निजी, मुफ़्त मार्गदर्शिका — सरकारी वेबसाइट नहीं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।

योजना चालू है

मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना, बिहार

चालू होने का आधार: मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना स्वीकृति 2026-27 (01.06.2026) (1 जून 2026, Subject and para 1: ₹1070.80 लाख sanctioned for 2026-27 under the state plan)

Talab Matsyiki Vikas · मत्स्य निदेशालय, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार सरकार · राज्य योजना

अपने या पट्टे के तालाब वाले मत्स्य पालकों को उन्नत मत्स्य-बीज उत्पादन (₹1 लाख प्रति 0.5 एकड़), ट्यूबवेल (₹80,000) व पंपसेट (₹40,000), और पैडल-व्हील एरेटर (₹50,000 प्रति एरेटर) की तय इकाई लागत का 50% (अनुसूचित जाति, जनजाति और अति पिछड़ी जाति को 70%) अनुदान मिलता है।

मुख्य लाभ
70%लागत का, अधिकतम
घटक
3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
कौन ले सकता है
7तरह के आवेदक
अंतिम तिथि
कोई नहींकभी भी आवेदन

क्या मिलता है

70%लागत का, अधिकतम

उन्नत मत्स्य अंगुलिका तैयार करने के लिए ₹1,00,000 प्रति 0.5 एकड़ इकाई का 50% (अनुसूचित जाति/जनजाति/अति पिछड़ी जाति को 70%), अधिकतम 1 एकड़ (2 इकाई) तक।

स्रोत मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना स्वीकृति 2026-27 (01.06.2026) · धारा para 5 (rates) and 5(I)(vi)–(viii) · पृ. 2–3 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

इकाई लागत से अधिक ख़र्च लाभुक को खुद उठाना होगा (कंडिका 5(I)(vii))। बीज उत्पादक उन्नत बीज ₹200 प्रति किलो (लगभग 25 ग्राम) या ₹250 प्रति किलो (लगभग 50 ग्राम) पर बेचेंगे (कंडिका 5(I)(ix))। अति पिछड़ी जाति के लाभुकों को भी 70% मिलता है (कंडिका 5) — कैलकुलेटर में यह विकल्प नहीं है, इसलिए 70% खुद पढ़ लें।

“योजना में उन्नत बीज उत्पादन हेतु ₹ 1.00 लाख (एक लाख रूपये)/0.5 एकड़ (प्रति इकाई) की दर से आवर्ती व्यय आंकलित की गयी है … एक व्यक्ति/परिवार को अधिकतम एक एकड़ जलक्षेत्र तक के तालाब में मत्स्य बीज उत्पादन के लिए सब्सिडी देय होगा।”
70%लागत का, अधिकतम

कम-से-कम 0.25 एकड़ के तालाब पर ₹80,000 के ट्यूबवेल और ₹40,000 के पंपसेट या समरसेबुल (5 एचपी तक) की लागत — या असल ख़र्च, जो कम हो — का 50% (अनुसूचित जाति/जनजाति/अति पिछड़ी जाति को 70%)।

स्रोत मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना स्वीकृति 2026-27 (01.06.2026) · धारा para 5(II)(iv), (v), (vii), (ix) · पृ. 4–5 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

0.25 से 2.5 एकड़ के तालाब पर एक ट्यूबवेल और एक पंपसेट; 2.5 से 5 एकड़ पर दो-दो तक; मत्स्यजीवी सहयोग समिति को पाँच तक (कंडिका 5(II)(vii)–(viii))। तालाब पर पहले से बोरिंग पंपसेट हो तो दोबारा नहीं मिलेगा, पर जो अवयव नहीं है वह मिल सकता है (कंडिका 5(II)(v))। अति पिछड़ी जाति के लाभुकों को भी 70% मिलता है (कंडिका 5) — कैलकुलेटर में यह विकल्प नहीं है, इसलिए 70% खुद पढ़ लें।

“प्रति ट्यूबवेल तथा पम्पसेट (समरसेबुल सहित) का इकाई लागत क्रमशः ₹ 80000 (अस्सी हजार) रुपये एवं ₹ 40000 (चालीस हजार) रुपये इकाई लागत निर्धारित है।”
70%लागत का, अधिकतम

2 एचपी पैडल-व्हील एरेटर की ₹50,000 लागत का 50% (अनुसूचित जाति/जनजाति/अति पिछड़ी जाति को 70%), प्रति एकड़ तालाब दो एरेटर; तालाब कम-से-कम 0.40 एकड़ का हो।

स्रोत मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना स्वीकृति 2026-27 (01.06.2026) · धारा para 5(III)(iv)–(viii) · पृ. 5–6 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

आदेश में प्रति एकड़ दो एरेटर की अनुमति है; कैलकुलेटर अधिकतम दो (एक एकड़) गिनता है ताकि राशि ज़्यादा न दिखे — बड़े तालाब को अधिक मिल सकते हैं। एनएफडीबी या बिहार विभाग से सूचीबद्ध एजेंसी से ख़रीदें; बिजली या स्टैंडबाय जनरेटर ज़रूरी है। पहले लाभ ले चुके तालाब दोबारा पात्र नहीं (कंडिका 5(III)(v)–(viii))। अति पिछड़ी जाति के लाभुकों को भी 70% मिलता है (कंडिका 5) — कैलकुलेटर में यह विकल्प नहीं है, इसलिए 70% खुद पढ़ लें।

“"यांत्रिक एरेटर" (पैडल व्हील) का इकाई लागत ₹ 50000 (पचास हजार रुपये) (अधिकतम अधिष्ठापन व्यय सहित) निर्धारित है … योजना के तहत एक लाभुक/परिवार को अधिकतम दो एरेटर/एकड़ की अनुमान्यता होगी।”

मुझे कितना मिल सकता है?

आँकड़ा देखने के लिए 0.5 एकड़ की इकाइयाँ (0.5 एकड़ इकाई) भरें।

स्रोत मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना स्वीकृति 2026-27 (01.06.2026) · धारा para 5 (rates) and 5(I)(vi)–(viii) · पृ. 2–3 · हमारी प्रति (PDF)

इकाई लागत से अधिक ख़र्च लाभुक को खुद उठाना होगा (कंडिका 5(I)(vii))। बीज उत्पादक उन्नत बीज ₹200 प्रति किलो (लगभग 25 ग्राम) या ₹250 प्रति किलो (लगभग 50 ग्राम) पर बेचेंगे (कंडिका 5(I)(ix))। अति पिछड़ी जाति के लाभुकों को भी 70% मिलता है (कंडिका 5) — कैलकुलेटर में यह विकल्प नहीं है, इसलिए 70% खुद पढ़ लें।

कौन आवेदन कर सकता है

  • अन्य किसान
  • लघु या सीमांत किसान
  • अनुसूचित जाति किसान
  • अनुसूचित जनजाति किसान
  • महिला किसान
  • काश्तकार या बटाईदार
  • सहकारी समिति

ज़रूरी काग़ज़

  • तालाब के साथ अपनी फोटो (पोस्टकार्ड आकार)
  • मोबाइल नंबर और बैंक विवरण; आधार, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र; ज़मीन के नक्शे की प्रमाणित प्रति
  • जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति, जनजाति या अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक)
  • भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र या अद्यतन मालगुज़ारी रसीद; पट्टे के तालाब पर कम-से-कम 11 महीने (बीज उत्पादन) या ₹1,000 के नन-ज्यूडिशियल स्टांप पर 9 वर्ष (ट्यूबवेल, एरेटर) का एकरारनामा

आवेदन कैसे करें

  1. मत्स्य पोर्टल पर पंजीकरण करें और निदेशालय के विज्ञापन पर ऑनलाइन आवेदन करें (अनुलग्नक-III (i)(क)); 2026-27 का आवेदन लिंक fisheries.bihar.gov.in पर है।
  2. तालाब के साथ अपनी फोटो, बैंक विवरण, आधार/राशन कार्ड/मतदाता पहचान पत्र, ज़मीन का नक्शा, अनुसूचित जाति/जनजाति/अति पिछड़ा वर्ग हो तो जाति प्रमाण पत्र, और स्वामित्व या पट्टे का प्रमाण लगाएँ (अनुलग्नक-III (i)(ग)–(च))।
  3. ज़िला चयन समिति लाभुक चुनती है; फिर आप अपनी लागत या बैंक ऋण से काम कराते हैं और आई.एस.आई./बी.आई.एस. मार्का सामग्री खुद ख़रीदते हैं (कंडिका 5(II)(vi), 6)।
  4. बिल (जीएसटी सहित) और फोटो के साथ दावा करें: बीज उत्पादन का अनुदान दो बराबर किस्तों में, ट्यूबवेल/पंपसेट 60% फिर 40%, एरेटर का एकमुश्त, आरटीजीएस/एनईएफटी/डीबीटी से (अनुलग्नक-III (iii))।
आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗

आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।

कब आवेदन करें

दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।

दूसरी योजनाओं के साथ

दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।