फल, सब्ज़ी और फूलMIDH
किसान समूह के स्वामित्व वाले लाइनिंग युक्त सामुदायिक जल टैंक के लिए ₹80 प्रति घन मीटर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में ₹100) का 75%, अधिकतम 30,000 घन मीटर।
निजी, मुफ़्त मार्गदर्शिका — सरकारी वेबसाइट नहीं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।
मधुमक्खी बक्से, कॉलोनी और शहद प्रसंस्करण।
फल, सब्ज़ी और फूलकिसान समूह के स्वामित्व वाले लाइनिंग युक्त सामुदायिक जल टैंक के लिए ₹80 प्रति घन मीटर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में ₹100) का 75%, अधिकतम 30,000 घन मीटर।
मधुमक्खी पालनव्यक्तिगत मधुमक्खी पालकों और फ़र्मों को लागत का 50%, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति और एफपीओ को 75%।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनगाँव में नई इकाई: परियोजना लागत का 25% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और अन्य विशेष श्रेणी के लिए 35%), ₹50 लाख तक की लागत पर।
ऋण और ब्याज सहायताडेयरी, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन या दूसरे संबद्ध या ग़ैर-कृषि कारोबार के लिए ₹20 लाख तक का बिना गिरवी ऋण; यह चुकाना होता है, सब्सिडी नहीं है।
आय सहायताहर ग्रामीण छोटे या सीमांत किसान परिवार को, बटाईदारों सहित, ₹4,000 सालाना (₹2,000 खरीफ़ से पहले और ₹2,000 रबी से पहले)।
मधुमक्खी पालनमधुमक्खी कॉलोनी (8 फ़्रेम): ₹2,000 प्रति कॉलोनी का 75%, समूह को अधिकतम 5,000 पेटी (प्रति सदस्य अधिकतम 10)।
फल, सब्ज़ी और फूलहाई-टेक नर्सरी: लागत का और 15%, बड़ी नर्सरी (1–2 हे.) में ₹30 लाख प्रति हेक्टेयर तक, छोटी (0.4–1 हे.) में ₹20 लाख प्रति हेक्टेयर तक।
मधुमक्खी पालनप्रशिक्षित मधुमक्खी पालक: मंडल द्वारा दिए गए मधुमक्खी बक्सों, शहद यंत्रों और उपकरणों की लागत का 50%, सामग्री के रूप में।
मधुमक्खी पालन₹2,000 के मधुमक्खी छत्ते (कालोनी) का 50% — हर छत्ते पर ₹1,000।
मधुमक्खी पालनमधुमक्खी बक्सा (8 फ़्रेम, स्टैंड व सामान सहित): ₹4,000 का 50% = ₹2,000 प्रति बक्सा।
मधुमक्खी पालनहर मधुमक्खी बक्सा + कॉलोनी + स्टैंड के अधिकतम ₹4,500 का 75% (अनुसूचित जाति/जनजाति 90%) — ₹3,375 या ₹4,050 प्रति सेट — ज़मीन हो तो 10 सेट तक।
मधुमक्खी पालनपरागण के लिए बाग़ में रखे हर मौन बक्से पर ₹350, अधिकतम 4 बक्से (₹1,400) प्रति हेक्टेयर।
मधुमक्खी पालनमौन कॉलोनी: ₹2,000 प्रति का 80% (₹1,600), अधिकतम 50 कॉलोनी — अधिकतम ₹80,000।
इस काम के लिए कोई चालू योजना जितना सबसे बड़ा हिस्सा देती है, आवेदक के हिसाब से। राशि फिर भी हर योजना की लागत-सीमा तक।
हर साल कम से कम 2,000 कॉलोनी तैयार करने वाली मधुमक्खी प्रजनन इकाई की लागत का 40%, अधिकतम ₹10 लाख की लागत पर।
“ii. Production of bee colonies by bee breeder. Rs. 10.00 Lakh 40% of cost for producing min. of 2000 colonies / year”कॉलोनी सहित 8 फ़्रेम वाले मधुमक्खी बक्से के लिए ₹4,000 प्रति इकाई का 40%, अधिकतम 50 कॉलोनी।
“iii. One unit of Bee Hives/Boxes of 8 frames with bee colonies Rs. 4000/unit 40% of cost limited to 50 colonies / beneficiary.”ख़ाली मधुमक्खी बक्से के लिए ₹2,000 प्रति बक्सा का 40%, अधिकतम 50।
“iv. Bee Hive Rs. 2000 per hive 40% of cost limited to 50 colonies / beneficiary”मधुमक्खी पालन उपकरणों के एक सेट (शहद निकालने की मशीन, डिब्बा, जाली) की लागत का 40%, अधिकतम ₹20,000 की लागत पर।
“v. Equipment including honey extractor (4 frame), food grade container (30 kg), net, including complete set of Bee keeping equipment. Rs. 20,000/set 40% of the cost limited to one set per beneficiary.”व्यक्तिगत मधुमक्खी पालकों और फ़र्मों को लागत का 50%, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति और एफपीओ को 75%।
मॉडल-I इकाई में सुपर वाले बक्सों में 10 फ़्रेम की कम से कम 50 मधुमक्खी कॉलोनियाँ होती हैं (धारा 4.5)। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)।
“I. For States other than NE & Himalayan States: 50% in case of individual beneficiaries/ Societies/ Firms / Companies; 75% in case of institutional framework, including Self Help Groups (SHGs)/ Joint Liability Groups (JLGs)/ Farmers/ Beekeepers Interested Groups (FIGs)/ Co-operatives/ FPOs/ FPCs/ Member Beekeepers’ Federations (MBFs) of NBB/ MBFs registered with NBB, etc.; and”शहद प्रसंस्करण इकाई लगाने में सहायता, अधिकतम ₹300 लाख।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)।
“Keeping in view this all, this component has been kept under NBHM for which processing/ Export unit costing upto Rs. 500.00 lakhs will be considered under the scheme. Maximum assistance upto Rs. 300.00 lakhs will be made available for this facility/ infrastructure.”किसानों और मधुमक्खी पालकों के लिए वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन का सात दिन का मुफ़्त प्रशिक्षण, 25 के बैच में।
प्रशिक्षण कार्यान्वयन एजेंसियाँ (राज्य उद्यान/कृषि विभाग, केवीके, कृषि विश्वविद्यालय, केवीआईसी, एनबीबी सदस्य) कराती हैं; अगला बैच कब है, ज़िला उद्यान अधिकारी से पूछें। तीन दिन के ऑनलाइन प्रशिक्षण (40–50 के बैच) के लिए भी सहायता है (धारा 4.32)।
“a. Within State Training: Within State Trainings, each of a batch of 25 participants for seven days, for which maximum assistance is available @ Rs.1.75 lakhs / per training (@ Rs. 1000 per day per candidate), to be organized. … III. For Capacity Building Programmes: For Capacity Building Programmes, including trainings, seminars, skill development for farmers/ beekeepers, officials, etc., the pattern of funding/ subsidy be 100% for all the implementing agencies.”गुणवत्ता न्यूक्लियस स्टॉक (रानी मक्खी) केंद्र की पात्र लागत का आधा, अधिकतम ₹30 लाख, एनबीबी की विशेषज्ञ सदस्य समितियों, फ़र्मों और कंपनियों को।
केंद्र को तीन साल में 2,000 गुणवत्ता न्यूक्लियस स्टॉक/रानी मक्खियाँ (600, 700, 700) तैयार करनी होंगी; सहायता तीन साल में 50%, 25% और 25% जारी होती है। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost for this component has been estimated Rs. 30 lakhs out of which 100% assistance maximum up Rs. 30 lakhs per project will be given to public sector research organizations & 50% of the eligible cost, maximum upto Rs. 30 lakhs to the expert member societies/ firms/ companies of NBB.”गुणवत्ता कॉलोनियाँ बढ़ाने वाला मधुमक्खी ब्रीडर बनने में सहायता, प्रति परियोजना अधिकतम ₹5 लाख।
एनबीबी के अनुभवी सदस्य मधुमक्खी पालकों, समितियों, फ़र्मों और कंपनियों के लिए, जिन्हें तीन साल तक हर साल कम से कम 2,000 गुणवत्ता कॉलोनियाँ तैयार करनी होंगी। परियोजना लागत ₹12.50 लाख अनुमानित। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost for this component has been estimated Rs. 12.50 lakhs out of which maximum assistance upto Rs. 5 lakhs/ per project will be given.”मधुमक्खी बक्से, फ़्रेम, कॉम्ब फ़ाउंडेशन शीट और उपकरण बनाने की इकाई लगाने में सहायता, अधिकतम ₹18.80 लाख।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of the centre has been estimated Rs. 25.00 lakhs out of which maximum assistance upto Rs. 18.80 lakhs will be given as per eligibility of organization/ agency, etc. and pattern of assistance.”किसानों को परागण के लिए मधुमक्खी कॉलोनी किराये पर देने वाला कस्टम हायरिंग केंद्र लगाने में सहायता, अधिकतम ₹56.20 लाख।
केंद्र में ज़रूरी उपकरण और वाहन के साथ कम से कम 1,000 मधुमक्खी कॉलोनियाँ होनी चाहिए। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of the centre has been estimated Rs. 75.00 lakhs, out of which maximum assistance upto Rs. 56.20 lakhs will be given as per eligibility of organization/ agency, etc. and pattern of assistance.”एपी-थेरेपी (मधुमक्खी उत्पादों से उपचार) केंद्र के उपकरणों में सहायता, अधिकतम ₹3.80 लाख।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of the centre has been estimated to Rs. 5.00 lakhs out of which maximum assistance upto Rs. 3.80 lakhs will be given as per eligibility of organization/ agency, etc. and pattern of assistance.”क्षेत्रीय शहद जाँच प्रयोगशाला लगाने या उन्नत करने में सहायता, अधिकतम ₹800 लाख।
प्रस्ताव एफ़एसएसएआई के ज़रिये एनबीबी को जाते हैं; खाद्य गुणवत्ता जाँच का 2–3 साल का अनुभव रखने वाली एजेंसियाँ या कंपनियाँ अपनी लैब उन्नत करने के लिए आवेदन कर सकती हैं (धारा 5.5 VI)। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of the lab has been estimated to Rs. 2000.00 lakhs per lab out of which assistance, maximum upto Rs. 800.00 lakhs per lab will be given for setting up of/ strengthening of big/ regional honey testing lab.”ज़िला / सैटेलाइट शहद जाँच प्रयोगशाला लगाने में सहायता, अधिकतम ₹100 लाख।
प्रस्ताव एफ़एसएसएआई के ज़रिये एनबीबी को जाते हैं (धारा 5.5 VI)। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The cost of Rs. 200.00 lakhs per lab has been estimated for Distt./ Small labs/ satellite labs, out of which assistance max. up to Rs. 100.00 lakhs per lab will be made under NBHM.”महिलाओं के नए मधुमक्खी पालन समूह को ₹70,000: बनाने के लिए ₹20,000 और कार्यशील पूँजी के लिए ₹50,000।
महिला सदस्यों को मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण मिलता है; जनजातीय महिला समूहों को प्राथमिकता। राशि छपी दोनों रकमों का जोड़ है (प्रति समूह ₹20,000 + ₹50,000)।
“An assistance of Rs. 20,000/- per group for formation of new groups and also an assistance of Rs. 50,000/- per group as working capital will be provided to sustain the activity.”रॉयल जेली, मधुमक्खी विष, कॉम्ब हनी, पराग और प्रोपोलिस बनाने के उपकरणों की लागत का 50% (स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति और एफपीओ को 75%)।
अनुभवी या प्रशिक्षित मधुमक्खी पालकों के लिए, अकेले या समूह (स्वयं सहायता समूह/एफ़आईजी) में, परिशिष्ट V की घोषणा के साथ। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)।
“Therefore, under this component, assistance be available on these equipments, including pollen tray, Royal jelly production kit, bee venom extractor, comb honey production tools & equipments, equipments & tools for production of propolis, etc.”शहद संग्रह, ब्रांडिंग और विपणन केंद्र लगाने में सहायता, अधिकतम ₹20 लाख।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The total cost of this component has been estimated Rs. 30.00 lakhs, out of which maximum assistance upto Rs. 20.00 lakhs per facility will be available as assistance.”शहद की पैकेजिंग, भंडार या कोल्ड स्टोरेज लगाने में सहायता, अधिकतम ₹60 लाख।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The total cost of this component has been estimated Rs. 80.00 lakhs, out of which maximum assistance upto Rs. 60.00 lakhs per facility will be made available as assistance.”पुराने शहद प्रसंस्करण प्लांट के नवीनीकरण या विस्तार में सहायता, अधिकतम ₹20 लाख।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The total cost of this component has been estimated Rs. 30.00 lakhs per unit or plant, out of which maximum assistance upto Rs. 20.00 lakhs will be made available.”प्रसंस्करण इकाई में अपनी शहद जाँच प्रयोगशाला लगाने में सहायता, अधिकतम ₹50 लाख।
उत्तर-पूर्वी क्षेत्र और हिमालयी राज्यों में सभी के लिए दर 90% है (धारा 6.1 II)। दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। मिनी मिशन I और II में अवसंरचना सहायता केवल राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में पंजीकृत मधुमक्खी पालकों और संस्थाओं को मिलती है (धारा 9.3)। एनबीबी की सदस्य समिति/फ़र्म/कंपनी को सभी परियोजनाओं पर मिलाकर साल में अधिकतम ₹45 लाख (धारा 9.4), और उसे 3 साल से अधिक (उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों में 2 साल) से एनबीबी सदस्य और नीति आयोग दर्पण पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए (धारा 9.1–9.2)।
“The total cost of this component has been estimated Rs. 100.00 lakhs, out of which maximum assistance upto Rs. 50.00 lakhs will made be available.”राज्य सरकार द्वारा बढ़ावा दी गई मधुमक्खी पालकों की सहकारी समिति या एफपीओ को मज़बूत करने के लिए ₹25 लाख तक।
पाठ कहता है सहायता "दी जा सकती है" — यह अपने-आप नहीं मिलती। राज्य उद्यान/कृषि विभाग के ज़रिये एनबीबी को विस्तृत प्रस्ताव भेजें।
“The assistance of Rs. 25.00 lakhs per State Bee Boards/ Missions/ Cooperatives/ FPOs of Beekeepers promoted by State Govts., etc. may be given under the scheme.”मधुमक्खी कॉलोनी (8 फ़्रेम): ₹2,000 प्रति कॉलोनी का 75%, समूह को अधिकतम 5,000 पेटी (प्रति सदस्य अधिकतम 10)।
पंजीकृत किसान समूह, एफ़पीओ, एफ़पीसी, “A” ग्रेड सहकारी संस्था, सहकारी डेयरी और ज़िला दूध संघ के लिए — अलग-अलग किसानों के लिए नहीं। गुजरात बागवानी मिशन वाले ज़िलों में यह योजना मिशन की सहायता के ऊपर पूरक राशि देती है, ग़ैर-मिशन ज़िलों में पूरी राशि; कुल सहायता 75% के भीतर रहती है (मद 1 टिप्पणी)। केवल एक बार।
“મધમાખી સમૂહ કોલોની:- રૂ. ૨૦૦૦/૮ ફ્રેમની કોલોની … રજીસ્ટર્ડ ખેડુત ગ્રુપ, FPO, FPC, “A” ગ્રેડ સહકારી સંસ્થા/ સહકારી ડેરીઓ/જિલ્લા દૂધ સહકારી સંઘને ખર્ચના ૭૫ ટકા સહાય”मधुमक्खी हाइव: ₹2,000 प्रति हाइव का 75%, समूह को अधिकतम 5,000 (प्रति सदस्य अधिकतम 10)।
पंजीकृत किसान समूह, एफ़पीओ, एफ़पीसी, “A” ग्रेड सहकारी संस्था, सहकारी डेयरी और ज़िला दूध संघ के लिए — अलग-अलग किसानों के लिए नहीं। गुजरात बागवानी मिशन वाले ज़िलों में यह योजना मिशन की सहायता के ऊपर पूरक राशि देती है, ग़ैर-मिशन ज़िलों में पूरी राशि; कुल सहायता 75% के भीतर रहती है (मद 1 टिप्पणी)। केवल एक बार।
“મધમાખી હાઇવ:- રૂ. ૨૦૦૦/ હાઇવ … ખર્ચના ૭૫ ટકા સહાય”शहद निकालने की मशीन (4 फ़्रेम), 30 किलो फ़ूड-ग्रेड डिब्बा, जाली और मधुमक्खी पालन के औज़ार: ₹20,000 प्रति सेट का 75%, हर पाँच सदस्यों पर एक सेट।
पंजीकृत किसान समूह, एफ़पीओ, एफ़पीसी, “A” ग्रेड सहकारी संस्था, सहकारी डेयरी और ज़िला दूध संघ के लिए — अलग-अलग किसानों के लिए नहीं। गुजरात बागवानी मिशन वाले ज़िलों में यह योजना मिशन की सहायता के ऊपर पूरक राशि देती है, ग़ैर-मिशन ज़िलों में पूरी राशि; कुल सहायता 75% के भीतर रहती है (मद 1 टिप्पणी)। केवल एक बार।
“હની એક્ષ્ટ્રેક્ટર (૪ ફ્રેમ), ફૂડગ્રેડ કન્ટેઇનર(30કિ.ગ્રા.), નેટ મધમાખી ઉછેરના સાધનો માટે … યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૨૦૦૦૦/સેટ … ખર્ચના ૭૫ ટકા સહાય”250 से ज़्यादा सदस्यों वाले समूह के लिए शहद प्रसंस्करण, पैकेजिंग और कोल्ड-रूम इकाई: लागत का 75%, ₹50 लाख तक गिनी जाती है।
पंजीकृत किसान समूह, एफ़पीओ, एफ़पीसी, “A” ग्रेड सहकारी संस्था, सहकारी डेयरी और ज़िला दूध संघ के लिए — अलग-अलग किसानों के लिए नहीं। गुजरात बागवानी मिशन वाले ज़िलों में यह योजना मिशन की सहायता के ऊपर पूरक राशि देती है, ग़ैर-मिशन ज़िलों में पूरी राशि; कुल सहायता 75% के भीतर रहती है (मद 1 टिप्पणी)। केवल एक बार।
“પ્રોસેસીંગ, પેકેજીંગ, કોલ્ડ રૂમ એકમ માટે સહાય … યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૫૦.૦૦ લાખ/એકમ (૨૫૦ થી વધારે સભ્ય ) … ખર્ચના ૭૫ ટકા સહાય”250 या उससे कम सदस्यों वाले समूह के लिए शहद प्रसंस्करण, पैकेजिंग और कोल्ड-रूम इकाई: लागत का 75%, ₹25 लाख तक गिनी जाती है।
पंजीकृत किसान समूह, एफ़पीओ, एफ़पीसी, “A” ग्रेड सहकारी संस्था, सहकारी डेयरी और ज़िला दूध संघ के लिए — अलग-अलग किसानों के लिए नहीं। गुजरात बागवानी मिशन वाले ज़िलों में यह योजना मिशन की सहायता के ऊपर पूरक राशि देती है, ग़ैर-मिशन ज़िलों में पूरी राशि; कुल सहायता 75% के भीतर रहती है (मद 1 टिप्पणी)। केवल एक बार।
“યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૨૫.૦૦ લાખ/એકમ (૨૫૦ કે તેથી ઓછા સભ્ય ) … ખર્ચના ૭૫ ટકા સહાય”मधुमक्खी प्रजनन, हाइव और न्यूक्लियस कल्चर इकाई: लागत का 75%, ₹30 लाख तक गिनी जाती है (सरकारी क्षेत्र को 100%)।
पंजीकृत किसान समूह, एफ़पीओ, एफ़पीसी, “A” ग्रेड सहकारी संस्था, सहकारी डेयरी और ज़िला दूध संघ के लिए — अलग-अलग किसानों के लिए नहीं। गुजरात बागवानी मिशन वाले ज़िलों में यह योजना मिशन की सहायता के ऊपर पूरक राशि देती है, ग़ैर-मिशन ज़िलों में पूरी राशि; कुल सहायता 75% के भीतर रहती है (मद 1 टिप्पणी)। केवल एक बार।
“બી બ્રીડીંગ, બી હાઇવ્સ અને ન્યુક્લિયસ કલ્ચર તૈયાર કરવા … યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૩૦.૦૦ લાખ … રજીસ્ટર્ડ ખેડુત ગ્રુપ, FPO, FPC, “A” ગ્રેડ સહકારી સંસ્થા/ સહકારી ડેરીઓ/જિલ્લા દૂધ સહકારી સંઘને ખર્ચના ૭૫ ટકા સહાય”बी-क्लिनिक: लागत का 75%, ₹30 लाख तक गिनी जाती है (सरकारी क्षेत्र को 100%)।
पंजीकृत किसान समूह, एफ़पीओ, एफ़पीसी, “A” ग्रेड सहकारी संस्था, सहकारी डेयरी और ज़िला दूध संघ के लिए — अलग-अलग किसानों के लिए नहीं। गुजरात बागवानी मिशन वाले ज़िलों में यह योजना मिशन की सहायता के ऊपर पूरक राशि देती है, ग़ैर-मिशन ज़िलों में पूरी राशि; कुल सहायता 75% के भीतर रहती है (मद 1 टिप्पणी)। केवल एक बार।
“બી ક્લીનીક તૈયાર કરવા … યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૩૦.૦૦ લાખ/એકમ … ખર્ચના ૭૫ ટકા સહાય”मधुमक्खी कॉलोनी तैयार करने वाला ब्रीडर (साल में कम से कम 2,000): लागत का और 15%, ₹10 लाख तक गिनी।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (35–50%) गुजरात बागवानी मिशन देता है और केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है। मिशन के भुगतान आदेश के बाद ज़िला राज्य की पूरक राशि देता है (परिशिष्ट-1, 13); मिशन के पास धन या लक्ष्य न हो तो HRT-2 गैप फ़ंडिंग से दोनों हिस्से दे सकता है (परिशिष्ट-1, 12)। किसी शंका में MIDH-NHM दिशा-निर्देश मान्य (परिशिष्ट-1, 14)।
“૨. બી બ્રીડર દ્વારા મધમાખી સમૂહના ઉત્પાદન માટે એકમ ખર્ચ •રૂ. 10.00 લાખ પ્રતિ એકમ • એકમ ખર્ચના 40 % સહાય • ઓછામાં ઓછી 2000 કોલોની પ્રતિ વર્ષના ઉત્પાદન ખર્ચ પર સહાય • રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”कॉलोनी सहित मधुमक्खी बक्सा: लागत का और 15%, ₹4,000 प्रति बक्सा तक (या KVIC मानक, जो कम हो), 50 कॉलोनी तक।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (35–50%) गुजरात बागवानी मिशन देता है और केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है। मिशन के भुगतान आदेश के बाद ज़िला राज्य की पूरक राशि देता है (परिशिष्ट-1, 13); मिशन के पास धन या लक्ष्य न हो तो HRT-2 गैप फ़ंडिंग से दोनों हिस्से दे सकता है (परिशिष्ट-1, 12)। किसी शंका में MIDH-NHM दिशा-निर्देश मान्य (परिशिष्ट-1, 14)।
“૩. મધમાખી પેટી / બોક્ષ સમૂહ સહિત (કોલોની) એકમ ખર્ચ • KVIC યોજનાના ધારા ધોરણો મુજબ અથવા • રૂ. 4000 પ્રતિ હાઇવ / બોક્ષ જે ઓછુ હોય તે • એકમ ખર્ચના 40 % સહાય • મહત્તમ 50 કોલોની પ્રતિ લાભાર્થી સુધી સહાય • રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”मधुमक्खी हाइव: ₹2,000 प्रति हाइव का और 15%, 50 तक।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (35–50%) गुजरात बागवानी मिशन देता है और केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है। मिशन के भुगतान आदेश के बाद ज़िला राज्य की पूरक राशि देता है (परिशिष्ट-1, 13); मिशन के पास धन या लक्ष्य न हो तो HRT-2 गैप फ़ंडिंग से दोनों हिस्से दे सकता है (परिशिष्ट-1, 12)। किसी शंका में MIDH-NHM दिशा-निर्देश मान्य (परिशिष्ट-1, 14)।
“૪. મધમાખી હાઇવ એકમ ખર્ચ •રૂ. 2,000 પ્રતિ હાઇવ • એકમ ખર્ચના 40 % સહાય • મહત્તમ 50 કોલોની પ્રતિ લાભાર્થી સુધી સહાય • રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”शहद निकालने का सेट (4 फ़्रेम एक्सट्रैक्टर, 30 किलो फ़ूड-ग्रेड डिब्बा, जाली और औज़ार): ₹20,000 का और 15%, प्रति लाभार्थी एक सेट।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (35–50%) गुजरात बागवानी मिशन देता है और केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है। मिशन के भुगतान आदेश के बाद ज़िला राज्य की पूरक राशि देता है (परिशिष्ट-1, 13); मिशन के पास धन या लक्ष्य न हो तो HRT-2 गैप फ़ंडिंग से दोनों हिस्से दे सकता है (परिशिष्ट-1, 12)। किसी शंका में MIDH-NHM दिशा-निर्देश मान्य (परिशिष्ट-1, 14)।
“૫. હની એક્ષ્ટ્રેક્ટર (4 ફ્રેમ), ફુડ ગ્રેડ કન્ટેઇનર (30 કિ.ગ્રા.), નેટ, મધમાખી ઉછેરના તમામ સાધનો સહિત એકમ ખર્ચ •રૂ. 20,000 પ્રતિ સેટ • એકમ ખર્ચના 40 % સહાય • લાભાર્થી દીઠ મહત્તમ એક સેટ સુધી સહાય • રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”प्रशिक्षित मधुमक्खी पालक: मंडल द्वारा दिए गए मधुमक्खी बक्सों, शहद यंत्रों और उपकरणों की लागत का 50%, सामग्री के रूप में।
बक्सों की संख्या या रुपये की सीमा नहीं छपी; दाम मंडल के। शहद मध संचालनालय तय दाम पर ख़रीदता है, पर आप बाहर भी बेच सकते हैं (मध खरेदीचे धोरण)। स्थिति अज्ञात: सबसे नया सरकारी आदेश उद्योग विभाग का 28.11.2023 का शासन निर्णय है जिसमें 2023-24 के लिए ₹156.79 लाख दिए गए; 2025-26 या 2026-27 का कोई आदेश या बजट मद नहीं मिला।
“मध उद्योगासाठी लागणारी मधपेट्या, मधयंत्रे व इतर आवश्यक असणारे साहित्य लाभार्थींस पुरविण्यात यावे. या साहित्याच्या किंमतीच्या 50 टक्के रक्कम ही अनुदान स्वरुपात व 50 टक्के रक्कम ही लाभार्थीचा हिस्सा म्हणून कर्जाच्या स्वरुपात देण्यात यावी.”₹2,000 के मधुमक्खी छत्ते (कालोनी) का 50% — हर छत्ते पर ₹1,000।
“मधुमक्खी के छत्ते (कालोनी) | 1 नग | 2000.00 | लागत का 50 प्रतिशत अथवा रू. 1000.00 जो भी कम हो”₹2,000 की मधुमक्खी-पेटिका का 50% — हर पेटिका पर ₹1,000।
“मधुमक्खी–पेटिका | 1 नग | 2000.00 | लागत का 50 प्रतिशत अथवा रू. 1000.00 जो भी कम हो”मधुमक्खी बक्सा (8 फ़्रेम, स्टैंड व सामान सहित): ₹4,000 का 50% = ₹2,000 प्रति बक्सा।
राज्य के पैसे से 50% (MIDH की केंद्रीय दर 40% है)। ज़िलावार लक्ष्य अनुसूची 2–3 में; आदेश में प्रति किसान सीमा नहीं छपी। DBT पंजीकृत आवेदकों में लॉटरी से चयन (कंडिका 7); 30% महिलाएँ (कंडिका 11)।
“मधुमक्खी बक्सा का इकाई लागत राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अनुसार 4000.00 रूपये स्वीकृत है। किसानों को प्रति बक्सा 50 प्रतिशत अनुदान यथा– 2,000.00 रूपये अनुदान दिया जायेगा।”मधुमक्खी छत्ता (रानी, ड्रोन और वर्कर सहित 8 फ़्रेम): ₹2,000 का 50% = ₹1,000।
राज्य के पैसे से 50% (MIDH की केंद्रीय दर 40% है)। ज़िलावार लक्ष्य अनुसूची 2–3 में; आदेश में प्रति किसान सीमा नहीं छपी। DBT पंजीकृत आवेदकों में लॉटरी से चयन (कंडिका 7); 30% महिलाएँ (कंडिका 11)।
“मधुमक्खी छत्ता की इकाई लागत राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अनुसार 2000.00 रूपये स्वीकृत है। किसानों को प्रति बक्सा 50 प्रतिशत अनुदान यथा–1000.00 रूपये अनुदान दिया जायेगा।”मधु निष्कासन यंत्र (4 फ़्रेम, स्टेनलेस स्टील) और 30 किलो के दो फ़ूड-ग्रेड कंटेनर: ₹20,000 का 50% = ₹10,000।
राज्य के पैसे से 50% (MIDH की केंद्रीय दर 40% है)। ज़िलावार लक्ष्य अनुसूची 2–3 में; आदेश में प्रति किसान सीमा नहीं छपी। DBT पंजीकृत आवेदकों में लॉटरी से चयन (कंडिका 7); 30% महिलाएँ (कंडिका 11)।
“मधु निष्कासन यंत्र एवं फूड ग्रेड कंटेनर का इकाई लागत राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अनुसार 20000.00 रूपये स्वीकृत है। किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान यथा–10000.00 रूपये अनुदान दिया जायेगा।”हर मधुमक्खी बक्सा + कॉलोनी + स्टैंड के अधिकतम ₹4,500 का 75% (अनुसूचित जाति/जनजाति 90%) — ₹3,375 या ₹4,050 प्रति सेट — ज़मीन हो तो 10 सेट तक।
पैकेज में अधिकतम दाम: बक्सा ₹2,000, कॉलोनी ₹2,000, स्टैंड ₹500। हर कॉलोनी में लगभग 4 फ़्रेम भरी कामगार मक्खियाँ और एक परिपक्व रानी होनी चाहिए। जिसने किसी भी मधुमक्खी योजना में यह अनुदान पहले लिया है, उसे दोबारा नहीं मिलेगा (खंड VI, क्रम 7)।
“ಜೇನು ಪೆಟ್ಟಿಗೆ, ಜೇನು ಕುಟುಂಬ ಹಾಗೂ ಸ್ಟ್ಯಾಂಡ್ನ ಪ್ಯಾಕೇಜ್ಗೆ ನಿಗಧಿಪಡಿಸಿದ ದರ ಗರಿಷ್ಟ ರೂ.4500/- ಗಳು, ಜೇನು ಪೆಟ್ಟಿಗೆ, ಜೇನು ಕುಟುಂಬ ಹಾಗೂ ಸ್ಟ್ಯಾಂಡ್ಗೆ ಇತರರಿಗೆ ಶೇ.75 ರಂತೆ ರೂ.3375/- ಗಳ ಸಹಾಯಧನವನ್ನು ಹಾಗೂ ಪರಿಶಿಷ್ಟ ಜಾತಿ ಹಾಗೂ ಪರಿಶಿಷ್ಟ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.90 ರಂತೆ ರೂ.4050/-ಗಳ ಸಹಾಯಧನವನ್ನು ನೀಡುವುದು. … ಜಮೀನು ಹೊಂದಿರುವ ಫಲಾನುಭವಿಗಳು ಗರಿಷ್ಠ 10 ಜೇನು ಪೆಟ್ಟಿಗೆ, ಕುಟುಂಬ ಹಾಗೂ ಸ್ಟ್ಯಾಂಡ್ ಗಳಿಗೆ … ಸಹಾಯಧನ ಪಡೆಯಬಹುದಾಗಿರುತ್ತದೆ.”भूमिहीन ग्रामीण या शहरी आवेदक: हर सेट के अधिकतम ₹4,500 का 75%, 4 सेट तक।
भूमिहीन आवेदक अगर अनुसूचित जाति/जनजाति का है तो 90% (₹4,050 प्रति सेट) मिलता है; 4 सेट की सीमा फिर भी लागू है।
“ಜಮೀನು ರಹಿತ ಫಲಾನುಭವಿಗಳು ಗರಿಷ್ಠ 4 ಜೇನು ಪೆಟ್ಟಿಗೆ, ಕುಟುಂಬ ಹಾಗೂ ಸ್ಟ್ಯಾಂಡ್ ಗಳಿಗೆ ಸಹಾಯಧನ ಪಡೆಯಬಹುದಾಗಿರುತ್ತದೆ.”मधुमक्खी बक्से का अनुदान पाने वाले को ₹4,500 की स्टेनलेस स्टील शहद निकालने की मशीन का 75% — ₹3,375।
“ಸ್ಟೇನ್ ಲೆಸ್ ಸ್ಟೀಲ್ ನ ಜೇನು ತೆಗೆಯುವ ಯಂತ್ರದ ದರ ರೂ.4,500/- ಗಳಿದ್ದು, ಎಲ್ಲಾ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ ಶೇ.75 ರಷ್ಟು (ರೂ.3375/-) ಸಹಾಯಧನ ಒದಗಿಸಲಾಗುವುದು.”अपनी कम से कम आधा एकड़ ज़मीन पर कम से कम 10 कॉलोनी, स्टैंड, मशीन और सामान वाला निजी मधुवन लगाने पर अधिकतम ₹51,000 का 75% — अधिकतम ₹38,250।
आपको लिखित वचन देना होगा कि आपने किसी और केंद्रीय या राज्य कार्यक्रम में मधुवन के लिए अनुदान नहीं लिया है।
“ಮಧುವನ ಸ್ಥಾಪನೆಗೆ ನಿಗಧಿಪಡಿಸಿದ ಗರಿಷ್ಟ ವೆಚ್ಚ ರೂ.0.51 ಲಕ್ಷಗಳು. ಪ್ರತಿ ಮಧುವನಕ್ಕೆ ಶೇ.75ರಂತೆ ರೂ. 38,250/-ಗಳ ಸಹಾಯಧನ ನೀಡಲಾಗುವುದು.”परागण के लिए बाग़ में रखे हर मौन बक्से पर ₹350, अधिकतम 4 बक्से (₹1,400) प्रति हेक्टेयर।
स्थिति अज्ञात: विभाग की तालिका पर तारीख़ नहीं है और इस मद का नाम लेने वाला चालू वर्ष का कोई आदेश नहीं मिला। ज़िला उद्यान अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष यह खुला है या नहीं।
“मधुमक्खी पालन — 1. फलों के उत्पादन बढ़ाने के लिए परपरागण एवं शहद उत्पादन हेतु 01 है0 क्षेत्र में 04 मौन बक्सों को रखा जाना। — रु0 350 प्रति बाॅक्स — 04 बाॅक्स”मौन बक्से व मौन कॉलोनी की लागत का 50% (तालिका में सीमा “रु0 800 प्रति व्यक्ति (10 मौनगृह/वंश)” छपी है)।
स्थिति अज्ञात: विभाग की तालिका पर तारीख़ नहीं है और इस मद का नाम लेने वाला चालू वर्ष का कोई आदेश नहीं मिला। ज़िला उद्यान अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष यह खुला है या नहीं।
“2. मौन बाक्स मौन कालोनियों का वितरण। — 50% — रु0 800.00 प्रति व्यक्ति (10 मौनगृह/वंश)”7 दिन का मुफ़्त मौनपालन प्रशिक्षण; ₹1,050 के ख़र्च में से ₹700 सीधे प्रशिक्षणार्थी के खाते में।
स्थिति अज्ञात: विभाग की तालिका पर तारीख़ नहीं है और इस मद का नाम लेने वाला चालू वर्ष का कोई आदेश नहीं मिला। ज़िला उद्यान अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष यह खुला है या नहीं।
“3. मौनपालन का 07 दिवसीय प्रशिक्षण — शतप्रतिशत — 07 दिवसीय प्रशिक्षण पर रू0 350/प्रति प्रशिक्षणार्थी व्यय तथा अवशेष धनराशि रू0 700/ सीधे प्रशिक्षणार्थी के खाते में डाला जायेगा। (इस प्रकार कुल व्यय रू0 1,050 प्रति प्रशिक्षणार्थी)”मौन कॉलोनी: ₹2,000 प्रति का 80% (₹1,600), अधिकतम 50 कॉलोनी — अधिकतम ₹80,000।
स्थिति अज्ञात: उद्यान विभाग अपने योजना पृष्ठ पर यही दिशानिर्देश दिखाता है, पर ये 2018-19 / 2019-20 के हैं और चालू वर्ष का कोई आदेश या बजट मद नहीं मिला जिसमें योजना का नाम हो। उद्यान विकास अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष इसके लिए पैसा है या नहीं।
“Distribution of bee colonies to the farmers by the Department /Bee keepers — 50 Bee colonies per beneficiary — Rs.2000/- per bee colony — Rs.1600/-per bee colony @ 80% of the cost”बीआईएस मानक लकड़ी के मौन गृह: ₹2,000 प्रति का 80% (₹1,600), अधिकतम 50 — अधिकतम ₹80,000।
स्थिति अज्ञात: उद्यान विभाग अपने योजना पृष्ठ पर यही दिशानिर्देश दिखाता है, पर ये 2018-19 / 2019-20 के हैं और चालू वर्ष का कोई आदेश या बजट मद नहीं मिला जिसमें योजना का नाम हो। उद्यान विकास अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष इसके लिए पैसा है या नहीं।
“Distribution of bee Hives made up of kail, pine, Mango and other wood of specified standard (BIS) — 50 Bee hive per beneficiary — Rs.2000/- per bee hive. — Rs.1600/-per bee hive@ 80% of the cost.”मधुमक्खी पालन उपकरण का एक सेट: लागत का 80%, अधिकतम ₹20,000 तक — अधिकतम ₹16,000।
स्थिति अज्ञात: उद्यान विभाग अपने योजना पृष्ठ पर यही दिशानिर्देश दिखाता है, पर ये 2018-19 / 2019-20 के हैं और चालू वर्ष का कोई आदेश या बजट मद नहीं मिला जिसमें योजना का नाम हो। उद्यान विकास अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष इसके लिए पैसा है या नहीं।
“Distribution of bee keeping material/ equipment — 1 set per beneficiary — Rs 20000 per unit — 16000 per unit@ 80% of the cost”पंजीकृत व्यावसायिक मधुमक्खी पालक, 100 कॉलोनी दूसरे राज्य ले जाने पर: ₹5,000 प्रति यात्रा, अधिकतम ₹10,000 प्रति वर्ष।
स्थिति अज्ञात: उद्यान विभाग अपने योजना पृष्ठ पर यही दिशानिर्देश दिखाता है, पर ये 2018-19 / 2019-20 के हैं और चालू वर्ष का कोई आदेश या बजट मद नहीं मिला जिसमें योजना का नाम हो। उद्यान विकास अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष इसके लिए पैसा है या नहीं।
“Migration grant in the form of transportation subsidy @ Rs. 5000/- per trip. — 100 bee colonies per beneficiary — Rs. 10000/- per year for doing inter State migration”शहद प्रसंस्करण इकाई: लागत का 50%, अधिकतम ₹50 लाख तक — अधिकतम ₹25 लाख।
स्थिति अज्ञात: उद्यान विभाग अपने योजना पृष्ठ पर यही दिशानिर्देश दिखाता है, पर ये 2018-19 / 2019-20 के हैं और चालू वर्ष का कोई आदेश या बजट मद नहीं मिला जिसमें योजना का नाम हो। उद्यान विकास अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष इसके लिए पैसा है या नहीं।
“Establishment of Honey Processing Unit — Per Unit — Rs. 50.00 Lakh per unit — Project based. 50% of the cost.”