एचएडीपी — मटन में आत्मनिर्भरता: भेड़ और बकरी इकाइयाँ, जम्मू-कश्मीर
चालू होने का आधार: जम्मू-कश्मीर कृषि उत्पादन विभाग सरकारी आदेश 330/2026 (एचएडीपी मटन परियोजना, 2026-27) (21 जुल॰ 2026, Sanction of advance drawal of ₹17.91 lakh under HADP “Self Sustenance in Mutton Production” for the year 2026-27)
जम्मू-कश्मीर के समग्र कृषि विकास कार्यक्रम (एचएडीपी) में कम से कम 500 मादा और 25 नर वाले भेड़-बकरी प्रजनन फ़ार्म को पूँजी लागत का 50% (अधिकतम ₹50 लाख) बाद में सब्सिडी के रूप में मिलता है; 50 पशुओं की छोटी इकाई पर इकाई लागत का 50% मिलता है, जिसकी अधिकतम सीमा दिशानिर्देशों में छपी नहीं है।
- मुख्य लाभ
- 50%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
भेड़/बकरी प्रजनन फ़ार्म (कम से कम 500 मादा + 25 नर) की पूँजी लागत का 50%, अधिकतम ₹50 लाख, दो किस्तों में।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, एफपीओ, किसान सहकारी समितियाँ, संयुक्त देयता समूह और धारा 8 कंपनियाँ आवेदन कर सकती हैं। कार्यशील पूँजी, निजी वाहन, ज़मीन ख़रीद, किराया या पट्टे पर सब्सिडी नहीं। काम पूरा होने के बाद तीन साल तक परियोजना की निगरानी होती है।
“Pattern of Assistance: 50% capital subsidy up to Rs. 50 lakh in two instalments. … The Entrepreneurs / Eligible Entities can establish sheep and goat breeding unit with minimum 500 females and 25 males.”50 भेड़/बकरी की इकाई की लागत का 50% (100, 150… पशुओं पर उसी गुणा में), उस अधिकतम सीमा तक जो दिशानिर्देशों में छपी नहीं है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
पशु 1.5–2 साल के हों, यूआईडी टैग लगे हों और कम से कम दो साल प्रजनन के लिए रखे जाएँ; 20% एससी/एसटी और 10% महिला लाभार्थियों को शामिल करने का प्रयास होता है।
“Once the beneficiary has established the unit of animals/shearing unit, 50% of the unit cost as subsidy amount or maximum ceiling, whichever is less, shall be released by the concerned District Sheep Husbandry Officer (DSHO)”भेड़ पालकों के एफपीओ/एफपीसी को पंजीकरण और साझा सुविधा केंद्र (प्रजनन, स्वास्थ्य, मशीन से ऊन कटाई, ऊन प्रसंस्करण) के लिए एक बार ₹18 लाख प्रोत्साहन।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“The FPO shall be eligible for one time incentive of Rs 18 lac per FPO/FPC for registration, establishment of CFC”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए परियोजना लागत भरें।
व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, एफपीओ, किसान सहकारी समितियाँ, संयुक्त देयता समूह और धारा 8 कंपनियाँ आवेदन कर सकती हैं। कार्यशील पूँजी, निजी वाहन, ज़मीन ख़रीद, किराया या पट्टे पर सब्सिडी नहीं। काम पूरा होने के बाद तीन साल तक परियोजना की निगरानी होती है।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- मौके की जाँच के लिए पशुओं/इकाई का बिल
- अपने पैसे से बने प्रजनन फ़ार्म के लिए: तीन साल की वैध बैंक गारंटी
आवेदन कैसे करें
- अपने ज़िले के ज़िला भेड़ पालन अधिकारी (डीएसएचओ) के कार्यालय में आवेदन करें (अनुच्छेद xii)।
- डीएसएचओ, ज़िला प्रशासन के एक सदस्य और पशु चिकित्सा सहायक सर्जन की समिति लाभार्थी चुनती है (अनुच्छेद xv)।
- इकाई लगाएँ; बिल और मौके की जाँच के बाद सब्सिडी डीबीटी से मिलती है — या 10% मार्जिन राशि के साथ ऋण लेने पर बैंक को बैक-एंडेड सब्सिडी के रूप में (अनुच्छेद viii–xi)।
- 500 मादा वाले प्रजनन फ़ार्म में सब्सिडी की पहली आधी किस्त ऋण की पहली किस्त के बाद बैंक में जाती है (अपने पैसे से बनाने पर बैंक गारंटी के साथ 25% खर्च के बाद); दूसरी आधी किस्त काम पूरा होने पर।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।