हिमाचल पुष्प क्रांति योजना (फूलों की खेती), हिमाचल प्रदेश
फूल उत्पादकों को ग्रीनहाउस, शेड नेट हाउस और टनल की लागत का 85% (एमआईडीएच लागत मानक पर, अधिकतम 4,000 वर्ग मीटर) और ढके ढाँचे में कार्नेशन, जरबेरा आदि की रोपण सामग्री पर 50%।
- मुख्य लाभ
- 85%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 6तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
फूलों के लिए ग्रीनहाउस, शेड नेट हाउस या टनल: एमआईडीएच मानक पर लागत का 85%, अधिकतम 4,000 वर्ग मीटर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
स्थिति अज्ञात: उद्यान विभाग अपने योजना पृष्ठ पर यही दिशानिर्देश दिखाता है, पर ये 2018-19 / 2019-20 के हैं और चालू वर्ष का कोई आदेश या बजट मद नहीं मिला जिसमें योजना का नाम हो। उद्यान विकास अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष इसके लिए पैसा है या नहीं।
“Component-wise pattern of assistance: The cost norms will be at par with the ongoing centrally sponsored scheme - Mission for Integrated Development of Horticulture (MIDH) … Green House Structure a) Fan & Pad system … 85% of cost for a maximum area of 4000 sqm per beneficiary b) Naturally ventilated system Tubular structure Rs. 1219/sqm (upto area 500 sqm) … 85% of cost for a maximum area of 4000 sqm per beneficiary”ढके ढाँचे में कार्नेशन या जरबेरा की रोपण सामग्री और खेती: लागत का 50%, अधिकतम 4,000 वर्ग मीटर (मानक ₹610/वर्ग मीटर)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
स्थिति अज्ञात: उद्यान विभाग अपने योजना पृष्ठ पर यही दिशानिर्देश दिखाता है, पर ये 2018-19 / 2019-20 के हैं और चालू वर्ष का कोई आदेश या बजट मद नहीं मिला जिसमें योजना का नाम हो। उद्यान विकास अधिकारी से पूछें कि इस वर्ष इसके लिए पैसा है या नहीं।
“Cost of planting material & cultivation of Carnation & Gerbera under poly house/shade net house — Rs. 610/sqm — 50% of cost limited to 4000 sqm per beneficiary”मुझे कितना मिल सकता है?
आपकी दर 85% पात्र लागत का
गिनी जाने वाली लागत ढाँचे के प्रकार और क्षेत्र के अनुसार बदलने वाले प्रति वर्ग मीटर एमआईडीएच मानकों से सीमित है (जैसे प्राकृतिक हवादार ₹1,219/वर्ग मीटर, 500 वर्ग मीटर तक); इसलिए केवल 85% दर दिखाई है।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- भूमिहीन
ज़रूरी काग़ज़
- हर गतिविधि के लिए अलग-अलग तय फ़ॉर्म पर आवेदन, आधार नंबर सहित (कार्यप्रणाली, क्रम 6, पृ. 5; अनुलग्नक-I, पृ. 9)
- लागत अनुमान सहित पूरी परियोजना रिपोर्ट (कार्यप्रणाली, क्रम 6, पृ. 5)
- ज़मीन का ताज़ा राजस्व रिकॉर्ड — किसान पास बुक, जमाबंदी, ततीमा या राजस्व अधिकारी का प्रमाणपत्र (कार्यप्रणाली, क्रम 6; अनुलग्नक-I, क्रम 2)
- ज़मीन पट्टे पर हो तो: कम से कम 10 साल का पंजीकृत पट्टा-नामा (कार्यप्रणाली, क्रम 3, पृ. 5)
- शपथपत्र कि पॉलीहाउस किराये, पट्टे पर नहीं दिया जाएगा, न बेचा या हस्तांतरित किया जाएगा (कार्यप्रणाली, क्रम 5, पृ. 5)
आवेदन कैसे करें
- आवेदन फ़ॉर्म (भूमि के विवरण सहित, या भूमिहीन किसान के रूप में) भरकर उद्यान प्रसार अधिकारी / उद्यान विकास अधिकारी को दें।
- कुछ भी ख़रीदने से पहले उप निदेशक उद्यान / विषय विशेषज्ञ से स्वीकृति लें और अनुदान के सही उपयोग का बॉन्ड भरें।
- काम पूरा होने पर क्षेत्र अधिकारी फ़ोटो सहित निरीक्षण करते हैं और अनुदान जारी होता है।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।