तालाबों और जलाशयों में मछली पकड़ने के लिए ओ.बी.एम. (आउटबोर्ड मोटर) इंजन वाली फ़ाइबर नाव पर सहायता, गुजरात
चालू होने का आधार: गुजरात सरकारी संकल्प: तालाब व जलाशय में मछली पकड़ने के लिए इंजन वाली फ़ाइबर नाव पर सहायता, 2026-27 (2 अप्रैल 2026, ઠરાવ: new item for 2026-27 approved with a ₹0.20 crore budget provision under head 06-2405-00-101-02)
अंतर्देशीय मछुआरों को तालाब और जलाशय में मछली पकड़ने के लिए इंजन वाली फ़ाइबर नाव और जीवन-रक्षक उपकरण ख़रीदने में मदद: ₹2,00,000 इकाई लागत का 60% अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को, 40% अन्य को, और 50% मत्स्य मंडली, एफ़एफ़पीओ व स्वयं सहायता समूह को।
- मुख्य लाभ
- 60%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 8तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाएँ: इंजन वाली फ़ाइबर नाव की लागत का 60%, ₹2,00,000 इकाई लागत तक गिना जाता है (अधिकतम ₹1,20,000)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
नाव केवल मत्स्य काम के लिए, सवारी या सैर के लिए नहीं, और उस पर “મત્સ્યોધોગ ખાતાની સહાયથી” और ख़रीद का साल लिखा होना चाहिए (शर्त 7, 10)। 3 साल बाद फिर से (शर्त 14)।
“સહાય માટે SC/ST/women માટે યુનિટ કોસ્ટના ૬૦% અને General કેટેગરી માટે યુનિટ કોસ્ટના ૪૦% અથવા SC/ST/women માટે કરેલ ખર્ચના ૬૦% અને General કેટેગરી માટે કરેલ ખર્ચના ૪૦% બન્નેમાંથી જે ઓછુ હોય તે તથા મત્સ્યોધોગ સહકારી મંડળી/FFPO/સ્વસહાય જુથને યુનિટ કોસ્ટના ૫૦% મળવાપાત્ર રહેશે.”सामान्य श्रेणी: लागत का 40%, ₹2,00,000 इकाई लागत तक गिना जाता है (अधिकतम ₹80,000)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“સહાય માટે SC/ST/women માટે યુનિટ કોસ્ટના ૬૦% અને General કેટેગરી માટે યુનિટ કોસ્ટના ૪૦% અથવા SC/ST/women માટે કરેલ ખર્ચના ૬૦% અને General કેટેગરી માટે કરેલ ખર્ચના ૪૦% બન્નેમાંથી જે ઓછુ હોય તે તથા મત્સ્યોધોગ સહકારી મંડળી/FFPO/સ્વસહાય જુથને યુનિટ કોસ્ટના ૫૦% મળવાપાત્ર રહેશે.”मत्स्य सहकारी मंडली, एफ़एफ़पीओ और स्वयं सहायता समूह: ₹2,00,000 इकाई लागत का 50% (अधिकतम ₹1,00,000)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
इन समूहों के लिए संकल्प में केवल “इकाई लागत का 50%” छपा है, व्यक्तियों वाला “या असली ख़र्च, जो कम हो” नहीं; फिर भी हम आपकी लागत और ₹2,00,000 में से कम को गिनते हैं ताकि राशि कभी ज़्यादा न दिखे।
“સહાય માટે SC/ST/women માટે યુનિટ કોસ્ટના ૬૦% અને General કેટેગરી માટે યુનિટ કોસ્ટના ૪૦% અથવા SC/ST/women માટે કરેલ ખર્ચના ૬૦% અને General કેટેગરી માટે કરેલ ખર્ચના ૪૦% બન્નેમાંથી જે ઓછુ હોય તે તથા મત્સ્યોધોગ સહકારી મંડળી/FFPO/સ્વસહાય જુથને યુનિટ કોસ્ટના ૫૦% મળવાપાત્ર રહેશે.”मुझे कितना मिल सकता है?
यह प्रावधान इस आवेदक श्रेणी को सहायता नहीं देता (Condition 5 (શરત ૫); condition 4: unit cost ₹2.00 lakh)।
नाव केवल मत्स्य काम के लिए, सवारी या सैर के लिए नहीं, और उस पर “મત્સ્યોધોગ ખાતાની સહાયથી” और ख़रीद का साल लिखा होना चाहिए (शर्त 7, 10)। 3 साल बाद फिर से (शर्त 14)।
कौन आवेदन कर सकता है
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- सहकारी समिति
- एफ़पीओ
- स्वयं सहायता समूह
ज़रूरी काग़ज़
- जीएसटी नंबर वाले पक्के बिल (शर्त 6)
- ख़रीद के बाद की जियो-टैग फ़ोटो (शर्त 15)
- स्थानीय कार्यालय के माँगने पर नाव जनहित में देने का लिखित वचन (शर्त 9)
आवेदन कैसे करें
- आई-खेडूत पोर्टल पर आवेदन करें और ख़रीद से पहले ज़िला अधिकारी से सैद्धांतिक मंज़ूरी लें (शर्त 12)।
- नाव ख़रीदें और जीएसटी वाले पक्के बिल दें; ख़रीद के बाद जियो-टैग फ़ोटो लें (शर्त 6, 15)।
- गुजरात मत्स्य अधिनियम 2003 के तहत नाव का पंजीकरण और मछली पकड़ने का लाइसेंस लें (शर्त 8)।
- ज़िला अधिकारी की भौतिक जाँच के बाद विभाग प्रमुख मंज़ूरी देते हैं और सहायता डीबीटी से आती है (शर्त 12, 13)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
2026-27 में आई-खेडूत पर आवेदन; 3 साल बाद फिर से सहायता मिल सकती है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।