फल, सब्ज़ी और फूलMIDH
किसान समूह के स्वामित्व वाले लाइनिंग युक्त सामुदायिक जल टैंक के लिए ₹80 प्रति घन मीटर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में ₹100) का 75%, अधिकतम 30,000 घन मीटर।
निजी, मुफ़्त मार्गदर्शिका — सरकारी वेबसाइट नहीं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।
छोटी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ और मूल्य संवर्धन।
फल, सब्ज़ी और फूलकिसान समूह के स्वामित्व वाले लाइनिंग युक्त सामुदायिक जल टैंक के लिए ₹80 प्रति घन मीटर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में ₹100) का 75%, अधिकतम 30,000 घन मीटर।
फल, सब्ज़ी और फूलव्यावसायिक खुले खेत की बागवानी परियोजना की पात्र लागत का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), अधिकतम ₹100 लाख की लागत पर।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनपात्र परियोजना लागत का 35%, प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख, बैंक ऋण के साथ।
डेयरी और पशुपालनऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष की छूट, अधिकतम 8 वर्ष।
मत्स्य पालननए ग्रो-आउट तालाब पर प्रति हेक्टेयर ₹2.80 लाख तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹4.20 लाख), अधिकतम 2 हेक्टेयर।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनअनुसूचित जाति/जनजाति उत्पादकों को मशीन की क़ीमत का 75%, इन्हीं चार मशीनों पर अधिकतम ₹1,12,000, ₹28,000, ₹2,82,000 या ₹1,41,000।
भंडारण और कोल्ड चेनपात्र परियोजना लागत का 35% (कठिन क्षेत्रों में या अनुसूचित जाति/जनजाति, एफपीओ और एसएचजी परियोजनाओं के लिए 50%), प्रति परियोजना अधिकतम ₹10 करोड़।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनक्लस्टर की साझा सुविधाओं की पात्र लागत का 35% (कठिन क्षेत्रों में या अनुसूचित जाति/जनजाति, एफपीओ और एसएचजी परियोजनाओं के लिए 50%), अधिकतम ₹10 करोड़।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनपात्र परियोजना लागत का 35% (कठिन क्षेत्रों में या अनुसूचित जाति/जनजाति, एफपीओ और एसएचजी परियोजनाओं के लिए 50%), अधिकतम ₹5 करोड़।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनविचार / प्री-सीड स्तर पर ₹5 लाख तक का अनुदान — स्वीकृत लागत का 85%; 15% आपको लगाना होगा।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनगाँव में नई इकाई: परियोजना लागत का 25% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और अन्य विशेष श्रेणी के लिए 35%), ₹50 लाख तक की लागत पर।
भंडारण और कोल्ड चेननिर्यात पैक-हाउस, रेफ्रिजरेटेड वाहन, केले के केबल सिस्टम या प्रसंस्करण लाइन की लागत का 40% (पूर्वोत्तर, हिमालयी राज्य, द्वीप केंद्रशासित प्रदेश, अनुसूचित जाति/जनजाति और महिलाओं के लिए 75%), अधिकतम ₹2 करोड़।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनतेल निकालने और तिलहन प्रसंस्करण इकाई की मशीनरी और उपकरण की लागत का 33%, प्रति इकाई अधिकतम ₹9,90,000; ज़मीन और भवन नहीं गिने जाते।
फसल और बीजधान की परती ज़मीन या अंतर-फ़सल जैसी नई ज़मीन पर दलहन बोने वाले किसानों को मुफ़्त दलहन बीज किट।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धननए व्यावसायिक कृषि उद्यम की स्थायी पूँजी लागत (ज़मीन छोड़कर) का 40% (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए 50%), प्रति परिवार अधिकतम ₹1 करोड़।
कृषि यंत्रलागत का 75% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिलाएँ, कृषि अभियांत्रिकी स्नातक) या 50% (बाकी), ₹25 लाख इकाई लागत तक गिनकर।
भंडारण और कोल्ड चेनबागवानी उपज के लिए नई आसवन या प्रसंस्करण इकाई (बॉयलर, कटर, ड्रायर, मिक्सर, पल्पर, पैकिंग मशीन…): लागत का 50%, ₹2.50 लाख तक; एफ़पीओ, किसान समूह, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्था को 75%, ₹3.75 लाख तक; एक बार।
भंडारण और कोल्ड चेनएफ़पीओ, एफ़पीसी और कृषि सहकारी संस्थाएँ: सामान्य और CA/MA कोल्ड स्टोर, प्री-कूलिंग इकाई, रीफ़र वैन, राइपनिंग चैंबर (300 टन तक), एकीकृत पैक हाउस, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई, कम लागत प्याज़ भंडार (25 टन) और ग्रामीण बाज़ार की लागत पर केंद्रीय हिस्से के ऊपर 25% राज्य टॉप-अप; कुल सहायता अधिकतम 75%।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनफ्रोज़न स्टोरेज / डीप फ़्रीज़र, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण ढाँचा: परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹10 करोड़ (पैक हाउस, राइपनिंग चैंबर जैसे कोल्ड चेन मद: 35%)।
इस काम के लिए कोई चालू योजना जितना सबसे बड़ा हिस्सा देती है, आवेदक के हिसाब से। राशि फिर भी हर योजना की लागत-सीमा तक।
प्राथमिक/न्यूनतम प्रसंस्करण इकाई की लागत का 35%, अधिकतम ₹35 लाख की लागत पर, केवल एमआईडीएच के किसी अन्य घटक के साथ (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.14 Primary/ Minimal Processing Unit (This component will be considered only integrated with other components of MIDH Scheme) Rs. 35.00 lakh/unit Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”खाद्य प्रसंस्करण इकाई की लागत का 50%, अधिकतम ₹1,000 लाख की लागत पर, केवल जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी। इन तीन राज्यों के बाहर यह मद उपलब्ध नहीं है।
“E. FOOD PROCESSING E.1 Food Processing Rs. 1000 lakh/unit Credit linked back-ended capital investment assistance of 50% of cost in the NE and Himalaya States i.e. J&K, Himachal and Uttarakhand.”मूल्य संवर्धन के लिए द्वितीयक प्रसंस्करण इकाई की लागत का 35%, अधिकतम ₹100 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“E.2 Secondary Processing units for Value addition Rs. 100 lakh/unit Assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”मूल्य संवर्धन के लिए द्वितीयक प्रसंस्करण इकाई की लागत का 35%, अधिकतम ₹100 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।
दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(ix), मूल्य संवर्धन के लिए द्वितीयक प्रसंस्करण इकाई: ₹100 लाख प्रति इकाई (एमआईडीएच लागत मानकों के अनुसार) (पृ. 8)। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।
“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”पात्र परियोजना लागत का 35%, प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख, बैंक ऋण के साथ।
कम से कम 10% आपको खुद लगाना होगा; बाकी बैंक ऋण। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (किराए के वर्कशेड का 3 साल तक का किराया गिना जा सकता है)। इकाई अपंजीकृत (कंपनी नहीं) हो, 10 से कम कामगार हों, और एक परिवार से एक ही व्यक्ति लाभ ले सकता है (पैरा 4.2)। नई इकाई केवल ज़िले के ओडीओपी उत्पाद के लिए मिलती है (पैरा 2.5)।
“Individual micro food processing units would be provided credit-linked capital subsidy @35% of the eligible project cost with a maximum ceiling of Rs.10.0 lakh per unit. Beneficiary contribution should be minimum of 10% of the project cost with balance being loan from Bank.”स्वयं सहायता समूह के हर सदस्य को कार्यशील पूँजी और छोटे औज़ारों के लिए ₹40,000 की बीज पूँजी, एसएचजी फ़ेडरेशन से ऋण के रूप में।
केवल वे एसएचजी सदस्य पात्र हैं जो पहले से खाद्य प्रसंस्करण कर रहे हैं (पैरा 5.3.6)। सदस्य के लिए यह ऋण है, अनुदान नहीं, इसलिए हम कोई रुपये का लाभ नहीं दिखाते।
“Seed capital @ Rs40,000/- per member of SHG for working capital and purchase of small tools would be provided under the scheme;”एफपीओ, उत्पादक सहकारी समितियों और एसएचजी फ़ेडरेशन के लिए ऋण से जुड़ा 35% अनुदान।
एफपीओ या सहकारी समिति का टर्नओवर कम से कम ₹1 करोड़ हो, परियोजना उस टर्नओवर से बड़ी न हो, और लागत का 10% अपने पैसे से लगे (पैरा 5.2.2)। ₹10 लाख से ऊपर के अनुदान के लिए खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की मंज़ूरी चाहिए (पैरा 6.3.1(iii))।
“Grant @35% with credit linkage;”साझा सुविधा के लिए ऋण से जुड़ा 35% अनुदान — खेत के पास छँटाई, ग्रेडिंग, जाँच, गोदाम या कोल्ड स्टोर, ओडीओपी उत्पाद की साझा प्रसंस्करण इकाई, या इन्क्यूबेशन केंद्र।
सुविधा की क्षमता का बड़ा हिस्सा दूसरी इकाइयों और लोगों के लिए किराए पर भी खुला रहना चाहिए (पैरा 6.1)। राज्य नोडल एजेंसी को डीपीआर भेजें; ₹10 लाख से ऊपर के अनुदान के लिए खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की मंज़ूरी चाहिए, और अनुदान बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद मिलता है (पैरा 6.3.1)।
“Support for common infrastructure would be provided to FPOs, SHGs, cooperatives, any Government agency or private enterprises. … Credit linked grant would be available @ 35%. Maximum limit of grant in such cases would be as prescribed.”एफपीओ, स्वयं सहायता समूह या सहकारी समिति को साझा सुविधा या पूँजी निवेश की परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनवाने के लिए अधिकतम ₹50,000।
दिशानिर्देश प्रति मामला ₹50,000 छापता है; हम डीपीआर की आपकी असल लागत से अधिक कभी नहीं दिखाते।
“Assistance of Rs. 50,000/- per case would be provided to FPOs/SHGs/ Cooperatives for preparation of DPR;”ओडीओपी उत्पाद के साझा ब्रांड, पैकेजिंग, मार्केटिंग गठजोड़ और गुणवत्ता नियंत्रण की लागत का 50%, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों या सहकारी समितियों के समूहों के लिए।
उत्पाद ज़िले का ओडीओपी हो, उसका टर्नओवर कम से कम ₹5 करोड़ हो, और वह उपभोक्ताओं को खुदरा पैक में बिके (पैरा 7.5.1)। प्रस्ताव राज्य नोडल एजेंसी के ज़रिये बनता है, जो तय करती है कि ब्रांड ज़िला, क्षेत्र या राज्य स्तर का हो (पैरा 7.3); मार्केटिंग प्रशिक्षण का पूरा ख़र्च योजना देती है (पैरा 7.2(i))। ख़ुदरा दुकान खोलने के लिए सहायता नहीं।
“Support for branding and marketing would be limited to 50% of the total expenditure. Maximum limit of grant in such cases would be as prescribed. No support would be provided for opening retail outlets under the scheme.”मुफ़्त प्रशिक्षण — उद्यमिता, एफएसएसएआई, जीएसटी और स्वच्छता, और आपकी मशीनों पर उत्पाद-विशेष प्रशिक्षण — साथ ही डीपीआर, बैंक ऋण और अनुमतियों में मदद के लिए ज़िले का रिसोर्स पर्सन।
सामान्य मॉड्यूल ऑनलाइन हैं; उत्पाद प्रशिक्षण ज़िले में, अक्सर आरसेटी में, छोटे साप्ताहिक मॉड्यूल में होता है (पैरा 8.3.4)।
“Training support would be provided to individual units and groups that are being provided support for capital investment. In addition, training support would also be provided to other existing units and groups in the districts that are processing ODOP products. … Component of training and capacity building would be fully funded under the Scheme;”मांस प्रसंस्करण या मांस उत्पाद इकाई के ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष छूट, अधिकतम 8 साल।
भेड़/बकरी/मुर्गी/सूअर/भैंस मांस प्रसंस्करण, बड़े एकीकृत प्लांट और मूल्य-वर्धित उत्पाद (सॉसेज, नगेट्स, हैम, सलामी, बेकन) शामिल। हर प्लांट में अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र, सूक्ष्मजीव और अवशेष जाँच लैब और कोल्ड स्टोरेज ज़रूरी (दिशानिर्देश 3.0, धारा 6.2)। हर एएचआईडीएफ़ गतिविधि जैसा ही लाभ: 8 साल तक (2 साल की मोहलत सहित) ब्याज में 3% प्रति वर्ष छूट, खाता एनपीए न होने तक ऋणदाता को; परियोजना लागत का 90% तक ऋण (दिशानिर्देश 3.0, धारा 8.1, 13.2)। ज़मीन, कार्यशील पूँजी, पूर्व-परिचालन ख़र्च, निर्माण अवधि का ब्याज, पुरानी संपत्ति या निजी वाहन पर नहीं। एक परियोजना यह एक ही बार ले सकती है, और किसी दूसरी केंद्र/राज्य ब्याज छूट के साथ नहीं (धारा 14)।
“(ii) Meat processing and value addition infrastructure … 9.1.2 … Henceforth new sanction made after 1.04.2024 will avail 3% Interest Subvention under the new realigned AHIDF Scheme.”जीएमपी पशु टीका या पशु दवा प्लांट, या पशु रोग निदान लैब के ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष छूट, अधिकतम 8 साल।
जीएमपी संयंत्र-मशीनरी, भवन, कोल्ड स्टोरेज, टीकों के लिए रेफ़्रिजरेटेड वैन, गुणवत्ता नियंत्रण लैब, भारत में अनुसंधान और क्लिनिकल ट्रायल, तकनीक हस्तांतरण और उत्पाद पंजीकरण; पशु दवा प्लांट; और गैर-ओआईई रोगों की पशु निदान लैब शामिल (दिशानिर्देश 3.0, धारा 6.5)। हर एएचआईडीएफ़ गतिविधि जैसा ही लाभ: 8 साल तक (2 साल की मोहलत सहित) ब्याज में 3% प्रति वर्ष छूट, खाता एनपीए न होने तक ऋणदाता को; परियोजना लागत का 90% तक ऋण (दिशानिर्देश 3.0, धारा 8.1, 13.2)। ज़मीन, कार्यशील पूँजी, पूर्व-परिचालन ख़र्च, निर्माण अवधि का ब्याज, पुरानी संपत्ति या निजी वाहन पर नहीं। एक परियोजना यह एक ही बार ले सकती है, और किसी दूसरी केंद्र/राज्य ब्याज छूट के साथ नहीं (धारा 14)।
“(v) Setting up of Veterinary Vaccine and Drugs Manufacturing facilities … 9.1.2 … Henceforth new sanction made after 1.04.2024 will avail 3% Interest Subvention under the new realigned AHIDF Scheme.”प्राथमिक ऊन प्रसंस्करण इकाई (छँटाई, धुलाई, कार्बनाइज़िंग, कार्डिंग, कॉम्बिंग) के ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष छूट, अधिकतम 8 साल।
प्राथमिक ऊन प्रसंस्करण दिशानिर्देश 3.0 (पृष्ठभूमि (vii), धारा 6.7) में है, पर 2024 परिशिष्ट की सूची में नहीं; नई स्वीकृतियों का 3% परिशिष्ट से है, इसलिए ऋणदाता से पक्का करें कि यह ऊन पर लागू है। हर एएचआईडीएफ़ गतिविधि जैसा ही लाभ: 8 साल तक (2 साल की मोहलत सहित) ब्याज में 3% प्रति वर्ष छूट, खाता एनपीए न होने तक ऋणदाता को; परियोजना लागत का 90% तक ऋण (दिशानिर्देश 3.0, धारा 8.1, 13.2)। ज़मीन, कार्यशील पूँजी, पूर्व-परिचालन ख़र्च, निर्माण अवधि का ब्याज, पुरानी संपत्ति या निजी वाहन पर नहीं। एक परियोजना यह एक ही बार ले सकती है, और किसी दूसरी केंद्र/राज्य ब्याज छूट के साथ नहीं (धारा 14)।
“(vii) Primary Wool Processing Infrastructure … 9.1.2 … Henceforth new sanction made after 1.04.2024 will avail 3% Interest Subvention under the new realigned AHIDF Scheme.”मछली आहार मिल की लागत का 40% (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को 60%), आकार के हिसाब से ₹30, 100 या 200 लाख तक की लागत पर।
वास्तविक लागत पर, सीमा के भीतर; मिल का प्रत्यायन परियोजना का हिस्सा और अनिवार्य है (मद 6.9(viii)–(ix))। द्वीपों, हिमालयी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में इकाई लागत 20% तक अधिक मानी जा सकती है (पैरा 19.5)।
“6.9 Fish Feed Mills (a) Mini Mills of production Capacity of 2 ton /Day No 30.00 12.00 18.00 (b) Medium Mills of production Capacity of 8 ton /Day No 100.00 40.00 60.00 (c) Large mills of production Capacity of 20 ton /Day No 200.00 80.00 120.00”कम से कम 100 टन प्रतिदिन का मछली आहार प्लांट पर ₹2,60,00,000 तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹3,90,00,000)।
इकाई लागत ₹650 लाख, वास्तविक लागत पर, सीमा के भीतर। द्वीपों, हिमालयी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में इकाई लागत 20% तक अधिक मानी जा सकती है (पैरा 19.5)।
“6.10 Fish Feed Plants of production Capacity of at least 100 ton /Day. No 650.00 260.00 390.00”मछली मूल्य संवर्धन उद्यम (समुद्री शैवाल उत्पाद सहित) पर ₹20,00,000 तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹30,00,000)।
इकाई लागत ₹50 लाख, डीपीआर पर; लागत का 10% तक ई-मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए। प्रति व्यक्ति लाभार्थी एक इकाई। द्वीपों, हिमालयी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में इकाई लागत 20% तक अधिक मानी जा सकती है (पैरा 19.5)।
“7.3 Fish Value Add Enterprises Units No 50.00 20.00 30.00”मशीन की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹75,000 (बीज मसाला थ्रेशर), ₹19,000 (काली मिर्च थ्रेशर), ₹1,88,000 (हल्दी बॉयलर) या ₹94,000 (मसाला पॉलिशर)।
4 हेक्टेयर तक ज़मीन वाले उत्पादक (काली मिर्च थ्रेशर: कम से कम 100 फलदार बेलें)। मसाला बोर्ड द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीदें; हर कार्यक्रम में सहायता एक बार (सामान्य दिशानिर्देश, शर्त 4)। स्पाइस्ड योजना केवल 30 सितंबर 2026 तक (या 16वें वित्त आयोग की नई योजना मंज़ूर होने तक) बढ़ाई गई थी; भरोसा करने से पहले मसाला बोर्ड से पूछ लें।
“Seed Spice Thresher Gen:50% to a maximum of Rs.75,000/-; Pepper Thresher Gen:50% to a maximum of Rs.19,000/-; Turmeric boiler Gen:50% to a maximum of Rs.1,88,000/-; Spices Polishers Gen:50% to a maximum of Rs.94,000/-”अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पादकों को मशीन की क़ीमत का 75%, इन्हीं चार मशीनों पर अधिकतम ₹1,12,000, ₹28,000, ₹2,82,000 या ₹1,41,000।
4 हेक्टेयर तक ज़मीन वाले उत्पादक (काली मिर्च थ्रेशर: कम से कम 100 फलदार बेलें)। मसाला बोर्ड द्वारा सूचीबद्ध निर्माता से ख़रीदें; हर कार्यक्रम में सहायता एक बार (सामान्य दिशानिर्देश, शर्त 4)। स्पाइस्ड योजना केवल 30 सितंबर 2026 तक (या 16वें वित्त आयोग की नई योजना मंज़ूर होने तक) बढ़ाई गई थी; भरोसा करने से पहले मसाला बोर्ड से पूछ लें।
“Seed Spice Thresher SC/ST :75% to a maximum of Rs.1,12,000/-; Pepper Thresher SC/ST :75% to a maximum of Rs. 28,000/-; Turmeric boiler SC/ST :75% to a maximum of Rs.2,82,000/-; Spices Polishers SC/ST :75% to a maximum of Rs.1,41,000/-”क्लस्टर की साझा सुविधाओं की पात्र लागत का 35% (कठिन क्षेत्रों में या अनुसूचित जाति/जनजाति, एफपीओ और एसएचजी परियोजनाओं के लिए 50%), अधिकतम ₹10 करोड़।
अनुदान केवल साझा सुविधाओं के लिए है; प्रसंस्करण इकाइयों में लगने वाला निवेश इस योजना में नहीं मिलता (पैरा 3.1)। ज़मीन, पहुँच मार्ग, कैंटीन और कार्यशील पूँजी नहीं गिनी जाती (पैरा 5)। अनुसूचित जाति/जनजाति परियोजना यानी कम से कम 51% हिस्सेदारी (पैरा 6(b))। राज्य द्वारा अधिसूचित आदिवासी (आईटीडीपी) क्षेत्र भी कठिन क्षेत्र हैं।
“Grants-in-aid will be @35% of eligible project cost for projects in General Areas and @50% of eligible project cost for projects in Difficult Areas as well as for projects of SC/ST, FPOs and SHGs subject to maximum of Rs.10 crore.”पात्र परियोजना लागत का 35% (कठिन क्षेत्रों में या अनुसूचित जाति/जनजाति, एफपीओ और एसएचजी परियोजनाओं के लिए 50%), अधिकतम ₹5 करोड़।
न्यूनतम पात्र परियोजना लागत ₹3 करोड़ है (कठिन क्षेत्रों और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए ₹1 करोड़) (पैरा 7(f))। मौजूदा इकाई का विस्तार भी हो सकता है (पैरा 7(h))। खेती — डेयरी, मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन, हैचरी — के लिए नहीं, केवल प्रसंस्करण के लिए अनुदान है (पैरा 2, नोट (ii))। अनुसूचित जाति/जनजाति परियोजना यानी कम से कम 51% हिस्सेदारी (पैरा 5(b))।
“Grants-in-aid/subsidy will be @35% of eligible project cost for projects in General Areas and @50% of eligible project cost for projects in Difficult Areas as well as for projects of SC/ST, FPOs and SHGs subject to a maximum of Rs.5 crore.”विचार / प्री-सीड स्तर पर ₹5 लाख तक का अनुदान — स्वीकृत लागत का 85%; 15% आपको लगाना होगा।
विचार, प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट या प्रोटोटाइप वाले संस्थापक के लिए (पैरा 6.4, 11.1.3)। स्वीकृत राशि का 15% इनक्यूबेटी खुद लगाता है (पैरा 11.2.3)। उसी उत्पाद के लिए किसी अन्य सरकारी स्रोत से पैसा पा चुके स्टार्ट-अप पात्र नहीं (पैरा 11.2.2)। अनुदान 6 महीने में ख़र्च करना होता है (तालिका-II)।
“Each selected startup will be provided with a maximum limit of Rs. 5 lakh as a grant-in-aid under the scheme in one instalment based on the recommendation of SIC.”तैयार उत्पाद वाले स्टार्ट-अप (सीड स्तर) को परियोजना लागत का 85%, अधिकतम ₹25 लाख; 15% आपको लगाना होगा।
न्यूनतम व्यवहार्य उत्पाद (एमवीपी) वाले, पंजीकृत भारतीय स्टार्ट-अप (डीपीआईआईटी परिभाषा) के लिए, जो कम से कम दो महीने इनक्यूबेटर में रहा हो और अच्छा प्रदर्शन किया हो (पैरा 12.2)। पैसा उत्पाद सुधार, परीक्षण, टेस्ट मार्केटिंग, डेटा, आईपी शुल्क और कर्मचारियों पर लग सकता है (पैरा 12.3)। दूसरी किस्त लक्ष्य पूरे होने और सीए प्रमाणित उपयोग प्रमाणपत्र के बाद मिलती है (पैरा 12.4.3)।
“For ensuring incubatee in the programme, 15 percent on proportionate basis of the project cost will be borne by the incubatee. The remaining 85 percent of the project cost on proportionate basis upto a maximum of INR 25 lakhs will be borne under the Innovation and Agri-entrepreneurship programme of RKVY scheme.”गाँव में नई इकाई: परियोजना लागत का 25% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और अन्य विशेष श्रेणी के लिए 35%), ₹50 लाख तक की लागत पर।
विशेष श्रेणी में ओबीसी, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग, आकांक्षी ज़िले और अधिसूचित पहाड़ी व सीमा क्षेत्र भी आते हैं (पैरा 3.2); कैलकुलेटर इसे केवल अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और पूर्वोत्तर पर लागू करता है, इसलिए अपनी श्रेणी जाँच लें। विनिर्माण (खाद्य प्रसंस्करण विनिर्माण में आता है) में ₹50 लाख तक और सेवा/व्यवसाय में ₹20 लाख तक की परियोजना लागत गिनी जाती है; उससे ऊपर बैंक बिना सब्सिडी ऋण दे सकता है (पैरा 3.2 नोट)। आपका अपना हिस्सा 10% (विशेष श्रेणी के लिए 5%) है। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (पैरा 4.1(ii))। एक परिवार (पति-पत्नी) से एक ही व्यक्ति (पैरा 4.1 नोट)।
“Categories of beneficiaries under PMEGP (for setting up of new enterprises) … Rate of Subsidy (of project cost) … Urban / Rural: General Category 15% 25%; Special Category (including SC,ST,OBC ,Minorities, Women, Ex-Servicemen, Transgenders, Differentlyabled, NER, Aspirational Districts, Hill and Border areas(as notified by the Government) etc. 25% 35%. Note 1) The maximum cost of the project/unit admissible for Margin Money subsidy under Manufacturing sector is Rs. 50 lakhs.”क़स्बे या शहर में नई इकाई: परियोजना लागत का 15% (अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और अन्य विशेष श्रेणी के लिए 25%), ₹50 लाख तक की लागत पर।
विशेष श्रेणी में ओबीसी, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग, आकांक्षी ज़िले और अधिसूचित पहाड़ी व सीमा क्षेत्र भी आते हैं (पैरा 3.2); कैलकुलेटर इसे केवल अनुसूचित जाति, जनजाति, महिला और पूर्वोत्तर पर लागू करता है, इसलिए अपनी श्रेणी जाँच लें। विनिर्माण (खाद्य प्रसंस्करण विनिर्माण में आता है) में ₹50 लाख तक और सेवा/व्यवसाय में ₹20 लाख तक की परियोजना लागत गिनी जाती है; उससे ऊपर बैंक बिना सब्सिडी ऋण दे सकता है (पैरा 3.2 नोट)। आपका अपना हिस्सा 10% (विशेष श्रेणी के लिए 5%) है। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (पैरा 4.1(ii))। एक परिवार (पति-पत्नी) से एक ही व्यक्ति (पैरा 4.1 नोट)।
“Categories of beneficiaries under PMEGP (for setting up of new enterprises) … Rate of Subsidy (of project cost) … Urban / Rural: General Category 15% 25%; Special Category (including SC,ST,OBC ,Minorities, Women, Ex-Servicemen, Transgenders, Differentlyabled, NER, Aspirational Districts, Hill and Border areas(as notified by the Government) etc. 25% 35%. Note 1) The maximum cost of the project/unit admissible for Margin Money subsidy under Manufacturing sector is Rs. 50 lakhs.”मौजूदा पीएमईजीपी, आरईजीपी या मुद्रा इकाई के विस्तार के लिए दूसरा ऋण: परियोजना लागत का 15% (पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में 20%), अधिकतम ₹15 लाख (₹20 लाख)।
केवल तभी जब पहली पीएमईजीपी सब्सिडी 3 साल बाद समायोजित हो चुकी हो, पहला ऋण समय पर चुका हो और इकाई मुनाफ़े में हो (पैरा 4.2)। विनिर्माण में ₹1 करोड़ तक की लागत गिनी जाती है; सेवा/व्यवसाय में ₹25 लाख तक, अधिकतम सब्सिडी ₹3.75 लाख (पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में ₹5 लाख)। आपका अपना हिस्सा 10% है। दिशानिर्देश “पहाड़ी राज्यों” के नाम नहीं देता, इसलिए कैलकुलेटर 20% दर केवल पूर्वोत्तर में देता है।
“2nd Loan for upgradation of existing PMEGP/REGP/MUDRA units … All Categories … 15% (20% in NER and Hill States). Note 1) The maximum cost of the project/unit admissible for Margin Money subsidy under Manufacturing sector for upgradation is Rs. 1.00 crore. Maximum subsidy would be Rs.15 lakh (Rs.20 lakh for NER and Hill States).”तेल निकालने और तिलहन प्रसंस्करण इकाई की मशीनरी और उपकरण की लागत का 33%, प्रति इकाई अधिकतम ₹9,90,000; ज़मीन और भवन नहीं गिने जाते।
यह सीमा 10 टन प्रतिदिन की इकाई के लिए है; छोटी इकाई पर सब्सिडी अनुपात में कम होगी (धारा 4.1)। केवल मशीनरी और उपकरण गिने जाते हैं — ज़मीन, भवन या शेड नहीं (धारा 4.3, 5.2)। यही दर मिशन दिशानिर्देशों में भी छपी है (धारा 6, पृ. 18)।
“5.1 Pattern of Assistance — Machinery & Equipment for oil extraction units and processing of oilseeds: 33% of the eligible project cost, subject to a maximum of ₹9,90,000 per unit”दाल प्रसंस्करण या पैकिंग इकाई लगाने के लिए अधिकतम ₹25 लाख की सब्सिडी (1,000 इकाइयों की योजना)।
विज्ञप्ति में केवल अधिकतम राशि छपी है, लागत का प्रतिशत या कौन आवेदन कर सकता है, यह नहीं; इसलिए हम केवल अधिकतम राशि दिखाते हैं।
“To strengthen markets and value chains, the Mission will help develop post-harvest infrastructure, including 1000 processing units, thereby reducing crop losses, improving value addition, and increasing farmer incomes. A maximum subsidy of Rs. 25 lakhs will be available for setting up of processing, packaging units.”नए व्यावसायिक कृषि उद्यम की स्थायी पूँजी लागत (ज़मीन छोड़कर) का 40% (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए 50%), प्रति परिवार अधिकतम ₹1 करोड़।
समूह — एफ़पीओ, एफ़पीसी, स्वयं सहायता समूह, पैक्स/लैम्प्स, सहकारी समितियाँ, कंपनियाँ — को 40% (अधिकतम ₹1 करोड़) मिलता है, या 50% अगर हर सदस्य महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति, ट्रांसजेंडर, दिव्यांग या कृषि स्नातक हो (C.3)। ट्रांसजेंडर, दिव्यांग और कृषि व संबद्ध विषयों के स्नातकों को भी 50% मिलता है (C.2)। ₹1 करोड़ की सीमा एक उद्यमी या परिवार के लिए 10 साल में है, पहले लिए गए MKUY अनुदान को जोड़कर (C.4, D.10)। ज़मीन की लागत कभी नहीं गिनी जाती।
“1. 40% of the fixed capital investment (excluding the cost of the land) subject to a maximum limit of Rs. 1.00 Crore for General Male entrepreneurs. 2. 50% of the fixed capital investment (excluding the cost of the land) subject to a maximum limit of Rs.1.00 Crore for SC/ST/Women/Transgender/Persons with Disabilities (PwD)/ Graduates of Agriculture and Allied Disciplines.”बागवानी उपज के लिए नई आसवन या प्रसंस्करण इकाई (बॉयलर, कटर, ड्रायर, मिक्सर, पल्पर, पैकिंग मशीन…): लागत का 50%, ₹2.50 लाख तक; एफ़पीओ, किसान समूह, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्था को 75%, ₹3.75 लाख तक; एक बार।
इकाई लगाने से पहले पूर्व-निरीक्षण रिपोर्ट और पूरी होने पर संयुक्त निरीक्षण।
“બાગાયતી પાકો માટે ડીસ્ટીલેશન/ પ્રોસેસીંગના નવા યુનિટ ઉભા કરવા માટે સહાયનો કાર્યક્રમ • યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૫.૦૦ લાખ/એકમ • ખર્ચના ૫૦ ટકા અથવા રૂ. ૨.૫૦ લાખ બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. • FPO/FARMERS GROUP/ FPC/સ્વ સહાય જુથ/સહકારી સંસ્થાને ૭૫ ટકા અથવા રૂ. ૩.૭૫ લાખ”प्रसंस्करण के औज़ार: लागत का 25%, ₹1,50,000 तक (समूहों को 75%, ₹4,50,000 तक), पाँच साल में एक बार।
एफ़पीओ, एफ़पीसी, किसान रुचि समूह, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्थाओं को 75%। औज़ार ISO/BIS/ISI या सरकारी प्रमाणित, कंपनी के अधिकृत विक्रेता से, या आयातित। पाँच साल में एक बार।
“પ્રોસેસીંગના સાધનો • યુનિટ કોસ્ટ :- રૂ. ૬.૦૦ લાખ • ખર્ચના ૨૫% કે રૂ. ૧,૫૦,૦૦૦/- બે માંથી જે ઓછું હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. • FPO/FPC/FIG/SHG/ સહકારી સંસ્થાને ૭૫ % કે રૂ.૪,૫૦,૦૦૦/-”मूल्य संवर्धन इकाई (ग्रेडिंग, छँटाई, पैकिंग, प्रसंस्करण; कम से कम 150 वर्गमीटर) बैंक ऋण से: लागत का 25% पूँजी सब्सिडी, अधिकतम ₹5 लाख (ऋण से जुड़ी, बैक-एंडेड)।
किसान, एफ़पीओ/एफ़पीसी और सहकारी संस्था के लिए; जीवन में एक बार। सभी राज्य व केंद्र योजनाओं से कुल सहायता 50% (पूँजी + ब्याज) से ज़्यादा नहीं; पूँजी और ब्याज मिलाकर अधिकतम ₹10 लाख।
“બાગાયત મૂલ્યવર્ધન એકમ ઉભા કરવા સહાય … જેમાં બાંધકામ તથા આનુષાંગિક સાધનો માટે ખર્ચના ૨૫ ટકા અથવા મહત્તમ રૂ. ૫.૦૦ લાખ/એકમ બે માંથી જે ઓછું હોય તે કેપીટલ સહાય તથા બેન્ક લોન પર વાર્ષિક પાંચ ટકા વ્યાજ સહાય, પાંચ વર્ષ દરમ્યાન, વધુમાં વધુ કુલ રૂ.૫.૦૦ લાખ સુધીની મર્યાદામાં વ્યાજ સહાય”नई खाद्य प्रसंस्करण इकाई: प्लांट, मशीनरी और तकनीकी सिविल कार्य का 35%, अधिकतम ₹5 करोड़।
“खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना पर प्लाण्ट मशीनरी एवं तकनीकी सिविल कार्य की लागत का 35 प्रतिशत अधिकतम 5 करोड़ की छूट प्रदान की जायेगी।”खाद्य प्रसंस्करण इकाई का विस्तार या आधुनिकीकरण: प्लांट, मशीनरी और तकनीकी सिविल कार्य का 35%, अधिकतम ₹1 करोड़।
“खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों का विस्तारीकरण एवं आधुनिकीकरण/उन्नयन पर प्लाण्ट मशीनरी एवं तकनीकी सिविल कार्य की लागत का 35 प्रतिशत अधिकतम 01 करोड़ की छूट प्रदान की जायेगी।”