रायतु भरोसा (फ़सल निवेश सहायता)
बजट में राशि: तेलंगाना बजट भाषण 2026-27 (20 मार्च 2026, Para 64: “Under the Rythu Bharosa scheme, we are providing investment assistance of Rs.6,000 per acre per season to farmers, that is, Rs.12,000 per year for two crops.”)
तेलंगाना पट्टादार किसानों को खेती योग्य ज़मीन पर ₹12,000 प्रति एकड़ सालाना फ़सल निवेश सहायता सीधे बैंक खाते में देता है।
- मुख्य लाभ
- ₹12,000प्रति एकड़, अधिकतम
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 5तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
पट्टादार के रूप में आपके नाम हर एकड़ खेती योग्य ज़मीन पर ₹12,000 सालाना (हर मौसम ₹6,000 प्रति एकड़)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
धारा 3.1 (तेलुगु में) के अनुसार रायतु भरोसा में फ़सल निवेश सहायता बढ़ाकर ₹12,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की गई है। शासनादेश में एकड़ की कोई ऊपरी सीमा नहीं छपी। भुगतान केवल भू भारती में दर्ज खेती योग्य ज़मीन पर (धारा 3.2); RoFR पट्टादार शामिल (धारा 3.3)। 2026-27 बजट भाषण (पैरा 64) इसे दो फ़सलों के लिए ₹6,000 प्रति एकड़ प्रति मौसम बताता है।
“రైతుభరోసా పథకం కింద పంట పెట్టుబడి సహాయాన్ని సంవత్సరానికి ఎకరాకు రూ.12,000 కు పెంచబడింది.”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए एकड़ की संख्या भरें।
धारा 3.1 (तेलुगु में) के अनुसार रायतु भरोसा में फ़सल निवेश सहायता बढ़ाकर ₹12,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष की गई है। शासनादेश में एकड़ की कोई ऊपरी सीमा नहीं छपी। भुगतान केवल भू भारती में दर्ज खेती योग्य ज़मीन पर (धारा 3.2); RoFR पट्टादार शामिल (धारा 3.3)। 2026-27 बजट भाषण (पैरा 64) इसे दो फ़सलों के लिए ₹6,000 प्रति एकड़ प्रति मौसम बताता है।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
ज़रूरी काग़ज़
- भू भारती (धरणी) में आपकी खेती योग्य ज़मीन की पट्टादार प्रविष्टि
- डीबीटी के लिए बैंक खाता
आवेदन कैसे करें
- सुनिश्चित करें कि आपकी खेती योग्य ज़मीन भू भारती (धरणी) पोर्टल में आपके नाम पट्टादार के रूप में दर्ज है — सहायता उसी रकबे पर मिलती है, और खेती के अयोग्य ज़मीन हटा दी जाती है (धारा 3.2)।
- RoFR (वन अधिकार) पट्टादार भी पात्र हैं (धारा 3.3)।
- पैसा आरबीआई के डीबीटी तरीक़े से आपके बैंक खाते में आता है; खाता चालू रखें (धारा 3.4)।
- पैसा न आए तो ज़िला कलेक्टर कार्यालय में शिकायत करें, जो इस योजना की शिकायतें निपटाता है (धारा 3.7)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
आवेदन की कोई अवधि नहीं — योजना 26 जनवरी 2025 से लागू है (शासनादेश पैरा 2) और हर फ़सल मौसम में भुगतान होता है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।