कॉफ़ी बोर्ड — एकीकृत कॉफ़ी विकास परियोजना (पुनर्रोपण और जल संवर्धन)
चालू होने का आधार: कॉफ़ी बोर्ड अधिसूचना, 25 मई 2026 (आईसीडीपी 2026-27 तक जारी) (25 मई 2026, Notification Ref No. RES/CQD/ICDP-15th FCC/2026-27/61 dated 25/05/2026, para 1: "The Ministry of Commerce & Industry, Government of India has conveyed approval for General Guidelines for implementation of "Integrated Coffee Development Project (ICDP)" … for the remaining period of Fifteenth Finance Commission Cycle up to 2026-27.")
कॉफ़ी उत्पादकों को पुरानी, कम उपज वाली कॉफ़ी के पुनर्रोपण (अरेबिका के लिए ₹3.25 लाख प्रति हेक्टेयर का 40%, रोबस्टा के लिए ₹2.75 लाख) और पानी की टंकी, कुआँ व सिंचाई के लिए सहायता।
- मुख्य लाभ
- 75%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
पुरानी अरेबिका कॉफ़ी के पुनर्रोपण के लिए ₹3,25,000 प्रति हेक्टेयर का 40% (₹1,30,000), साल में अधिकतम 25 हेक्टेयर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
कम से कम 25 साल पुरानी अरेबिका (अरेबिका बौनी 15 साल) के लिए। 2 हेक्टेयर तक के अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पादकों को 90% मिलता है; हम 2 हेक्टेयर से ऊपर के लिए छपी 75% दर दिखाते हैं ताकि राशि कभी बढ़ाकर न बताएँ। 25 हेक्टेयर से बड़ी जोत और कंपनियों को 25%। दरें 2024-25 से 2025-26 की कार्यान्वयन विधि से हैं; आईसीडीपी 2026-27 तक बढ़ा है, पर जाँच के समय 2026-27 का उत्पादक परिपत्र प्रकाशित नहीं था। बजट कम होने पर बोर्ड दर घटा सकता है (1.1.1.3 टिप्पणी 1)।
“1.1.1.2. Unit Cost: i) For Arabica - Rs.3,25,000/- per ha … 1.1.1.3. Scale of Subsidy: General a) Up to 25 ha 40% b) >25 ha including Corporate / Partnership firms 25% c) ST / SC Growers a) Up to 2 Ha. 90% b) >2 ha. 75%”पुरानी रोबस्टा कॉफ़ी के पुनर्रोपण के लिए ₹2,75,000 प्रति हेक्टेयर का 40% (₹1,10,000), साल में अधिकतम 25 हेक्टेयर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
कम से कम 40 साल पुरानी रोबस्टा के लिए। 2 हेक्टेयर तक के अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पादकों को 90% मिलता है; हम 2 हेक्टेयर से ऊपर के लिए छपी 75% दर दिखाते हैं ताकि राशि कभी बढ़ाकर न बताएँ। 25 हेक्टेयर से बड़ी जोत और कंपनियों को 25%। दरें 2024-25 से 2025-26 की कार्यान्वयन विधि से हैं; आईसीडीपी 2026-27 तक बढ़ा है, पर जाँच के समय 2026-27 का उत्पादक परिपत्र प्रकाशित नहीं था। बजट कम होने पर बोर्ड दर घटा सकता है (1.1.1.3 टिप्पणी 1)।
“1.1.1.2. Unit Cost: ii) For Robusta - Rs.2,75,000/- per ha … 1.1.1.3. Scale of Subsidy: General a) Up to 25 ha 40% b) >25 ha including Corporate / Partnership firms 25% c) ST / SC Growers a) Up to 2 Ha. 90% b) >2 ha. 75%”पानी की टंकी, खुला/रिंग कुआँ, स्प्रिंकलर या ड्रिप की बोर्ड इकाई लागत का 40% (अनुसूचित जाति/जनजाति को 75–90%), जो जोत के आकार से तय होती है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
0.4–25 हेक्टेयर की जोत (अनुसूचित जाति/जनजाति 0.10 हेक्टेयर से)। एक जल संरचना और सिंचाई उपकरण; पिछले दस वर्षों में जिस संरचना पर सहायता ली हो उसके लिए नहीं। 2 हेक्टेयर तक के अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पादकों को 90% मिलता है; हम 2 हेक्टेयर से ऊपर के लिए छपी 75% दर दिखाते हैं ताकि राशि कभी बढ़ाकर न बताएँ। 25 हेक्टेयर से बड़ी जोत और कंपनियों को 25%। दरें 2024-25 से 2025-26 की कार्यान्वयन विधि से हैं; आईसीडीपी 2026-27 तक बढ़ा है, पर जाँच के समय 2026-27 का उत्पादक परिपत्र प्रकाशित नहीं था। बजट कम होने पर बोर्ड दर घटा सकता है (1.1.1.3 टिप्पणी 1)।
“1.1.2.2. Scale of subsidy: I. General a) Up to 25 ha. 40% II. ST / SC Growers a) Up to 2 Ha. 90% b) >2 75%”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए हेक्टेयर की संख्या भरें।
कम से कम 25 साल पुरानी अरेबिका (अरेबिका बौनी 15 साल) के लिए। 2 हेक्टेयर तक के अनुसूचित जाति/जनजाति उत्पादकों को 90% मिलता है; हम 2 हेक्टेयर से ऊपर के लिए छपी 75% दर दिखाते हैं ताकि राशि कभी बढ़ाकर न बताएँ। 25 हेक्टेयर से बड़ी जोत और कंपनियों को 25%। दरें 2024-25 से 2025-26 की कार्यान्वयन विधि से हैं; आईसीडीपी 2026-27 तक बढ़ा है, पर जाँच के समय 2026-27 का उत्पादक परिपत्र प्रकाशित नहीं था। बजट कम होने पर बोर्ड दर घटा सकता है (1.1.1.3 टिप्पणी 1)।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- कॉफ़ी उत्पादक पंजीकरण, आधार और बैंक खाता विवरण
- ज़मीन के मालिकाना काग़ज़ (कर्नाटक में आरटीसी सहित पट्टा/खाता; तमिलनाडु में चिट्टा व अडंगल; केरल में कब्ज़ा प्रमाणपत्र; बिना आरटीसी वाले अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए हक्कू पत्र)
- अनुसूचित जाति/जनजाति आवेदकों के लिए जाति प्रमाणपत्र
आवेदन कैसे करें
- कॉफ़ी उत्पादक के रूप में पंजीकरण कराएँ और coffeeboard.gov.in या इंडिया कॉफ़ी ऐप पर ऑनलाइन आवेदन करें (छोटे उत्पादक कॉफ़ी बोर्ड कार्यालय में काग़ज़ पर भी आवेदन कर सकते हैं) (सामान्य दिशानिर्देश 1, 13)।
- काम शुरू करने से पहले खेत निरीक्षण और तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट का इंतज़ार करें; आवेदन साल के लक्ष्य के भीतर पहले आओ-पहले पाओ पर लिए जाते हैं (सामान्य दिशानिर्देश 14)।
- काम पूरा करके दावा जमा करें; भौतिक सत्यापन के बाद सब्सिडी बैंक खाते में आती है (1.1.1.5; 1.1.2)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।