HRT-2 सब्ज़ी, सहजन, मसाले, औषधीय और सुगंधित फ़सलों के लिए सहायता, गुजरात
चालू होने का आधार: गुजरात सरकारी संकल्प: HRT-2 एकीकृत बागवानी विकास योजना (सामान्य), 2026-27 (1 अप्रैल 2026, ઠરાવ: HRT-2 continued from 1-4-2026 to 31-3-2027 with a ₹430.00 crore budget provision for 2026-27)
सब्ज़ी, मसाला और जड़ी-बूटी उत्पादकों को राज्य की मदद: औषधीय और सुगंधित फ़सलों पर 75% (₹11,250/हे. तक), सहजन के पौधे और खेती, कलम/टिश्यू-कल्चर बेल वाली सब्ज़ी और पानी में घुलने वाले उर्वरक पर 50%, प्राकृतिक खेती वाली सब्ज़ी पर ₹20,000/हे., प्रमाणित मसाला बीज पर 75% तक छूट, और विभाग की नर्सरी के पौधों पर 50% छूट।
- मुख्य लाभ
- ₹20,000प्रति हेक्टेयर, अधिकतम
- घटक
- 9हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
औषधीय और सुगंधित फ़सलें: लागत का 75%, अधिकतम ₹11,250 प्रति हेक्टेयर, 0.20 से 4 हेक्टेयर पर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“ઔષધિય / સુગંધિત પાકોના વાવેતર માટે સહાય • ખર્ચના ૭૫ ટકા અથવા રૂ.૧૧,૨૫૦/હેક્ટર ની મર્યાદા તે બે માંથી જે ઓછી હોય તેટલી સહાય મળવાપાત્ર થશે.”सहजन के पौधे: ₹8,000 प्रति हेक्टेयर का 50% (₹4,000/हे.), 1 हेक्टेयर तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
पौधे NHB-मान्य, विश्वविद्यालय या विभाग की नर्सरी से, या मान्य नर्सरी पर्याप्त होने तक अपनी पसंद की अच्छी नर्सरी से।
“સરગવાની ખેતીમાં સહાય આપવાનો કાર્યક્રમ • પ્લાંટીંગ મટીરીયલ માટે સહાય • યુનિટ કોસ્ટ-રૂ.૮૦૦૦/ હેક્ટર • સહાય:- ખર્ચના ૫૦% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૪૦૦૦/- પ્રતિ હેક્ટરની મર્યાદામાં સહાય.”सहजन खेती ख़र्च: ₹17,000 प्रति हेक्टेयर का 50% (₹8,500/हे.), 1 हेक्टेयर तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“ખેતી ખર્ચ માટે સહાય. યુનિટ કોસ્ટ-રૂ. ૧૭,૦૦૦ /હેક્ટર સહાય- ખર્ચના ૫૦% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૮૫૦૦/- પ્રતિ હેક્ટરની મર્યાદામાં સહાય”बेल वाली सब्ज़ी (परवल, टिंडा, ककोड़ा …) टिश्यू-कल्चर या कलम वाले पौधों से: पौधों की लागत का 50%, ₹60,000 प्रति हेक्टेयर तक (₹30,000/हे.), 1 हेक्टेयर तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
टिश्यू-कल्चर पौधे DBT-मान्य या सरकारी लैब (GSFC, GNFC, विश्वविद्यालय) से; NHB-मान्य नर्सरी के कलम वाले पौधे भी मान्य।
“વેલાવાળા શાકભાજીના ટીસ્યુકલ્ચરથી ઉત્પન્ન થયેલ પ્લાંટીંગ મટીરીયલ/ગ્રાફ્ટીંગ (છોડ/રોપા) દ્વારા વાવેતર માટે સહાય • યુનિટ કોસ્ટ- રૂ. ૬૦,૦૦૦/હેક્ટર • સહાય:- પ્લાંટીંગ મટીરીયલ (છોડ/રોપા)ના ખર્ચના ૫૦ ટકા મુજબ મહત્તમ રૂ.૩૦,૦૦૦ પ્રતિ હેક્ટરની મર્યાદામાં સહાય.”बागवानी फ़सलों में पानी में घुलने वाला उर्वरक: ₹20,000 प्रति हेक्टेयर का 50% (₹10,000/हे.), 1 हेक्टेयर तक।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत मान्य, सरकारी/अर्ध-सरकारी/सहकारी संस्था का बनाया उर्वरक, उसके अधिकृत विक्रेता से।
“બાગાયતી પાકોમાં વોટર સોલ્યુબલ ખાતરમાં સહાય • યુનિટ કોસ્ટ – રૂ. ૨૦૦૦૦/ હેક્ટર • સહાય- સામાન્ય ખેડુત માટે ખર્ચના ૫૦% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૧૦૦૦૦/- પ્રતિ હેક્ટરની મર્યાદામાં સહાય.”प्राकृतिक खेती से उगाई सब्ज़ी: बीज, प्राकृतिक इनपुट और खेती ख़र्च के लिए ₹20,000 प्रति हेक्टेयर तक, 0.20 से 2 हेक्टेयर पर अनुपात में, जीवन में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल ज़िला आत्मा कार्यालय की प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की सूची वाले किसान; सब्ज़ी उगने पर तालुका अधिकारी खेत जाँचते हैं और अक्षांश-देशांतर वाली फ़ोटो पर भुगतान।
“શાકભાજી પાકોમાં પ્રાકૃતિક કૃષિને પ્રોત્સાહન આપવાનો કાર્યક્રમ • શાકભાજીની ખેતી પ્રાકૃતિક ખેતી પધ્ધતિથી કરતા હોય તેવા ખેડૂતને બિયારણ, પ્રાકૃતિક ઇનપુટ ખેતી ખર્ચ તથા શાકભાજીની પ્રાકૃતિક ખેતીને પ્રોત્સાહન મળે તે માટે મહત્તમ રૂ.૨૦,૦૦૦/ હેક્ટર સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”गुजरात राज्य बीज निगम से जीरा, सौंफ़, धनिया, सोआ और अजवाइन का प्रमाणित बीज: बिक्री मूल्य पर 75% तक छूट काउंटर पर ही, 0.10 से 1 हेक्टेयर, हर साल।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
स्रोत पर सहायता: गुजरात राज्य बीज निगम या उसका अधिकृत विक्रेता क़ीमत से घटा देता है।
“મસાલા પાકોના સર્ટીફાઇડ બિયારણ ઉપર સહાય યોજના … આ વેચાણ ભાવ ધ્યાને લઇ મસાલા પાકોના બિયારણની ખરીદી પર મહત્તમ ૭૫% સુધી એટસોર્સ સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”केवल देवीपूजक समाज के किसान: तरबूज़, ख़रबूज़ा या सब्ज़ी बीज और सूक्ष्म पोषक तत्व किट, ₹5,000 प्रति एकड़ का 90% (₹4,500/एकड़), 2 एकड़ तक, साल में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल देवीपूजक किसान जो मानसून के बाद नदी के पाट, तालाब के तल या पट्टे/अपनी ज़मीन पर पारंपरिक खेती करते हैं। इस समाज के लिए लेजर में कोई वर्ग नहीं है, इसलिए कैलकुलेटर इसकी जाँच नहीं कर सकता — इसी समाज के हों तभी आवेदन करें। इनपुट गुजरात एग्रो के अधिकृत विक्रेता से।
“દેવીપૂજક ખેડુતોને તરબુચ / ટેટી /શાકભાજી /માઇક્રોન્યુટ્રીયન્ટ બિયારણ કીટ • યુનિટ કોસ્ટ : રૂ. ૫૦૦૦/કીટ્સ/એકર • ખર્ચના ૯૦ % અથવા રૂ. ૪૫૦૦/એકર, બે માંથી જે ઓછુ હોય તે મુજબ સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”बागवानी विभाग की नर्सरी और सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस से ख़रीदी कलम, पौधे और पौध: तय क़ीमत पर 50% छूट, अधिकतम ₹5,000, साल में एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
सामान्य जाति के किसानों के लिए छपी। गुजरात हॉर्टिकल्चर नॉलेज सोसाइटी की नर्सरियों पर स्रोत पर छूट।
“સામાન્ય જાતિના ખેડૂતોને બાગાયત ખાતાની નર્સરી અને સેન્ટર ઓફ એક્સેલન્સ ખાતે ઉત્પાદીત પ્લાન્ટીંગ મટીરીયલ્સમાં એટસોર્સ સહાય આપવાનો કાર્યક્રમ. • નર્સરી/સી.ઓ.ઇ.ખાતે ઉત્પાદીત થતા કલમ/રોપા/ધરુ/અન્ય બાગાયતી પ્લાન્ટીંગ મટીરીયલ્સમાં નક્કી કરેલ ભાવના ૫૦% અથવા મહત્તમ રૂ.૫૦૦૦/- ની મર્યાદામાં એટસોર્સ સહાય ચુકવવાની રહેશે.”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए रोपित क्षेत्र (हेक्टेयर) भरें।
HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- रोपण वाले घटकों के लिए: डिजिटल क्रॉप सर्वे में फ़सल की एंट्री, या रोपण की तारीख़ और अक्षांश-देशांतर वाली फ़ोटो (परिशिष्ट-1, 22)।
आवेदन कैसे करें
- आई-खेडूत पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें और आवेदन का प्रिंट अपने पास रखें (परिशिष्ट-3 (1), पृ.77)।
- पात्र आवेदनों की प्राथमिकता सूची (ज़रूरत हो तो कम्प्यूटर ड्रॉ से) बनती है और ज़िले के लक्ष्य में मंज़ूरी मिलती है; आपको लिखित सूचना मिलती है (परिशिष्ट-3 (2)–(3))।
- मंज़ूरी के बाद सामान ख़रीदें (जहाँ ज़रूरी हो, आई-खेडूत पर पंजीकृत कंपनी का मान्य मॉडल) और 60 दिन में बिल जाँच के लिए कार्यालय में दिखाएँ (परिशिष्ट-3 (4))।
- जाँच के बाद सहायता डीबीटी/आरटीजीएस/एनईएफ़टी से आपके बैंक खाते में आती है (परिशिष्ट-3 (5); परिशिष्ट-1, 17)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
HRT-2 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक; साल का लक्ष्य खुला रहने तक आई-खेडूत पर आवेदन।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।