अन्नदाता सुखीभव – पीएम किसान
बजट में राशि: आंध्र प्रदेश बजट भाषण 2026-27 (14 फ़र॰ 2026, Para 24: “under Annadatha Sukhibhava–PM Kisan, during 2025–26, we released a higher benefit of Rs. 20,000 amounting to Rs. 6,660 crore to 46.86 lakh farmer families”)
आंध्र प्रदेश ज़मीन वाले किसान परिवारों को पीएम-किसान के ₹6,000 के ऊपर ₹14,000 सालाना देता है (कुल ₹20,000), और भूमिहीन बटाईदार किसानों को राज्य बजट से ₹20,000 सालाना देता है।
- मुख्य लाभ
- ₹14,000प्रति वर्ष
- घटक
- 2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 6तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
कम से कम 10 सेंट खेती की ज़मीन वाले या RoFR ज़मीन जोतने वाले किसान परिवार को राज्य से ₹14,000 सालाना, पीएम-किसान के ₹6,000 के अलावा (कुल ₹20,000)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
राज्य की राशि किस्तों में (धारा 10, पृ. 6): ख़रीफ़ में ₹5,000, रबी में ₹5,000, गर्मी में ₹4,000 — हर बार पीएम-किसान के ₹2,000 के साथ। परिवार यानी पति, पत्नी और बच्चे; विवाहित बच्चे अलग इकाई गिने जाते हैं (धारा 4)। साझी ज़मीन में पैसा परिवार के उस सदस्य को जाता है जिसके नाम सबसे ज़्यादा ज़मीन है (धारा 6.A)। इन्हें नहीं मिलेगा (धारा 5): संस्थागत भूमिधारक; ऐसे परिवार जिनमें कोई सदस्य वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पदधारी, मंत्री, सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य, या वर्तमान मेयर या ज़िला परिषद अध्यक्ष हो; सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी, सार्वजनिक उपक्रम या स्थानीय निकाय कर्मचारी (₹20,000 से कम वेतन वाले मल्टी टास्किंग स्टाफ / चतुर्थ श्रेणी / ग्रुप डी को छोड़कर); ₹10,000 या अधिक मासिक पेंशन पाने वाले; आयकर देने वाले; प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट; और वे जिनकी खेती की ज़मीन घर के प्लॉट, मछली पालन या किसी अन्य गैर-कृषि काम में बदल चुकी है।
“The benefit of the scheme shall be provided to all the landholder farmer families who collectively own cultivable land with a minimum of 10 cents and Farmer families Cultivating ROFR lands @Rs. 20,000/- per annum (Rs. 14,000/- Under Annadatha Sukhibhava scheme and Rs.6000/-under PM-KISAN) per family per annum as per validated Landownership database subject to exclusions.”पट्टे की ज़मीन जोतने वाले भूमिहीन बटाईदार किसान को राज्य बजट से ₹20,000 सालाना, ₹10,000 की दो किस्तों में।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
रबी में ₹10,000 और गर्मी में ₹10,000 (धारा 10, पृ. 6)। आपके नाम कोई खेती की ज़मीन न हो, पट्टा अपने ही परिवार से न लिया हो, और कम से कम 1 एकड़ पट्टे पर हो (सब्ज़ी, फूल और चारे के लिए 0.5 एकड़; पान के लिए 0.1 एकड़)। एक ज़मीन मालिक परिवार के साथ केवल एक बटाईदार को लाभ; कई बटाईदार हों तो क्रम है अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, अन्य। अनुसूचित क्षेत्रों में केवल आदिवासी बटाईदार मान्य हैं (धारा 6.B, पृ. 3–4)।
“Financial assistance will also be provided to all eligible landless cultivators in the State @ Rs. 20,000/- per year from the Budget allocation of the Government of Andhra Pradesh.”मुझे कितना मिल सकता है?
आपको मिल सकता है ₹14,000 प्रति वर्ष
₹14,000 प्रति वर्ष, 3 किस्तों में
राज्य की राशि किस्तों में (धारा 10, पृ. 6): ख़रीफ़ में ₹5,000, रबी में ₹5,000, गर्मी में ₹4,000 — हर बार पीएम-किसान के ₹2,000 के साथ। परिवार यानी पति, पत्नी और बच्चे; विवाहित बच्चे अलग इकाई गिने जाते हैं (धारा 4)। साझी ज़मीन में पैसा परिवार के उस सदस्य को जाता है जिसके नाम सबसे ज़्यादा ज़मीन है (धारा 6.A)। इन्हें नहीं मिलेगा (धारा 5): संस्थागत भूमिधारक; ऐसे परिवार जिनमें कोई सदस्य वर्तमान या पूर्व संवैधानिक पदधारी, मंत्री, सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य, या वर्तमान मेयर या ज़िला परिषद अध्यक्ष हो; सेवारत या सेवानिवृत्त सरकारी, सार्वजनिक उपक्रम या स्थानीय निकाय कर्मचारी (₹20,000 से कम वेतन वाले मल्टी टास्किंग स्टाफ / चतुर्थ श्रेणी / ग्रुप डी को छोड़कर); ₹10,000 या अधिक मासिक पेंशन पाने वाले; आयकर देने वाले; प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट; और वे जिनकी खेती की ज़मीन घर के प्लॉट, मछली पालन या किसी अन्य गैर-कृषि काम में बदल चुकी है।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
ज़रूरी काग़ज़
- ई-केवाईसी के लिए आधार (अनिवार्य)
- आधार से जुड़ा बैंक खाता
- बटाईदार किसान: CCRC कार्ड और चालू मौसम की ई-पंटा फ़सल बुकिंग
आवेदन कैसे करें
- ज़मीन मालिकों को आवेदन नहीं करना होता: राज्य राजस्व विभाग के वेबलैंड रिकॉर्ड से भूमिधारक परिवार लेता है, जिनकी जाँच रायतु सेवा केंद्र (RSK) प्रभारी और ग्राम राजस्व अधिकारी करते हैं (धारा 7.A)।
- अपने RSK पर ई-केवाईसी पूरा करें — इसके बिना भुगतान नहीं होगा (धारा 7.A, 7.B)।
- बटाईदार किसान: CCRC कार्ड रखें और चालू मौसम में अपनी फ़सल ई-पंटा में दर्ज कराएँ; केवल ऐसे कार्डधारकों पर ही विचार होता है (धारा 7.B)।
- RSK पर लगी लाभार्थी सूची देखें और नाम न हो तो दावा या आपत्ति दें; शिकायत टोल-फ़्री 155251 पर भी कर सकते हैं (धारा 7.B, 9)।
- पैसा डीबीटी से आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है और आपको एसएमएस मिलता है (धारा 9)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
कोई अंतिम तिथि नहीं। भुगतान मौसम के हिसाब से (धारा 10): ज़मीन मालिकों को ख़रीफ़, रबी और गर्मी में; बटाईदारों को रबी और गर्मी में।
दूसरी योजनाओं के साथ
- PM-KISAN: जोड़ी जा सकती है