सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना
चालू होने का आधार: अन्न भंडारण योजना — मुख्य संशोधन (16 सितंबर 2026 तक अद्यतन) (तिथि नहीं छपी, Items 3–6 (scope widened to all eligible cooperative societies, 12.11.2025; PACS selection relaxed, 05.01.2026; FCI 9-year hiring assurance, 22.09.2025; WDRA relaxations, 04.06.2026))
पैक्स और अन्य पात्र सहकारी समितियाँ मौजूदा योजनाओं को जोड़कर गोदाम और दूसरी कृषि अवसंरचना बनाती हैं: एआईएफ़ का 3% ब्याज अनुदान और नाबार्ड पुनर्वित्त, जिससे पैक्स का ऋण लगभग 1% पर पड़ता है; गोदाम पर एएमआई की 33.33% पूँजी सब्सिडी; और पात्र गोदामों के लिए एफ़सीआई का 9 वर्ष का किराया आश्वासन।
- मुख्य लाभ
- ≈1%पैक्स के गोदाम ऋण पर प्रभावी ब्याज
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 1तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
नाबार्ड सहकारी बैंक को 3% पर पुनर्वित्त देता है, ताकि पैक्स को गोदाम का ऋण 4% पर मिले; एआईएफ़ के 3% ब्याज अनुदान के साथ पैक्स को लगभग 1% ब्याज देना पड़ता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
3% का ब्याज अनुदान स्वयं कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ़) का लाभ है (ब्याज अधिकतम 9%, प्रति परियोजना ₹2 करोड़ तक का ऋण; मार्गदर्शिका अनुलग्नक V-I)। 24.09.2025 से एआईएफ़ ऋण गारंटी अवधि 2+8 वर्ष है, और इन परियोजनाओं को नैबसंरक्षण से भी गारंटी कवर मिल सकता है (संशोधन, मद 1–2)।
“ख) विशेष पुनर्वित्त योजना के अधीन MSC के रूप में पैक्स के लिए StCBs को 3% के दर से पुनर्वित्त उपलब्ध कराना जो पैक्स को 4% की दर पर आगे ऋण उपलब्ध कराएंगे (1% के मार्जिन को DCCBs और StCBs के बीच साझा किया जाएगा) । … 5 अन्न भंडारण | DCCB/StCB को पुनर्वित्त | NABARD द्वारा StCB/DCCB को @ 3% पर पुनर्वित्त इससे DCCB/StCB से @ 1% पर ऋण लेने में PACS को सहायता प्राप्त होगी”पैक्स को अपने गोदाम पर एएमआई की 33.33% पूँजी सब्सिडी मिलती है: 50–1,000 टन क्षमता पर ₹2,333 प्रति टन और 1,000 टन से अधिक पर ₹2,000 प्रति टन (पूर्वोत्तर, सिक्किम, द्वीपसमूह और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹2,666.40 प्रति टन); पैक्स को 10% मार्जिन राशि लगानी होती है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह कृषि मंत्रालय की आईएसएएम योजना की एएमआई उप-योजना है, जैसा योजना की मार्गदर्शिका पैक्स के लिए छापती है; नाबार्ड चैनलाइज़िंग एजेंसी है। चारदीवारी, आंतरिक सड़क, जल-निकासी, धर्मकांटा, ग्रेडिंग-पैकिंग, गुणवत्ता जाँच और अग्निशमन के लिए पैक्स को गोदाम सब्सिडी के अधिकतम 1/3 या असल राशि (जो कम हो) तक अतिरिक्त सब्सिडी मिल सकती है (पृ. 33)। केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 में एएमआई की अलग पंक्ति हमें नहीं मिली, इसलिए भरोसा करने से पहले नाबार्ड से मौजूदा दर पक्की कर लें।
“PACS @ 33.33% पर सब्सिडी प्राप्त करने के पात्र हैं । मार्जिन धनराशि की अपेक्षा– 10% … पंजीकृत FPOs, पंचायतों, महिलाओं, SC/ST उद्यमियों और उनके सहकारी समितियों/SHGs और PACS के लिए | 33.33% | रु 7,000/- | रु 2,333/- | रु 6,000/- | रु 2,000/-”एफ़सीआई ने योजना में बने पात्र गोदामों को 9 वर्ष तक किराये पर लेने का आश्वासन दिया है, ताकि पैक्स को ऋण चुकाने के लिए पक्का किराया मिले।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
योजना में बने गोदामों को डब्ल्यूडीआरए पंजीकरण में भी छूट है: प्रति गोदाम ₹500 पंजीकरण शुल्क और ₹50,000 की तय सुरक्षा जमा (संशोधन, मद 6, 04.06.2026 का आदेश)।
“With a view to ensuring assured utilization of the storage capacity being created under the Plan and strengthening the financial viability of the projects, Food Corporation of India (FCI) has agreed to provide hiring assurance for a period of 9 years, vide [Letter/Communication No. 16-04/2020-STG-III (389201) dated 22.09.2025], subject to the applicable terms and conditions.”मुझे कितना मिल सकता है?
यह प्रावधान इस आवेदक श्रेणी को सहायता नहीं देता (4(2)(ख) राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड); 5 बजटीय प्रावधान, वित्तीय सहायता और डवटेलिंग — तालिका, क्रम सं. 5)।
3% का ब्याज अनुदान स्वयं कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ़) का लाभ है (ब्याज अधिकतम 9%, प्रति परियोजना ₹2 करोड़ तक का ऋण; मार्गदर्शिका अनुलग्नक V-I)। 24.09.2025 से एआईएफ़ ऋण गारंटी अवधि 2+8 वर्ष है, और इन परियोजनाओं को नैबसंरक्षण से भी गारंटी कवर मिल सकता है (संशोधन, मद 1–2)।
कौन आवेदन कर सकता है
- सहकारी समिति
ज़रूरी काग़ज़
- गोदाम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर), समिति के बोर्ड से पास की हुई
- ज़मीन समिति की अपनी होने का प्रमाण, या 20 साल से ज़्यादा का पट्टा
- गोदाम के लिए ज़मीन के इस्तेमाल पर समिति के सदस्यों की सहमति
आवेदन कैसे करें
- राज्य सहकारिता विभाग ज़िला / राज्य सहकारी विकास समिति (DCDC/SCDC) के माध्यम से व्यवहार्य पैक्स चुनता है (मार्गदर्शिका खंड 4, अनुलग्नक IV); अपने ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक या ज़िला सहकारिता कार्यालय से बात करें।
- डीपीआर ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक / राज्य सहकारी बैंक में जमा करें, जो उसकी जाँच कर ऋण स्वीकृत करता है (मार्गदर्शिका खंड 3)।
- एआईएफ़ ब्याज अनुदान का दावा ज़िला केंद्रीय सहकारी बैंक के माध्यम से एआईएफ़ पोर्टल (agriinfra.dac.gov.in) पर करें (मार्गदर्शिका अनुलग्नक V-I)।
- पहली ऋण किस्त मिलने के 60 दिनों के भीतर नाबार्ड के एन्श्योर पोर्टल पर एएमआई सब्सिडी के लिए ऑनलाइन आवेदन करें (मार्गदर्शिका अनुलग्नक V-II, पृ. 33)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।