अर्ध-बंद व बंद भेड़ पालन के लिए ज़मीन ख़रीद या 30 साल का पट्टा — भूमिहीन धनगर व अन्य एनटी-सी चरवाहा परिवार
चालू होने का आधार: महाराष्ट्र पूरक शासन निर्णय 24 दिसंबर 2025: बंद भेड़ पालन ज़मीन योजना की नई चयन समिति (24 दिस॰ 2025, शासन निर्णय paras 5–6: selection committee reconstituted under the Additional Collector; “इतर अटी व शर्ती/ कार्यपध्दती शासन निर्णय दि. 16.09.2019 प्रमाणे कायम राहतील”)
भूमिहीन एनटी-सी (धनगर व समान) चरवाहा परिवार को अर्ध-बंद या बंद भेड़ पालन के लिए कम से कम 1 गुंठा ज़मीन की क़ीमत — या कम से कम 30 साल के पट्टे के किराए — का 75%, अधिकतम ₹50,000, एक बार मिलता है।
- मुख्य लाभ
- 75%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
एकमुश्त अनुदान: ज़मीन (कम से कम 1 गुंठा) की क़ीमत या कम से कम 30 साल के पट्टे के किराए का 75%, अधिकतम ₹50,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल भूमिहीन परिवार के लिए — महाराष्ट्र में कहीं भी किसी प्रकार की खेती की ज़मीन न हो — और परिवार के एक सदस्य (पुरुष या महिला) को (खंड 4(ii)); बाक़ी 25% परिवार देता है (6(3))। 20 + 1 झुंड के शेड और बाड़े के लिए लगभग 1 गुंठा (1,000 वर्ग फ़ुट) काफ़ी है (6(4)–(5))। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के परिवारों — राज्य द्वारा अधिसूचित धनगर व समान समुदायों — के लिए, मुंबई शहर और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में। पैसा वीजेएनटी / ओबीसी कल्याण विभाग देता है; पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल या ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) इसे चलाते हैं।
“या योजनेंतर्गत भूमीहीन मेंढपाळ कुटुंबासाठी अर्ध बंदिस्त, बंदिस्त मेंढीपालन करण्याकरीता किमान १ गुंठा जागा खरेदी करण्यासाठी, जागेच्या किंमतीच्या ७५ टक्के अथवा किमान ३० वर्षासाठी भाडेकरारावर जागा घेण्यासाठी भाड्यापोटी द्यावयाच्या रकमेच्या ७५ टक्के रक्कम एकवेळचे एकरकमी अर्थसहाय्य म्हणून कमाल रु. ५००००/- मर्यादेत अनुदान देण्यात यावे.”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए परियोजना लागत भरें।
केवल भूमिहीन परिवार के लिए — महाराष्ट्र में कहीं भी किसी प्रकार की खेती की ज़मीन न हो — और परिवार के एक सदस्य (पुरुष या महिला) को (खंड 4(ii)); बाक़ी 25% परिवार देता है (6(3))। 20 + 1 झुंड के शेड और बाड़े के लिए लगभग 1 गुंठा (1,000 वर्ग फ़ुट) काफ़ी है (6(4)–(5))। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के परिवारों — राज्य द्वारा अधिसूचित धनगर व समान समुदायों — के लिए, मुंबई शहर और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में। पैसा वीजेएनटी / ओबीसी कल्याण विभाग देता है; पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल या ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) इसे चलाते हैं।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- ख़रीदी या पट्टे पर ली जाने वाली ज़मीन का ब्योरा और काग़ज़ (खंड 7(3))
- पंजीकृत बिक्री-पत्र या 30 साल का पट्टा, सत्य प्रति (खंड 7(4))
आवेदन कैसे करें
- महामंडल के आवेदन मँगाने पर ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) को आवेदन करें (खंड 7(1))।
- अपर ज़िलाधिकारी की अध्यक्षता वाली ज़िला समिति लाभार्थी चुनती है (शासन निर्णय 24.12.2025, अनुच्छेद 5)।
- चयन के बाद ज़मीन का ब्योरा पशुधन विकास अधिकारी (विस्तार) को स्थल जाँच के लिए दें और अपना 25% हिस्सा बैंक में जमा करें (खंड 7(2)–(3))।
- महामंडल 75% डीबीटी से देता है; बिक्री-पत्र या पट्टा पंजीकृत कराकर उसकी सत्य प्रति महामंडल को दें (खंड 7(3)–(4))।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।