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योजना चालू है

गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में औद्यानिक विकास की योजना (नमामि गंगे), उत्तर प्रदेश

बजट में राशि: उद्यान विभाग, उ0प्र0 — 2026-27 बजट अवमुक्ति शासनादेश (7 अप्रैल 2026) (7 अप्रैल 2026, लेखाशीर्ष: 2401001190306 (गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में औद्यानिक विकास) — मानक मद 20 सहायता अनुदान-सामान्य (गैर वेतन), स्वीकृत धनराशि 55,00,000)

UP Namami Gange orchards · उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश · राज्य योजना

गंगा किनारे के 27 जनपदों में नया बाग़ लगाने वाले किसान को पौधे जीवित रहने तक प्रति हेक्टेयर ₹3,000 प्रति माह, अधिकतम 36 माह (कुल ₹1,08,000 प्रति हेक्टेयर) मिलते हैं; निजी 1 हेक्टेयर की छोटी नर्सरी पर ₹15 लाख का 50%, अधिकतम ₹7.50 लाख।

मुख्य लाभ
₹1,08,000प्रति हेक्टेयर, अधिकतम
घटक
2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
कौन ले सकता है
6तरह के आवेदक
अंतिम तिथि
कोई नहींकभी भी आवेदन

क्या मिलता है

₹1,08,000प्रति हेक्टेयर, अधिकतम

नए बाग़ के प्रति हेक्टेयर ₹3,000 प्रति माह, अधिकतम 36 माह — प्रति हेक्टेयर अधिकतम ₹1,08,000 — केवल तब तक जब तक पौधे जीवित रहें।

स्रोत उद्यान विभाग, उ0प्र0 — अनुमन्य सुविधाएँ (20 मई 2025) · धारा गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में औद्यानिक विकास की योजना (नमामि गंगे) — (i) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

यह पूरे 36 माह की राशि है; कम पौधे जीवित रहें या कम माह हों तो राशि घटेगी। पत्रक 27 जनपदों के नाम या प्रति किसान अधिकतम क्षेत्रफल नहीं बताता — जिला उद्यान अधिकारी से पूछें।

“(i) गंगा से आच्छादित 27 जनपदों में नवीन उद्यान रोपण हेतु रु. 3000/- प्रतिमाह प्रति हेक्टेयर की दर से पौधों की जीवितता के अनुरूप 36 माह तक लाभार्थी को कुल रु. 108000/- प्रोत्साहन स्वरूप अनुदान देय है।”
50%लागत का, अधिकतम

निजी क्षेत्र में 1 हेक्टेयर की छोटी नर्सरी: ₹15 लाख इकाई लागत का 50%, अधिकतम ₹7.50 लाख, बैंक ऋण से जुड़ा और काम पूरा होने के बाद (बैक-एंडेड)।

स्रोत उद्यान विभाग, उ0प्र0 — अनुमन्य सुविधाएँ (20 मई 2025) · धारा गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में औद्यानिक विकास की योजना (नमामि गंगे) — (ii) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

"क्रेडिट लिंक्ड बैक एंडेड": नर्सरी के लिए बैंक ऋण लेना होगा, और काम की जाँच के बाद अनुदान उस ऋण में समायोजित होता है।

“(ii) निजी क्षेत्र में छोटी नर्सरी की स्थापना (1 हेक्टेयर) की इकाई लागत रु. 15 लाख का 50 प्रतिशत अधिकतम अनुदान रु. 7.50 लाख, क्रेडिट लिंक्ड बैक इण्डेड।”

मुझे कितना मिल सकता है?

आँकड़ा देखने के लिए हेक्टेयर की संख्या भरें।

स्रोत उद्यान विभाग, उ0प्र0 — अनुमन्य सुविधाएँ (20 मई 2025) · धारा गंगा के तटवर्ती क्षेत्रों में औद्यानिक विकास की योजना (नमामि गंगे) — (i) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)

यह पूरे 36 माह की राशि है; कम पौधे जीवित रहें या कम माह हों तो राशि घटेगी। पत्रक 27 जनपदों के नाम या प्रति किसान अधिकतम क्षेत्रफल नहीं बताता — जिला उद्यान अधिकारी से पूछें।

कौन आवेदन कर सकता है

  • अन्य किसान
  • लघु या सीमांत किसान
  • अनुसूचित जाति किसान
  • अनुसूचित जनजाति किसान
  • महिला किसान
  • कृषि उद्यमी

ज़रूरी काग़ज़

    आवेदन कैसे करें

    1. उद्यान विभाग के पोर्टल dbt.uphorticulture.in पर पंजीकरण करें — पत्रक विभागीय योजनाओं के लिए यही पोर्टल बताता है।
    2. योजना केवल गंगा किनारे के 27 जनपदों में चलती है; अपने जिला उद्यान अधिकारी से पूछें कि आपका जनपद और गाँव शामिल है या नहीं।
    3. लगाए गए पौधों को जीवित रखें: राशि पौधों की जीवितता के अनुसार हर माह, अधिकतम 36 माह तक मिलती है।
    आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗

    आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।

    कब आवेदन करें

    दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।

    दूसरी योजनाओं के साथ

    दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।