मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (उत्तर प्रदेश)
बजट में राशि: उत्तर प्रदेश बजट भाषण 2026-27 (11 फ़रवरी 2026) (11 फ़र॰ 2026, राजस्व — मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, वित्तीय वर्ष 2026–2027 में 1,150 करोड़ रूपये की व्यवस्था)
उत्तर प्रदेश सरकार किसान, उसके कमाऊ परिवार-सदस्य या बटाईदार की दुर्घटना में मृत्यु या दिव्यांगता पर परिवार को अधिकतम ₹5 लाख देती है।
- मुख्य लाभ
- ₹5,00,000दुर्घटना में मृत्यु या 100% दिव्यांगता पर, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 7तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
दुर्घटना में किसान की मृत्यु पर परिवार को, या पूर्ण दिव्यांगता, दोनों हाथ, दोनों पैर, दोनों आँखें या एक हाथ और एक पैर की क्षति पर किसान को ₹5,00,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा या केंद्र/राज्य की किसी अन्य योजना से मिली राशि घटाकर केवल अंतर दिया जाता है; प्राकृतिक आपदा में राज्य आपदा मोचक निधि की राशि (मृत्यु पर ₹4 लाख) घटाई जाती है। अगर ये मिलकर ₹5 लाख हो जाएँ तो इस योजना से कुछ नहीं मिलता (प्रस्तर 7)। आत्महत्या या अपराध करते समय हुई दुर्घटना पर सहायता नहीं (प्रस्तर 5(3))। दुर्घटना के दिन आयु 18 से 70 वर्ष (प्रस्तर 4)।
“इस योजना के अन्तर्गत कृषक की दुर्घटनावश मृत्यु/दिव्यांगता की दशा में अधिकतम रू0 5,00,000/-(रूपये पांच लाख मात्र) की सहायता राशि निम्नानुसार देय होगी, जो कि राज्य सरकार द्वारा वहन की जायेगी:- 1- मृत्यु अथवा पूर्ण शारीरिक अक्षमता की स्थिति 100 प्रतिशत; 2- दोनों हाथ अथवा दोनों पैर अथवा दोनों आंखों की क्षति 100 प्रतिशत; 3- एक हाथ तथा एक पैर की क्षति 100 प्रतिशत”दुर्घटना से एक हाथ, एक पैर या एक आँख की क्षति, या 50% से अधिक पर 100% से कम स्थायी दिव्यांगता पर ₹2,50,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा या केंद्र/राज्य की किसी अन्य योजना से मिली राशि घटाकर केवल अंतर दिया जाता है; प्राकृतिक आपदा में राज्य आपदा मोचक निधि की राशि (मृत्यु पर ₹4 लाख) घटाई जाती है। अगर ये मिलकर ₹5 लाख हो जाएँ तो इस योजना से कुछ नहीं मिलता (प्रस्तर 7)। आत्महत्या या अपराध करते समय हुई दुर्घटना पर सहायता नहीं (प्रस्तर 5(3))। दुर्घटना के दिन आयु 18 से 70 वर्ष (प्रस्तर 4)।
“4- एक हाथ या एक पैर या एक आंख की क्षति 50 प्रतिशत; 5- स्थायी दिव्यांगता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर किन्तु 100 प्रतिशत से कम होने पर 50 प्रतिशत”दुर्घटना से 25% से अधिक पर 50% से कम स्थायी दिव्यांगता पर ₹1,25,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा या केंद्र/राज्य की किसी अन्य योजना से मिली राशि घटाकर केवल अंतर दिया जाता है; प्राकृतिक आपदा में राज्य आपदा मोचक निधि की राशि (मृत्यु पर ₹4 लाख) घटाई जाती है। अगर ये मिलकर ₹5 लाख हो जाएँ तो इस योजना से कुछ नहीं मिलता (प्रस्तर 7)। आत्महत्या या अपराध करते समय हुई दुर्घटना पर सहायता नहीं (प्रस्तर 5(3))। दुर्घटना के दिन आयु 18 से 70 वर्ष (प्रस्तर 4)।
“6- स्थायी दिव्यांगता 25 प्रतिशत से अधिक होने पर किन्तु 50 प्रतिशत से कम होने पर 25 प्रतिशत”मुझे कितना मिल सकता है?
₹5,00,000 (अधिकतम का 100%) का एकमुश्त भुगतान, दूसरी योजनाओं से मिली राशि घटाकर (प्रस्तर 7)।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा या केंद्र/राज्य की किसी अन्य योजना से मिली राशि घटाकर केवल अंतर दिया जाता है; प्राकृतिक आपदा में राज्य आपदा मोचक निधि की राशि (मृत्यु पर ₹4 लाख) घटाई जाती है। अगर ये मिलकर ₹5 लाख हो जाएँ तो इस योजना से कुछ नहीं मिलता (प्रस्तर 7)। आत्महत्या या अपराध करते समय हुई दुर्घटना पर सहायता नहीं (प्रस्तर 5(3))। दुर्घटना के दिन आयु 18 से 70 वर्ष (प्रस्तर 4)।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- भूमिहीन
ज़रूरी काग़ज़
- खतौनी की प्रमाणित प्रति — या निजी पट्टेदार के लिए रजिस्टर्ड पट्टे की प्रमाणित प्रति, या बटाईदार के लिए प्रस्तर 3(ख) का कोई एक प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण: हाईस्कूल प्रमाण-पत्र, परिवार रजिस्टर की प्रति, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार या पैन
- उत्तर प्रदेश निवास प्रमाण: पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, वोटर आईडी, आधार या उप जिलाधिकारी का निवास प्रमाण-पत्र
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट (जहाँ संभव न हो वहाँ पंचनामा) और मृत्यु प्रमाण-पत्र
- दिव्यांगता में: मुख्य चिकित्साधिकारी का प्रमाण-पत्र
- उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र (केवल विवाद होने पर), आईएफएससी सहित बैंक पासबुक की छायाप्रति, मोबाइल नंबर और आधार नंबर
आवेदन कैसे करें
- दुर्घटना के 45 दिन के भीतर किसान या विधिक वारिस जिलाधिकारी को संबोधित आवेदन दो प्रतियों में तहसील कार्यालय में जमा करें (प्रस्तर 8, 10)। जिलाधिकारी एक माह बढ़ा सकते हैं; 75 दिन बाद आवेदन पर विचार नहीं होगा।
- एक से अधिक वारिस हों तो संयुक्त आवेदन करें (प्रस्तर 8)। तहसील से प्राप्ति रसीद लें (प्रस्तर 11(क))।
- तहसीलदार और उप जिलाधिकारी जाँच करके जिलाधिकारी को भेजते हैं, जो सामान्यतः एक माह में, अधिकतम 45 दिन में निस्तारण/भुगतान करते हैं (प्रस्तर 11)।
- राशि आवेदन में दिए बैंक खाते में ऑनलाइन भेजी जाती है (प्रस्तर 9(8), 11(घ))। स्थिति bor.up.gov.in/KAS पर देखें।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दुर्घटना के 45 दिन के भीतर आवेदन करें; जिलाधिकारी एक माह और दे सकते हैं; 75 दिन बाद नहीं (प्रस्तर 10)।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।