राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन
2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 1 (Department of Agriculture and Farmers Welfare), item 13 National Beekeeping Honey Mission (NBHM), BE 2026-27 ₹100.00 crore; Notes item 13)
वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन और शहद प्रसंस्करण अवसंरचना के लिए व्यक्तिगत मधुमक्खी पालकों और फ़र्मों को 50%, और स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति व एफपीओ को 75% सहायता।
- मुख्य लाभ
- 75%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 17हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
व्यक्तिगत मधुमक्खी पालकों और फ़र्मों को लागत का 50%, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति और एफपीओ को 75%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
मॉडल-I इकाई में सुपर वाले बक्सों में 10 फ़्रेम की कम से कम 50 मधुमक्खी कॉलोनियाँ होती हैं (धारा 4.5)। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)।
“I. For States other than NE & Himalayan States: 50% in case of individual beneficiaries/ Societies/ Firms / Companies; 75% in case of institutional framework, including Self Help Groups (SHGs)/ Joint Liability Groups (JLGs)/ Farmers/ Beekeepers Interested Groups (FIGs)/ Co-operatives/ FPOs/ FPCs/ Member Beekeepers’ Federations (MBFs) of NBB/ MBFs registered with NBB, etc.; and”शहद प्रसंस्करण इकाई लगाने में सहायता, अधिकतम ₹300 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)।
“Keeping in view this all, this component has been kept under NBHM for which processing/ Export unit costing upto Rs. 500.00 lakhs will be considered under the scheme. Maximum assistance upto Rs. 300.00 lakhs will be made available for this facility/ infrastructure.”किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन का सात दिन का मुफ़्त प्रशिक्षण, 25 के बैच में।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
प्रशिक्षण कार्यान्वयन एजेंसियाँ (राज्य उद्यान/कृषि विभाग, केवीके, कृषि विश्वविद्यालय, केवीआईसी, एनबीबी सदस्य) कराती हैं; अगला बैच कब है, ज़िला उद्यान अधिकारी से पूछें। तीन दिन के ऑनलाइन प्रशिक्षण (40–50 के बैच) के लिए भी सहायता है (धारा 4.32)।
“a. Within State Training: Within State Trainings, each of a batch of 25 participants for seven days, for which maximum assistance is available @ Rs.1.75 lakhs / per training (@ Rs. 1000 per day per candidate), to be organized. … III. For Capacity Building Programmes: For Capacity Building Programmes, including trainings, seminars, skill development for farmers/ beekeepers, officials, etc., the pattern of funding/ subsidy be 100% for all the implementing agencies.”गुणवत्ता न्यूक्लियस स्टॉक (रानी मक्खी) केंद्र की पात्र लागत का आधा, अधिकतम ₹30 लाख, एनबीबी की विशेषज्ञ सदस्य समितियों, फ़र्मों और कंपनियों को।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केंद्र को तीन साल में 2,000 गुणवत्ता न्यूक्लियस स्टॉक/रानी मक्खियाँ (600, 700, 700) तैयार करनी होंगी; सहायता तीन साल में 50%, 25% और 25% जारी होती है। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost for this component has been estimated Rs. 30 lakhs out of which 100% assistance maximum up Rs. 30 lakhs per project will be given to public sector research organizations & 50% of the eligible cost, maximum upto Rs. 30 lakhs to the expert member societies/ firms/ companies of NBB.”गुणवत्ता कॉलोनियाँ बढ़ाने वाला मधुमक्खी ब्रीडर बनने में सहायता, प्रति परियोजना अधिकतम ₹5 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
एनबीबी के अनुभवी सदस्य मधुमक्खी पालकों, समितियों, फ़र्मों और कंपनियों के लिए, जिन्हें तीन साल तक हर साल कम से कम 2,000 गुणवत्ता कॉलोनियाँ तैयार करनी होंगी। परियोजना लागत ₹12.50 लाख अनुमानित। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost for this component has been estimated Rs. 12.50 lakhs out of which maximum assistance upto Rs. 5 lakhs/ per project will be given.”मधुमक्खी बक्से, फ़्रेम, कॉम्ब फ़ाउंडेशन शीट और उपकरण बनाने की इकाई लगाने में सहायता, अधिकतम ₹18.80 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of the centre has been estimated Rs. 25.00 lakhs out of which maximum assistance upto Rs. 18.80 lakhs will be given as per eligibility of organization/ agency, etc. and pattern of assistance.”किसानों को परागण के लिए मधुमक्खी कॉलोनी किराये पर देने वाला कस्टम हायरिंग केंद्र लगाने में सहायता, अधिकतम ₹56.20 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केंद्र में ज़रूरी उपकरण और वाहन के साथ कम से कम 1,000 मधुमक्खी कॉलोनियाँ होनी चाहिए। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of the centre has been estimated Rs. 75.00 lakhs, out of which maximum assistance upto Rs. 56.20 lakhs will be given as per eligibility of organization/ agency, etc. and pattern of assistance.”एपी-थेरेपी (मधुमक्खी उत्पादों से उपचार) केंद्र के उपकरणों में सहायता, अधिकतम ₹3.80 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of the centre has been estimated to Rs. 5.00 lakhs out of which maximum assistance upto Rs. 3.80 lakhs will be given as per eligibility of organization/ agency, etc. and pattern of assistance.”क्षेत्रीय शहद जाँच प्रयोगशाला लगाने या उन्नत करने में सहायता, अधिकतम ₹800 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
प्रस्ताव एफ़एसएसएआई के ज़रिये एनबीबी को जाते हैं; खाद्य गुणवत्ता जाँच का 2–3 साल का अनुभव रखने वाली एजेंसियाँ या कंपनियाँ अपनी लैब उन्नत करने के लिए आवेदन कर सकती हैं (धारा 5.5 VI)। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of the lab has been estimated to Rs. 2000.00 lakhs per lab out of which assistance, maximum upto Rs. 800.00 lakhs per lab will be given for setting up of/ strengthening of big/ regional honey testing lab.”ज़िला / सैटेलाइट शहद जाँच प्रयोगशाला लगाने में सहायता, अधिकतम ₹100 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
प्रस्ताव एफ़एसएसएआई के ज़रिये एनबीबी को जाते हैं (धारा 5.5 VI)। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of Rs. 200.00 lakhs per lab has been estimated for Distt./ Small labs/ satellite labs, out of which assistance max. up to Rs. 100.00 lakhs per lab will be made under NBHM.”महिलाओं के नए मधुमक्खी पालन समूह को ₹70,000: बनाने के लिए ₹20,000 और कार्यशील पूँजी के लिए ₹50,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
महिला सदस्यों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण मिलता है; जनजातीय महिला समूहों को प्राथमिकता। राशि छपी दोनों रकमों का जोड़ है (प्रति समूह ₹20,000 + ₹50,000)।
“An assistance of Rs. 20,000/- per group for formation of new groups and also an assistance of Rs. 50,000/- per group as working capital will be provided to sustain the activity.”रॉयल जेली, मधुमक्खी विष, कॉम्ब हनी, पराग और प्रोपोलिस बनाने के उपकरणों की लागत का 50% (स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति और एफपीओ को 75%)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
अनुभवी या प्रशिक्षित मधुमक्खी पालकों के लिए, अकेले या समूह (स्वयं सहायता समूह/एफ़आईजी) में, परिशिष्ट V की घोषणा के साथ। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)।
“Therefore, under this component, assistance be available on these equipments, including pollen tray, Royal jelly production kit, bee venom extractor, comb honey production tools & equipments, equipments & tools for production of propolis, etc.”शहद संग्रह, ब्रांडिंग और विपणन केंद्र लगाने में सहायता, अधिकतम ₹20 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The total cost of this component has been estimated Rs. 30.00 lakhs, out of which maximum assistance upto Rs. 20.00 lakhs per facility will be available as assistance.”शहद की पैकेजिंग, भंडार या कोल्ड स्टोरेज लगाने में सहायता, अधिकतम ₹60 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The total cost of this component has been estimated Rs. 80.00 lakhs, out of which maximum assistance upto Rs. 60.00 lakhs per facility will be made available as assistance.”पुराने शहद प्रसंस्करण प्लांट के नवीनीकरण या विस्तार में सहायता, अधिकतम ₹20 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The total cost of this component has been estimated Rs. 30.00 lakhs per unit or plant, out of which maximum assistance upto Rs. 20.00 lakhs will be made available.”प्रसंस्करण इकाई में अपनी शहद जाँच प्रयोगशाला लगाने में सहायता, अधिकतम ₹50 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The total cost of this component has been estimated Rs. 100.00 lakhs, out of which maximum assistance upto Rs. 50.00 lakhs will made be available.”राज्य सरकार द्वारा बढ़ावा दी गई मधुमक्खी पालकों की सहकारी समिति या एफपीओ को मज़बूत करने के लिए ₹25 लाख तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
पाठ कहता है सहायता "दी जा सकती है" — यह अपने-आप नहीं मिलती। राज्य उद्यान/कृषि विभाग के ज़रिये एनबीबी को विस्तृत प्रस्ताव भेजें।
“The assistance of Rs. 25.00 lakhs per State Bee Boards/ Missions/ Cooperatives/ FPOs of Beekeepers promoted by State Govts., etc. may be given under the scheme.”मुझे कितना मिल सकता है?
आपकी दर 50% पात्र लागत का
हर गतिविधि के लागत मानक अनुलग्नक II और IV में हैं, जो संग्रहीत दस्तावेज़ में नहीं हैं, और भवन की पात्र लागत का केवल 30% गिना जाता है (धारा 4.39)। इसलिए हम केवल दर दिखाते हैं — पात्र लागत कार्यान्वयन एजेंसी बताएगी।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड पंजीकरण
- अवसंरचना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और सहायक दस्तावेज़ (धारा 4.40, 4.50)
आवेदन कैसे करें
- राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में मधुमक्खी पालक के रूप में पंजीकरण कराएँ (धारा 9.3)।
- अपना प्रस्ताव, अवसंरचना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के साथ, ज़िला उद्यान या कृषि अधिकारी को दें (धारा 5.5)।
- ज़िला स्तरीय समिति जाँचकर राज्य को सिफ़ारिश करती है; राज्य स्वीकृत प्रस्ताव राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड को भेजता है।
- राशि दो किस्तों में, जहाँ तक संभव हो सीधे आपके बैंक खाते में दी जाती है (धारा 7.2–7.3)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।