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योजना चालू है

धनगर व अन्य एनटी-सी चरवाहा परिवारों के लिए चराई अनुदान, जून–सितंबर

चालू होने का आधार: महाराष्ट्र शासन निर्णय 9 मार्च 2026: मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना (राज्य स्तर) (9 मार्च 2026, प्रस्तावना para 6: “मेंढपाळ कुटुंबांना चराई अनुदान, बंदिस्त मेंढीपालनांकरिता जागा खरेदी आणि कुक्कुट पालन याकरिता … शासन निर्णयान्वये मंजूर योजनांतर्गत अनुदान दिले जाते. सदर योजनाकरिता इतर मागास व विशेष मागासवर्ग प्रवर्ग कल्याण विभागाव्दारे निधी अर्थसंकल्पित करण्यात येत असल्याने …” (the paragraph’s reference numbers are offset by one from the GR’s own reference list))

Grazing subsidy for NT-C shepherds (₹24,000) · कृषि, पशुपालन, डेयरी विकास व मत्स्य व्यवसाय विभाग, महाराष्ट्र सरकार — पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल · राज्य योजना

जिन एनटी-सी (धनगर व समान) चरवाहा परिवारों के पास कम से कम 20 भेड़ें और 1 मेढ़ा है, उन्हें जून से सितंबर तक ₹6,000 प्रति माह — कुल ₹24,000 — चराई अनुदान डीबीटी से मिलता है; हर ज़िले में अधिकतम 2,000 परिवार।

मुख्य लाभ
₹6,000प्रति माह (जून–सितंबर), अधिकतम
घटक
1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
कौन ले सकता है
सभीआवेदक
अंतिम तिथि
मौसमी“कब आवेदन करें” देखें

क्या मिलता है

₹6,000प्रति माह (जून–सितंबर), अधिकतम

कम से कम 20 भेड़ और 1 मेढ़े वाले चरवाहा परिवार को जून–सितंबर के चार महीनों के लिए ₹6,000 प्रति माह — कुल ₹24,000 — चराई अनुदान।

स्रोत महाराष्ट्र शासन निर्णय 20 सितंबर 2019: एनटी-सी चरवाहा परिवारों को चराई अनुदान · धारा शासन निर्णय cl. 4(2)–(4); योजनेचे स्वरूप 6(3) · पृ. 2–3 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

परिवार के पास कम से कम 20 भेड़ और 1 मेढ़ा होना चाहिए (खंड 4(2)); हर ज़िले में अधिकतम 2,000 लाभार्थी (खंड 4(4))। इस शासन निर्णय ने 16.09.2019 की 9 ज़िलों वाली प्रायोगिक योजना की जगह लेकर इसे 34 ज़िलों में बढ़ाया (खंड 4)। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के परिवारों — राज्य द्वारा अधिसूचित धनगर व समान समुदायों — के लिए, मुंबई शहर और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में। पैसा वीजेएनटी / ओबीसी कल्याण विभाग देता है; पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल या ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) इसे चलाते हैं।

“सदर योजनेमध्ये पात्र मेंढपाळ कुटुंबांना प्रतिमाह रु. ६०००/- याप्रमाणे माहे जून ते सप्टेंबर या ४ महिन्याच्या कालावधीसाठी एकूण रु. २४०००/- एवढे चराई अनुदान वाटप करण्यात यावे.”

मुझे कितना मिल सकता है?

आँकड़ा देखने के लिए माह (जून–सितंबर) की संख्या भरें।

स्रोत महाराष्ट्र शासन निर्णय 20 सितंबर 2019: एनटी-सी चरवाहा परिवारों को चराई अनुदान · धारा शासन निर्णय cl. 4(2)–(4); योजनेचे स्वरूप 6(3) · पृ. 2–3 · हमारी प्रति (PDF)

परिवार के पास कम से कम 20 भेड़ और 1 मेढ़ा होना चाहिए (खंड 4(2)); हर ज़िले में अधिकतम 2,000 लाभार्थी (खंड 4(4))। इस शासन निर्णय ने 16.09.2019 की 9 ज़िलों वाली प्रायोगिक योजना की जगह लेकर इसे 34 ज़िलों में बढ़ाया (खंड 4)। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के परिवारों — राज्य द्वारा अधिसूचित धनगर व समान समुदायों — के लिए, मुंबई शहर और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में। पैसा वीजेएनटी / ओबीसी कल्याण विभाग देता है; पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल या ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) इसे चलाते हैं।

कौन आवेदन कर सकता है

  • सभी आवेदक

ज़रूरी काग़ज़

    आवेदन कैसे करें

    1. महामंडल द्वारा योजना की घोषणा होने पर अपने ज़िले के ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) को आवेदन करें (खंड 7(1)–(2))।
    2. ज़िला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली ज़िला समिति आवेदन जाँचकर महामंडल और विभाग के ज़रिए वीजेएनटी / ओबीसी कल्याण विभाग को भेजती है, जो लाभार्थी चुनता है (खंड 7(3)–(6), 8)।
    3. महामंडल अनुदान सीधे आपके बैंक खाते में डीबीटी से भेजता है (खंड 7(8))।

    आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।

    कब आवेदन करें

    चराई के महीने जून से सितंबर के लिए; महामंडल के आवेदन मँगाने पर।

    दूसरी योजनाओं के साथ

    दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।