पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई और गोबर/बायोगैस इकाई अनुदान, बिहार
चालू होने का आधार: बिहार वर्मी कम्पोस्ट व गोबर गैस इकाई कार्यान्वयन अनुदेश 2026-27 (पत्रांक 562, 13.08.2026) (13 अग॰ 2026, Covering letter: स्वीकृत्यादेश BRJM (38 जिला)–14/2026–पी0पी0एम0–58 दिनांक 31.07.2026 for 2026-27; instructions intro: ₹3017.50 लाख sanctioned for 2026-27)
पशु पालने वाले किसानों के लिए: ईंट के पक्के वर्मी कम्पोस्ट पिट की लागत का 50%, प्रति पिट अधिकतम ₹5,000 और अधिकतम 3 पिट; तथा 2 घनमीटर गोबर/बायोगैस संयंत्र की लागत का 50%, अधिकतम ₹21,000।
- मुख्य लाभ
- 50%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 5तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- बंद हुआ 30 सित॰ 2026“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
हर पक्के वर्मी कम्पोस्ट पिट की लागत का 50%, प्रति पिट अधिकतम ₹5,000, अधिकतम 3 पिट तक (₹15,000)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल वे किसान पात्र हैं जो खेती के साथ गाय, भैंस या बैल पालते हैं, और आवेदन केवल किसान खुद कर सकते हैं (धारा 1, 6.D)। हर पिट ईंट का, 10′×3′×2.5′ (75 घन फुट), दीवार कम-से-कम 5″, ईंट का फ़र्श और वर्षारोधी छप्पर होना चाहिए — केवल प्लास्टिक का छप्पर मान्य नहीं (धारा 2)। 5 वर्ष तक उत्पादन करना अनिवार्य है (धारा 4), और पहले लाभ ले चुके किसान पात्र नहीं (धारा 6.B)।
“पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई निर्माण पर लागत मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 5000 रू0/इकाई, दोनों में से जो कम हो, की दर से अनुदान देय है। एक किसान को अधिकतम 03 (तीन) पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई हेतु ही अनुदान दिया जा सकेगा।”2 घनमीटर गोबर/बायोगैस संयंत्र (अनुमानित लागत ₹42,000) की लागत का 50%, अधिकतम ₹21,000 — एक परिवार को एक संयंत्र।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
तालिका में प्रति इकाई ₹22,500 छपा है, पर उसमें ₹1,500 टर्न-की राशि है जो संयंत्र लगाने वाली संस्था या कंपनी को अलग से मिलती है, आपके संतुष्टि प्रमाण पत्र (अनुसूची-09) के बाद — आपको नहीं (धारा XII(छ), पीडीएफ पृ. 42)। खेती और पशुपालन करना ज़रूरी है; एक परिवार को एक संयंत्र (धारा II)। जिसे पहले किसी भी योजना (जैविक खेती प्रोत्साहन, केवीआईसी, एमएनआरई आदि) से बायोगैस संयंत्र मिल चुका है, वह पात्र नहीं (धारा VIII)। 5 वर्ष तक चलाना अनिवार्य है (धारा VII)।
“गोबर/बायोगैस इकाई पर कुल लागत मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 21,000 रू0/इकाई दोनों में से जो कम हो, अनुदान राशि देय है एवं 1500 रू0 (टर्न–की राशि), कुल 22,500 रू0 देय है”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए पिट की संख्या (पिट) भरें।
केवल वे किसान पात्र हैं जो खेती के साथ गाय, भैंस या बैल पालते हैं, और आवेदन केवल किसान खुद कर सकते हैं (धारा 1, 6.D)। हर पिट ईंट का, 10′×3′×2.5′ (75 घन फुट), दीवार कम-से-कम 5″, ईंट का फ़र्श और वर्षारोधी छप्पर होना चाहिए — केवल प्लास्टिक का छप्पर मान्य नहीं (धारा 2)। 5 वर्ष तक उत्पादन करना अनिवार्य है (धारा 4), और पहले लाभ ले चुके किसान पात्र नहीं (धारा 6.B)।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
ज़रूरी काग़ज़
- कृषि विभाग की किसान पंजीकरण संख्या (13 अंक)
- आगामी 5 वर्ष तक उत्पादन का शपथ-पत्र (अनुसूची-01)
- बायोगैस: स्व-अभिप्रमाणित पहचान पत्र और भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र / ज़मीन की रसीद (धारा IX(ख))
आवेदन कैसे करें
- कृषि विभाग के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकरण (13 अंकों की पंजीकरण संख्या) कर “अनुदान के लिए आवेदन” में “पक्का वर्मी कम्पोस्ट अनुदान” या “गोबर/बायोगैस इकाई अनुदान” चुनकर ऑनलाइन आवेदन करें — खुद या कॉमन सर्विस सेंटर/वसुधा केंद्र से (वर्मी कम्पोस्ट धारा 6.A, 6.E, 6.F; बायोगैस धारा IX)।
- 5 वर्ष तक उत्पादन करते रहने का हस्ताक्षरित शपथ-पत्र (अनुसूची-01) अपलोड करें। कृषि समन्वयक 7 दिन में स्थल जाँच करेंगे और जिला कृषि पदाधिकारी 5 दिन में स्वीकृति पत्र देंगे (वर्मी कम्पोस्ट धारा 4, 8)।
- तय नाप से इकाई बनाएँ (ईंट का पिट 10′×3′×2.5′, वर्षारोधी छप्पर के साथ; बायोगैस: कम-से-कम 10′×12′ निजी ज़मीन पर दीनबन्धु या प्री-फेब्रिकेटेड 2 घनमीटर मॉडल) और साइन बोर्ड लगाएँ।
- तैयार इकाई के सत्यापन के बाद अनुदान आपके बैंक खाते में आता है; 2026-27 के बायोगैस दावों का भुगतान मार्च 2027 के दूसरे सप्ताह तक ही होगा।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 थी।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।