राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (कटाई-उपरांत इकाइयाँ)
चालू होने का आधार: एनएमईओ–तिलहन परिचालन दिशानिर्देश (2024-25 से 2030-31) (तिथि नहीं छपी, 1.1 Introduction (mission sanctioned from 2024-25 to 2030-31 under Krishonnati Yojana))
10 टन प्रतिदिन की तेल निकालने और तिलहन प्रसंस्करण इकाई लगाने वाले एफ़पीओ, सहकारी समितियों, स्टार्ट-अप और उद्योगों को एक-तिहाई पूँजी सब्सिडी, अधिकतम ₹9.9 लाख; मिशन की बाक़ी ज़्यादातर सहायता (बीज, प्रदर्शन, प्रशिक्षण) क्लस्टर कार्यक्रमों से किसानों को सामान के रूप में मिलती है।
- मुख्य लाभ
- 33%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 4तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
तेल निकालने और तिलहन प्रसंस्करण इकाई की मशीनरी और उपकरण की लागत का 33%, प्रति इकाई अधिकतम ₹9,90,000; ज़मीन और भवन नहीं गिने जाते।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह सीमा 10 टन प्रतिदिन की इकाई के लिए है; छोटी इकाई पर सब्सिडी अनुपात में कम होगी (धारा 4.1)। केवल मशीनरी और उपकरण गिने जाते हैं — ज़मीन, भवन या शेड नहीं (धारा 4.3, 5.2)। यही दर मिशन दिशानिर्देशों में भी छपी है (धारा 6, पृ. 18)।
“5.1 Pattern of Assistance — Machinery & Equipment for oil extraction units and processing of oilseeds: 33% of the eligible project cost, subject to a maximum of ₹9,90,000 per unit”मुझे कितना मिल सकता है?
यह प्रावधान इस आवेदक श्रेणी को सहायता नहीं देता (5.1 Pattern of Assistance; 4.1; 4.3; 5.2)।
यह सीमा 10 टन प्रतिदिन की इकाई के लिए है; छोटी इकाई पर सब्सिडी अनुपात में कम होगी (धारा 4.1)। केवल मशीनरी और उपकरण गिने जाते हैं — ज़मीन, भवन या शेड नहीं (धारा 4.3, 5.2)। यही दर मिशन दिशानिर्देशों में भी छपी है (धारा 6, पृ. 18)।
कौन आवेदन कर सकता है
- एफ़पीओ
- सहकारी समिति
- कृषि स्टार्टअप
- कृषि उद्यमी
ज़रूरी काग़ज़
- मशीनरी के लिए जीएसटी-पंजीकृत निर्माताओं/आपूर्तिकर्ताओं के कोटेशन (धारा 5.2)
आवेदन कैसे करें
- ज़िला तिलहन मिशन के आवेदन आमंत्रण पर नज़र रखें — अख़बार, राज्य पोर्टल, सोशल मीडिया, रेडियो और सूचना पट्ट पर (धारा 2.1–2.2)।
- ज़िला कार्यकारी समिति को ऑनलाइन या ऑफ़लाइन प्रारूप में आवेदन करें, साथ में जीएसटी-पंजीकृत मशीनरी आपूर्तिकर्ताओं के कोटेशन (धारा 2.2, 5.2)।
- तकनीकी जाँच समिति व्यवहार्यता देखती है; 10,000 एफ़पीओ योजना के एफ़पीओ और मूल्य श्रृंखला भागीदारों को वरीयता मिलती है; अंतिम स्वीकृति राज्य तिलहन मिशन देता है (धारा 3.2–3.3)।
- इकाई लगने और भौतिक सत्यापन के बाद सब्सिडी आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में आती है (धारा 5.3)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
केवल जब ज़िला तिलहन मिशन आवेदन आमंत्रित करे; कोई तय तिथि नहीं (धारा 2.2)।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।