मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (उत्तर प्रदेश)
चालू होने का आधार: मत्स्य विभाग शासनादेश संख्या-15/2026/471 (23 मार्च 2026) — 2025-26 की धनराशि (23 मार्च 2026, Para 2 — ₹250.00 lakh released in 2025-26 against the ₹1000.00 lakh budget for first-year input and fish seed banks)
ग्राम सभा के तालाबों के पट्टाधारकों के लिए, जिन्हें केंद्र की पीएमएमएसवाई सहायता नहीं देती: प्रथम वर्ष के मत्स्य पालन निवेश या मत्स्य बीज बैंक के लिए ₹4 लाख प्रति हेक्टेयर इकाई लागत का 40%, अधिकतम 2 हेक्टेयर तक।
- मुख्य लाभ
- 40%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 8तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
सुधारे गए पट्टे के तालाब में प्रथम वर्ष के मत्स्य पालन निवेश पर ₹4,00,000 प्रति हेक्टेयर का 40% (₹1,60,000 प्रति हेक्टेयर), अधिकतम 2 हेक्टेयर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल ग्राम सभा या अन्य पट्टे के ऐसे तालाब जिनका सुधार मनरेगा कन्वर्जेन्स या पट्टाधारक ने कराया हो और पट्टे के कम से कम 4 वर्ष बचे हों; प्रति लाभार्थी अधिकतम 2.0 हेक्टेयर और पूरी पट्टा अवधि में एक ही परियोजना (प्रस्तर 6(3)–6(5))। 4 वर्ष के भीतर मत्स्य पालन बंद करने पर अनुदान 12% ब्याज सहित वसूला जाएगा (प्रस्तर 6(11))।
“मनरेगा कनवर्जेन्स अथवा पट्टाधारक स्वयं तथा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गये ग्राम सभा व अन्य पट्टे के तालाबों में प्रथम वर्ष निवेश पर अनुदान हेतु इकाई लागत धनराशि रू0 4.00 लाख प्रति हेक्टेयर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा(कंपोनेंट-A)”सुधारे गए पट्टे के तालाब में मत्स्य बीज बैंक बनाने पर ₹4,00,000 प्रति हेक्टेयर का 40% (₹1,60,000 प्रति हेक्टेयर), अधिकतम 2 हेक्टेयर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल ग्राम सभा या अन्य पट्टे के ऐसे तालाब जिनका सुधार मनरेगा कन्वर्जेन्स या पट्टाधारक ने कराया हो और पट्टे के कम से कम 4 वर्ष बचे हों; प्रति लाभार्थी अधिकतम 2.0 हेक्टेयर और पूरी पट्टा अवधि में एक ही परियोजना (प्रस्तर 6(3)–6(5))। 4 वर्ष के भीतर मत्स्य पालन बंद करने पर अनुदान 12% ब्याज सहित वसूला जाएगा (प्रस्तर 6(11))।
“मनरेगा कनवर्जेन्स अथवा पट्टाधारक स्वयं तथा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गये ग्राम सभा व अन्य पट्टे के तालाबों में मत्स्य बीज बैंक की स्थापना योजना हेतु इकाई लागत रू0 4.00 लाख प्रति हेक्टेयर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा(कंपोनेंट-B)।”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए हेक्टेयर की संख्या भरें।
केवल ग्राम सभा या अन्य पट्टे के ऐसे तालाब जिनका सुधार मनरेगा कन्वर्जेन्स या पट्टाधारक ने कराया हो और पट्टे के कम से कम 4 वर्ष बचे हों; प्रति लाभार्थी अधिकतम 2.0 हेक्टेयर और पूरी पट्टा अवधि में एक ही परियोजना (प्रस्तर 6(3)–6(5))। 4 वर्ष के भीतर मत्स्य पालन बंद करने पर अनुदान 12% ब्याज सहित वसूला जाएगा (प्रस्तर 6(11))।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- भूमिहीन
- सहकारी समिति
ज़रूरी काग़ज़
- तालाब का पट्टा (ग्राम सभा या अन्य) जिसकी अवधि कम से कम 4 वर्ष शेष हो
- पंजीकृत मत्स्य जीवी सहकारी समिति के लिए: पिछले 3 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट, लाभांश वितरण पंजिका और समिति का प्रस्ताव
- स्वप्रमाणित अंडरटेकिंग (4 वर्ष मत्स्य पालन)
आवेदन कैसे करें
- मत्स्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें (प्रस्तर 6(2))।
- जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति लाभार्थी चुनती है (प्रस्तर 5, 6(1))।
- कम से कम 4 वर्ष तालाब पर मत्स्य पालन करने का स्वप्रमाणित अंडरटेकिंग दें (प्रस्तर 6(11))।
- परियोजना रिपोर्ट के अनुसार निवेश ख़रीदें और प्रमाणित बिल दें; जियो टैगिंग सत्यापन के बाद अनुदान दो किस्तों में मिलता है (प्रस्तर 6(12), 7(3))।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।