फल, सब्ज़ी और फूलMIDH
किसान समूह के स्वामित्व वाले लाइनिंग युक्त सामुदायिक जल टैंक के लिए ₹80 प्रति घन मीटर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में ₹100) का 75%, अधिकतम 30,000 घन मीटर।
निजी, मुफ़्त मार्गदर्शिका — सरकारी वेबसाइट नहीं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।
गोदाम, कोल्ड रूम, पैक हाउस और राइपनिंग चैंबर।
फल, सब्ज़ी और फूलकिसान समूह के स्वामित्व वाले लाइनिंग युक्त सामुदायिक जल टैंक के लिए ₹80 प्रति घन मीटर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में ₹100) का 75%, अधिकतम 30,000 घन मीटर।
फल, सब्ज़ी और फूलव्यावसायिक खुले खेत की बागवानी परियोजना की पात्र लागत का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), अधिकतम ₹100 लाख की लागत पर।
ऋण और ब्याज सहायतासरकार आपके ₹2 करोड़ तक के ऋण पर ब्याज का 3% प्रति वर्ष, अधिकतम 7 वर्ष तक देती है।
मत्स्य पालननए ग्रो-आउट तालाब पर प्रति हेक्टेयर ₹2.80 लाख तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹4.20 लाख), अधिकतम 2 हेक्टेयर।
भंडारण और कोल्ड चेनपात्र परियोजना लागत का 35% (कठिन क्षेत्रों में या अनुसूचित जाति/जनजाति, एफपीओ और एसएचजी परियोजनाओं के लिए 50%), प्रति परियोजना अधिकतम ₹10 करोड़।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनक्लस्टर की साझा सुविधाओं की पात्र लागत का 35% (कठिन क्षेत्रों में या अनुसूचित जाति/जनजाति, एफपीओ और एसएचजी परियोजनाओं के लिए 50%), अधिकतम ₹10 करोड़।
फल, सब्ज़ी और फूलभाव ट्रिगर मूल्य से नीचे गिरने पर सूचीबद्ध फसल को उत्पादन क्लस्टर से बाहर ले जाने, या 3 महीने तक किराए का भंडारण लेने के ख़र्च का 50%।
भंडारण और कोल्ड चेननिर्यात पैक-हाउस, रेफ्रिजरेटेड वाहन, केले के केबल सिस्टम या प्रसंस्करण लाइन की लागत का 40% (पूर्वोत्तर, हिमालयी राज्य, द्वीप केंद्रशासित प्रदेश, अनुसूचित जाति/जनजाति और महिलाओं के लिए 75%), अधिकतम ₹2 करोड़।
सहकारिता और किसान समूहनाबार्ड सहकारी बैंक को 3% पर पुनर्वित्त देता है, ताकि पैक्स को गोदाम का ऋण 4% पर मिले; एआईएफ़ के 3% ब्याज अनुदान के साथ पैक्स को लगभग 1% ब्याज देना पड़ता है।
ऋण और ब्याज सहायतालघु, सीमांत, महिला, एससी, एसटी या दिव्यांग किसान के गोदाम रसीद ऋण की ₹3 लाख तक 85% और ₹3 लाख से ₹75 लाख तक 80% गारंटी मिलती है, ताकि बैंक आसानी से ऋण दे; शुल्क 0.4% सालाना है।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धननए व्यावसायिक कृषि उद्यम की स्थायी पूँजी लागत (ज़मीन छोड़कर) का 40% (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों के लिए 50%), प्रति परिवार अधिकतम ₹1 करोड़।
भंडारण और कोल्ड चेनअनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए: नए कोल्ड स्टोरेज की स्थायी पूँजी लागत का 60%, अधिकतम ₹6.50 करोड़।
भंडारण और कोल्ड चेनखेत पर 300 वर्ग फ़ुट के भंडार पर ₹1,00,000 तक और 600 वर्ग फ़ुट पर ₹2,00,000 तक, बीच के आकार पर अनुपात से; 300 वर्ग फ़ुट से छोटे पर कुछ नहीं।
भंडारण और कोल्ड चेनबागवानी उपज के लिए नई आसवन या प्रसंस्करण इकाई (बॉयलर, कटर, ड्रायर, मिक्सर, पल्पर, पैकिंग मशीन…): लागत का 50%, ₹2.50 लाख तक; एफ़पीओ, किसान समूह, स्वयं सहायता समूह और सहकारी संस्था को 75%, ₹3.75 लाख तक; एक बार।
फल, सब्ज़ी और फूलफल, सब्ज़ी, फूल और पौधों के समुद्री निर्यात का भाड़ा: भाड़ा बिल का 25%, प्रति बिल अधिकतम ₹50,000 और सालाना ₹2.50 लाख, पाँच साल तक।
फल, सब्ज़ी और फूलपरियोजना में बहुवर्षीय बाग़: व्यक्तिगत किसान और ट्रस्ट को लागत का 50% (4 हेक्टेयर तक), मिलकर खेती करने वाले एफ़पीओ/सहकारी सदस्यों को 75% (50 हेक्टेयर तक), MIDH-NHM की फ़सलवार इकाई लागत पर।
भंडारण और कोल्ड चेनएफ़पीओ, एफ़पीसी और कृषि सहकारी संस्थाएँ: सामान्य और CA/MA कोल्ड स्टोर, प्री-कूलिंग इकाई, रीफ़र वैन, राइपनिंग चैंबर (300 टन तक), एकीकृत पैक हाउस, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई, कम लागत प्याज़ भंडार (25 टन) और ग्रामीण बाज़ार की लागत पर केंद्रीय हिस्से के ऊपर 25% राज्य टॉप-अप; कुल सहायता अधिकतम 75%।
फल, सब्ज़ी और फूलकटाई के औज़ार: लागत का 50%, ₹2,00,000 तक गिनी जाती है — अधिकतम ₹1,00,000, पाँच साल में एक बार।
मत्स्य पालनसड़क किनारे, चौक या हाट में मछली बेचने वाले खुदरा विक्रेता को ₹15,000 की मछली बिक्री किट पर 95% — अधिकतम ₹14,250।
भंडारण और कोल्ड चेन100 टन तक के बहुउद्देशीय भंडार, कोल्ड स्टोरेज या पैकिंग केंद्र की लागत का 35%।
भंडारण और कोल्ड चेन₹10,000 से कम के कटाई बाद के औज़ार पर आधी कीमत, और ₹10,000 या ज़्यादा वाले पर तीन-चौथाई कीमत राज्य देता है।
ऋण और ब्याज सहायताउपज के बदले 6 महीने का ऋण — ₹2,00,000 या उपज के मूल्य का 60% (जो कम हो), पहले महीने बिना ब्याज, भंडारण बीमा मंडी समिति देती है।
भंडारण और कोल्ड चेननीलामी के लिए लाई गई उपज पर प्रति किलो ढुलाई सब्सिडी: 25 किमी तक ₹1.50, 26–50 किमी ₹2.00 और 50 किमी से ऊपर ₹2.50।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनफ्रोज़न स्टोरेज / डीप फ़्रीज़र, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण ढाँचा: परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹10 करोड़ (पैक हाउस, राइपनिंग चैंबर जैसे कोल्ड चेन मद: 35%)।
इस काम के लिए कोई चालू योजना जितना सबसे बड़ा हिस्सा देती है, आवेदक के हिसाब से। राशि फिर भी हर योजना की लागत-सीमा तक।
फ़ार्म गेट पैक हाउस की लागत का 50%, अधिकतम ₹25 लाख की लागत पर।
प्रति लाभार्थी एक इकाई, 9 मी × 6 मी, एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। हर क्षेत्र में दर 50% ही है।
“C.1 FARM GATE PACKHOUSE with Movable Handling Trolley, Sorting Table and Farm Gate Standalone Cold Storage Upto a maximum of Rs.25.0 lakh/unit with size of 9MX6M per beneficiary. However, actual cost would be derived based on the option/technology chosen depending upon component selection as per NCCD guidelines. Assistance @ 50% admissible only.”सिविल निर्माण वाले कोल्ड स्टोर के लिए ₹9,600 प्रति टन क्षमता का 35%, अधिकतम 5,000 टन, बैंक ऋण से जुड़ी सब्सिडी।
केवल बहु-कक्ष, ऊर्जा-कुशल कोल्ड स्टोर पात्र हैं (धारा 7.48); 3.4 घन मीटर को एक टन गिना जाता है। ₹9,600/टन लागत की ऊपरी सीमा है; सिविल + पीईबी निर्माण का ऊँचा मानक (₹12,000/टन) यहाँ नहीं दिखाया गया। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.7 Cold Storage Type- I (CS-1) i) Cold Storage Type- I is defined as CS-1 with Construction in civil including PUF/PIR panels, Doors and Ante-rooms, Refrigeration Units, Electrical Installation, Administrative block, Safety/Fire Safety and Hazard control and basic mazzenine structure Rs. 9600/MT, (Max 5,000 MT capacity) Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”एकीकृत पैक हाउस (18 मी × 22 मी) की लागत का 35%, अधिकतम ₹160 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.2 INTEGRATED PACK HOUSE with facilities of size 18m x 22m with conveyor belt sorting, grading, washing, drying, weighing scale, HPT, Stacking(crates), Dock Leveler System, Precooling(if required)#, cold room transit and Reefer van Upto a maximum of Rs 160.00 lakh per beneficiary. … Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”संग्रह व एकत्रीकरण केंद्र (22 मी × 26 मी) की लागत का 35%, अधिकतम ₹320 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.3. COLLECTION AGGREGATION CENTRE with facilities of size 22m x 26m with conveyor belt sorting, grading, washing, drying, weighing bridge, Automated computerised system, HPT, BOPT, Stacking(crates), Dock Leveler System, Precooling(if required)# and cold room transit. Upto a maximum of Rs 320.0 lakh per beneficiary. … Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”प्री-कूलिंग इकाई के लिए अधिकतम ₹5 लाख प्रति टन क्षमता का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
प्री-कूलिंग की सहायता पैक हाउस और स्टेजिंग कोल्ड रूम से जुड़ी है (धारा 7.48)। अधिकतम क्षमता नहीं छपी। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.4 Pre-cooling unit Upto a maximum cost of Rs. 5 Lakh/MT. Back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”मोबाइल प्री-कूलिंग इकाई की लागत का 35%, अधिकतम ₹30 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.5 Mobile pre-cooling unit Rs. 30.00 lakh Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”स्टेजिंग कोल्ड रूम की लागत का 35%, अधिकतम ₹52 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
सौर ऊर्जा वाला कोल्ड रूम इसी तरह अलग से लिया जा सकता है; उसका अलग मानक नहीं छपा। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.6 Cold Rooms i. Cold Rooms (Staging) Upto a maximum cost of Rs. 52.00 lakh. Back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”सिविल + पीईबी कोल्ड स्टोर के लिए ₹12,000 प्रति टन क्षमता का 35%, अधिकतम 5,000 टन (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
केवल बहु-कक्ष, ऊर्जा-कुशल कोल्ड स्टोर पात्र हैं (धारा 7.48); 3.4 घन मीटर को एक टन गिना जाता है। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“ii) Cold Storage Type-I is defined as CS-1 with Construction in combination of civil & PEB including PUF/PIR panels, Doors and Ante-rooms, Refrigeration Units, Electrical Installation, Administrative block, Safety/Fire Safety and Hazard control and basic mezzanine structure Rs. 12000/MT, (Max 5,000 MT capacity) Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”प्याज़ कोल्ड स्टोर के लिए ₹9,600 (सिविल) या ₹12,000 (सिविल + पीईबी) प्रति टन का 35%, अधिकतम 5,000 टन (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.8 Cold Storage Type- I-Onion (CS-1-Onion) i) … Construction in civil … Rs. 9600/MT, (Max 5,000 MT capacity) ii) … Construction in combination of civil & PEB … Rs. 12000/MT, (Max 5,000 MT capacity) Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”बहु-उत्पाद कोल्ड स्टोर (टाइप II) के लिए ₹12,000 प्रति टन का 35%, अधिकतम 5,000 टन (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.9 Cold Storage Type- II (CS-2) i) Cold Storage Type-II is defined as CS-2 with Construction in combination of civil & PEB … Rs. 12000/MT, (Max 5,000 MT capacity) Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”सूखे मसालों और किशमिश के कोल्ड स्टोर के लिए ₹9,600 (सिविल) या ₹12,000 (सिविल + पीईबी) प्रति टन का 35%, अधिकतम 5,000 टन (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.10 Cold Storage Type- IV (CS-4) i)Cold Storage for dry spices & raisins is defined as CS-4 with Construction in civil … Rs. 9600/MT, (Max 5,000 MT capacity) ii) Cold Storage for dry spices & raisins, MFP, etc. is defined as CS-4 with Construction in combination of civil & PEB … Rs. 12000/MT, (Max 5,000 MT capacity) Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”कोल्ड स्टोर के अतिरिक्त उपकरणों (सीओ2 स्क्रबर, नियंत्रण प्रणाली, होइस्ट, पैलेट ट्रक, डॉक लेवलर) की लागत का 35%, कोल्ड स्टोर के प्रकार के अनुसार ₹31 लाख से ₹278 लाख तक की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
केवल उसी प्रकार के कोल्ड स्टोर के साथ; असली लागत एनसीसीडी दिशानिर्देशों के तहत चुने गए घटकों से तय होती है। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“CO2 scrubber (need/produce based), unified control system, material conveying/hoist system, Automated computerised system, HPT, BOPT and dock leveller system (Applicable for Cold storage units Type 1 only) Upto Max cost of Rs. 50.0 lakh/ project. … (Applicable for Cold storage units Type 1-onion only) Upto Max cost of Rs. 278.00 lakh/ project. … (Applicable for Cold storage units Type 2 only) Upto Max cost of Rs. 49.00 lakh/ project. … (Applicable for Cold storage units for dry spices and raisins) Upto Max cost of Rs. 31.00 lakh/ project. Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”कोल्ड स्टोर के नियंत्रित वातावरण (सीए) उपकरणों की लागत का 35%, अधिकतम ₹1,345 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%); पूरे सीए स्टोर को अधिकतम ₹900 लाख।
₹900 लाख की सीमा अतिरिक्त उपकरणों सहित पूरे सीए स्टोर पर है, इसलिए सीए ढाँचा और यह उपकरण मिलाकर इससे अधिक नहीं हो सकते। सीए ढाँचे का मानक ("अतिरिक्त ₹12000/टन", C.9 v) नहीं दिखाया: दस्तावेज़ नहीं बताता कि यह किसके अतिरिक्त है। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“ii) CA Add-on: Details of the components are described in NCCD guidelines. Upto Max cost of Rs. 1345 lakhs/project (Max. subsidy for CA store may not exceed more than 900 Lakhs including add-ons) … Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”मौजूदा कोल्ड स्टोर की प्रशीतन (रेफ़्रिजरेशन) प्रणाली के आधुनिकीकरण के लिए अधिकतम ₹3,000 प्रति टन क्षमता (कुल अधिकतम ₹125 लाख) का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
क्षमता 5,000 टन तक गिनी जाती है, जो एनएचएम/एचएमएनईएच में सबसे बड़ा कोल्ड स्टोर है (धारा 7.48)। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.12 Technology induction/ modernization of Cold Storage Max. Rs. 125lakh but not more than Rs. 3000/MT of the cold store capacity for refrigeration … Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands”मौजूदा कोल्ड स्टोर के इन्सुलेशन के आधुनिकीकरण के लिए अधिकतम ₹1,800 प्रति टन क्षमता (कुल अधिकतम ₹120 लाख) का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
क्षमता 5,000 टन तक गिनी जाती है, जो एनएचएम/एचएमएनईएच में सबसे बड़ा कोल्ड स्टोर है (धारा 7.48)। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.12 Technology induction/ modernization of Cold Storage … Max. Rs. 120 lakh but not more than Rs. 1800/MT for insulation respectively. … Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands”14 टन के रेफ़्रिजरेटेड वाहन के लिए अधिकतम ₹31 लाख का 35%, 4 से 14 टन पर अनुपात में (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.13 Refrigerated Transport vehicles Rs. 31.00 lakh for upto max. capacity of 14 MT and on pro-rata basis for smaller capacity but not below 4MT. … Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands”फल पकाने के कक्ष (राइपनिंग चैंबर) के लिए ₹1 लाख (बिना दबाव) या ₹1.20 लाख (दबाव वाला) प्रति टन का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
कक्ष के 11 घन मीटर को एक टन गिना जाता है (धारा 7.48)। एमआईडीएच अनुलग्नक में अधिकतम क्षमता नहीं छपी। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.15 Ripening Chamber also termed as CS-3 i) Non-Pressurised Ripening Chamber also termed as CS-3 Rs 1.00 lakh/MT ii) Pressurised Ripening Chamber also termed as CS-3 Rs. 1.20 lakh/MT Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands”5 से 1,000 टन के कम लागत वाले प्याज़ या लहसुन भंडार के लिए 50% बाद में मिलने वाली सब्सिडी, पूरे देश में।
परियोजना ₹30 लाख से अधिक हो तभी ऋण से जुड़ी। हर क्षेत्र में दर 50% ही है।
“C.16 Low-cost Onion/Garlic storage structure Rs. 7000/MT Back-ended assistance @ 50 % for a unit of the size from 5 to 1000 MT capacity on pro rata basis in all areas throughout country as per following details: 5-25 MT - 10000/MT 25-500 MT - 8000/MT 500-1000 MT - 6000/MT (Assistance will be credit linked in case if project cost is more than Rs. 30.00 lakh)”पूसा ज़ीरो-एनर्जी कूल चैंबर (100 किलो) की लागत का 50%, अधिकतम ₹4,000 की लागत पर।
“C.17 Pusa Zero energy cool chamber (100 kg) Rs 4000 per unit 50 % of the total cost”सोलर फ़सल ड्रायर के लिए ₹2.50 लाख (70 किलो) या ₹3.50 लाख (100 किलो) प्रति इकाई का 40%, अधिकतम 5 इकाइयाँ (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 55%)।
टीएसपी और पहाड़ी क्षेत्रों को भी 55% मिलता है; हम इसे केवल राज्य से लागू करते हैं। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C. 18 Solar Crop Dryer (with 24 Hrs. Backup) Rs. 2.50 lakh/unit of 70 kg capacity and Rs. 3.50 lakh/unit of 100 kg capacity for a maximum of 5 units per beneficiary Assistance @ 40% in General areas and 55% in the case of NE & Himalayan States, TSP areas, Hilly and Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”कम से कम 5 घटकों वाली एकीकृत कोल्ड चेन परियोजना की लागत का 35%, अधिकतम ₹1,000 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.19 Integrated Cold Chain Project Upto a max. cost of Rs. 1000.00 lakh/per project. Project should comprise of minimum 5 components from C-2 to C-11 to qualify for assistance. Credit linked back-ended assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands”एकीकृत आपूर्ति शृंखला परियोजना की पात्र लागत का 40%, अधिकतम ₹2,000 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 55%)।
अनुलग्नक में यह पंक्ति दो बार (C.20 और C.21) एक जैसे आँकड़ों के साथ छपी है। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“C.20 Integrated Supply Chain Project Upto a maximum cost of Rs. 2000 lakh per project Credit linked back-ended assistance @ 40% of eligible cost of project in General areas and 55% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”ग्रामीण बाज़ार, अपनी मंडी या सीधे बाज़ार की पूँजी लागत का 40%, अधिकतम ₹25 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 55%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“D.1 Rural Markets/Apnimandis/ Direct markets Rs. 25.00 Lakh Back-ended assistance @ 40% of the capital cost of project in general areas and 55% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman &Nicobar and Lakshadweep Islands.”नियंत्रित वातावरण वाले खुदरा आउटलेट की लागत का 35%, अधिकतम ₹20 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“D.2 Retail markets/ outlets (environmentally controlled) Rs. 20.00 Lakh/unit Assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”कूल चैंबर वाली स्थिर या चलती ठेला-गाड़ी की लागत का 50%, अधिकतम ₹30,000 की लागत पर।
हर क्षेत्र में दर 50% ही है। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“D.3 Static/Mobile vending cart/platform with cool chamber Rs. 30,000/unit 50% of total cost.”एकीकृत पैक हाउस से जुड़ी, बिक्री काउंटर वाली 3 टन की रेफ़्रिजरेटेड खुदरा वैन की लागत का 35%, अधिकतम ₹20 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 50%)।
ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“D.4 Modified retail refer van with retail counter (to be linked with Integrated Pack house) Rs. 20 Lakhs with loading capacity of 3 MT Assistance @ 35% in General areas and 50% in the case of NE & Himalayan States, Scheduled areas, vibrant villages, Andaman & Nicobar and Lakshadweep Islands.”कीटनाशक अवशेष जाँच के लिए निजी गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला की लागत का 50%, अधिकतम ₹200 लाख की लागत पर।
हर क्षेत्र में दर 50% ही है। ऋण से जुड़ी, बाद में मिलने वाली सब्सिडी (धारा 7.47); ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)। निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार; असली लागत चुने गए घटकों से तय होती है। अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव भी बढ़ी दर पाते हैं, पर ये राज्य के अंदर अधिसूचित इलाके हैं, इसलिए केवल राज्य से हम इन्हें लागू नहीं कर सकते — अपने ज़िला उद्यान कार्यालय से पूछें। लद्दाख को यहाँ बढ़ी दर नहीं दिखाई गई: एचएमएनईएच की सूची 2019 में लद्दाख के अलग केंद्रशासित प्रदेश बनने से पहले की है, इसलिए हम कम दर मानते हैं।
“D.5 Functional infrastructure: (i) Quality control /analysis lab Rs 200.00 lakh Assistance @ 100% of the total cost to public sector and credit linked back-ended assistance @ 50% of cost to private sector to check Maximum Residue Levels. The project could be established in PPP Mode also.”बड़े कोल्ड स्टोरेज की पात्र लागत का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), अधिकतम ₹2 करोड़।
यह एनएचबी योजना 2 है, 5001 से 20,000 टन के कोल्ड स्टोर के लिए (पूर्वोत्तर राज्यों में 1000 टन या अधिक) (दिशानिर्देश पृ. 18)। परिपत्र ने दर 35%/50% से 35%/45% की। इस धारा में लद्दाख का नाम नहीं है, इसलिए उसे 35% पर दिखाया है; अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव 45% पाते हैं, पर केवल राज्य से यह तय नहीं हो सकता। एक परिवार-एक बार का नियम और ज़मीन की लागत न गिनने का नियम लागू है (परिपत्र धारा 1, 5)।
“Under the revised provisions, NHB shall provide credit-linked back-ended subsidy at: 35% of the eligible project cost in General Areas; and 45% in NER and Himalayan States, Scheduled Areas, Vibrant Villages, Andaman & Nicobar Islands and Lakshadweep Islands. The maximum subsidy admissible from NHB for any type of cold storage project shall not exceed ₹2.00 crore.”एनएचबी में पैक हाउस, संग्रह केंद्र, मोबाइल प्री-कूलर या स्टेजिंग कोल्ड रूम की लागत का 35%, उसके एमआईडीएच मानक तक की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।
दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(vii): सभी कटाई-बाद प्रबंधन घटक (एमआईडीएच के C1 से C6) — एमआईडीएच लागत मानकों के अनुसार (पृ. 7); निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार। स्थायी प्री-कूलिंग इकाई (C.4, ₹5 लाख प्रति टन) अलग मद है। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।
“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”एनएचबी में प्री-कूलिंग इकाई के लिए अधिकतम ₹5 लाख प्रति टन क्षमता का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।
लागत मानक एमआईडीएच परिचालन दिशानिर्देश 2025, अनुलग्नक V, C.4 प्री-कूलिंग इकाई से: अधिकतम ₹5 लाख प्रति टन (पृ. 64), दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(vii) के ज़रिये। प्री-कूलर के 20 घन मीटर को एक टन गिना जाता है (दिशानिर्देश पृ. 35)। अधिकतम क्षमता नहीं छपी। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।
“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”15 से 30 टन के रेफ़्रिजरेटेड वाहन के लिए ₹3.45 लाख प्रति टन का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), प्रति परियोजना अधिकतम ₹80 लाख।
दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(viii): गणना के लिए ₹3.45 लाख प्रति टन, प्रति वाहन 15 से 30 टन; अधिकतम सब्सिडी सामान्य क्षेत्रों में प्रति परियोजना ₹80 लाख और पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों, अनुसूचित क्षेत्रों, वाइब्रेंट गाँवों, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में ₹100 लाख (पृ. 8, 35)। हम हर जगह ₹80 लाख की सीमा लगाते हैं, इसलिए पूर्वोत्तर की बड़ी परियोजना को अधिक मिल सकता है। वाहन में जीपीएस और टेलीमैटिक्स ज़रूरी। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।
“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”15 से 300 टन के राइपनिंग चैंबर के लिए ₹1 लाख (बिना दबाव) या ₹1.20 लाख (दबाव वाला) प्रति टन का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।
दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(x): बिना दबाव ₹1.00 लाख/टन, दबाव वाला ₹1.20 लाख/टन (पृ. 8)। अधिकतम स्वीकार्य क्षमता 300 टन; हर कक्ष 15 से 30 टन; 11 घन मीटर को एक टन गिना जाता है (पृ. 11)। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।
“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”कोल्ड स्टोर की प्रशीतन प्रणाली के आधुनिकीकरण की लागत का 35%, अधिकतम ₹125 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।
दिशानिर्देशों में 50% छपा है; 21 अगस्त 2026 के परिपत्र (धारा 4) ने कोल्ड स्टोरेज योजना के लिए 35% / 45% तय किया, और हम आधुनिकीकरण पर भी यही कम दर लगाते हैं। अगर एनएचबी आधुनिकीकरण पर 50% की पुष्टि करे, तो अधिकतम ₹62.5 लाख तक अधिक मिलेगा। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।
“C-12 Modernisation of Refrigeration — Modernisation for Refrigeration with latest technologies including refrigeration plant and associated equipment’s with the refrigeration system to reduce energy consumption & Unified Control System with PLC, BMS, IoT, Remote Monitoring, etc. — Rs.125 lakh / project (where 5 Lakhs/ project is for Unified Control System) — Credit linked back-ended assistance @ 50% of the actual cost or 50% of the Rs. 125lakh whichever is lower, for Modernisation of Refrigeration, with capping of maximum subsidy to Rs. 62.5 lakhs.”कोल्ड स्टोर के इन्सुलेशन के आधुनिकीकरण की लागत का 35%, अधिकतम ₹120 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।
नए इन्सुलेशन से ऊर्जा खपत कम से कम 5% घटनी चाहिए; ईपीएस की अनुमति नहीं। दिशानिर्देशों में 50% छपा है; 21 अगस्त 2026 के परिपत्र (धारा 4) ने कोल्ड स्टोरेज योजना के लिए 35% / 45% तय किया, और हम यही कम दर लगाते हैं। अगर एनएचबी 50% की पुष्टि करे, तो अधिकतम ₹60 लाख तक अधिक मिलेगा। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।
“Modernisation of Insulation — The insulation used should be CFC and preferably HCFC free material … to result in at least 5% reduction in energy consumption. EPS is not allowed. — Rs.120 lakh / project — Credit linked back-ended assistance @ 50% of the actual cost or 50% of the Rs. 120lakh whichever is lower, for Modernisation of Insulation, with capping of maximum subsidy to Rs. 60 lakhs.”मछली के लिए बर्फ़ प्लांट या कोल्ड स्टोरेज की लागत का 40% (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को 60%), क्षमता के हिसाब से ₹40–150 लाख तक की लागत पर।
वास्तविक लागत पर, सीमा के भीतर (मद 6.1(v)); डीपीआर, ज़मीन (अपनी या 10 साल का पंजीकृत पट्टा) और मछुआरों को सस्ती दर पर बर्फ़ देना ज़रूरी। द्वीपों, हिमालयी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में इकाई लागत 20% तक अधिक मानी जा सकती है (पैरा 19.5)।
“6.1 Construction of Cold Storages/Ice Plants — Plant/storage of minimum 10-ton capacity. No 40.00 16.00 24.00; Plant/storage of minimum 20-ton capacity. No 80.00 32.00 48.00; Plant/storage of minimum 30-ton capacity No 120.00 48.00 72.00; Plant of minimum 50-ton capacity. No 150.00 60.00 90.00”मौजूदा मछली कोल्ड स्टोरेज या बर्फ़ प्लांट के आधुनिकीकरण पर ₹20,00,000 तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹30,00,000)।
इकाई लागत ₹50 लाख, एक बार, केवल आपके अपने कम से कम 10 साल पुराने चालू प्लांट के लिए। द्वीपों, हिमालयी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में इकाई लागत 20% तक अधिक मानी जा सकती है (पैरा 19.5)।
“6.2 Modernization of Cold storage /Ice Plant No 50.00 20.00 30.00”मछली ढोने का रेफ़्रिजरेटेड वाहन पर ₹10,00,000 तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹15,00,000)।
इकाई लागत ₹25 लाख। वाहन केवल मछली और मत्स्य सामग्री ढोने के लिए; दूसरे काम में लेने पर केंद्रीय सहायता ब्याज सहित वसूली जाएगी (मद 6.3–6.8 (vi)–(vii))। द्वीपों, हिमालयी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में इकाई लागत 20% तक अधिक मानी जा सकती है (पैरा 19.5)।
“6.3 Refrigerated vehicles No 25.00 10.00 15.00”मछली ढोने का इंसुलेटेड वाहन पर ₹8,00,000 तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹12,00,000)।
इकाई लागत ₹20 लाख। वाहन केवल मछली और मत्स्य सामग्री ढोने के लिए; दूसरे काम में लेने पर केंद्रीय सहायता ब्याज सहित वसूली जाएगी (मद 6.3–6.8 (vi)–(vii))। द्वीपों, हिमालयी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों और उत्तर-पूर्वी राज्यों में इकाई लागत 20% तक अधिक मानी जा सकती है (पैरा 19.5)।
“6.4 Insulated vehicles No 20.00 8.00 12.00”पात्र परियोजना लागत का 35% (कठिन क्षेत्रों में या अनुसूचित जाति/जनजाति, एफपीओ और एसएचजी परियोजनाओं के लिए 50%), प्रति परियोजना अधिकतम ₹10 करोड़।
परियोजना में खेत-स्तर की सुविधा, प्रसंस्करण केंद्र, और वितरण हब (कोल्ड स्टोर) या रेफ्रिजरेटेड वाहन में से कम से कम एक होना ज़रूरी है; अकेला कोल्ड स्टोर या पुरानी इकाई का विस्तार नहीं मिलता (पैरा 4.2, 4.3, 7)। ज़मीन, सड़क, भवन और कार्यशील पूँजी नहीं गिनी जाती (पैरा 6)। अनुसूचित जाति/जनजाति परियोजना यानी कम से कम 51% हिस्सेदारी (पैरा 11(g))। राज्य द्वारा अधिसूचित आदिवासी (आईटीडीपी) क्षेत्र भी कठिन क्षेत्र हैं।
“Grants-in-aid/Subsidy will be @35% of eligible project cost for projects in General Areas and @50% of eligible project cost for projects in Difficult Areas as well as for projects of SC/ST, FPOs and SHGs, subject to the maximum of Rs. 10 crore per project.”निर्यात पैक-हाउस, रेफ्रिजरेटेड वाहन, केले के केबल सिस्टम या प्रसंस्करण लाइन की लागत का 40% (पूर्वोत्तर, हिमालयी राज्य, द्वीप केंद्रशासित प्रदेश, अनुसूचित जाति/जनजाति और महिलाओं के लिए 75%), अधिकतम ₹2 करोड़।
प्रति लाभार्थी प्रति स्थान अधिकतम ₹2 करोड़ और 2021-26 में प्रति लाभार्थी कुल ₹5 करोड़ (1, नोट)। तकनीकी सिविल कार्य सहायता का अधिकतम 25% हो सकता है (सामान्य शर्त 14)। अनुसूचित जाति/जनजाति यानी कम से कम 51% हिस्सेदारी; महिला फ़र्म या एफपीओ में सभी साझेदार/निदेशक महिलाएँ हों (सामान्य शर्त 4, 5)। एपीडा 5% + जीएसटी प्रोसेसिंग शुल्क काटता है। “भू-आबद्ध राज्यों” को भी 75% है पर उनके नाम नहीं दिए गए, और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को हमने हिमालयी माना है — एपीडा से पुष्टि करें।
“a) Integrated Pack House and processing facilities for addressing missing gaps … The assistance will be upto 40% subject to a ceiling of Rs 200 lakhs”पैक्स को अपने गोदाम पर एएमआई की 33.33% पूँजी सब्सिडी मिलती है: 50–1,000 टन क्षमता पर ₹2,333 प्रति टन और 1,000 टन से अधिक पर ₹2,000 प्रति टन (पूर्वोत्तर, सिक्किम, द्वीपसमूह और पहाड़ी क्षेत्रों में ₹2,666.40 प्रति टन); पैक्स को 10% मार्जिन राशि लगानी होती है।
यह कृषि मंत्रालय की आईएसएएम योजना की एएमआई उप-योजना है, जैसा योजना की मार्गदर्शिका पैक्स के लिए छापती है; नाबार्ड चैनलाइज़िंग एजेंसी है। चारदीवारी, आंतरिक सड़क, जल-निकासी, धर्मकांटा, ग्रेडिंग-पैकिंग, गुणवत्ता जाँच और अग्निशमन के लिए पैक्स को गोदाम सब्सिडी के अधिकतम 1/3 या असल राशि (जो कम हो) तक अतिरिक्त सब्सिडी मिल सकती है (पृ. 33)। केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 में एएमआई की अलग पंक्ति हमें नहीं मिली, इसलिए भरोसा करने से पहले नाबार्ड से मौजूदा दर पक्की कर लें।
“PACS @ 33.33% पर सब्सिडी प्राप्त करने के पात्र हैं । मार्जिन धनराशि की अपेक्षा– 10% … पंजीकृत FPOs, पंचायतों, महिलाओं, SC/ST उद्यमियों और उनके सहकारी समितियों/SHGs और PACS के लिए | 33.33% | रु 7,000/- | रु 2,333/- | रु 6,000/- | रु 2,000/-”एफ़सीआई ने योजना में बने पात्र गोदामों को 9 वर्ष तक किराये पर लेने का आश्वासन दिया है, ताकि पैक्स को ऋण चुकाने के लिए पक्का किराया मिले।
योजना में बने गोदामों को डब्ल्यूडीआरए पंजीकरण में भी छूट है: प्रति गोदाम ₹500 पंजीकरण शुल्क और ₹50,000 की तय सुरक्षा जमा (संशोधन, मद 6, 04.06.2026 का आदेश)।
“With a view to ensuring assured utilization of the storage capacity being created under the Plan and strengthening the financial viability of the projects, Food Corporation of India (FCI) has agreed to provide hiring assurance for a period of 9 years, vide [Letter/Communication No. 16-04/2020-STG-III (389201) dated 22.09.2025], subject to the applicable terms and conditions.”अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए: नए कोल्ड स्टोरेज की स्थायी पूँजी लागत का 60%, अधिकतम ₹6.50 करोड़।
ज़मीन और भवन की लागत पूँजी व्यय में गिनी जाती है (CIS क्रम 1)। पूँजी अनुदान केवल नए कोल्ड स्टोरेज को मिलता है (क्रम 4)। अनुसूचित क्षेत्रों के लाभार्थियों को भी 60% / ₹6.50 करोड़ की दर मिलती है (क्रम 2) — अगर आपकी इकाई अनुसूचित क्षेत्र में है तो वही नियम देखें। इन्हीं दिशानिर्देशों में टर्म लोन पर ब्याज प्रतिपूर्ति (6% तक, जिसमें 3% AIF के ऊपर राज्य का टॉप-अप), कार्यशील पूँजी ऋण पर स्लैब के अनुसार ब्याज प्रतिपूर्ति, और 7 साल तक बिजली बिल पर 50% अनुदान भी है (दिशानिर्देश पृ. 5)।
“SC / ST/ Women / Transgender beneficiaries and beneficiaries from scheduled areas shall get a subsidy of 60% of fixed capital expenditure limited to Rs.6.50Cr, whichever is lower.”बाक़ी सभी आवेदकों के लिए: नए कोल्ड स्टोरेज की स्थायी पूँजी लागत का 50%, अधिकतम ₹6 करोड़।
ज़मीन और भवन की लागत पूँजी व्यय में गिनी जाती है (CIS क्रम 1)। पूँजी अनुदान केवल नए कोल्ड स्टोरेज को मिलता है (क्रम 4)। अनुसूचित क्षेत्रों के लाभार्थियों को भी 60% / ₹6.50 करोड़ की दर मिलती है (क्रम 2) — अगर आपकी इकाई अनुसूचित क्षेत्र में है तो वही नियम देखें। इन्हीं दिशानिर्देशों में टर्म लोन पर ब्याज प्रतिपूर्ति (6% तक, जिसमें 3% AIF के ऊपर राज्य का टॉप-अप), कार्यशील पूँजी ऋण पर स्लैब के अनुसार ब्याज प्रतिपूर्ति, और 7 साल तक बिजली बिल पर 50% अनुदान भी है (दिशानिर्देश पृ. 5)।
“Other beneficiaries shall get a subsidy of 50% of fixed capital expenditure limited to Rs.6.00Cr, whichever is lower.”खेत पर 300 वर्ग फ़ुट के भंडार पर ₹1,00,000 तक और 600 वर्ग फ़ुट पर ₹2,00,000 तक, बीच के आकार पर अनुपात से; 300 वर्ग फ़ुट से छोटे पर कुछ नहीं।
ढाँचे में कम से कम 2 फ़ुट ऊँचा प्लिंथ, बीच में कम से कम 10 फ़ुट ऊँची छत, कम से कम एक दरवाज़ा और एक खिड़की, पक्की चिनाई की दीवारें और पीसीसी फ़र्श, और जीआई/सीमेंट की चादर या खपरैल की छत चाहिए (आरसीसी छत अपने ख़र्च पर); प्री-फ़ैब्रिकेटेड कंक्रीट ढाँचा भी मान्य है (धारा (3))। इसे ट्यूबवेल या कुएँ के पंप-कमरे की तरह इस्तेमाल नहीं कर सकते (धारा (3)(च))। हर 8-अ पर जीवन में एक बार, उसके किसी एक खातेदार को, बाकी की सहमति से (धारा (4))। बजट 2026-27 में प्रति किसान “₹1 लाख” लिखा है; 11 मई 2026 का सरकारी संकल्प ₹1–2 लाख का पैमाना तय करता है, जो हम दिखा रहे हैं।
“ખેડૂત પોતાના ખેતર ઉપર ન્યૂનતમ ૩૦૦ ચોરસ ફૂટથી મહત્તમ ૬૦૦ ચોરસ ફૂટ સુધીનું પાક સંગ્રહ સ્ટ્રક્ચર બનાવે તો ન્યૂનતમ ૩૦૦ ચોરસ ફૂટ માટે રૂ. ૧.૦૦ લાખ તથા મહત્તમ ૬૦૦ ચોરસ ફૂટ માટે રૂ. ૨.૦૦ લાખ સુધીની સહાય આપવાની રહેશે. જો કોઈ ખેડૂત દ્વારા ૩૦૦ ચોરસ ફૂટથી લઈ ૬૦૦ ચોરસ ફૂટની વચ્ચેનું બાંધકામ કરે તો પ્રતિ ફૂટ પ્રોરેટા મુજબ સહાય આપવાની રહેશે.”पैकिंग सामग्री (कोरुगेटेड या लकड़ी के बक्से): ₹10,000 प्रति हेक्टेयर का 75% (₹7,500), प्रति खाता अधिकतम 1 हेक्टेयर, हर साल एक बार।
HRT-2 सामान्य (अनुसूचित जाति/जनजाति उप-योजना से बाहर) बजट मद है; यह राज्य के सभी किसानों और वन अधिकार पत्रधारकों के लिए है (परिशिष्ट-1, 3)। अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को यही घटक आमतौर पर HRT-4 और HRT-3 संकल्पों में मिलते हैं, जिनकी दर ज़्यादा हो सकती है। अनुपातिक इकाई लागत और आपके असली ख़र्च में से कम गिना जाता है (परिशिष्ट-1, 18)।
“બાગાયત પેદાશની પોસ્ટ હાર્વેસ્ટ મેનેજમેન્ટ અંતર્ગત પેકીંગ મટીરીયલ્સમાં સહાય • યુનિટ કોસ્ટ- રૂ. ૧૦૦૦૦/હે. • ખર્ચના ૭૫ ટકા કે રૂ. ૭૫૦૦ પ્રતિ હેક્ટર, બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”प्लास्टिक क्रेट और तराज़ू: लागत का 50%, ₹5,000 तक (एफ़पीओ और बागवानी सहकारी संस्था को 75%, ₹7,500 तक), पाँच साल में एक बार।
आई-खेडूत पर पंजीकृत कंपनी के मान्य मॉडल।
“પોસ્ટ હાર્વેસ્ટ મેનેજમેન્ટના સાધનો(વજન કાંટા તથા પ્લાસ્ટીક ક્રેટસ) … • યુનિટ કોસ્ટ મહત્તમ રૂ. ૧૦,૦૦૦/- • સામાન્ય ખેડુતને ખર્ચના ૫૦% કે મહત્તમ રૂ.૫૦૦૦/- … • FPO/FPC/FIG/બાગાયતી પાકોની સહકારી મંડળીને ૭૫ % કે મહત્તમ રૂ.૭૫૦૦/-”खेत पर ग्रेडिंग, छँटाई और पैकिंग शेड (कम से कम 50 वर्गमीटर): लागत का 50%, अधिकतम ₹1.50 लाख, जीवन में एक बार।
केवल ज़मीन के खातेदार किसान।
“ખેતર પરના ગ્રેડીંગ, શોર્ટીંગ, પેકીંગ એકમ ઉભા કરવા સહાય (A) બાંધકામ (ઓછામાં ઓછું ૫૦ ચો.મીટર કે તેથી વધુ ) … રૂ. ૩.૦૦ લાખ પ્રતિ એકમ ખર્ચને ધ્યાને લઇ મહત્તમ ૫૦ ટકા અથવા મહત્તમ રૂ. ૧.૫૦ લાખ/એકમ”खेत पर शेड के लिए ग्रेडिंग, छँटाई, तौल, धुलाई और पैकिंग उपकरण, क्रेट, बिन और पैलेट: लागत का 50%, अधिकतम ₹50,000।
केवल ज़मीन के खातेदार किसान।
“(B) મશીનરી/સાધનો • ગ્રેડીંગ, શોર્ટીંગ, વજન કરવાના, પેકીંગ, વોશીંગ, પ્રાથમિક મૂલ્ય વર્ધન, સંગ્રહ માટે ક્રેટસ તથા બીન્સ/ પેલેટસ વિગેરે ના સાધનો માટે રૂ. ૧.૦૦ લાખ ખર્ચને ધ્યાને લઇ ખર્ચના મહત્તમ ૫૦ ટકા અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૫૦ લાખ”बाज़ार से जुड़ा क्लस्टर स्तर का कटाई-बाद ढाँचा (ग्रेडिंग, पैकिंग, भंडारण, कोल्ड चेन, प्राथमिक प्रसंस्करण): ₹1 करोड़ तक की लागत का 50% (₹50 लाख) व्यक्ति/निजी संस्था को, 75% (₹75 लाख) एफ़पीओ और सहकारी संस्था को; ऋण से जुड़ा।
व्यक्ति/निजी संस्था: एक इकाई; एफ़पीओ/सहकारी: दो इकाई तक; जीवन में एक बार। आई-खेडूत पर आवेदन से पहले RBI-मान्य बैंक या NCDC से ऋण मंज़ूर होना चाहिए। 29 जून 2024 के संकल्प ACD/KEF/E-FILE/2/2024/0075/K8 की शर्तें लागू (HRT-2 शर्त 48)।
“બાગાયતી પાકના કલ્સ્ટરોને કાપણી પછીની વ્યવસ્થા અને બજાર સાથે સાંકળવા માળખાકીય સુવિધા પૂરી પાડવા સહાય • એકમ ખર્ચ: મહત્તમ રૂ ૧૦૦.૦૦ લાખ/ એકમ • વ્યક્તિગત/ ખાનગી સંસ્થા ને ૫૦ ટકા મુજબ રૂ. ૫૦.૦૦ લાખ/એકમ … • ફાર્મર પ્રોડ્યુસર ઓર્ગેનાઇઝેશન (FPO/FPC)/ સહકારી સંસ્થાને … ૭૫ ટકા મુજબ રૂ. ૭૫.૦૦ લાખ/એકમ”कोल्ड स्टोरेज (टाइप 1, एक तापमान ज़ोन, 250 टन से बड़े चैंबर): इकाई लागत का अधिकतम 50%, जो 5,000 टन तक ₹8,000 प्रति टन और बड़े स्टोर में प्रति टन कम है, 10,000 टन तक; ऋण से जुड़ा, एक बार।
परियोजना आधारित, ऋण से जुड़ी बैक-एंडेड सब्सिडी; 29 जून 2024 और 6 मई 2025 के संकल्पों की शर्तें लागू (HRT-2 शर्त 51)।
“કોલ્ડ સ્ટોરેજ યુનિટ (પ્રકાર – ૧) … એકમ ખર્ચ : • ૫,૦૦૦ મેટ્રીક ટન સુધી રૂ. ૮,૦૦૦ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • ૫,૦૦૧ થી ૬,૫૦૦ મેટ્રીક ટન સુધી રૂ. ૭,૬૦૦ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • ૬,૫૦૧ થી ૮,૦૦૦ મેટ્રીક ટન સુધી રૂ. ૭,૨૦૦ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • ૮,૦૦૧ થી ૧૦,૦૦૦ મેટ્રીક ટન સુધી રૂ. ૬,૮૦૦ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • એકમ ખર્ચના મહત્તમ ૫૦ % સહાય.”गाँव या समूह स्तर का संग्रह केंद्र, प्राथमिक छँटाई, ग्रेडिंग और पैकिंग के साथ: लागत का 75%, ₹15 लाख तक गिनी, सहकारी संस्था, एफ़पीओ/एफ़पीसी, एपीएमसी और पंजीकृत स्वयं सहायता समूह के लिए।
परियोजना आधारित, बैंक से जुड़ी सब्सिडी; जीवन में एक बार।
“જુથ/ગ્રામ્ય કક્ષાએ કલેકશન એકમ તથા પ્રાથમીક શોર્ટીંગ/ગ્રેડીંગ/પેકીંગ સુવિધા ઉભી કરવા માટે મહત્તમ એકમ ખર્ચ રૂ. ૧૫.૦૦ લાખ સહાય -મહત્તમ એકમ ખર્ચના ૭૫% સહાય.”10 टन तक का सोलर कोल्ड रूम: लागत का 75%, ₹20 लाख तक गिनी, सहकारी संस्था, एफ़पीओ/एफ़पीसी, एपीएमसी और पंजीकृत स्वयं सहायता समूह के लिए।
परियोजना आधारित, बैंक से जुड़ी सब्सिडी; जीवन में एक बार।
“સોલાર આધારીત કોલ્ડ રૂમ(૧૦ મે. ટન સુધી) ઉભા કરવા માટેની યોજના મહત્તમ એકમ ખર્ચ રૂ. ૨૦.૦૦ લાખ સહાય -મહત્તમ એકમ ખર્ચના ૭૫% સહાય.”संग्रह केंद्र से उपज ढोने का वाहन: लागत का 75%, ₹5 लाख तक गिनी, सहकारी संस्था, एफ़पीओ/एफ़पीसी, एपीएमसी और पंजीकृत स्वयं सहायता समूह के लिए।
परियोजना आधारित, बैंक से जुड़ी सब्सिडी; जीवन में एक बार।
“માલ-સામાન પરિવહન સુવિધા માટે વાહન મહત્તમ એકમ ખર્ચ રૂ. ૫.૦૦ લાખ સહાય -મહત્તમ એકમ ખર્ચના ૭૫% સહાય.”NHM कोल्ड चेन घटकों में बने सामान्य कोल्ड स्टोर का बिजली बिल: साल के बिल का 25%, अधिकतम ₹2 लाख प्रति वर्ष, पाँच साल तक।
एक साल का बिजली बिल भरें; सहायता उसी साल मिलती है।
“વીજદર સહાય નોર્મલ કોલ્ડ સ્ટોરેજમાં વાર્ષિક ખર્ચના ૨૫% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૨.૦૦ લાખ સહાય (પાંચ વર્ષ સુધી)”नियंत्रित/संशोधित वातावरण (CA/MA) कोल्ड स्टोर का बिजली बिल: साल के बिल का 25%, अधिकतम ₹3 लाख प्रति वर्ष, पाँच साल तक।
एक साल का बिजली बिल भरें; सहायता उसी साल मिलती है।
“જ્યારે CA /MA કોલ્ડ સ્ટોરેજ વાર્ષિક ખર્ચના ૨૫% મુજબ મહત્તમ રૂ. ૩.૦૦ લાખ /એકમ સહાય (પાંચ વર્ષ સુધી).”परियोजना में पैक हाउस: ₹4 लाख तक का 50% (₹2 लाख) किसान और ट्रस्ट को, 75% (₹3 लाख) एफ़पीओ और सहकारी को।
परियोजना आधारित, 2 हेक्टेयर या ज़्यादा (बाग़ वाले हिस्से में व्यक्ति और ट्रस्ट 4 हेक्टेयर तक; मिलकर खेती करने वाले एफ़पीओ/एफ़पीसी/सहकारी सदस्य 50 हेक्टेयर तक), जीवन में एक बार। बाग़ घटक अनिवार्य है और मद 2–7 में से कम से कम दो के साथ लेना होगा। इकाई लागत MIDH-NHM दिशा-निर्देशों के अनुसार; बाग़ की सहायता पूरा होने पर दो किस्तों (60:40) में, दूसरी 90% पौधे ज़िंदा रहने पर।
“૪. બાગાયતી માળખાકીય સુવિધાઓ … પેકહાઉસ : કેંદ્ર સરકારશ્રીની MIDH યોજનામાં દર્શાવ્યા મુજબ મહત્તમ યુનિટ કોસ્ટ ૪.૦૦ લાખ/એકમ ➢ સામાન્ય ખેડૂત તથા રજીસ્ટર્ડ ટ્રસ્ટને ખર્ચના ૫૦% મુજબ મહત્તમ રૂ.૨.૦૦ લાખ … FPO, FPC, સહકારી મંડળીને ખર્ચના ૭૫% મુજબ મહત્તમ રૂ.૩.૦૦ લાખ”मज़दूर कक्ष या स्टोर रूम (पक्का, 150 वर्गमीटर तक): लागत का 50%, परियोजना के प्रति हेक्टेयर अधिकतम ₹25,000 और कुल ₹3 लाख।
कुल ₹3 लाख 12 हेक्टेयर (12 × ₹25,000) पर पूरा होता है, इसलिए कैलकुलेटर वहीं रुकता है। परियोजना आधारित, 2 हेक्टेयर या ज़्यादा (बाग़ वाले हिस्से में व्यक्ति और ट्रस्ट 4 हेक्टेयर तक; मिलकर खेती करने वाले एफ़पीओ/एफ़पीसी/सहकारी सदस्य 50 हेक्टेयर तक), जीवन में एक बार। बाग़ घटक अनिवार्य है और मद 2–7 में से कम से कम दो के साथ लेना होगा। इकाई लागत MIDH-NHM दिशा-निर्देशों के अनुसार; बाग़ की सहायता पूरा होने पर दो किस्तों (60:40) में, दूसरी 90% पौधे ज़िंदा रहने पर।
“➢ લેબર રૂમ / સ્ટોર રૂમ માટે ખર્ચના ૫૦ ટકા મુજબ મહત્તમ રૂ. ૫૦,૦૦૦/- પ્રતિ ૨ હેક્ટર, હેક્ટરદીઠ મહત્તમ રૂ.૨૫,૦૦૦ ની મર્યાદામાં પ્રોરેટા બેઝ મુજબ, વધુમાં વધુ રૂ. ૩.૦૦ લાખ સહાય મળવાપાત્ર રહેશે. (મહત્તમ ૧૫૦ ચો.મી ના પાકા (પતરા /ધાબાવાળા) બાંધકામ માટે)”प्री-कूलिंग इकाई: लागत का और 15%, प्रति टन क्षमता ₹5 लाख तक गिनी।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (सामान्य क्षेत्र में 35%, ऋण से जुड़ा बैक-एंडेड) केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है, और ये घटक NCCD दिशा-निर्देशों से चलते हैं। केंद्रीय परियोजना पूरी होने और पूरा भुगतान मिलने के बाद कार्य-पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ राज्य टॉप-अप के लिए आवेदन करें (परिशिष्ट-1, 26); सहायता लागू राज्य कोल्ड-चेन नीति के अनुसार (परिशिष्ट-1, 25)।
“C.4 પ્રીકુલીંગ યુનિટ એકમ ખર્ચ • મહત્તમ રૂ. 5.00 લાખ પ્રતિ મેટ્રીક ટન … સામાન્ય વિસ્તારમાં ખર્ચના 35 % સહાય … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”मोबाइल प्री-कूलिंग इकाई: लागत का और 15%, ₹30 लाख तक गिनी।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (सामान्य क्षेत्र में 35%, ऋण से जुड़ा बैक-एंडेड) केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है, और ये घटक NCCD दिशा-निर्देशों से चलते हैं। केंद्रीय परियोजना पूरी होने और पूरा भुगतान मिलने के बाद कार्य-पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ राज्य टॉप-अप के लिए आवेदन करें (परिशिष्ट-1, 26); सहायता लागू राज्य कोल्ड-चेन नीति के अनुसार (परिशिष्ट-1, 25)।
“C.5 મોબાઇલ પ્રીકુલીંગ યુનિટ એકમ ખર્ચ • મહત્તમ રૂ. 30.00 લાખ પ્રતિ એકમ … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”स्टेजिंग कोल्ड रूम: लागत का और 15%, ₹52 लाख तक गिनी।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (सामान्य क्षेत्र में 35%, ऋण से जुड़ा बैक-एंडेड) केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है, और ये घटक NCCD दिशा-निर्देशों से चलते हैं। केंद्रीय परियोजना पूरी होने और पूरा भुगतान मिलने के बाद कार्य-पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ राज्य टॉप-अप के लिए आवेदन करें (परिशिष्ट-1, 26); सहायता लागू राज्य कोल्ड-चेन नीति के अनुसार (परिशिष्ट-1, 25)।
“C.6 1)કોલ્ડ રૂમ (સ્ટેગીંગ) એકમ ખર્ચ • મહત્તમ રૂ. 52.00 લાખ પ્રતિ એકમ … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”कोल्ड स्टोर: प्रति टन लागत का और 15% — ₹9,600 (सिविल निर्माण) या ₹12,000 (सिविल + PEB, और हर टाइप II / CA स्टोर) — 5,000 टन तक।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (सामान्य क्षेत्र में 35%, ऋण से जुड़ा बैक-एंडेड) केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है, और ये घटक NCCD दिशा-निर्देशों से चलते हैं। केंद्रीय परियोजना पूरी होने और पूरा भुगतान मिलने के बाद कार्य-पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ राज्य टॉप-अप के लिए आवेदन करें (परिशिष्ट-1, 26); सहायता लागू राज्य कोल्ड-चेन नीति के अनुसार (परिशिष्ट-1, 25)। ऐड-ऑन (CO₂ स्क्रबर, एकीकृत नियंत्रण, हैंडलिंग प्रणाली, ₹9 करोड़ तक के CA घटक) और आधुनिकीकरण मदों पर भी 15% टॉप-अप है, पर यहाँ शामिल नहीं।
“C.7 કોલ્ડ સ્ટોરેજ Type – I (CS-1) … • મહત્તમ રૂ. 9,600 પ્રતિ મેટ્રીક ટન (મહત્તમ 5000 મેટ્રીક ટન સુધી) … સિવિલ અને PEB નુ સંયુક્ત બાંધકામ … • મહત્તમ રૂ. 12,000 પ્રતિ મેટ્રીક ટન … C.8 (CS-1-Onion) … C.9 Type - II (CS-2) … C.10 Type-II-CA (CS-2-CA) … C.11 Type-IV (CS-4) (Dry Spices & Raisins) … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”रेफ़्रिजरेटेड परिवहन वाहन (4 से 14 टन): लागत का और 15%, ₹3.45 लाख प्रति टन तक गिनी।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (सामान्य क्षेत्र में 35%, ऋण से जुड़ा बैक-एंडेड) केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है, और ये घटक NCCD दिशा-निर्देशों से चलते हैं। केंद्रीय परियोजना पूरी होने और पूरा भुगतान मिलने के बाद कार्य-पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ राज्य टॉप-अप के लिए आवेदन करें (परिशिष्ट-1, 26); सहायता लागू राज्य कोल्ड-चेन नीति के अनुसार (परिशिष्ट-1, 25)।
“C.13 રેફ્રિજરેટેડ ટ્રાન્સપોર્ટ વિહીકલ એકમ ખર્ચ • મહત્તમ રૂ. 3.45 લાખ પ્રતિ મેટ્રીક ટન • ખર્ચની ગણતરી પ્રતિ મેટ્રીક ટન પ્રમાણે 4 મેટ્રીક ટનથી મહત્તમ 14 મેટ્રીક ટન સુધી ધ્યાને લેવાની રહેશે. … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”प्राथमिक / न्यूनतम प्रसंस्करण इकाई (दूसरे MIDH घटकों के साथ): लागत का और 15%, ₹35 लाख तक गिनी।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (सामान्य क्षेत्र में 35%, ऋण से जुड़ा बैक-एंडेड) केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है, और ये घटक NCCD दिशा-निर्देशों से चलते हैं। केंद्रीय परियोजना पूरी होने और पूरा भुगतान मिलने के बाद कार्य-पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ राज्य टॉप-अप के लिए आवेदन करें (परिशिष्ट-1, 26); सहायता लागू राज्य कोल्ड-चेन नीति के अनुसार (परिशिष्ट-1, 25)।
“C.14 પ્રાઇમરી/ મીનીમલ પ્રોસેસીંગ યુનિટ … એકમ ખર્ચ • મહત્તમ રૂ. 35.00 લાખ પ્રતિ એકમ … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”नॉन-प्रेशराइज़्ड राइपनिंग चैंबर: लागत का और 15%, ₹1 लाख प्रति टन तक गिनी।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (सामान्य क्षेत्र में 35%, ऋण से जुड़ा बैक-एंडेड) केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है, और ये घटक NCCD दिशा-निर्देशों से चलते हैं। केंद्रीय परियोजना पूरी होने और पूरा भुगतान मिलने के बाद कार्य-पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ राज्य टॉप-अप के लिए आवेदन करें (परिशिष्ट-1, 26); सहायता लागू राज्य कोल्ड-चेन नीति के अनुसार (परिशिष्ट-1, 25)।
“C.15 રાઇપનીંગ ચેમ્બર (CS-3) 1.નોન-પ્રેશરાઇઝ્ડ રાઇપનીંગ ચેમ્બર (CS-3) એકમ ખર્ચ • મહત્તમ રૂ. 1.00 લાખ પ્રતિ મેટ્રીક ટન … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”प्रेशराइज़्ड राइपनिंग चैंबर: लागत का और 15%, ₹1.20 लाख प्रति टन तक गिनी।
यह केवल राज्य का लागत पर अतिरिक्त 15% है; MIDH हिस्सा (सामान्य क्षेत्र में 35%, ऋण से जुड़ा बैक-एंडेड) केंद्रीय MIDH रिकॉर्ड में है, और ये घटक NCCD दिशा-निर्देशों से चलते हैं। केंद्रीय परियोजना पूरी होने और पूरा भुगतान मिलने के बाद कार्य-पूर्णता प्रमाणपत्र के साथ राज्य टॉप-अप के लिए आवेदन करें (परिशिष्ट-1, 26); सहायता लागू राज्य कोल्ड-चेन नीति के अनुसार (परिशिष्ट-1, 25)।
“2. પ્રેશરાઇઝ્ડ રાઇપનીંગ ચેમ્બર (CS-3) એકમ ખર્ચ • મહત્તમ રૂ. 1.20 લાખ પ્રતિ મેટ્રીક ટન … રાજય સરકારશ્રીની વધારાની 15% પુરક સહાય”एफ़पीओ, एफ़पीसी और कृषि सहकारी संस्थाएँ: सामान्य और CA/MA कोल्ड स्टोर, प्री-कूलिंग इकाई, रीफ़र वैन, राइपनिंग चैंबर (300 टन तक), एकीकृत पैक हाउस, प्राथमिक प्रसंस्करण इकाई, कम लागत प्याज़ भंडार (25 टन) और ग्रामीण बाज़ार की लागत पर केंद्रीय हिस्से के ऊपर 25% राज्य टॉप-अप; कुल सहायता अधिकतम 75%।
कोल्ड स्टोर, प्री-कूलर, रीफ़र वैन और राइपनिंग चैंबर के लिए संकल्प में एपीएमसी, पंजीकृत किसान समूह, सरकारी उपक्रम और नगरपालिकाएँ भी हैं। केवल एक बार।
“કોલ્ડ ચેઇનને પ્રોત્સાહિત કરવા માટે • કેન્દ્ર સરકારની સામાન્ય વિસ્તારમાં ૩૫ ટકા અને રાજ્ય સરકારની ૨૫ ટકા સહાય મળવાપાત્ર થશે. … • આ તમામ ઘટકોમાં રજીસ્ટર્ડ ખેડુત ઉત્પાદક સંગઠન (FPO)/ કંપનીઓ (FPC) અને કૃષિ સંલગ્ન સહકારી સંસ્થાઓને રાજ્ય સરકારની ૨૫ ટકા પુરક સહાય મળવાપાત્ર થશે. • લાભાર્થીને કેન્દ્ર સરકારની તેમજ રાજ્ય સરકારની યોજનાઓ મળી કુલ મહત્તમ ૭૫% સુધી જ સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”प्लास्टिक क्रेट और तराज़ू: ₹10,000 तक का 75% — अधिकतम ₹7,500, पाँच साल में एक बार।
“યુનિટ કોસ્ટ- મહત્તમ રૂ. ૧૦,૦૦૦/- • અનુ જન જાતિના ખેડૂતને ખર્ચના ૭૫% કે મહત્તમ રૂ.૭૫૦૦/- બે માંથી જે ઓછું હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે”पैकिंग सामग्री (कोरुगेटेड या लकड़ी के डिब्बे): ₹10,000 प्रति हेक्टेयर का 75% (₹7,500), 1 हेक्टेयर तक, साल में एक बार।
“યુનિટ કોસ્ટ- રૂ. ૧૦૦૦૦/હે. • ખર્ચના ૭૫ ટકા કે રૂ. ૭૫૦૦/-પ્રતિ હેકટર બે માંથી જે ઓછુ હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”खेत पर ग्रेडिंग, छँटाई और पैकिंग शेड (कम से कम 50 वर्ग मीटर): ₹3,00,000 तक का 50% — अधिकतम ₹1,50,000, जीवन में एक बार।
“રૂ. ૩.૦૦ લાખ પ્રતિ એકમ ખર્ચને ધ્યાને લઈ મહત્તમ ૫૦ ટકા અથવા મહત્તમ રૂ. ૧.૫૦ લાખ/એકમ બે માંથી જે ઓછું હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”उस शेड के लिए ग्रेडिंग, तौल, पैकिंग, धुलाई और भंडारण के साधन (क्रेट, बिन, पैलेट): ₹1,00,000 तक का 50% — अधिकतम ₹50,000।
“રૂ. ૧.૦૦ લાખ ખર્ચને ધ્યાને લઈ ખર્ચના મહત્તમ ૫૦ ટકા અથવા મહત્તમ રૂ. ૦.૫૦ લાખ બે માંથી જે ઓછું હોય તે સહાય મળવાપાત્ર રહેશે.”100 टन तक के बहुउद्देशीय भंडार, कोल्ड स्टोरेज या पैकिंग केंद्र की लागत का 35%।
22 जून 2026 के 2026-27 बजट भाषण में घोषित। इसका लागू करने वाला आदेश या दिशानिर्देश अभी नहीं मिला, इसलिए कौन आवेदन कर सकता है, अधिकतम सीमा और तरीक़ा बदल सकते हैं — पैसा लगाने से पहले ज़िला कार्यालय से पुष्टि करें।
“The State is already implementing the centrally sponsored Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH), under which subsidies are provided for storage facilities of up to 25 MT capacity. To encourage the establishment of larger multi-purpose storage facilities of up to 100 MT, as well as cold storages and packing centers, I hereby propose budget allocation of ₹100 crore to provide 35% State subsidy.”₹10,000 से कम के कटाई बाद के औज़ार पर आधी कीमत, और ₹10,000 या ज़्यादा वाले पर तीन-चौथाई कीमत राज्य देता है।
स्थिति अज्ञात: निदेशालय के एफ़एक्यू पर कोई तारीख़ नहीं है (फ़ाइल का नाम 2025) और इस योजना का नाम लेने वाला 2025-26 या 2026-27 का कोई आदेश या बजट मद हमें नहीं मिला। इस साल योजना चल रही है या नहीं, ज़िला बागवानी अधिकारी से पूछें।
“(i) 50% assistance to farmers’ for purchase of post-harvest equipments/ tools costing below ₹ 10,000/- (Another 50% is farmers’ share). (ii) 75% assistance to farmers for purchase of post-harvest equipments/ tools costing ₹10,000/- and above (Another 25% is farmers’ share).”नीलामी के लिए लाई गई उपज पर प्रति किलो ढुलाई सब्सिडी: 25 किमी तक ₹1.50, 26–50 किमी ₹2.00 और 50 किमी से ऊपर ₹2.50।
पैसा बाज़ारों और ज़िला ख़रीद केंद्रों को (KABCO के ज़रिए) जारी होता है, जो आगे किसान को देते हैं। दस्तावेज़ में प्रति किसान कोई सीमा नहीं छपी।
“To encourage and support farmers in bringing their produce to Agricultural Wholesale Markets and District Procurement Centres (DPCs) for auction, transport subsidy shall be provided based on the distance between the farmer’s field and the auction centre, at the following rates: Distance | Transport Subsidy — Up to 25 km ₹1.50 per kg; 26–50 km ₹2.00 per kg; Above 50 km ₹2.50 per kg”फ्रोज़न स्टोरेज / डीप फ़्रीज़र, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण ढाँचा: परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹10 करोड़ (पैक हाउस, राइपनिंग चैंबर जैसे कोल्ड चेन मद: 35%)।
पत्रक यह नहीं बताता कि ₹10 करोड़ की सीमा 35% वाले कोल्ड चेन मदों पर भी है या नहीं; यहाँ केवल 50% वाला भाग गिना गया है।
“कोल्ड चेन और मूल्य संवर्धन इन्फ्रास्ट्रक्चर (भण्डारण, पैक हाउस, प्री कूलिंग यूनिट, राइपनिंग चेम्बर, ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर) का 35 प्रतिशत और फ्रोजन स्टोरेज/डीप फ्रिजर, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण के बुनियादी ढांचे तथा विकरण के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम 10 करोड़ तक छूट प्रदान की जायेगी।”