कृषक उपहार योजना (ई-नाम पर उपज बेचने पर उपहार लॉटरी), राजस्थान
चालू होने का आधार: कृषि विपणन बोर्ड आदेश: कृषक उपहार योजना पुरस्कारों का पुनर्भरण, अगस्त 2026 (24 अग॰ 2026, Office order (month August 2026) approving ₹23,20,000 of mandi- and division-level Krishak Uphar lottery prizes paid by mandi committees, citing order 15(4)कृषि/ग्रुप-2/2021)
जो किसान राजस्थान की मंडी में ई-नाम से उपज बेचते हैं, उन्हें बिक्री के हर ₹10,000 पर एक उपहार कूपन नंबर मिलता है; हर छह महीने मंडी स्तर (₹25,000 / ₹15,000 / ₹10,000) और खंड स्तर (₹50,000 / ₹30,000 / ₹20,000) पर, और साल में एक बार राज्य स्तर (₹2.5 लाख / ₹1.5 लाख / ₹1 लाख) पर लॉटरी निकलती है।
- मुख्य लाभ
- ₹25,000मंडी स्तर का पहला इनाम हर छह महीने (लॉटरी)
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
मंडी स्तर लॉटरी हर छह महीने: पहला / दूसरा / तीसरा इनाम ₹25,000 / ₹15,000 / ₹10,000, ई-नाम बिक्री पर किसानों को मिले कूपनों में से (हर ₹10,000 की बिक्री पर एक कूपन)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह लॉटरी है, पक्का भुगतान नहीं: ई-नाम से बेची गई उपज के हर ₹10,000 पर, जिस विक्रय पर्ची पर मंडी शुल्क देय हो, एक उपहार कूपन नंबर मिलता है (बिंदु 1(4), 4(3))। मंडी स्तर पर गेट-पास पर्चियों और ई-पेमेंट पर्चियों के ड्रॉ अलग होते हैं; खंड और राज्य स्तर पर दोनों शामिल होते हैं (निर्देश पत्र, बिंदु 1)। एक कूपन एक से ज़्यादा स्तर पर इनाम जीत सकता है (बिंदु 2)। इनाम की राशि विजेता के बैंक खाते में आती है; उस पर आयकर मंडी समिति भरती है (बिंदु 3(2), 6(1))। ख़र्च राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड उठाता है।
“मण्डी स्तर पर … प्रत्येक छः माह में प्रथम पुरस्कार (1) 25 हजार, द्वितीय पुरस्कार (1) 15 हजार, तृतीय पुरस्कार (1) 10 हजार (गेट पास की विक्रय पर्चियों पर तथा E-Payment की विक्रय पर्चियों पर)”खंड स्तर लॉटरी हर छह महीने: पहला / दूसरा / तीसरा इनाम ₹50,000 / ₹30,000 / ₹20,000, ई-नाम बिक्री पर किसानों को मिले कूपनों में से (हर ₹10,000 की बिक्री पर एक कूपन)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह लॉटरी है, पक्का भुगतान नहीं: ई-नाम से बेची गई उपज के हर ₹10,000 पर, जिस विक्रय पर्ची पर मंडी शुल्क देय हो, एक उपहार कूपन नंबर मिलता है (बिंदु 1(4), 4(3))। मंडी स्तर पर गेट-पास पर्चियों और ई-पेमेंट पर्चियों के ड्रॉ अलग होते हैं; खंड और राज्य स्तर पर दोनों शामिल होते हैं (निर्देश पत्र, बिंदु 1)। एक कूपन एक से ज़्यादा स्तर पर इनाम जीत सकता है (बिंदु 2)। इनाम की राशि विजेता के बैंक खाते में आती है; उस पर आयकर मंडी समिति भरती है (बिंदु 3(2), 6(1))। ख़र्च राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड उठाता है।
“खण्ड स्तर पर — प्रत्येक छः माह में प्रथम पुरस्कार (1) 50 हजार, द्वितीय पुरस्कार (1) 30 हजार, तृतीय पुरस्कार (1) 20 हजार”राज्य स्तर लॉटरी साल में एक बार: पहला / दूसरा / तीसरा इनाम ₹2.5 लाख / ₹1.5 लाख / ₹1 लाख, ई-नाम बिक्री पर किसानों को मिले कूपनों में से (हर ₹10,000 की बिक्री पर एक कूपन)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह लॉटरी है, पक्का भुगतान नहीं: ई-नाम से बेची गई उपज के हर ₹10,000 पर, जिस विक्रय पर्ची पर मंडी शुल्क देय हो, एक उपहार कूपन नंबर मिलता है (बिंदु 1(4), 4(3))। मंडी स्तर पर गेट-पास पर्चियों और ई-पेमेंट पर्चियों के ड्रॉ अलग होते हैं; खंड और राज्य स्तर पर दोनों शामिल होते हैं (निर्देश पत्र, बिंदु 1)। एक कूपन एक से ज़्यादा स्तर पर इनाम जीत सकता है (बिंदु 2)। इनाम की राशि विजेता के बैंक खाते में आती है; उस पर आयकर मंडी समिति भरती है (बिंदु 3(2), 6(1))। ख़र्च राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड उठाता है।
“राज्य स्तर पर — वर्ष में एक बार प्रथम पुरस्कार (1) 2.5 लाख, द्वितीय पुरस्कार (1) 1.5 लाख, तृतीय पुरस्कार (1) 1 लाख”मुझे कितना मिल सकता है?
मंडी स्तर लॉटरी हर छह महीने में भाग: इनाम ₹25,000 / ₹15,000 / ₹10,000।
यह लॉटरी है, पक्का भुगतान नहीं: ई-नाम से बेची गई उपज के हर ₹10,000 पर, जिस विक्रय पर्ची पर मंडी शुल्क देय हो, एक उपहार कूपन नंबर मिलता है (बिंदु 1(4), 4(3))। मंडी स्तर पर गेट-पास पर्चियों और ई-पेमेंट पर्चियों के ड्रॉ अलग होते हैं; खंड और राज्य स्तर पर दोनों शामिल होते हैं (निर्देश पत्र, बिंदु 1)। एक कूपन एक से ज़्यादा स्तर पर इनाम जीत सकता है (बिंदु 2)। इनाम की राशि विजेता के बैंक खाते में आती है; उस पर आयकर मंडी समिति भरती है (बिंदु 3(2), 6(1))। ख़र्च राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड उठाता है।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- ई-नाम विक्रय पर्ची
आवेदन कैसे करें
- मंडी यार्ड, गौण मंडी यार्ड या निजी मंडी यार्ड में ई-नाम से उपज बेचें; कूपन नंबर ई-नाम विक्रय पर्ची पर बनता है (बिंदु 4(1)–(2))।
- अपना मोबाइल नंबर दें: कूपन नंबर उस पर एसएमएस से भेजा जाता है (निर्देश, बिंदु 10)। ई-नाम विक्रय पर्ची संभालकर रखें — योजना पृष्ठ यही दस्तावेज़ माँगता है।
- ड्रॉ की तारीख़ अख़बारों और मंडी सूचना पट्ट पर बताई जाती है; विजेता को मंडी समिति बैंक खाते में भुगतान करती है (बिंदु 2(2), 6(1))।
- विवाद होने पर निदेशक, कृषि विपणन 30 दिन में फ़ैसला करते हैं; अपील प्रमुख शासन सचिव, कृषि को (बिंदु 7)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
2021-22 से चालू; मंडी और खंड के ड्रॉ हर छह महीने, राज्य का ड्रॉ साल में एक बार।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।