मत्स्य पालन प्रसार योजना (छत्तीसगढ़)
बजट में राशि: छत्तीसगढ़ कृषि बजट 2026-27 (24 फ़र॰ 2026, मछली पालन विभाग, क्र. 6, योजना 3319 “मत्स्य पालन प्रसार” — budget 2026-27 ₹1,50,000 thousand)
मछली पालकों और मछुआरों के लिए राज्य सहायता: फिंगरलिंग संचयन के लिए 5 साल तक ₹2,000 प्रति हेक्टेयर हर साल, प्लेंक्टन के लिए ₹7,500 प्रति हेक्टेयर, फुटकर मछली बिक्री सामान के लिए ₹6,000 तक, ₹10,000 का नाव-जाल, और अ.जा./अ.ज.जा. मछुआरों को स्पान संवर्धन के लिए ₹30,000 तथा झींगा पालन के लिए ₹15,000 तक।
- मुख्य लाभ
- ₹2,000प्रति हेक्टेयर, अधिकतम
- घटक
- 6हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
प्रति हेक्टेयर 10,000 फिंगरलिंग के लिए पाँच साल तक हर साल अधिकतम ₹2,000 प्रति हेक्टेयर — मछली बीज के रूप में।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“मत्स्य कृषक को वस्तु विशेष के रूप में 10,000 नग मत्स्यबीज फिंगरलिंग प्रति हैक्टर संचयन हेतु पांच वर्ष तक आर्थिक सहायता का प्रावधान है। प्रत्येक वर्ष रूपये 2,000/– की सीमा तक प्रति हैक्टर सहायता दी जाती है।”तालाब की मछलियों के प्राकृतिक आहार के लिए प्लेंक्टन ग्रोवर सामग्री पर ₹7,500 प्रति हेक्टेयर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“तालाबों में प्लेंक्टन विकसित करने हेतु प्लेंक्टन ग्रोवर सामग्री पर प्रति हेक्टेयर लागत रु 7500/– आर्थिक सहायता के रूप में अनुदान दिया जाना स्वीकृत किया गया है।”किसी भी वर्ग के फुटकर मछली विक्रेता को आईस बॉक्स, तराज़ू-बाट जैसे बिक्री उपकरण के लिए ₹6,000 तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“सभी संवर्ग के फुटकर मछुआ हितग्राहियों को आईस बाक्स, तराजू–बाट, आदि विक्रय उपकरण क्रय करने हेतु प्रति मछुआरा रूपये 6,000/– तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।”मछुआरे को ₹7,000 का जाल और ₹3,000 की नाव — या ₹10,000 का जाल — दिया जाता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“योजना अंतर्गत हितग्राहियों के लिए रूपये 7,000/– का जाल एवं रूपये 3,000/– की नाव अथवा रूपये 10,000 का जाल प्रदाय किये जाने का प्रावधान है।”अ.जा. और अ.ज.जा. मछली पालकों को 0.5 हेक्टेयर के मौसमी तालाब में स्पान संवर्धन के लिए ₹30,000 (शत-प्रतिशत अनुदान)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों के 0.50 हैक्टर के मौसमी तालाबों में शत–प्रतिशत अनुदान पर स्पान संवर्धन … हितग्राही को तालाब की तैयारी, इनपुट्स एवं मत्स्य बीज आदि हेतु रुपये 30,000/– की सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।”अ.जा. और अ.ज.जा. मछुआरों को झींगा पालन के लिए तीन साल में ₹15,000 तक (₹7,500, ₹4,965 और ₹2,535) का झींगा बीज, मछली बीज, खाद और आहार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“अनुसूचित जाति/जनजाति के मछुआरों को झींगा पालन … योजना अन्तर्गत कृषकों को झींगा बीज, मछली बीज क्रय करने तथा खाद एवं खाद्य पदार्थों हेतु तीन वर्ष में अधिकतम रूपये 15,000/– अनुदान का प्रावधान है (प्रथम वर्ष – 7500/–, द्वितीय वर्ष –4965/–, तृतीय वर्ष – 2535/–) योजना में मत्स्य पालकों को नगद भुगतान न किया जाकर सामग्री (वस्तु विशेष) के रूप में दिया जाता है।”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए हेक्टेयर की संख्या भरें।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
आवेदन कैसे करें
- अपने ज़िले के सहायक संचालक मछली पालन कार्यालय में आवेदन करें; घटक ज़िले के सालाना लक्ष्य के अनुसार दिए जाते हैं।
- तालाब के पट्टे या स्वामित्व के कागज़ तैयार रखें — फिंगरलिंग, प्लेंक्टन और स्पान की सहायता तालाब के प्रति हेक्टेयर मिलती है।
- झींगा पालन और नाव-जाल की सहायता सामान के रूप में मिलती है, नकद नहीं (3.1.14.1, 3.1.14.3)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।