नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी (पोकरा) चरण-2 — भूमिहीन परिवारों और अकेली महिलाओं के लिए बकरी इकाई
चालू होने का आधार: महाराष्ट्र शासन निर्णय 06.10.2026 — पोकरा चरण-2 को 2026-27 के लिए ₹192.30 करोड़ (6 अक्टू॰ 2026, शासन निर्णय: ₹192,30,41,200 released to the Project Director for phase 2 in 2026-27 (budget provision 2026-27 ₹474 crore; project runs six years from 2025-26 in 7,201 villages of 21 districts — प्रस्तावना))
पोकरा परियोजना गाँवों में भूमिहीन परिवार के व्यक्ति या विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला को 4 बकरी और 1 बकरे (3 साल के बीमे सहित) की मंज़ूर लागत का 75%: उस्मानाबादी/संगमनेरी नस्ल पर ₹36,239, अन्य स्थानीय नस्ल पर ₹27,610।
- मुख्य लाभ
- 75%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 2तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
परियोजना गाँवों के भूमिहीन परिवार के सदस्य और विधवा, परित्यक्ता या तलाकशुदा महिलाएँ: 4 बकरी + 1 बकरे की इकाई (3 साल बीमा सहित) की मंज़ूर लागत का 75% — अधिकतम ₹36,239 (उस्मानाबादी/संगमनेरी) या ₹27,610 (अन्य स्थानीय नस्ल)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल 21 ज़िलों (छत्रपति संभाजीनगर, बीड, जालना, परभणी, धाराशिव, लातूर, नांदेड़, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गढ़चिरोली, हिंगोली, अमरावती, अकोला, वाशिम, यवतमाल, बुलढाणा, वर्धा, जलगाँव, नासिक) के 7,201 पोकरा चरण-2 परियोजना गाँवों में। ख़रीद, बीमा और ढुलाई का पैसा पहले लाभार्थी देता है (सामान्य सूचना 5); बकरियाँ दूसरे-तीसरे ब्यांत की और बकरा कम से कम 1 साल का हो। एक परिवार से एक व्यक्ति; जिसने किसी और सरकारी योजना से बकरियाँ ली हों वह पात्र नहीं (मानदंड 2–3)। परियोजना के 16 फ़रवरी 2026 के पत्र के अनुसार “भूमिहीन परिवार” पात्रता के निर्देश आने तक स्वयं भूमिहीन व्यक्तियों के आवेदन बिना पूर्व-स्वीकृति लौटाए जाएँगे — आवेदन से पहले तालुका कृषि कार्यालय से पूछें।
“सदर घटकांतर्गत ४ शेळ्या व १ बोकड असा शेळी गट खरेदी करणे अनिवार्य आहे. … सदर घटकासाठी मंजूर मापदंडाच्या ७५% अनुदान अनुज्ञेय राहील.”मुझे कितना मिल सकता है?
यह प्रावधान इस आवेदक श्रेणी को सहायता नहीं देता (योजनेंतर्गत समाविष्ट घटक व अर्थसहाय्य 1–4 and table (does ₹8,000/₹6,000 each, buck ₹10,000/₹8,000, insurance ₹6,319/₹4,814; 75% subsidy ₹36,239/₹27,610))।
केवल 21 ज़िलों (छत्रपति संभाजीनगर, बीड, जालना, परभणी, धाराशिव, लातूर, नांदेड़, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गढ़चिरोली, हिंगोली, अमरावती, अकोला, वाशिम, यवतमाल, बुलढाणा, वर्धा, जलगाँव, नासिक) के 7,201 पोकरा चरण-2 परियोजना गाँवों में। ख़रीद, बीमा और ढुलाई का पैसा पहले लाभार्थी देता है (सामान्य सूचना 5); बकरियाँ दूसरे-तीसरे ब्यांत की और बकरा कम से कम 1 साल का हो। एक परिवार से एक व्यक्ति; जिसने किसी और सरकारी योजना से बकरियाँ ली हों वह पात्र नहीं (मानदंड 2–3)। परियोजना के 16 फ़रवरी 2026 के पत्र के अनुसार “भूमिहीन परिवार” पात्रता के निर्देश आने तक स्वयं भूमिहीन व्यक्तियों के आवेदन बिना पूर्व-स्वीकृति लौटाए जाएँगे — आवेदन से पहले तालुका कृषि कार्यालय से पूछें।
कौन आवेदन कर सकता है
- भूमिहीन
- महिला किसान
ज़रूरी काग़ज़
- तहसीलदार का भूमिहीन होने का प्रमाणपत्र (चयन मानदंड 4)
- विधवा, परित्यक्ता या तलाकशुदा महिला के लिए सक्षम अधिकारी का प्रमाणपत्र (मानदंड 5)
- मूल ख़रीद बिल, ख़रीद समिति प्रमाणपत्र, बीमा रसीद और पशु चिकित्सा अधिकारी का प्रमाणपत्र (लाभार्थी 7)
आवेदन कैसे करें
- पोकरा डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण करें और दस्तावेज़ों के साथ आवेदन अपलोड करें (लाभार्थी 1)।
- ग्राम कृषि विकास समिति ज़रूरतमंद आवेदकों को चुनती है; तालुका अधिकारी पूर्व-स्वीकृति देते हैं।
- पूर्व-स्वीकृति के दो महीने में ख़रीद समिति के सामने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी भेड़-बकरी विकास महामंडल से 4 बकरी + 1 बकरा ख़रीदें, 3 साल का बीमा कराएँ और भारत पशुधन पर टैग कराएँ (लाभार्थी 2–6; सामान्य सूचना 2, 6)।
- बिल, ख़रीद समिति प्रमाणपत्र, बीमा रसीद और पशु चिकित्सक प्रमाणपत्र के साथ ऑनलाइन माँग करें; अनुदान बैंक खाते में आता है (लाभार्थी 7)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
परियोजना चलने तक (2025-26 से 2030-31) पोकरा डीबीटी पोर्टल पर कभी भी आवेदन करें; पूर्व-स्वीकृति के बाद तय दिनों में काम पूरा कर अनुदान की माँग करनी होती है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।