डेयरी और पशुपालनAHIDF
ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष की छूट, अधिकतम 8 वर्ष।
निजी, मुफ़्त मार्गदर्शिका — सरकारी वेबसाइट नहीं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।
बायोगैस, संपीड़ित बायोगैस, फसल अवशेष और बायोमास पेलेट।
डेयरी और पशुपालनऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष की छूट, अधिकतम 8 वर्ष।
बायोमास और जैव-ऊर्जाआकार के हिसाब से हर बायोगैस प्लांट पर तय अनुदान — ₹9,800 (1 घन मीटर) से ₹52,800 (20–25 घन मीटर), और पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों व द्वीपों में ₹17,000 से ₹70,400।
बायोमास और जैव-ऊर्जासहकारी समिति, एफ़पीओ, स्वयं सहायता समूह, पंचायत या ग्रामीण उद्यमी के कस्टम हायरिंग केंद्र को हर मशीन की क़ीमत का 80%, उस मशीन की छपी सीमा तक, और पूरे केंद्र के लिए अधिकतम ₹24 लाख।
बायोमास और जैव-ऊर्जासामुदायिक (या जहाँ संभव हो, घरेलू) बायोगैस प्लांट के लिए हर ज़िले को ₹50 लाख तक — प्लांट ज़िला बनवाता है, किसान को पैसा नहीं मिलता।
बायोमास और जैव-ऊर्जाबायोमास संग्रह मशीनों के एक सेट की लागत का 50%, प्रति सेट अधिकतम ₹90 लाख; परियोजना को हर 4 टन प्रतिदिन सीबीजी पर ₹1.8 करोड़, अधिकतम ₹9 करोड़।
बायोमास और जैव-ऊर्जाब्रिकेट क्षमता के प्रति टन-प्रति घंटा ₹9 लाख, प्रति प्लांट अधिकतम ₹45 लाख (न्यूनतम प्लांट आकार 1 टन प्रति घंटा)।
बायोमास और जैव-ऊर्जानए बायोगैस प्लांट से बायो-सीएनजी: हर 4,800 किलो प्रतिदिन क्षमता पर ₹4 करोड़, प्रति परियोजना अधिकतम ₹10 करोड़।
इस काम के लिए कोई चालू योजना जितना सबसे बड़ा हिस्सा देती है, आवेदक के हिसाब से। राशि फिर भी हर योजना की लागत-सीमा तक।
गोबर/गोमूत्र प्रसंस्करण, प्रॉम (फ़ॉस्फ़ेट युक्त जैविक खाद) या बायो-सीएनजी प्लांट के ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष छूट, अधिकतम 8 साल।
फ़ॉस्फ़ेट युक्त जैविक खाद (प्रॉम), बायो-सीएनजी, लिग्निन निष्कर्षण और अन्य कृषि/पशु अपशिष्ट प्लांट; गोबर और गोमूत्र संग्रह, शेड, गड्ढे, टैंक और प्रसंस्करण मशीनें; और पैकेजिंग व मोबाइल विपणन इकाई सहित प्रसंस्करण/विपणन केंद्र शामिल (दिशानिर्देश 3.0, धारा 6.6)। हर एएचआईडीएफ़ गतिविधि जैसा ही लाभ: 8 साल तक (2 साल की मोहलत सहित) ब्याज में 3% प्रति वर्ष छूट, खाता एनपीए न होने तक ऋणदाता को; परियोजना लागत का 90% तक ऋण (दिशानिर्देश 3.0, धारा 8.1, 13.2)। ज़मीन, कार्यशील पूँजी, पूर्व-परिचालन ख़र्च, निर्माण अवधि का ब्याज, पुरानी संपत्ति या निजी वाहन पर नहीं। एक परियोजना यह एक ही बार ले सकती है, और किसी दूसरी केंद्र/राज्य ब्याज छूट के साथ नहीं (धारा 14)।
“(vi) Animal Waste to Wealth Management (Agri Waste Management) … 9.1.2 … Henceforth new sanction made after 1.04.2024 will avail 3% Interest Subvention under the new realigned AHIDF Scheme.”आकार के हिसाब से हर बायोगैस प्लांट पर तय अनुदान — ₹9,800 (1 घन मीटर) से ₹52,800 (20–25 घन मीटर), और पहाड़ी/पूर्वोत्तर राज्यों व द्वीपों में ₹17,000 से ₹70,400।
यह हर प्लांट पर तय केंद्रीय अनुदान है, जो एमएनआरई राज्य की कार्यक्रम क्रियान्वयन एजेंसी (पीआईए) को देता है और वह आपको देती है (पैरा 10(i))। इसके ऊपर, प्लांट शौचालय से जुड़ा हो तो ₹1,600 (केवल 1–10 घन मीटर) और एमएनआरई-स्वीकृत स्लरी फ़िल्टर यूनिट से जुड़ा हो तो ₹1,600 और मिलते हैं (पंक्ति B); मौके पर बने फ़िक्स्ड-डोम/फ़्लोटिंग डिज़ाइन के लिए टर्नकी कारीगर को ₹3,000 (1–10 घन मीटर) या ₹5,000 (15–25 घन मीटर) फ़ीस मिलती है (पंक्ति C)। 10–25 घन मीटर के जो प्लांट 100% बायोगैस से जनरेटर या पानी का पंप चलाते हैं, उन्हें ₹10,000 और मिलते हैं (पंक्ति G)। प्लांट की लागत भरने पर हम रक़म को उस लागत तक सीमित दिखाते हैं।
“Table-I … Biogas Plants under Biogas Programme ranging from size 1 to 25 cubic Metre biogas per day (In ₹per plant) — A CFA Applicable: 1 M3 | 2-4 M3 | 6 M3 | 8-10 M3 | 15 M3 | 20-25 M3; (i) Hilly/NER States (Arunachal Pradesh, Assam, Himachal Pradesh, Jammu & Kashmir, Ladakh, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Sikkim, Tripura and Uttarakhand) (ii) Island; and (iii) Scheduled Castes (SC)/ Scheduled Tribes(ST): 17,000 | 22,000 | 29,250 | 34,500 | 63,250 | 70,400; (iv) All other States and Categories: 9,800 | 14,350 | 22,750 | 23,000 | 37,950 | 52,800”किसी भी राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति परिवारों को प्रति प्लांट ऊँचा अनुदान — ₹17,000 (1 घन मीटर) से ₹70,400 (20–25 घन मीटर)।
यह हर प्लांट पर तय केंद्रीय अनुदान है, जो एमएनआरई राज्य की कार्यक्रम क्रियान्वयन एजेंसी (पीआईए) को देता है और वह आपको देती है (पैरा 10(i))। इसके ऊपर, प्लांट शौचालय से जुड़ा हो तो ₹1,600 (केवल 1–10 घन मीटर) और एमएनआरई-स्वीकृत स्लरी फ़िल्टर यूनिट से जुड़ा हो तो ₹1,600 और मिलते हैं (पंक्ति B); मौके पर बने फ़िक्स्ड-डोम/फ़्लोटिंग डिज़ाइन के लिए टर्नकी कारीगर को ₹3,000 (1–10 घन मीटर) या ₹5,000 (15–25 घन मीटर) फ़ीस मिलती है (पंक्ति C)। 10–25 घन मीटर के जो प्लांट 100% बायोगैस से जनरेटर या पानी का पंप चलाते हैं, उन्हें ₹10,000 और मिलते हैं (पंक्ति G)। प्लांट की लागत भरने पर हम रक़म को उस लागत तक सीमित दिखाते हैं।
“Table-I … Biogas Plants under Biogas Programme ranging from size 1 to 25 cubic Metre biogas per day (In ₹per plant) — A CFA Applicable: 1 M3 | 2-4 M3 | 6 M3 | 8-10 M3 | 15 M3 | 20-25 M3; (i) Hilly/NER States (Arunachal Pradesh, Assam, Himachal Pradesh, Jammu & Kashmir, Ladakh, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland, Sikkim, Tripura and Uttarakhand) (ii) Island; and (iii) Scheduled Castes (SC)/ Scheduled Tribes(ST): 17,000 | 22,000 | 29,250 | 34,500 | 63,250 | 70,400; (iv) All other States and Categories: 9,800 | 14,350 | 22,750 | 23,000 | 37,950 | 52,800”3 से 50 किलोवाट बिजली बनाने वाले मध्यम बायोगैस प्लांट के लिए: ₹45,000 प्रति किलोवाट तक।
यह 3–50 किलोवाट श्रेणी की अधिकतम सीमा है; हम अधिकतम 50 किलोवाट गिनते हैं। बड़े प्लांट को ₹40,000 प्रति किलोवाट (>50–200 किलोवाट, डीपीआर ज़रूरी) और ₹35,000 प्रति किलोवाट (>200–250 किलोवाट) मिलते हैं, और गर्मी या ठंडक के लिए इस्तेमाल होने वाले प्लांट को इन दरों का आधा प्रति kWeq (तालिका-II)। पूर्वोत्तर राज्यों, द्वीपों, पंजीकृत गौशालाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति को तालिका-II से 20% ज़्यादा मिलता है — यह हमारे आंकड़े में नहीं जोड़ा गया।
“Table-II … Power generating Capacity 3 kW-50 kW — Requirement of DPR: No — CFA** limited to the following ceiling limit: Power Generation ₹45,000 per kW; Thermal Application ₹22,500 per kWeq thermal/ cooling … ** Special Incentives for NER, Island, Registered Gaushalas; and SC/ST: An incentive of 20% over and above the CFA mentioned in Table-II.”किसान को एक पराली प्रबंधन मशीन की क़ीमत का 50%, उस मशीन के लिए छपी अधिकतम सीमा तक (जैसे सुपर सीडर पर ₹1,20,000)।
राज्य अपनी शर्तें जोड़ते हैं और सूची में मशीनें जोड़ सकते हैं (अनुलग्नक-I, टिप्पणी (b)); पंजाब और हरियाणा में मौजूदा दौर के लिए राज्य के रिकॉर्ड देखें। जिनके पास मेल खाता ट्रैक्टर है उन्हें प्राथमिकता मिलती है (धारा 5.1(iii))। ₹1 लाख या ज़्यादा की मशीनों की जियो-टैगिंग ज़रूरी है (धारा 6.0(vi))।
“5.1 Financial assistance to farmers for procurement of crop residue management machines on individual ownership basis — (i) Financial assistance @ 50% of the cost of machinery. (ii) The list of machines identified for crop residue management together with ceiling limit for subsidy is indicated in Annexure-I. … Note: (a) The financial assistance will be limited to 50% of the cost of the machine or the maximum permissible subsidy per machine as indicated above, whichever is lower.”सहकारी समिति, एफ़पीओ, स्वयं सहायता समूह, पंचायत या ग्रामीण उद्यमी के कस्टम हायरिंग केंद्र को हर मशीन की क़ीमत का 80%, उस मशीन की छपी सीमा तक, और पूरे केंद्र के लिए अधिकतम ₹24 लाख।
यह एक बार में एक मशीन का हिसाब है; परियोजना की सभी मशीनें जोड़ें, कुल सब्सिडी ₹24,00,000 से ज़्यादा नहीं हो सकती (धारा 5.2(vi))। अकेला ट्रैक्टर नहीं मिलता — उसके साथ 2–3 पुआल मशीनें लेनी होंगी (धारा 5.2(iii))। सब्सिडी ऋण से जुड़ी है: बैंक ऋण ज़रूरी है, हालाँकि ₹10 लाख तक की परियोजनाओं को राज्य छूट दे सकता है अगर हर भुगतान बैंक से हो (धारा 5.2, मानदंड (i))।
“5.2 Establishment of Custom Hiring Centres of Crop Residue Management Machines — (i) Credit Linked Back Ended Subsidy @ 80% of the project cost for the projects costing up to Rs. 30 lakhs/project … (iii) The maximum permissible assistance per machine under the CHC project is indicated in Annexure-II. … (vi) … The project cost may also exceed Rs. 30 lakhs. However, the maximum permissible subsidy for each project should not exceed Rs. 24.00 lakhs per project.”धान-पुआल संग्रह परियोजना (बेलर, रेक, लोडर) को मशीनरी लागत का 65%, मीडियम बेलर परियोजना में अधिकतम ₹1 करोड़ और बड़े बेलर परियोजना में ₹1.5 करोड़ तक की लागत गिनी जाती है।
प्रोफ़ॉर्मा इनवॉइस से मशीनरी लागत भरें; अकेले ट्रैक्टर की अनुमति नहीं (धारा 5.3(vi)–(vii))। पुआल इस्तेमाल करने वाले उद्योग से द्विपक्षीय समझौता हो तो लाभार्थी कम से कम 10% और बाक़ी उद्योग लगाता है; समझौता न हो तो लाभार्थी बाक़ी 35% देता है (धारा 5.3(iv)–(v))। अनुलग्नक-IV की सांकेतिक मशीन लागतें हमने शामिल नहीं की हैं।
“5.3 Establishment of crop residue/ paddy straw supply chain — (i) Credit Linked Back Ended Subsidy @ 65%, only on the capital cost of machines under the project. … (iii) For the purpose of financial assistance, the project cost will be limited to Rs. 1.00 Crores for the medium size baler project and Rs. 1.50 Crores for the Big Baler Projects.”सामुदायिक (या जहाँ संभव हो, घरेलू) बायोगैस प्लांट के लिए हर ज़िले को ₹50 लाख तक — प्लांट ज़िला बनवाता है, किसान को पैसा नहीं मिलता।
अनुलग्नक-III: हर ज़िले में कम से कम एक मॉडल सामुदायिक बायोगैस प्लांट अनिवार्य है; मवेशी वाले परिवारों और पहाड़ी इलाक़ों में अलग-अलग घरेलू बायोगैस प्लांट की भी अनुमति है। 15वें वित्त आयोग के अनुदान या दूसरे पैसों से, एमएनआरई बायोगैस सहायता के नियमों के हिसाब से, और प्लांट लगाए जा सकते हैं (अनुलग्नक-III, योजना और क्रियान्वयन)।
“District level SLWM activities — GOBAR-Dhan Projects: Upto Rs.50 lakh per District”बायोमास संग्रह मशीनों के एक सेट की लागत का 50%, प्रति सेट अधिकतम ₹90 लाख; परियोजना को हर 4 टन प्रतिदिन सीबीजी पर ₹1.8 करोड़, अधिकतम ₹9 करोड़।
एक सेट की लागत भरें; सेटों की संख्या आपकी डीपीआर की बायोमास ज़रूरत से तय होती है, और छोटे बेलर वाले तीन सेट एक बड़े बेलर वाले सेट के बराबर गिने जाते हैं (धारा 4.1.3, 5.2(vi))। मशीनों पर पहले से कोई केंद्रीय या राज्य सब्सिडी नहीं होनी चाहिए (धारा 5.1(iv)) और 5 साल तक बेची नहीं जा सकतीं (धारा 7.1)।
“4.1.1 A maximum financial assistance of 50% of the procurement cost of biomass aggregation machinery or Rs. 90 lakh per set (whichever is less) will be admissible as grant to a CBG producer. … 4.1.4 The financial assistance of Rs. 1.8 crore for 4 TPD CBG capacity project would be provided with a capping of Rs. 9 crore per project on pro rata basis.”ब्रिकेट क्षमता के प्रति टन-प्रति घंटा ₹9 लाख, प्रति प्लांट अधिकतम ₹45 लाख (न्यूनतम प्लांट आकार 1 टन प्रति घंटा)।
केवल नई मशीनरी गिनी जाती है, और प्लांट कम से कम 1 टन प्रति घंटा का होना चाहिए (धारा 3.6, 3.10)। पूरा अनुदान रेटेड क्षमता के 80% पर प्रदर्शन जाँच के बाद मिलता है; कम उत्पादन पर अनुपात में (संशोधित धारा 4.4, ज्ञापन 27.06.2025)।
“(a) Briquette manufacturing plant — Rs. 9.0 lakhs/MTPH (Maximum Rs. 45.0 lakhs per project)”पेलेट प्लांट: प्रति टन-प्रति घंटा ₹21 लाख या प्लांट व मशीनरी लागत का 30%, जो कम हो — प्रति प्लांट अधिकतम ₹105 लाख।
“(b) Non Torrefied Pellet manufacturing plant — Rs. 21.0 lakhs/MTPH production capacity or 30% of the capital cost considered for plant and machinery of 1 MTPH plant, whichever is lower (Maximum Rs. 105 lakhs per project)”टॉरिफ़ाइड पेलेट प्लांट: प्रति टन-प्रति घंटा ₹42 लाख या प्लांट व मशीनरी लागत का 30%, जो कम हो — प्रति प्लांट अधिकतम ₹210 लाख।
“(c) Torrefied Pellet manufacturing plant — Rs. 42.0 lakhs/MTPH production capacity or 30% of the capital cost considered for plant and machinery of 1 MTPH plant, whichever is lower (Maximum Rs. 210 lakhs per project)”नए बायोगैस प्लांट से बायो-सीएनजी: हर 4,800 किलो प्रतिदिन क्षमता पर ₹4 करोड़, प्रति परियोजना अधिकतम ₹10 करोड़।
क्षमता को 4,800 किलो प्रतिदिन के गुणज में भरें (जैसे 2,400 किलो/दिन = 0.5)। पहले से बने बायोगैस प्लांट से बायो-सीएनजी पर प्रति 4,800 किलो/दिन ₹3 करोड़ (उसी पंक्ति में)। पूर्वोत्तर क्षेत्र, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार के प्लांट, और पंजीकृत गौशालाओं के गोबर आधारित प्लांट को 20% ज़्यादा मिलता है (धारा 2.2) — यह हमारे आंकड़े में नहीं जोड़ा गया। पूरा अनुदान प्रदर्शन जाँच में रेटेड उत्पादन के 80% पर मिलता है; कम उत्पादन पर अनुपात में, 50% से नीचे कुछ नहीं (धारा 4.4, एमएनआरई ज्ञापन 27.06.2025 से संशोधित)।
“2.1. Standard CFA pattern … 1 Biogas — Rs 0.25 Cr per 12000cum/day (maximum CFA of Rs. 5.0 Cr/project); 2 BioCNG / Enriched Biogas/ Compressed Bio Gas — Rs 4.0 Cr per 4800 kg/day (for BioCNG generation from new biogas plant); Rs 3.0 Cr per 4800 kg/day (for BioCNG generation from existing Biogas plant#); Maximum CFA of Rs. 10.0 Cr/project for both cases.”बड़ा बायोगैस प्लांट: हर 12,000 घन मीटर प्रतिदिन बायोगैस पर ₹25 लाख, प्रति परियोजना अधिकतम ₹5 करोड़।
2,500 घन मीटर प्रतिदिन (या 250 किलोवाट) तक के प्लांट बायोगैस कार्यक्रम में आते हैं, इसमें नहीं (धारा 3(v))। पूर्वोत्तर क्षेत्र, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार के प्लांट, और पंजीकृत गौशालाओं के गोबर आधारित प्लांट को 20% ज़्यादा मिलता है (धारा 2.2) — यह हमारे आंकड़े में नहीं जोड़ा गया। पूरा अनुदान प्रदर्शन जाँच में रेटेड उत्पादन के 80% पर मिलता है; कम उत्पादन पर अनुपात में, 50% से नीचे कुछ नहीं (धारा 4.4, एमएनआरई ज्ञापन 27.06.2025 से संशोधित)।
“2.1. Standard CFA pattern … 1 Biogas — Rs 0.25 Cr per 12000cum/day (maximum CFA of Rs. 5.0 Cr/project); 2 BioCNG / Enriched Biogas/ Compressed Bio Gas — Rs 4.0 Cr per 4800 kg/day (for BioCNG generation from new biogas plant); Rs 3.0 Cr per 4800 kg/day (for BioCNG generation from existing Biogas plant#); Maximum CFA of Rs. 10.0 Cr/project for both cases.”