आत्मनिर्भर पशु पालन योजना — डेयरी, मिथुन, सूअर और मुर्गी इकाइयाँ, अरुणाचल प्रदेश
चालू होने का आधार: अरुणाचल संशोधित अनुमान 2025-26 — पशुपालन, पशु चिकित्सा और डेयरी विकास (तिथि नहीं छपी, DP-VI Budget Announcement, A. On-going, Sl. 1 “Atmanirbhar Pashupalan Yojana” (taken up 2022-23): BE 2025-26 ₹1,000.00 lakh, RE 2025-26 ₹1,000.00 lakh)
अरुणाचल के जनजातीय किसानों और समूहों के लिए बैंक-ऋण से जुड़ी पशुपालन योजना: इकाई लागत का 45% राज्य पहले देता है, 45% बैंक ऋण और 10% आप लगाते हैं — जैसे ₹5 लाख की डेयरी, सूअर या मुर्गी इकाई पर ₹2.25 लाख, और ₹6 लाख की मिथुन इकाई पर ₹2.70 लाख सब्सिडी।
- मुख्य लाभ
- 45%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 4तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- बंद हुआ 14 नव॰ 2025“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
इकाई लागत का 45% राज्य सब्सिडी के रूप में पहले ही: ₹5 लाख की डेयरी, सूअर या मुर्गी इकाई पर ₹2.25 लाख, ₹6 लाख की मिथुन इकाई पर ₹2.70 लाख, ₹15 लाख की मुर्गी उद्यम इकाई पर ₹6.75 लाख।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
इकाई लागत लोहित ज़िले के परिपत्र से है; दूसरे ज़िले अलग से आवेदन माँगते हैं और उनकी इकाइयाँ अलग हो सकती हैं। व्यक्तिगत आवेदक बेरोज़गार एपीएसटी हों (पात्रता 4); एआरएसआरएलएम के स्वयं सहायता समूह, किसान क्लब, डेयरी सहकारी समितियाँ, पंजीकृत सहकारी समितियाँ और एफपीओ भी आवेदन कर सकते हैं (पात्रता 1)। ₹15 लाख की मुर्गी उद्यम इकाई में 10% लाभार्थी हिस्सा (₹1.50 लाख) पहले बैंक में जमा करना होता है (पात्रता 9)। जिन्हें किसी दूसरी आत्मनिर्भर योजना में मदद मिल चुकी है, उन्हें प्राथमिकता नहीं मिलती और अनापत्ति प्रमाणपत्र चाहिए (पात्रता 5)।
“Name of the Unit / Unit cost / Govt. Subsidy (45%) / Bank Loan (45%) / Beneficiary Share (10%): 1. Dairy Unit 5 lakh 2.25 lakh 2.25 lakh 0.50 lakh; 2. Mithun Unit 6 lakh 2.70 lakh 2.70 lakh 0.60 lakh; 3. Piggery Unit 5 lakh 2.25 lakh 2.25 lakh 0.50 lakh; 4. Poultry Unit 5 lakh 2.25 lakh 2.25 lakh 0.50 lakh; 5. Entrepreneurship Development (ED)- Poultry unit 15 lakh 6.75 lakh 6.75 lakh 1.50 lakh”मुझे कितना मिल सकता है?
यह प्रावधान इस आवेदक श्रेणी को सहायता नहीं देता (Circular inviting applications for ANPPY 2025-26, table Sl. 1–5 (Unit cost; Govt. Subsidy 45%))।
इकाई लागत लोहित ज़िले के परिपत्र से है; दूसरे ज़िले अलग से आवेदन माँगते हैं और उनकी इकाइयाँ अलग हो सकती हैं। व्यक्तिगत आवेदक बेरोज़गार एपीएसटी हों (पात्रता 4); एआरएसआरएलएम के स्वयं सहायता समूह, किसान क्लब, डेयरी सहकारी समितियाँ, पंजीकृत सहकारी समितियाँ और एफपीओ भी आवेदन कर सकते हैं (पात्रता 1)। ₹15 लाख की मुर्गी उद्यम इकाई में 10% लाभार्थी हिस्सा (₹1.50 लाख) पहले बैंक में जमा करना होता है (पात्रता 9)। जिन्हें किसी दूसरी आत्मनिर्भर योजना में मदद मिल चुकी है, उन्हें प्राथमिकता नहीं मिलती और अनापत्ति प्रमाणपत्र चाहिए (पात्रता 5)।
कौन आवेदन कर सकता है
- अनुसूचित जनजाति किसान
- स्वयं सहायता समूह
- सहकारी समिति
- एफ़पीओ
ज़रूरी काग़ज़
- अरुणाचल प्रदेश अनुसूचित जनजाति (एपीएसटी) प्रमाणपत्र और पीआरसी/निवास प्रमाणपत्र
- आवेदक और गारंटर का आधार कार्ड, बैंक पासबुक (खाता संख्या और आईएफ़एससी) और पैन कार्ड
- सीओ/ईएसी से प्रमाणित एलपीसी/भूमि प्रमाणपत्र
- शिक्षा या संबंधित प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, आवेदक और गारंटर की 3 पासपोर्ट फ़ोटो, और “कैच देम यंग” प्रशिक्षण प्रमाणपत्र यदि हो
आवेदन कैसे करें
- अपने ज़िले का परिपत्र देखते रहें: लोहित में उपायुक्त ने 28 अक्टूबर 2025 को 2025-26 के आवेदन माँगे, अंतिम तिथि 14 नवंबर 2025 थी।
- फ़ॉर्म नज़दीकी पशु चिकित्सा अधिकारी, पशु अस्पताल या डिस्पेंसरी से लें और दस्तावेज़ों के साथ वहीं जमा करें (परिपत्र, अंतिम पैरा)।
- पशु चिकित्सा अधिकारी आपकी ज़मीन की जाँच करते हैं; उपायुक्त की अध्यक्षता वाली ज़िला स्तरीय कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति लाभार्थी चुनती है (पात्रता 7–8)।
- आप और आपका गारंटर किसी बैंक के बकायादार न हों; सब्सिडी बैंक ऋण के साथ मिलती है (पात्रता 6)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
हर ज़िला अपनी तारीख़ तय करता है; लोहित ने 2025-26 के आवेदन 14 नवंबर 2025 तक लिए।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।