निजी, मुफ़्त मार्गदर्शिका — सरकारी वेबसाइट नहीं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।

जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य

जैविक प्रमाणन, मिट्टी जाँच और प्राकृतिक खेती।

योजनाएँ
1211 चालू
इसके घटक
32हर एक प्रावधान के साथ
लागत का सबसे बड़ा हिस्सा
100%PKVY
फल, सब्ज़ी और फूल
योजना चालू हैआपके लिए नहीं — शर्तें देखें

MIDH

एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच)
75%लागत का, अधिकतम

किसान समूह के स्वामित्व वाले लाइनिंग युक्त सामुदायिक जल टैंक के लिए ₹80 प्रति घन मीटर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में ₹100) का 75%, अधिकतम 30,000 घन मीटर।

स्रोत एमआईडीएच परिचालन दिशानिर्देश 2025 · धारा Annexure V, B.4 Creation of Water resources, a) Water Harvesting Structures for Community · पृ. 53–54 · हमारी प्रति (PDF)
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जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य
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PKVY

परंपरागत कृषि विकास योजना (जैविक खेती क्लस्टर)
₹15,000प्रति हेक्टेयर
(3 साल में), अधिकतम

तीन साल में ₹15,000 प्रति हेक्टेयर (₹5,000 प्रति वर्ष), डीबीटी से, अधिकतम 2 हेक्टेयर तक।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.5: पीकेवीवाई) · धारा B.5.9; table "Components and Financial break up", row 2.2 "Incentive to farmers as DBT" (p.108); B.5.7(b) (p.105) · पृ. 107 · हमारी प्रति (PDF)
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जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य
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Soil Health Card

मृदा स्वास्थ्य कार्ड (मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता)
मुफ़्तमिट्टी का नमूना लेकर जाँच
(पीएच, ईसी, जैविक कार्बन, N, P, K, S, Zn, Fe, Cu, Mn, B) और नमूने के 25 दिन के भीतर मृदा स्वास्थ्य कार्ड — पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में 30 दिन।

आपकी मिट्टी की जाँच होती है और खाद की सलाह के साथ मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलता है।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.4: मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता) · धारा B.4.3(I); Annexure-XXXV Citizen Charter (p.282) · पृ. 91 · हमारी प्रति (PDF)
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जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य
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NMNF

राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन
₹4,000प्रति वर्ष

प्राकृतिक खेती करने वाले प्रशिक्षित किसान को दो साल तक हर साल ₹4,000 — एक बार में ₹2,000 — अधिकतम एक एकड़ के लिए।

स्रोत राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन परिचालन दिशानिर्देश (10 फ़रवरी 2025 तक संशोधित) · धारा Annexure VII, 4. Output based incentive, 4.1 and table · पृ. 48–49 · हमारी प्रति (PDF)
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जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य
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HP Natural Farming MSP

राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना — प्राकृतिक खेती की उपज का समर्थन मूल्य
₹80 प्रति किलोप्राकृतिक खेती का गेहूँ

प्राकृतिक खेती से उगाया गेहूँ सरकार ₹80 प्रति किलो पर ख़रीदती है (पहले ₹60)।

स्रोत हिमाचल प्रदेश बजट भाषण 2026-27 (अंग्रेज़ी) · धारा Para 39 — MSP for produce of natural farming · पृ. 13 · हमारी प्रति (PDF)
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फसल और बीज
अभी चालू होने की पुष्टि नहीं हुईआपके लिए नहीं — शर्तें देखें

Daman & Diu farm input subsidy

एकीकृत कृषि विकास योजना (दमण और दीव)
100%लागत का, अधिकतम

जैव उर्वरक, कीटनाशक, कल्चर, हार्मोन और सूक्ष्म पोषक मुफ़्त, ₹5,000 तक।

स्रोत दमण और दीव अधिसूचना 17.10.2017 — एकीकृत कृषि विकास योजना की दरें · धारा Implemented by District Panchayat, Sr. 4 · पृ. 1 · हमारी प्रति (PDF)
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Vermicompost & biogas unit

पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई और गोबर/बायोगैस इकाई अनुदान, बिहार
50%लागत का, अधिकतम

हर पक्के वर्मी कम्पोस्ट पिट की लागत का 50%, प्रति पिट अधिकतम ₹5,000, अधिकतम 3 पिट तक (₹15,000)।

स्रोत बिहार वर्मी कम्पोस्ट व गोबर गैस इकाई कार्यान्वयन अनुदेश 2026-27 (पत्रांक 562, 13.08.2026) · धारा पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई, cl. 1–3 · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
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जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य
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Commercial vermicompost unit

व्यवसायिक वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई अनुदान, बिहार
40%लागत का, अधिकतम

परियोजना लागत का 40%, 1,000 टन वार्षिक इकाई पर अधिकतम ₹6.40 लाख, 2,000 टन पर ₹12.80 लाख और 3,000 टन पर ₹20.00 लाख।

स्रोत बिहार वर्मी कम्पोस्ट व गोबर गैस इकाई कार्यान्वयन अनुदेश 2026-27 (पत्रांक 562, 13.08.2026) · धारा व्यवसायिक वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई cl. 1–2; cl. 10(ख) and table · पृ. 15, 17–18 · हमारी प्रति (PDF)
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जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य
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Desi cow aid for natural farming

प्राकृतिक खेती करने वाले किसान परिवार को एक देसी गाय के निभाव की सहायता, गुजरात
₹10,800प्रति वर्ष

एक देसी गाय के लिए ₹900 महीना — साल में ₹10,800, हर छह महीने ₹5,400 — जब तक आप गाय रखते हैं और प्राकृतिक खेती करते हैं।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: प्राकृतिक खेती करने वाले किसान को एक देसी गाय के निभाव की सहायता, 2026-27 (2 मई 2026) · धारा Annexure-2, ક (aid); ચ.1 (₹5,400 six-monthly advance by DBT) · पृ. 6–7 · हमारी प्रति (PDF)
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फल, सब्ज़ी और फूल
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HRT-2 vegetables, spices & medicinal crops

HRT-2 सब्ज़ी, सहजन, मसाले, औषधीय और सुगंधित फ़सलों के लिए सहायता, गुजरात
₹20,000प्रति हेक्टेयर, अधिकतम

प्राकृतिक खेती से उगाई सब्ज़ी: बीज, प्राकृतिक इनपुट और खेती ख़र्च के लिए ₹20,000 प्रति हेक्टेयर तक, 0.20 से 2 हेक्टेयर पर अनुपात में, जीवन में एक बार।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(અ) (પરિશિષ્ટ-૨(અ), સહાયના ધોરણો), component 33 (શાકભાજી પાકોમાં પ્રાકૃતિક કૃષિ) · पृ. 27 · हमारी प्रति (PDF)
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फल, सब्ज़ी और फूल
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HRT-2 comprehensive horticulture development

HRT-2 व्यापक बागवानी विकास कार्यक्रम (ढाँचे सहित परियोजना आधारित बाग़), गुजरात
75%लागत का, अधिकतम

परियोजना में बहुवर्षीय बाग़: व्यक्तिगत किसान और ट्रस्ट को लागत का 50% (4 हेक्टेयर तक), मिलकर खेती करने वाले एफ़पीओ/सहकारी सदस्यों को 75% (50 हेक्टेयर तक), MIDH-NHM की फ़सलवार इकाई लागत पर।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(અ) (પરિશિષ્ટ-૨(અ), સહાયના ધોરણો), component 26.1 (કોમ્પ્રીહેન્સીવ હોર્ટીકલ્ચર ડેવલપમેન્ટ: બહુવર્ષાયુ ફળઝાડ વાવેતર) · पृ. 20 · हमारी प्रति (PDF)
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फल, सब्ज़ी और फूल
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Gujarat 15% top-up on MIDH horticulture

HRT-2 MIDH-NHM बागवानी घटकों पर राज्य की 15% पूरक सहायता, गुजरात
15%लागत का, अधिकतम

हाई-टेक नर्सरी: लागत का और 15%, बड़ी नर्सरी (1–2 हे.) में ₹30 लाख प्रति हेक्टेयर तक, छोटी (0.4–1 हे.) में ₹20 लाख प्रति हेक्टेयर तक।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(બ) (MIDH-NHM components: gap funding and state supplementary help), item B.1.1–B.1.2 (મોટી/નાની નર્સરી) · पृ. 32–33 · हमारी प्रति (PDF)
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यहाँ किसे सबसे ज़्यादा मदद

अन्य किसान100%PKVY
लघु या सीमांत किसान100%PKVY
महिला किसान100%PKVY
अनुसूचित जाति किसान100%PKVY
अनुसूचित जनजाति किसान100%PKVY
एफ़पीओ100%Soil Health Card
स्वयं सहायता समूह100%Soil Health Card
सहकारी समिति100%Soil Health Card
कृषि उद्यमी100%Soil Health Card

इस काम के लिए कोई चालू योजना जितना सबसे बड़ा हिस्सा देती है, आवेदक के हिसाब से। राशि फिर भी हर योजना की लागत-सीमा तक।

इसके हर घटक, दस्तावेज़ से (32)

MIDH एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच)

30%लागत का, अधिकतम

एकीकृत पोषक तत्व और कीट प्रबंधन (आईएनएम/आईपीएम) आदानों के लिए ₹5,000 प्रति हेक्टेयर का 30%, अधिकतम 2 हेक्टेयर।

स्रोत एमआईडीएच परिचालन दिशानिर्देश 2025 · धारा Annexure V, B.7 i) Promotion of INM/IPM · पृ. 59 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

इसमें एन, पी, के के तरल जैव-उर्वरक मिलाकर प्रयोग शामिल हैं (धारा 7.28)।

“B.7 Promotion of Integrated Nutrient Management (INM)/Integrated Pest Management (IPM) i) Promotion of INM/IPM Rs. 5000/ha. Assistance @ 30% for an area upto 2 ha. per beneficiary or on pro-rata basis for smaller areas.”
50%लागत का, अधिकतम

निजी पादप स्वास्थ्य क्लिनिक की लागत का 50%, अधिकतम ₹25 लाख की लागत पर।

स्रोत एमआईडीएच परिचालन दिशानिर्देश 2025 · धारा Annexure V, B.7 ii) Plant Health Clinics · पृ. 59 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“ii) Plant Health Clinics Rs. 25.00 lakh/unit Assistance @ 100% to Public sector and @ 50% to private sector”
50%लागत का, अधिकतम

स्थायी वर्मी कम्पोस्ट इकाई के लिए ₹1 लाख का, या एचडीपीई वर्मीबेड के लिए ₹16,000 का 50%।

स्रोत एमआईडीएच परिचालन दिशानिर्देश 2025 · धारा Annexure V, B.8 Organic Farming, iii. Vermi compost Units/organic input production · पृ. 59 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

एक इकाई के लिए दिखाया गया। एमआईडीएच में जैविक खेती अपनाने और जैविक प्रमाणन की सहायता पीकेवीवाई मानकों से मिलती है (अनुलग्नक V, B.8 i–ii), उसके आँकड़े पीकेवीवाई में देखें।

“iii. Vermi compost Units/organic input production Rs.1,00,000/ unit for permanent structure and Rs. 16,000/unit for HDPE Vermibed. Assistance @ 50% conforming to the size of the unit of 30’x8’x2.5’ dimension of permanent structure. For HDPE Vermibed, @ 50% conforming to the size of 96 cft (12’x4’x2’) and IS 15907:2010”

PKVY परंपरागत कृषि विकास योजना (जैविक खेती क्लस्टर)

₹15,000प्रति हेक्टेयर (3 साल में), अधिकतम

तीन साल में ₹15,000 प्रति हेक्टेयर (₹5,000 प्रति वर्ष), डीबीटी से, अधिकतम 2 हेक्टेयर तक।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.5: पीकेवीवाई) · धारा B.5.9; table "Components and Financial break up", row 2.2 "Incentive to farmers as DBT" (p.108); B.5.7(b) (p.105) · पृ. 107 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

तालिका में पहले, दूसरे और तीसरे साल ₹5,000-₹5,000 छपे हैं — कुल ₹15,000 प्रति हेक्टेयर। अक्सर बताए जाने वाले ₹31,500 प्रति हेक्टेयर पूरे क्लस्टर का बजट है; बाकी पैसा क्लस्टर बनाने, कर्मचारियों, प्रमाणन और विपणन पर खर्च होता है, किसान को नकद नहीं मिलता। एक किसान अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए लाभ ले सकता है (B.5.7(b))। आपको पीकेवीवाई क्लस्टर समूह में होना ज़रूरी है।

“Financial assistance to farmers shall be provided as incentive for eco-system service and for procurement/ management of organic inputs. Necessary funds under the head shall be released directly to the farmer beneficiaries as Direct Benefit Transfer (DBT) in their bank accounts.”
मुफ़्त3 साल तक ₹1,000 प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष (कुल ₹3,000 प्रति हेक्टेयर) का समूह जैविक प्रमाणन, पीजीएस-इंडिया क्षेत्रीय परिषद के माध्यम से; हर किसान सदस्य को सालाना जैविक प्रमाणपत्र छापकर दिया जाता है।

आपके पीकेवीवाई समूह का जैविक प्रमाणन (पीजीएस-इंडिया या एनपीओपी) तीन साल तक योजना के ख़र्च पर।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.5: पीकेवीवाई) · धारा B.5.10 table "Components and Financial break up", row 2.1 Certification (PGS or NPOP); B.5.7(b); Annexure-XLXI · पृ. 108 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

यह पैसा समूह को प्रमाणित करने वाली क्षेत्रीय परिषद को जाता है, आपको नहीं। योजना प्रति किसान अधिकतम दो हेक्टेयर तक ही ख़र्च देती है; आपकी बाकी ज़मीन भी क्लस्टर में रहकर बिना अतिरिक्त ख़र्च समूह के साथ प्रमाणित हो सकती है (B.5.7(b))।

“Certification (PGS or NPOP) 1000 1000 1000 3000”
मुफ़्तआपके प्रमाणन का ख़र्च (क्षेत्रीय परिषद से पीजीएस, या तीसरे पक्ष से एनपीओपी प्रमाणन) योजना सीधे क्षेत्रीय परिषद या प्रमाणन संस्था को लौटाती है; 1 हेक्टेयर से कम पर अनुपात में गिना जाता है।

अगर आप किसी पीकेवीवाई क्लस्टर से दूर जैविक खेती करते हैं, तो योजना आपका जैविक प्रमाणन शुल्क सीधे प्रमाणन संस्था को दे सकती है।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.5: पीकेवीवाई) · धारा B.5.7(d); B.5.4; Annexure-XLXIII para 1(a)–(f) · पृ. 105–106, 353 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

किसी क्षेत्रीय परिषद या एनपीओपी प्रमाणन संस्था में पंजीकरण कराएँ, फिर आईसी-1 स्थिति वाला स्कोप प्रमाणपत्र मिलने पर जैविक खेती पोर्टल पर; राज्य सूची सत्यापित करता है और पैसा प्रमाणन संस्था को जाता है (अनुलग्नक-XLXIII 1(a)–(c))। सीमा “घटक 14-B (3 और 4)” वाली बताई गई है, पर इस दिशानिर्देश में ऐसा कोई घटक या राशि नहीं छपी, इसलिए हम कोई राशि नहीं दिखाते। बड़े, लगातार फैले पारंपरिक/स्वाभाविक जैविक क्षेत्रों को केवल प्रमाणन के लिए ₹900 प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष, 3 साल तक, ग्राम पंचायत या राज्य को मिलता है (B.5.7(e); अनुलग्नक-XLXIII 2(h))।

“In cases where individual willing farmers or small farmer groups are interested to join the scheme and are located at distance from new/ existing PKVY clusters or large farmers that have not been included in the groups, then such farmers will also be considered as an extension of the group/ clusters and will be supported only for certification under component 14-B (3 & 4) PGS Certification through Regional Councils.”

Soil Health Card मृदा स्वास्थ्य कार्ड (मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता)

मुफ़्तमिट्टी का नमूना लेकर जाँच (पीएच, ईसी, जैविक कार्बन, N, P, K, S, Zn, Fe, Cu, Mn, B) और नमूने के 25 दिन के भीतर मृदा स्वास्थ्य कार्ड — पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में 30 दिन।

आपकी मिट्टी की जाँच होती है और खाद की सलाह के साथ मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलता है।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.4: मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता) · धारा B.4.3(I); Annexure-XXXV Citizen Charter (p.282) · पृ. 91 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

प्रति नमूना ₹300 योजना से राज्य को मिलते हैं, आपको नहीं। दिशानिर्देश में “मुफ़्त” शब्द नहीं लिखा है: जहाँ राज्य निजी साझेदारों से प्रयोगशाला चलाता है, वहाँ किसानों से जाँच शुल्क राज्य के अपने नियम तय करते हैं (B.4.3(V))।

“Soil sample collection, analysis and generation of Soil Health Card on SHC Portal farmers will be done for which the financial assistance @ Rs.300 per sample will be given to the states/UTs.”
₹1,50,000पूरा भुगतान, अधिकतम

गाँव स्तर की मिट्टी जाँच प्रयोगशाला लगाने के लिए एक बार में ₹1.50 लाख तक।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.4: मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता) · धारा B.4.3(III) (pp.91–92); Annexure-XXXVII para 5, 6(i) (pp.334–335) · पृ. 92 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देश के अनुसार प्रयोगशाला उपकरण के लिए लाभार्थी को अपना हिस्सा नहीं देना पड़ता। व्यक्तिगत आवेदक की उम्र 18 से 27 वर्ष हो और वह विज्ञान के साथ 10वीं पास हो तथा कंप्यूटर जानता हो; स्वयं सहायता समूह, एफपीओ और पैक्स भी आवेदन कर सकते हैं (अनुलग्नक-XXXVII, पैरा 5)। प्रयोगशाला को सौंपे गए 300 नमूनों के लिए ₹300 प्रति नमूना, फिर अगले 500 के लिए ₹20 प्रति कार्ड मिलता है (पैरा 4.3(X))। हम ₹1.50 लाख तक दिखाते हैं, आपकी प्रयोगशाला की लागत से ज़्यादा कभी नहीं।

“The Financial assistance @ Rs.1.50 lakh-total project cost will be provided to beneficiaries, which will be shared on 60:40 bases between GOI and states (90:10 in case of NE and Hilly States).”
मुफ़्तएक हेक्टेयर के प्रदर्शन के लिए उर्वरक, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, जैविक खाद और मिट्टी सुधारक (जिप्सम या चूना) — ₹5,000 प्रति प्रदर्शन।

आपके खेत में एक हेक्टेयर पर मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सलाह के अनुसार खाद के उपयोग का प्रदर्शन, सारी खाद-सामग्री के साथ।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.4: मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता) · धारा B.4.3(IV) Demonstrations, Training & Knowledge Sharing on Farmer’s Field · पृ. 92 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल राज्य द्वारा चुने गए गाँवों में; ₹5,000 राज्य को इनपुट के लिए मिलते हैं, आपको नकद नहीं।

“Under demonstration, all the required fertilizer inputs i.e. fertilizers, bio-fertilizers, micro-nutrients, organic manure and soil amendments (Gypsum or Liming material) are to be provided for demonstration of soil test based balanced use of fertilizers i.e. Integrated Nutrients Management (INM) with financial assistance @ Rs.5000/- per demonstration of one hectare.”
₹500प्रति हेक्टेयर, अधिकतम

मृदा स्वास्थ्य कार्ड जिन सूक्ष्म पोषक तत्वों (ज़िंक, आयरन, मैंगनीज़, बोरॉन…) की सलाह दे, उनके लिए ₹500 प्रति हेक्टेयर, उन इलाकों में जिन्हें राज्य कमी वाला मानता है।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.4: मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता) · धारा B.4.3(XI) Promotion of Micronutrients · पृ. 95 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी वाले इलाकों में और आपके कार्ड के अनुसार। दिशानिर्देश यह नहीं बताता कि राज्य यह नकद देगा या सूक्ष्म पोषक तत्व देगा, और प्रति किसान क्षेत्र की कोई सीमा नहीं छापता।

“Therefore, promotion of use of micronutrients as per Soil Health Card recommendation in the deficiency areas @ Rs.500 per ha would be given.”
मुफ़्तजिप्सम/चूना, हरी खाद और मेड़बंदी: अम्लीय मिट्टी के लिए ₹0.10 लाख, क्षारीय मिट्टी के लिए ₹0.20 लाख; लवणीय मिट्टी में ज़मीन के नीचे जल-निकासी: जलोढ़ मिट्टी में ₹0.65 लाख, भारी मिट्टी में ₹1.25 लाख। तालिका का शीर्षक “Financial Assistance per” के बाद कटा है, इसलिए इकाई नहीं छपी।

अम्लीय, क्षारीय या लवणीय मिट्टी सुधारने में मदद — जिप्सम या चूना, हरी खाद और मेड़बंदी, या ज़मीन के नीचे जल-निकासी।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.4: मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता) · धारा B.4.3(XII) Reclamation of Problem Soils, table · पृ. 95 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

छपी तालिका में इकाई (प्रति हेक्टेयर या कुछ और) नहीं है, इसलिए हम राशि की गणना नहीं करते। ज़िला कृषि या भूमि संरक्षण कार्यालय से पूछें कि आपका राज्य यह उप-घटक चलाता है या नहीं।

“For Gypsum/ Lime application, Green manuring and Bunding in a. Acidic soils Rs.0.10 lakh b. Alkali soils Rs.0.20 lakh; For Saline Soils by sub surface drainage in a. Alluvial soils Rs.0.65 lakh b. Heavy textured soils Rs.1.25 lakh”
₹20प्रति पहले 300 के बाद का मिट्टी नमूना, अधिकतम

गाँव की मिट्टी जाँच प्रयोगशाला चलाने वाले को सौंपे गए पहले 300 नमूनों के बाद, अगले 500 नमूनों तक, ₹20 प्रति कार्ड।

स्रोत पीएम-आरकेवीवाई परिचालन दिशानिर्देश (भाग B.4: मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता) · धारा B.4.3(III) (p.92); Annexure-XXXVII para 4.3(X) (p.334) · पृ. 92 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

अनुलग्नक-XXXVII 4.3(X): हर प्रयोगशाला को ₹300 प्रति नमूने पर 300 नमूने सौंपे जाते हैं, फिर “अगले 500 नमूनों” पर ₹20 प्रति नमूना; उसके बाद प्रयोगशाला राज्य की तय दर से शुल्क लेती है। अतिरिक्त जाँचे गए नमूनों की संख्या भरें।

“In order to encourage the entrepreneurs in the scheme for soil testing, the incentive @ Rs.20/- per Soil Health Card will be provided to entrepreneurs who have set up village level STLs and perform Soil sample collection and testing beyond 300 Samples.”

NMNF राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन

₹4,000प्रति वर्ष

प्राकृतिक खेती करने वाले प्रशिक्षित किसान को दो साल तक हर साल ₹4,000 — एक बार में ₹2,000 — अधिकतम एक एकड़ के लिए।

स्रोत राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन परिचालन दिशानिर्देश (10 फ़रवरी 2025 तक संशोधित) · धारा Annexure VII, 4. Output based incentive, 4.1 and table · पृ. 48–49 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

हर किस्त काम से जुड़ी है: प्रशिक्षण में जाना, ड्रम और बर्तन ख़रीदना, बीजामृत और जीवामृत बनाना, और दूसरे साल 6 और किसानों को प्रशिक्षित करना (अनुलग्नक VII, 4.1)। ज़्यादा ज़मीन होने पर भी प्रोत्साहन अधिकतम एक एकड़ के लिए है (धारा 22.5, मद C, पृ. 31)।

“4. Output based incentive : 4.1. ₹4000/- per acre per year for 2 years (maximum incentive for up to 1 acre per farmer) will be released in installments to the aadhar authenticated bank accounts of trained willing farmers as per the following norms mentioned : Year 1 — 1st installment, August, 2000/-; 2nd installment, February, 2000/-; Year 2 — 3rd installment, Mid Kharif, 2000/-; 4th installment, Mid Rabi, 2000/-”

HP Natural Farming MSP राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना — प्राकृतिक खेती की उपज का समर्थन मूल्य

₹80 प्रति किलोप्राकृतिक खेती का गेहूँ

प्राकृतिक खेती से उगाया गेहूँ सरकार ₹80 प्रति किलो पर ख़रीदती है (पहले ₹60)।

स्रोत हिमाचल प्रदेश बजट भाषण 2026-27 (अंग्रेज़ी) · धारा Para 39 — MSP for produce of natural farming · पृ. 13 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

2026-27 के बजट भाषण (पैरा 39) में पहले से दिए जा रहे दामों में बढ़ोतरी के रूप में घोषित। उपज राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती से उगाई होनी चाहिए; इस मौसम में ख़रीद कैसे और कहाँ होगी, अपने ब्लॉक कृषि कार्यालय से पूछें।

“The MSP of wheat will be increased from 60 to 80 rupees per kilogram.”
₹50 प्रति किलोप्राकृतिक खेती की मक्की

प्राकृतिक खेती से उगाई मक्की सरकार ₹50 प्रति किलो पर ख़रीदती है (पहले ₹40)।

स्रोत हिमाचल प्रदेश बजट भाषण 2026-27 (अंग्रेज़ी) · धारा Para 39 — MSP for produce of natural farming · पृ. 13 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

2026-27 के बजट भाषण (पैरा 39) में पहले से दिए जा रहे दामों में बढ़ोतरी के रूप में घोषित। उपज राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती से उगाई होनी चाहिए; इस मौसम में ख़रीद कैसे और कहाँ होगी, अपने ब्लॉक कृषि कार्यालय से पूछें।

“The MSP of maize will be increased from 40 to 50 rupees per kilogram.”
₹80 प्रति किलोप्राकृतिक खेती का पांगी घाटी का जौ

प्राकृतिक खेती से उगाया पांगी घाटी का जौ सरकार ₹80 प्रति किलो पर ख़रीदती है (पहले ₹60)।

स्रोत हिमाचल प्रदेश बजट भाषण 2026-27 (अंग्रेज़ी) · धारा Para 39 — MSP for produce of natural farming · पृ. 13 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

2026-27 के बजट भाषण (पैरा 39) में पहले से दिए जा रहे दामों में बढ़ोतरी के रूप में घोषित। उपज राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती से उगाई होनी चाहिए; इस मौसम में ख़रीद कैसे और कहाँ होगी, अपने ब्लॉक कृषि कार्यालय से पूछें।

“The MSP of barley from Pangi Valley will be increased from 60 to 80 rupees per kilogram.”
₹150 प्रति किलोप्राकृतिक खेती की हल्दी

प्राकृतिक खेती से उगाई हल्दी सरकार ₹150 प्रति किलो पर ख़रीदती है (पहले ₹90)।

स्रोत हिमाचल प्रदेश बजट भाषण 2026-27 (अंग्रेज़ी) · धारा Para 39 — MSP for produce of natural farming · पृ. 13 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

2026-27 के बजट भाषण (पैरा 39) में पहले से दिए जा रहे दामों में बढ़ोतरी के रूप में घोषित। उपज राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती से उगाई होनी चाहिए; इस मौसम में ख़रीद कैसे और कहाँ होगी, अपने ब्लॉक कृषि कार्यालय से पूछें।

“The MSP of turmeric will be increased from 90 to 150 rupees per kilogram.”
₹30 प्रति किलोप्राकृतिक खेती का अदरक

प्राकृतिक खेती से उगाया अदरक सरकार ₹30 प्रति किलो पर ख़रीदती है।

स्रोत हिमाचल प्रदेश बजट भाषण 2026-27 (अंग्रेज़ी) · धारा Para 39 — MSP for produce of natural farming · पृ. 13 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

2026-27 के बजट भाषण (पैरा 39) में पहले से दिए जा रहे दामों में बढ़ोतरी के रूप में घोषित। उपज राजीव गांधी प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती से उगाई होनी चाहिए; इस मौसम में ख़रीद कैसे और कहाँ होगी, अपने ब्लॉक कृषि कार्यालय से पूछें।

“In addition, I announce for the first time in the State the provision of MSP for ginger at the rate of 30 per kilogram.”

Daman & Diu farm input subsidy एकीकृत कृषि विकास योजना (दमण और दीव)

100%लागत का, अधिकतम

जैव उर्वरक, कीटनाशक, कल्चर, हार्मोन और सूक्ष्म पोषक मुफ़्त, ₹5,000 तक।

स्रोत दमण और दीव अधिसूचना 17.10.2017 — एकीकृत कृषि विकास योजना की दरें · धारा Implemented by District Panchayat, Sr. 4 · पृ. 1 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल दमण और दीव ज़िले (यह आदेश 2020 में दादरा और नगर हवेली के साथ विलय से पहले का है)। ज़िला पंचायत (क्रम 1–7) और ग्राम पंचायतें (जैविक खाद) चलाती हैं। दमण ज़िला पंचायत के सितंबर 2023 के परिपत्र में 2023-24 के लिए यही दरें दी गई थीं (फ़ॉर्म 25.09.2023 तक, ज़मीन के 1/14 और आधार के साथ, पहले आओ पहले पाओ); 2025-26 या 2026-27 की कोई सूचना नहीं मिली।

“Distribution of Bio liquid fertilizers, Pesticides, Bacteria, culture, hormones, micro- nutrients, etc — 100% cost limited to Rs. 5000/-.”
100%लागत का, अधिकतम

जैविक खाद, गोबर खाद, कम्पोस्ट या खली मुफ़्त, ₹5,000 तक (ग्राम पंचायत के ज़रिए)।

स्रोत दमण और दीव अधिसूचना 17.10.2017 — एकीकृत कृषि विकास योजना की दरें · धारा Implemented by Village Panchayat, Sr. 1 · पृ. 1 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल दमण और दीव ज़िले (यह आदेश 2020 में दादरा और नगर हवेली के साथ विलय से पहले का है)। ज़िला पंचायत (क्रम 1–7) और ग्राम पंचायतें (जैविक खाद) चलाती हैं। दमण ज़िला पंचायत के सितंबर 2023 के परिपत्र में 2023-24 के लिए यही दरें दी गई थीं (फ़ॉर्म 25.09.2023 तक, ज़मीन के 1/14 और आधार के साथ, पहले आओ पहले पाओ); 2025-26 या 2026-27 की कोई सूचना नहीं मिली।

“Distribution of Organic fertilizers/ manure/ compost/ cake etc — 100 % Cost limited to Rs.5000/-”

Vermicompost & biogas unit पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई और गोबर/बायोगैस इकाई अनुदान, बिहार

50%लागत का, अधिकतम

हर पक्के वर्मी कम्पोस्ट पिट की लागत का 50%, प्रति पिट अधिकतम ₹5,000, अधिकतम 3 पिट तक (₹15,000)।

स्रोत बिहार वर्मी कम्पोस्ट व गोबर गैस इकाई कार्यान्वयन अनुदेश 2026-27 (पत्रांक 562, 13.08.2026) · धारा पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई, cl. 1–3 · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल वे किसान पात्र हैं जो खेती के साथ गाय, भैंस या बैल पालते हैं, और आवेदन केवल किसान खुद कर सकते हैं (धारा 1, 6.D)। हर पिट ईंट का, 10′×3′×2.5′ (75 घन फुट), दीवार कम-से-कम 5″, ईंट का फ़र्श और वर्षारोधी छप्पर होना चाहिए — केवल प्लास्टिक का छप्पर मान्य नहीं (धारा 2)। 5 वर्ष तक उत्पादन करना अनिवार्य है (धारा 4), और पहले लाभ ले चुके किसान पात्र नहीं (धारा 6.B)।

“पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई निर्माण पर लागत मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 5000 रू0/इकाई, दोनों में से जो कम हो, की दर से अनुदान देय है। एक किसान को अधिकतम 03 (तीन) पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई हेतु ही अनुदान दिया जा सकेगा।”
50%लागत का, अधिकतम

2 घनमीटर गोबर/बायोगैस संयंत्र (अनुमानित लागत ₹42,000) की लागत का 50%, अधिकतम ₹21,000 — एक परिवार को एक संयंत्र।

स्रोत बिहार वर्मी कम्पोस्ट व गोबर गैस इकाई कार्यान्वयन अनुदेश 2026-27 (पत्रांक 562, 13.08.2026) · धारा गोबर/बायो गैस cl. II–IV and table · पृ. 39 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

तालिका में प्रति इकाई ₹22,500 छपा है, पर उसमें ₹1,500 टर्न-की राशि है जो संयंत्र लगाने वाली संस्था या कंपनी को अलग से मिलती है, आपके संतुष्टि प्रमाण पत्र (अनुसूची-09) के बाद — आपको नहीं (धारा XII(छ), पीडीएफ पृ. 42)। खेती और पशुपालन करना ज़रूरी है; एक परिवार को एक संयंत्र (धारा II)। जिसे पहले किसी भी योजना (जैविक खेती प्रोत्साहन, केवीआईसी, एमएनआरई आदि) से बायोगैस संयंत्र मिल चुका है, वह पात्र नहीं (धारा VIII)। 5 वर्ष तक चलाना अनिवार्य है (धारा VII)।

“गोबर/बायोगैस इकाई पर कुल लागत मूल्य का 50 प्रतिशत या अधिकतम 21,000 रू0/इकाई दोनों में से जो कम हो, अनुदान राशि देय है एवं 1500 रू0 (टर्न–की राशि), कुल 22,500 रू0 देय है”

Commercial vermicompost unit व्यवसायिक वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई अनुदान, बिहार

40%लागत का, अधिकतम

परियोजना लागत का 40%, 1,000 टन वार्षिक इकाई पर अधिकतम ₹6.40 लाख, 2,000 टन पर ₹12.80 लाख और 3,000 टन पर ₹20.00 लाख।

स्रोत बिहार वर्मी कम्पोस्ट व गोबर गैस इकाई कार्यान्वयन अनुदेश 2026-27 (पत्रांक 562, 13.08.2026) · धारा व्यवसायिक वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई cl. 1–2; cl. 10(ख) and table · पृ. 15, 17–18 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

गैर सरकारी संगठन, केवीके और किसान रुचि समूह भी आवेदन कर सकते हैं। 2026-27 का लक्ष्य 20 इकाइयाँ हैं, सभी 3,000 टन की (₹400 लाख); 1,000 और 2,000 टन का इस वर्ष लक्ष्य 0 है (तालिका, पीडीएफ पृ. 18)। कम-से-कम 10 वर्ष पूरी क्षमता से उत्पादन करना अनिवार्य है, वरना अनुदान एकमुश्त वसूला जाएगा (धारा 3)। पहले लाभ ले चुके आवेदक पात्र नहीं (धारा 5(ख))।

“व्यवसायिक वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन इकाई की स्थापना हेतु FPO/FPC/FIG/ किसान/ किसान समूह/उद्यमी/स्टार्टअप/गैर सरकारी संगठन/KVK प्रतिवर्ष 1000, 2000, एवं 3000 मे0 टन क्षमता वाले इकाईयों का कुल लागत मूल्य क्रमशः 16.00 लाख रू0, 32.00 लाख रू0 एवं 50.00 लाख रू0 के लिए 40 प्रतिशत अनुदान राशि या अधिकतम क्रमशः 6.40 लाख रू0, 12.80 लाख रू0 एवं 20.00 लाख रू0, दोनों में से जो कम हो अनुदान दिये जाने का प्रावधान है।”

Desi cow aid for natural farming प्राकृतिक खेती करने वाले किसान परिवार को एक देसी गाय के निभाव की सहायता, गुजरात

₹10,800प्रति वर्ष

एक देसी गाय के लिए ₹900 महीना — साल में ₹10,800, हर छह महीने ₹5,400 — जब तक आप गाय रखते हैं और प्राकृतिक खेती करते हैं।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: प्राकृतिक खेती करने वाले किसान को एक देसी गाय के निभाव की सहायता, 2026-27 (2 मई 2026) · धारा Annexure-2, ક (aid); ચ.1 (₹5,400 six-monthly advance by DBT) · पृ. 6–7 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल पहचान टैग वाली देसी गाय (जर्सी, एचएफ जैसी विदेशी नस्ल नहीं, और बछड़ा नहीं) और कम से कम एक एकड़ (40 गुंठा) में पूरी तरह देसी गाय आधारित प्राकृतिक खेती; 8-अ के एक खाते पर एक लाभ; प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग ली होनी चाहिए (परिशिष्ट-2, ख.1–4)। गाय मर जाए या बेच दी जाए, रासायनिक खाद इस्तेमाल होती मिले, या प्राकृतिक खेती छोड़ दें तो सहायता बंद (परिशिष्ट-1, 2, 7–9)।

“દેશી ગાય આધારિત સંપુર્ણ પ્રાકૃતિક ખેતી કરતા ખેડૂત કુટુંબને એક ગાય માટે નિભાવ ખર્ચ અર્થે રૂ.૯૦૦/- પ્રતિ માસ (રૂ.૧૦,૮૦૦/- ની વાર્ષિક મર્યાદામાં) સહાય આપવાની આ યોજના છે. જે હેઠળ રાજ્યના તમામ ખેડૂતોને લાભ મળવાપાત્ર થશે.”

HRT-2 vegetables, spices & medicinal crops HRT-2 सब्ज़ी, सहजन, मसाले, औषधीय और सुगंधित फ़सलों के लिए सहायता, गुजरात

₹20,000प्रति हेक्टेयर, अधिकतम

प्राकृतिक खेती से उगाई सब्ज़ी: बीज, प्राकृतिक इनपुट और खेती ख़र्च के लिए ₹20,000 प्रति हेक्टेयर तक, 0.20 से 2 हेक्टेयर पर अनुपात में, जीवन में एक बार।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(અ) (પરિશિષ્ટ-૨(અ), સહાયના ધોરણો), component 33 (શાકભાજી પાકોમાં પ્રાકૃતિક કૃષિ) · पृ. 27 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल ज़िला आत्मा कार्यालय की प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सूची वाले किसान; सब्ज़ी उगने पर तालुका अधिकारी खेत जाँचते हैं और अक्षांश-देशांतर वाली फ़ोटो पर भुगतान।

“શાકભાજી પાકોમાં પ્રાકૃતિક કૃષિને પ્રોત્સાહન આપવાનો કાર્યક્રમ • શાકભાજીની ખેતી પ્રાકૃતિક ખેતી પધ્ધતિથી કરતા હોય તેવા ખેડૂતને બિયારણ, પ્રાકૃતિક ઇનપુટ ખેતી ખર્ચ તથા શાકભાજીની પ્રાકૃતિક ખેતીને પ્રોત્સાહન મળે તે માટે મહત્તમ રૂ.૨૦,૦૦૦/ હેક્ટર સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”

HRT-2 comprehensive horticulture development HRT-2 व्यापक बागवानी विकास कार्यक्रम (ढाँचे सहित परियोजना आधारित बाग़), गुजरात

75%लागत का, अधिकतम

स्थायी वर्मी कम्पोस्ट इकाई (30 × 8 × 2.5 फ़ुट): ₹60,000 प्रति इकाई का 50% (एफ़पीओ/सहकारी 75%), 7 इकाई तक।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(અ) (પરિશિષ્ટ-૨(અ), સહાયના ધોરણો), component 26.5 (વર્મી કંમ્પોસ્ટ યુનિટ), permanent · पृ. 22 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

परियोजना आधारित, 2 हेक्टेयर या ज़्यादा (बाग़ वाले हिस्से में व्यक्ति और ट्रस्ट 4 हेक्टेयर तक; मिलकर खेती करने वाले एफ़पीओ/एफ़पीसी/सहकारी सदस्य 50 हेक्टेयर तक), जीवन में एक बार। बाग़ घटक अनिवार्य है और मद 2–7 में से कम से कम दो के साथ लेना होगा। इकाई लागत MIDH-NHM दिशा-निर्देशों के अनुसार; बाग़ की सहायता पूरा होने पर दो किस्तों (60:40) में, दूसरी 90% पौधे ज़िंदा रहने पर।

“૫. વર્મી કંમ્પોસ્ટ યુનિટ … ૧. કાયમી યુનિટ માટે રૂ. ૬૦,૦૦૦/એકમ ➢ કાયમી માળખા માટે સામાન્ય ખેડૂત તથા રજીસ્ટર્ડ ટ્રસ્ટને ખર્ચના ૫૦% સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. તેમજ FPO, FPC, સહકારી મંડળીને ખર્ચના ૭૫% સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. ➢ મહત્તમ ૦૭ યુનિટ માટે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”
75%लागत का, अधिकतम

या HDPE वर्मी बेड (12 × 4 × 2 फ़ुट, IS 15907:2010): ₹10,000 प्रति बेड का 50% (एफ़पीओ/सहकारी 75%), 10 बेड तक।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(અ) (પરિશિષ્ટ-૨(અ), સહાયના ધોરણો), component 26.5 (વર્મી કંમ્પોસ્ટ યુનિટ), HDPE bed · पृ. 22 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

परियोजना आधारित, 2 हेक्टेयर या ज़्यादा (बाग़ वाले हिस्से में व्यक्ति और ट्रस्ट 4 हेक्टेयर तक; मिलकर खेती करने वाले एफ़पीओ/एफ़पीसी/सहकारी सदस्य 50 हेक्टेयर तक), जीवन में एक बार। बाग़ घटक अनिवार्य है और मद 2–7 में से कम से कम दो के साथ लेना होगा। इकाई लागत MIDH-NHM दिशा-निर्देशों के अनुसार; बाग़ की सहायता पूरा होने पर दो किस्तों (60:40) में, दूसरी 90% पौधे ज़िंदा रहने पर।

“૨. HDPE અળસીયાના બેડ માટે યુનિટ કોસ્ટ:- રૂ. ૧૦,૦૦૦/એકમ ➢ સામાન્ય (વ્યક્તિગત) ખેડૂત તથા રજીસ્ટર્ડ ટ્રસ્ટને ખર્ચના ૫૦% સહાય … FPO, સહકારી મંડળીને ખર્ચના ૭૫% સહાય … ➢ મહત્તમ ૧૦ યુનિટ માટે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”
75%लागत का, अधिकतम

APEDA-अधिकृत एजेंसी से GAP प्रमाणन: ₹10,000 प्रति हेक्टेयर का 50% (एफ़पीओ/सहकारी 75%), ₹3 लाख इकाई लागत के भीतर।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(અ) (પરિશિષ્ટ-૨(અ), સહાયના ધોરણો), component 26.6 (GAP સર્ટીફીકેશન) · पृ. 22 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

परियोजना आधारित, 2 हेक्टेयर या ज़्यादा (बाग़ वाले हिस्से में व्यक्ति और ट्रस्ट 4 हेक्टेयर तक; मिलकर खेती करने वाले एफ़पीओ/एफ़पीसी/सहकारी सदस्य 50 हेक्टेयर तक), जीवन में एक बार। बाग़ घटक अनिवार्य है और मद 2–7 में से कम से कम दो के साथ लेना होगा। इकाई लागत MIDH-NHM दिशा-निर्देशों के अनुसार; बाग़ की सहायता पूरा होने पर दो किस्तों (60:40) में, दूसरी 90% पौधे ज़िंदा रहने पर।

“૬. GAP સર્ટીફીકેશન યુનિટ કોસ્ટ: રૂ. ૩.૦૦ લાખની મર્યાદામાં ( રૂ. ૧૦,૦૦૦/- પ્રતિ હેક્ટર ) ➢ સામાન્ય ખેડૂત/ રજીસ્ટર્ડ ટ્રસ્ટને ખર્ચના ૫૦% સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. ➢ FPO, FPC, સહકારી મંડળીને ખર્ચના ૭૫% સહાય મળવાપાત્ર રહેશે”

Gujarat 15% top-up on MIDH horticulture HRT-2 MIDH-NHM बागवानी घटकों पर राज्य की 15% पूरक सहायता, गुजरात

15%लागत का, अधिकतम

एकीकृत पोषण व कीट प्रबंधन: ₹5,000 प्रति हेक्टेयर का और 15% (MIDH के 30% के ऊपर), 2 हेक्टेयर तक, इनपुट गुजरात एग्रो, GSFC, GNFC, इफ़को, गुजकोमासोल, कृभको या विश्वविद्यालय के विक्रेता से।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(બ) (MIDH-NHM components: gap funding and state supplementary help), item B.7.1 (સંકલિત પોષણ / જીવાત વ્યવસ્થાપન) · पृ. 54–55 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (35–50%) गुजरात बागवानी मिशन देता है और केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है। मिशन के भुगतान आदेश के बाद ज़िला राज्य की पूरक राशि देता है (परिशिष्ट-1, 13); मिशन के पास धन या लक्ष्य न हो तो HRT-2 गैप फ़ंडिंग से दोनों हिस्से दे सकता है (परिशिष्ट-1, 12)। किसी शंका में MIDH-NHM दिशा-निर्देश मान्य (परिशिष्ट-1, 14)।

“B.7 1.સંકલિત પોષણ / જીવાત વ્યવસ્થાપનને પ્રોત્સાહન એકમ ખર્ચ • રૂ. 5000/- પ્રતિ હેક્ટર • એકમ ખર્ચના 30 % સહાય • લાભાર્થી દીઠ મહત્તમ બે હેક્ટર … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”
15%लागत का, अधिकतम

पौध स्वास्थ्य क्लिनिक: लागत का और 15%, ₹25 लाख तक गिनी।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(બ) (MIDH-NHM components: gap funding and state supplementary help), item B.7.2 (પ્લાન્ટ હેલ્થ ક્લીનીક) · पृ. 55 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (35–50%) गुजरात बागवानी मिशन देता है और केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है। मिशन के भुगतान आदेश के बाद ज़िला राज्य की पूरक राशि देता है (परिशिष्ट-1, 13); मिशन के पास धन या लक्ष्य न हो तो HRT-2 गैप फ़ंडिंग से दोनों हिस्से दे सकता है (परिशिष्ट-1, 12)। किसी शंका में MIDH-NHM दिशा-निर्देश मान्य (परिशिष्ट-1, 14)।

“2.પ્લાન્ટ હેલ્થ ક્લીનીક એકમ ખર્ચ • રૂ. 25.00 લાખ પ્રતિ એકમ • ખાનગી ક્ષેત્રોને એકમ ખર્ચના 50 % સહાય … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”
15%लागत का, अधिकतम

वर्मी कम्पोस्ट या जैविक इनपुट इकाई: ₹1 लाख प्रति स्थायी इकाई (30 × 8 × 2.5 फ़ुट) या ₹16,000 प्रति HDPE वर्मी बेड का और 15%।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(બ) (MIDH-NHM components: gap funding and state supplementary help), item B.8.3 (વર્મી કમ્પોસ્ટ / સેન્દ્રીય ઇનપુટ ઉત્પાદન એકમ) · पृ. 55 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (35–50%) गुजरात बागवानी मिशन देता है और केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है। मिशन के भुगतान आदेश के बाद ज़िला राज्य की पूरक राशि देता है (परिशिष्ट-1, 13); मिशन के पास धन या लक्ष्य न हो तो HRT-2 गैप फ़ंडिंग से दोनों हिस्से दे सकता है (परिशिष्ट-1, 12)। किसी शंका में MIDH-NHM दिशा-निर्देश मान्य (परिशिष्ट-1, 14)। संकल्प में इकाइयों की संख्या नहीं छपी, इसलिए कैलकुलेटर एक इकाई गिनता है।

“3. વર્મી કમ્પોસ્ટ / સેન્દ્રીય ઇનપુટ ઉત્પાદન એકમ ઉભુ કરવું એકમ ખર્ચ • કાયમી માળખા માટે રૂ. 1.00 લાખ પ્રતિ એકમ • HDPE વર્મી બેડ માટે રૂ. 0.16 લાખ પ્રતિ એકમ • એકમ ખર્ચના 50 % સહાય … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”
15%लागत का, अधिकतम

GAP / भारत GAP अपनाना और प्रमाणन: ₹20,000 प्रति हेक्टेयर का और 15%, 2 हेक्टेयर तक।

स्रोत गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 · धारा Annexure-2(બ) (MIDH-NHM components: gap funding and state supplementary help), item B.9 (GAP / Bharat GAP) · पृ. 56 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (35–50%) गुजरात बागवानी मिशन देता है और केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है। मिशन के भुगतान आदेश के बाद ज़िला राज्य की पूरक राशि देता है (परिशिष्ट-1, 13); मिशन के पास धन या लक्ष्य न हो तो HRT-2 गैप फ़ंडिंग से दोनों हिस्से दे सकता है (परिशिष्ट-1, 12)। किसी शंका में MIDH-NHM दिशा-निर्देश मान्य (परिशिष्ट-1, 14)।

“B.9 GAP / Bharat GAP પદ્ધતિ અપનાવવા તેમજ તેના સર્ટીફીકેશન માટે એકમ ખર્ચ રૂ. 0.20 લાખ પ્રતિ હેક્ટર • એકમ ખર્ચના 50 % સહાય • લાભાર્થી દીઠ મહત્તમ બે હેક્ટર … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”