटर) या ₹5,000 (15–25 घन मीटर) फ़ीस मिलती है (पंक्ति C)। 10–25 घन मीटर के जो प्लांट 100% बायोगैस से जनरेटर या पानी का पंप चलाते हैं, उन्हें ₹10,000 और मिलते हैं (पंक्ति G)। प्लांट की लागत भरने पर हम रक़म को उस लागत तक सीमित दिखाते हैं।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- सहकारी समिति
- एफ़पीओ
- स्वयं सहायता समूह
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- कृषि उद्यमी
- कृषि स्टार्टअप
ज़रूरी काग़ज़
- मध्यम प्लांट (25 घन मीटर प्रतिदिन से बड़े): अनुदान के लिए बैंक मैंडेट फ़ॉर्म
- मध्यम प्लांट: प्लांट पर हुए ख़र्च का ऑडिट किया हुआ विवरण
- मध्यम प्लांट: आपके नाम, पते और सूचना-पट्ट के साथ प्लांट की फ़ोटो
आवेदन कैसे करें
- एमएनआरई बायोगैस पोर्टल (biogas.mnre.gov.in) या उसके एंड्रॉइड ऐप पर अपनी रुचि दर्ज करें (पैरा 7(i))।
- आपके राज्य की कार्यक्रम क्रियान्वयन एजेंसी (या केवीआईसी/एनडीडीबी) एमएनआरई से सालाना लक्ष्य मिलने के बाद ही आवेदन लेती है, फिर पंजीकृत टर्नकी कारीगर या एमएनआरई-स्वीकृत निर्माता से आपकी जगह पर प्लांट लगवाती है (पैरा 4–5, 7(i))।
- प्लांट उसी वित्त वर्ष में पूरा होना चाहिए; प्लांट पूरा दर्ज होने के बाद अनुदान एजेंसी के ज़रिए मिलता है (पैरा 9(i), 10(i))।
- मध्यम प्लांट (25 घन मीटर से ऊपर, 3–250 किलोवाट) के लिए एजेंसी साल में कभी भी पोर्टल पर प्रस्ताव भेजती है; चालू होने के बाद एमएनआरई अनुदान सीधे आपके खाते में देता है (पैरा 7(ii), 10(ii))।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
छोटे प्लांट: एजेंसियाँ हर वित्त वर्ष की शुरुआत में (15 अप्रैल तक) माँग जुटाती हैं और उसी साल में प्लांट लगाती हैं (पैरा 7(i), 9(i))। मध्यम प्लांट: साल में कभी भी प्रस्ताव (पैरा 7(ii))।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।