नारियल क्षेत्र विस्तार — ₹9,225 प्रति हेक्टेयर के मुफ़्त पौधे (समग्र बागवानी विकास, कर्नाटक)
0.20 से 1 हेक्टेयर में नया नारियल बाग़ लगाने वाले किसान के पौधों का ख़र्च विभाग देता है — ₹75 के 123 पौधे, ₹9,225 प्रति हेक्टेयर; गड्ढे खोदना, भरना और रोपना (₹22,741.59 प्रति हेक्टेयर) किसान का ख़र्च है।
- मुख्य लाभ
- ₹9,225प्रति हेक्टेयर, अधिकतम
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 6तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
हर वर्ग के किसान को 0.20 से 1 हेक्टेयर नए नारियल रोपण पर ₹9,225 प्रति हेक्टेयर (₹75 के 123 पौधों की क़ीमत)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
सहायता पौधों के रूप में मिलती है, नक़द नहीं; रकबा कम से कम 0.20 हेक्टेयर होना चाहिए (पृ.3), और इसे पाने वाला किसान नारियल विकास बोर्ड, मनरेगा या दूसरी योजनाओं से नारियल क्षेत्र विस्तार अनुदान नहीं ले सकता (खंड 7, क्रम 5)। ये 2023-24 के दिशानिर्देश लेखा शीर्ष 2401-00-111-0-08 के तहत हैं, जिसमें 2026-27 में राशि नहीं है; विभाग के मौजूदा “राज्य क्षेत्र योजनाएँ” पृष्ठ पर कार्यक्रम अब भी समग्र बागवानी विकास के तहत है, पर चालू वर्ष का आदेश नहीं मिला, इसलिए स्थिति अज्ञात है।
“ಒಂದು ಹೆಕ್ಟೇರ್ ತೆಂಗಿನ ಪ್ರದೇಶ ವಿಸ್ತರಣೆಯನ್ನು ಕೈಗೊಳ್ಳಲು ರೂ.31,966.59ಗಳ ವೆಚ್ಚವನ್ನು ಭರಿಸಬೇಕಾಗಿರುತ್ತದೆ. ಎಲ್ಲಾ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ ಒಂದು ಹೆಕ್ಟೇರ್ ಪ್ರದೇಶ ವಿಸ್ತರಣೆಗೆ ರೂ.9225.00ಗಳ ಸಹಾಯಧನವನ್ನು ಒದಗಿಸಲಾಗುವುದು ಹಾಗೂ ರೈತರು ರೂ.22741.59ಗಳ ವೆಚ್ಚವನ್ನು ಭರಿಸಬೇಕಾಗಿರುತ್ತದೆ.”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए हेक्टेयर की संख्या भरें।
सहायता पौधों के रूप में मिलती है, नक़द नहीं; रकबा कम से कम 0.20 हेक्टेयर होना चाहिए (पृ.3), और इसे पाने वाला किसान नारियल विकास बोर्ड, मनरेगा या दूसरी योजनाओं से नारियल क्षेत्र विस्तार अनुदान नहीं ले सकता (खंड 7, क्रम 5)। ये 2023-24 के दिशानिर्देश लेखा शीर्ष 2401-00-111-0-08 के तहत हैं, जिसमें 2026-27 में राशि नहीं है; विभाग के मौजूदा “राज्य क्षेत्र योजनाएँ” पृष्ठ पर कार्यक्रम अब भी समग्र बागवानी विकास के तहत है, पर चालू वर्ष का आदेश नहीं मिला, इसलिए स्थिति अज्ञात है।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
ज़रूरी काग़ज़
- अगर ज़मीन साझे खाते में है, तो बाकी खातेदारों का सहमति पत्र (खंड 7(2), पृ.3)
- अगर ज़मीन अब भी स्वर्गीय पिता या माता के नाम है, तो ग्राम लेखाकार की पुष्टि (खंड 7(2))
- ऐसे में परिवार के बाकी सदस्यों की सहमति (खंड 7(2))
- लिखित वचन-पत्र (मुच्चलिके) कि इसी काम के लिए विभाग की किसी और योजना से अनुदान लिया है या नहीं (खंड 7(6))
आवेदन कैसे करें
- ज़मीन आपके अपने नाम पर हो और सिंचाई का साधन हो; महिला मालिक अपने नाम से ही आवेदन करें (खंड 7, क्रम 2–3)।
- तालुक बागवानी कार्यालय में आवेदन करें; ज़िले के लक्ष्य के अनुसार सामान्य, अनुसूचित जाति और जनजाति लाभार्थी चुने जाते हैं (खंड 8, क्रम 1)।
- पौधे केवल बागवानी विभाग के फ़ार्म से मिलते हैं; 9 मी × 9 मी पर 1 घन मीटर के गड्ढे अपने ख़र्च पर खोदकर रोपें (खंड 6 और 8, क्रम 2)।
- दिशानिर्देशों में बताया नाम-पट लगाएँ; सहायक बागवानी अधिकारी हर खेत की जाँच करते हैं (खंड 7 क्रम 8, और 9)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।