मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना (ज़िला वार्षिक योजना) — दुधारू पशु, बकरी/भेड़, अंडा मुर्गी और चारा
चालू होने का आधार: महाराष्ट्र शासन शुद्धिपत्र 27 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना (ज़िला स्तर) (27 अग॰ 2026, शासन शुध्दीपत्रक items 1–2 amending paragraph 6 and the selection procedure of the GR of 09.03.2026 (current scheme order))
ग़रीब और छोटे किसानों के लिए छोटी पशुधन इकाइयाँ 50% (अनुसूचित जाति/जनजाति 75%) अनुदान पर: 1 या 2 दुधारू गाय/भैंस (बीमे सहित लागत ₹1,12,036 / ₹2,24,072), 5 + 1 या 10 + 1 बकरी/भेड़ (₹86,284 / ₹1,55,311), शेड सहित 500 अंडा मुर्गियाँ (₹3,32,200), साथ में ₹4,000 प्रति हेक्टेयर का मुफ़्त चारा बीज और हाइड्रोपोनिक चारा इकाई, मिनी टीएमआर मशीन व कुट्टी मशीन पर 50–75%।
- मुख्य लाभ
- ₹4,000पूरा भुगतान, अधिकतम
- घटक
- 7हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
1 दुधारू गाय/भैंस (3 साल बीमे सहित ₹1,12,036) या 2 (₹2,24,072): बीपीएल भूमिहीन, सीमांत व लघु किसानों और महिला समूहों को 50%, अनुसूचित जाति/जनजाति को 75%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
बीपीएल परिवारों के लिए: भूमिहीन (केवल 1 पशु इकाई), सीमांत (1 हेक्टेयर तक), लघु (1–2 हेक्टेयर), वन अधिकार धारक और महिला स्वयं सहायता समूह। 2 पशु इकाई के लिए कम से कम 1 एकड़ और डेयरी प्रशिक्षण या 2 साल का अनुभव ज़रूरी। एचएफ/जर्सी संकर (10–12 लीटर रोज़), गीर, साहीवाल, रेड सिंधी, राठी, थारपारकर (8–10 लीटर), देवनी, लाल कंधारी, गवलाऊ, डांगी (5–7 लीटर), मुर्रा और जाफ़राबादी भैंस। सामान्य लाभार्थी 50%, अनुसूचित जाति व जनजाति लाभार्थी 75%। ज़िला वार्षिक योजना, ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) द्वारा; ऑनलाइन आवेदन, ज़िला समिति द्वारा “पहले आओ पहले पाओ” आधार पर चयन (शुद्धिपत्र 27.08.2026, बिंदु 2); 5% स्थान दिव्यांगों और 30–50% महिलाओं के लिए। एक परिवार से एक व्यक्ति। मुंबई और मुंबई उपनगर में लागू नहीं।
“दुधाळ जनावर गट वाटप योजना — (१) १ गाय/ म्हैस रु. १,००,०००/- व विमा (रु १,१२,०३६/-) किंवा (२) २ गायी/म्हैस गट - २,००,०००/- व विमा (रु २,२४,०७२/-) ; सर्वसाधारण लाभार्थी - ५० टक्के ; अनुसुचित जाती जमाती प्रवर्गातील लाभार्थी - ७५ टक्के”5 + 1 बकरी/भेड़ (₹86,284) या 10 + 1 (₹1,55,311), 12.75% बीमा और 18% कर सहित: 50%, अनुसूचित जाति/जनजाति 75%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
भूमिहीन परिवार केवल 5 + 1 इकाई के पात्र (ज़मीन की शर्त नहीं); 10 + 1 इकाई के लिए कम से कम 1 एकड़ (अपनी या 5 साल का पट्टा) और प्रशिक्षण या 2 साल का अनुभव। बकरी/भेड़ ₹12,000, बकरा/मेढ़ा ₹15,000, उम्र 1–3 साल, पहले पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महामंडल से। सामान्य लाभार्थी 50%, अनुसूचित जाति व जनजाति लाभार्थी 75%। ज़िला वार्षिक योजना, ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) द्वारा; ऑनलाइन आवेदन, ज़िला समिति द्वारा “पहले आओ पहले पाओ” आधार पर चयन (शुद्धिपत्र 27.08.2026, बिंदु 2); 5% स्थान दिव्यांगों और 30–50% महिलाओं के लिए। एक परिवार से एक व्यक्ति। मुंबई और मुंबई उपनगर में लागू नहीं।
“शेळी/मेंढी गट वाटप योजना — ५+१ शेळी /मेंढी गटाची एकूण किंमत रु. ८६,२८४/- ; १०+१ शेळी /मेंढी गटाची एकूण किंमत रु. १,५५,३११/- ; सर्वसाधारण लाभार्थी - ५० टक्के ; अनुसुचित जाती जमाती प्रवर्गातील लाभार्थी - ७५ टक्के”16–18 हफ़्ते की 500 अंडा देने वाली मुर्गियाँ (₹350 प्रति), 2 महीने का दाना, अर्ध-बंद/पिंजरा/गद्दी पद्धति आवास (₹100 प्रति पक्षी) और उपकरण: ₹3,32,200 का 50%, अनुसूचित जाति/जनजाति 75%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
सभी वर्ग, प्राथमिकता क्रम भूमिहीन, सीमांत, लघु और महिला समूह, मुर्गी पालन प्रशिक्षण (या वचन-पत्र) या 2 साल के अनुभव के साथ; मुर्गियाँ साल में 180–200 अंडे देने वाली हों। सामान्य लाभार्थी 50%, अनुसूचित जाति व जनजाति लाभार्थी 75%। ज़िला वार्षिक योजना, ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) द्वारा; ऑनलाइन आवेदन, ज़िला समिति द्वारा “पहले आओ पहले पाओ” आधार पर चयन (शुद्धिपत्र 27.08.2026, बिंदु 2); 5% स्थान दिव्यांगों और 30–50% महिलाओं के लिए। एक परिवार से एक व्यक्ति। मुंबई और मुंबई उपनगर में लागू नहीं।
“अंडी देणाऱ्या सुधारित कुक्कुट / देशी पक्षांचे वाटप — अंडी देणाऱ्या १६ -१८आठवडे वयाच्या ५०० सुधारित / देशी कुक्कुट पक्षी … एकूण किंमत रु. ३,३२,२००/- ; सर्वसाधारण लाभार्थी - ५० टक्के ; अनुसुचित जाती जमाती प्रवर्गातील लाभार्थी - ७५ टक्के”चारा बीज या ठोंबे: व्यक्तिगत किसान को 1 हेक्टेयर के लिए ₹4,000 तक 100% (किसान समूह 5 हेक्टेयर और ₹20,000 तक), सामग्री के रूप में।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
अपनी सिंचित ज़मीन और कम से कम 3–4 पशु ज़रूरी। बीज और ठोंबे बीज निगमों, कृषि विश्वविद्यालयों, माफ़्सू या भेड़-बकरी महामंडल से आते हैं; ज़िला उपायुक्त सीधे आपूर्तिकर्ता को भुगतान करते हैं। ज़िला वार्षिक योजना, ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) द्वारा; ऑनलाइन आवेदन, ज़िला समिति द्वारा “पहले आओ पहले पाओ” आधार पर चयन (शुद्धिपत्र 27.08.2026, बिंदु 2); 5% स्थान दिव्यांगों और 30–50% महिलाओं के लिए। एक परिवार से एक व्यक्ति। मुंबई और मुंबई उपनगर में लागू नहीं।
“चारा उत्पादन कार्यक्रम — वैयक्तिक लाभार्थी १०० टक्के अनुदान १ हेक्टरसाठी रु. ४०००/- ; शेतकरी समुह गट ५ हेक्टर व रु. २००००/- च्या मर्यादेत”हाइड्रोपोनिक हरा चारा इकाई (रैक फ़्रेम, 25 ट्रे, टंकी, मिस्टिंग, शेड नेट, औज़ार — ₹40,000): 50%, अनुसूचित जाति/जनजाति 75%, इकाई चालू होने के बाद।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
सीमांत व लघु किसानों, वन अधिकार धारकों और महिला समूहों के लिए, जिनके पास कम से कम 5 बड़े पशु या 10 बकरी/भेड़ हों। सामान्य लाभार्थी 50%, अनुसूचित जाति व जनजाति लाभार्थी 75%। ज़िला वार्षिक योजना, ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) द्वारा; ऑनलाइन आवेदन, ज़िला समिति द्वारा “पहले आओ पहले पाओ” आधार पर चयन (शुद्धिपत्र 27.08.2026, बिंदु 2); 5% स्थान दिव्यांगों और 30–50% महिलाओं के लिए। एक परिवार से एक व्यक्ति। मुंबई और मुंबई उपनगर में लागू नहीं।
“हायड्रोफोनिक तंत्राव्दारे चारा उत्पादन योजना — एकूण ४००००/- ; सर्वसाधारण प्रवर्ग- ५०% अनुदान ; अनुसूचित जाती/जमाती-७५ % अनुदान”मिनी टीएमआर पशु आहार मिक्सर (300 किलो प्रति बैच, ₹4,40,000): 50%, अनुसूचित जाति/जनजाति 75%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
आपके पास कम से कम 10 बड़े पशु या 50 बकरी/भेड़ होने चाहिए। सामान्य लाभार्थी 50%, अनुसूचित जाति व जनजाति लाभार्थी 75%। ज़िला वार्षिक योजना, ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) द्वारा; ऑनलाइन आवेदन, ज़िला समिति द्वारा “पहले आओ पहले पाओ” आधार पर चयन (शुद्धिपत्र 27.08.2026, बिंदु 2); 5% स्थान दिव्यांगों और 30–50% महिलाओं के लिए। एक परिवार से एक व्यक्ति। मुंबई और मुंबई उपनगर में लागू नहीं।
“मिनी टीएमआर (Total Mixed Ration) उपकरण खरेदीसाठी अनुदान — रु. ४,४०,०००/- प्रति टीएमआर मशिन ; सर्वसाधारण लाभार्थी - ५० टक्के ; अनुसुचित जाती /जमाती प्रवर्गातील लाभार्थी - ७५ टक्के”कुट्टी मशीन, लागत ₹30,000 तक: 50% (₹15,000), अनुसूचित जाति/जनजाति 75% (₹22,500)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
आपके पास कम से कम 2 दुधारू पशु या 10 बकरी/भेड़ होनी चाहिए। सामान्य लाभार्थी 50%, अनुसूचित जाति व जनजाति लाभार्थी 75%। ज़िला वार्षिक योजना, ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) द्वारा; ऑनलाइन आवेदन, ज़िला समिति द्वारा “पहले आओ पहले पाओ” आधार पर चयन (शुद्धिपत्र 27.08.2026, बिंदु 2); 5% स्थान दिव्यांगों और 30–50% महिलाओं के लिए। एक परिवार से एक व्यक्ति। मुंबई और मुंबई उपनगर में लागू नहीं।
“पशुपालकांना कडबाकुट्टी यंत्र खरेदीसाठी अनुदान — रु. ३०,०००/- प्रति कडबा कुट्टी यंत्र खरेदी च्या मर्यादेत ; सर्वसाधारण लाभार्थी - ५० टक्के ; अनुसुचित जाती /जमाती प्रवर्गातील लाभार्थी - ७५ टक्के”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए इकाई भरें।
बीपीएल परिवारों के लिए: भूमिहीन (केवल 1 पशु इकाई), सीमांत (1 हेक्टेयर तक), लघु (1–2 हेक्टेयर), वन अधिकार धारक और महिला स्वयं सहायता समूह। 2 पशु इकाई के लिए कम से कम 1 एकड़ और डेयरी प्रशिक्षण या 2 साल का अनुभव ज़रूरी। एचएफ/जर्सी संकर (10–12 लीटर रोज़), गीर, साहीवाल, रेड सिंधी, राठी, थारपारकर (8–10 लीटर), देवनी, लाल कंधारी, गवलाऊ, डांगी (5–7 लीटर), मुर्रा और जाफ़राबादी भैंस। सामान्य लाभार्थी 50%, अनुसूचित जाति व जनजाति लाभार्थी 75%। ज़िला वार्षिक योजना, ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) द्वारा; ऑनलाइन आवेदन, ज़िला समिति द्वारा “पहले आओ पहले पाओ” आधार पर चयन (शुद्धिपत्र 27.08.2026, बिंदु 2); 5% स्थान दिव्यांगों और 30–50% महिलाओं के लिए। एक परिवार से एक व्यक्ति। मुंबई और मुंबई उपनगर में लागू नहीं।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- 7/12 उतारा या 5 साल का पंजीकृत पट्टा (1 दुधारू पशु या 5 + 1 बकरी इकाई के लिए ज़रूरी नहीं); वन अधिकार धारकों के लिए “इतर अधिकार” प्रविष्टि या अनुसूची “जे” प्रमाणपत्र
- प्रशिक्षण प्रमाणपत्र (या वचन-पत्र), या स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी या दूध संस्था से 2 साल के अनुभव का प्रमाणपत्र
- चारा मशीनों के लिए: अपने पशुओं की संख्या का प्रमाणपत्र; दिव्यांगों के लिए यूडीआईडी कार्ड; स्वयं सहायता समूह सदस्यता प्रमाणपत्र
आवेदन कैसे करें
- वित्त वर्ष की शुरुआत में पशुपालन आयुक्त के आवेदन माँगने पर ऑनलाइन आवेदन करें।
- चयन के बाद एक महीने में ख़रीद समिति के साथ पशु ख़रीदें — दुधारू पशु राज्य के मान्यता प्राप्त ब्रीडर फ़ार्म, गोकुल मिशन फ़ार्म या दूसरे राज्यों से (शुद्धिपत्र बिंदु 1); बकरी/भेड़ पहले अहिल्यादेवी महामंडल से।
- पशुओं का 3 साल का बीमा कराएँ और भारत पशुधन पर पंजीकरण कराएँ; तालुका अधिकारी की ख़रीद रिपोर्ट के बाद अनुदान डीबीटी से मिलता है।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
पशुपालन आयुक्त साल में एक बार ऑनलाइन आवेदन माँगते हैं; धन के अभाव में रह गए पात्र आवेदक प्रतीक्षा सूची में रहते हैं।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।