नारियल विकास बोर्ड — नारियल बाग़ों का पुनर्रोपण और जीर्णोद्धार
2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 1 (Department of Agriculture and Farmers Welfare), Autonomous Bodies item 31 Coconut Development Board, BE 2026-27 ₹37.16 crore; Notes item 31)
गाँव के क्लस्टर में शामिल पुराने, रोगी नारियल बाग़ों के लिए: हर अनुत्पादक पेड़ काटने पर ₹1,000 (प्रति हेक्टेयर 32 तक), नए पौधों की आधी लागत और बाक़ी पेड़ों को सुधारने के लिए आदान — प्रति हेक्टेयर अधिकतम ₹54,000।
- मुख्य लाभ
- ₹1,000प्रति पेड़, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
हर पुराने या रोगी पेड़ को काटकर हटाने पर ₹1,000, प्रति हेक्टेयर अधिकतम 32 पेड़ (₹32,000), 1 हेक्टेयर तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल साल में 10 से कम नारियल देने वाले, सर्वेक्षण में चिह्नित पेड़; 32 की सीमा से ऊपर के चिह्नित पेड़ भी हटाने होंगे। सभी घटकों में सहायता प्रति लाभार्थी 1 हेक्टेयर तक। पिछले पाँच वर्षों में एलओडीपी, पीआईसीसीएस या आर&आर सहायता लेने वाले पात्र नहीं।
“(i) Cutting and removal of old, senile, unproductive and disease advanced palms: Subsidy @ Rs. 1,000 per palm, subject to a maximum of Rs. 32,000/ ha (maximum 32 palms per hectare) is provided, as reimbursement, during the first year after cutting and removal”बचे पेड़ों को सुधारने के लिए 1 हेक्टेयर पर ₹17,500 (₹70,000 का 25%) के आदान, दो साल तक हर साल ₹8,750।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
नक़द नहीं, सामान के रूप में: खाद, उर्वरक, पौध-संरक्षण व अन्य आदान, जिन्हें सीडीबी सूचीबद्ध एजेंसियों से ख़रीदकर आपकी सब्सिडी में समायोजित करता है (लाभ वितरण)।
“(ii) Rejuvenation of the remaining coconut palms by Integrated Management: The subsidy @ 25% of the total cost of rejuvenation (Rs. 70,000); i.e., Rs. 17,500 per ha is provided in two annual installments of Rs. 8,750/- each. The maximum eligibility for availing assistance under this component is 1 ha per beneficiary.”नए नारियल पौधों की आधी लागत, अधिकतम ₹45 प्रति पौधा और ₹4,500 प्रति हेक्टेयर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
पौधों का बिल परियोजना लागत में भरें। यहाँ सीमा 1 हेक्टेयर की अधिकतम राशि है; कटाई के बाद वाले रोपण मौसम में पुनर्रोपण ज़रूरी है।
“(iii) Assistance for replanting: The subsidy @ 50% cost of coconut seedlings subject to a maximum of Rs 4,500/ha (Rs.45 per seedling) is extended, as reimbursement, for replanting during the first year.”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए पेड़ की संख्या भरें।
केवल साल में 10 से कम नारियल देने वाले, सर्वेक्षण में चिह्नित पेड़; 32 की सीमा से ऊपर के चिह्नित पेड़ भी हटाने होंगे। सभी घटकों में सहायता प्रति लाभार्थी 1 हेक्टेयर तक। पिछले पाँच वर्षों में एलओडीपी, पीआईसीसीएस या आर&आर सहायता लेने वाले पात्र नहीं।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- आपके बाग़ का आधार सर्वेक्षण फ़ॉर्म (अनुलग्नक XVII), आदान आपूर्तिकर्ता को भुगतान की सहमति के साथ
- आईएफ़एससी सहित आधार-लिंक बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर और पूरा पता
- सामाजिक श्रेणी (अनुसूचित जाति/जनजाति/ओबीसी), जहाँ लागू हो
- राज्य विभाग का प्रमाणपत्र कि पिछले पाँच वर्षों में एलओडीपी/पीआईसीसीएस/आर&आर सहायता नहीं ली (क्लस्टर द्वारा जमा)
आवेदन कैसे करें
- योजना क्लस्टर में चलती है: सभी बाग़ों के आधार सर्वेक्षण के बाद आपका गाँव/वार्ड समूह (नारियल किसान क्लस्टर) या राज्य कृषि/उद्यान विभाग आवेदन करता है (C, संचालन; A, चरण 1–4)।
- साल में 10 से कम नारियल देने वाले पेड़ों पर निशान लगाएँ; मंज़ूरी के 3 महीने के भीतर पहले अपने ख़र्च पर काटकर हटाएँ (C (i); चरण 10, 22–23)।
- अगले रोपण मौसम में अच्छे पौधे लगाएँ; बाक़ी पेड़ों के लिए आदान क्लस्टर के ज़रिये मिलते हैं (C (iii); आदान आपूर्ति)।
- कटाई और पुनर्रोपण की राशि जाँच के बाद डीबीटी से मिलती है; जीर्णोद्धार की मदद आदान के रूप में मिलती है, नक़द नहीं (C, लाभ वितरण)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।