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योजना चालू है

राष्ट्रीय पशुधन मिशन — उद्यमिता विकास

2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 44 (Department of Animal Husbandry and Dairying), item 19.02 National Livestock Mission, BE 2026-27 ₹808.00 crore; Notes items 19 and 19.02)

NLM · पशुपालन और डेयरी विभाग · केंद्रीय योजना, सभी राज्य

मुर्गी पालन, भेड़-बकरी, सूअर पालन और चारा इकाई लगाने पर व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, एफपीओ, सहकारी समिति और सेक्शन 8 कंपनियों को एक बार 50% पूँजी सब्सिडी।

मुख्य लाभ
50%लागत का, अधिकतम
घटक
11हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
कौन ले सकता है
10तरह के आवेदक
अंतिम तिथि
कोई नहींकभी भी आवेदन

क्या मिलता है

50%लागत का, अधिकतम

ग्रामीण मुर्गी पालन पैरेंट फ़ार्म, हैचरी और मदर यूनिट की आधी लागत, अधिकतम ₹25 लाख।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा 6.1.1 Activity I, item 4 (Funding pattern) · पृ. 12 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

इकाई में कम लागत तकनीक वाली कम से कम 1000 पैरेंट लेयर मुर्गियाँ हों (मद 2)। कार्यशील पूँजी, निजी वाहन, ज़मीन ख़रीद या ज़मीन के किराये/पट्टे पर सब्सिडी नहीं। सब्सिडी सिडबी के ज़रिये आपके ऋण देने वाले बैंक को दो बराबर किस्तों में आती है — पहली, बैंक की पहली ऋण किस्त जारी होने पर (या अपने हिस्से से 25% ख़र्च करने पर), दूसरी परियोजना पूरी होने पर।

“One Time 50% capital subsidy of the total project cost will be provided with maximum subsidy up to Rs. 25 lakhs for each unit.”
50%लागत का, अधिकतम

भेड़ या बकरी प्रजनन इकाई की आधी लागत, पशुओं की संख्या के हिसाब से अधिकतम सीमा।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा 6.1 Activity II, item 3 (Pattern of Assistance); unit-size table at item 2 · पृ. 13–15 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

कार्यशील पूँजी, निजी वाहन, ज़मीन ख़रीद या ज़मीन के किराये/पट्टे पर सब्सिडी नहीं। सब्सिडी सिडबी के ज़रिये आपके ऋण देने वाले बैंक को दो बराबर किस्तों में आती है — पहली, बैंक की पहली ऋण किस्त जारी होने पर (या अपने हिस्से से 25% ख़र्च करने पर), दूसरी परियोजना पूरी होने पर।

“50% capital subsidy up to ₹. 50 lakhs in two instalments.”
50%लागत का, अधिकतम

सूअर प्रजनन फ़ार्म की आधी लागत, आकार के हिसाब से अधिकतम ₹15 लाख या ₹30 लाख।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा 6.1 Activity IV, item 3 (Pattern of Assistance); unit-size table at item 2 · पृ. 18 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

कार्यशील पूँजी, निजी वाहन, ज़मीन ख़रीद या ज़मीन के किराये/पट्टे पर सब्सिडी नहीं। सब्सिडी सिडबी के ज़रिये आपके ऋण देने वाले बैंक को दो बराबर किस्तों में आती है — पहली, बैंक की पहली ऋण किस्त जारी होने पर (या अपने हिस्से से 25% ख़र्च करने पर), दूसरी परियोजना पूरी होने पर।

“One time 50% capital subsidy of the total project cost will be provided with a maximum subsidy up to Rs. 30 lakhs for each unit subject to the scheme guidelines.”
50%लागत का, अधिकतम

हे, साइलेज, टीएमआर या चारा ब्लॉक इकाई की आधी लागत, अधिकतम ₹50 लाख।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा Sub-Mission on feed and fodder development, Activity II, item 2 (Pattern of Assistance) · पृ. 31 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

बेलर, ब्लॉक बनाने और टीएमआर मशीन, चारा हार्वेस्टर और भारी चैफ़ कटर जैसी मशीनें शामिल हैं (अनुलग्नक VII)। बाकी लागत के लिए एएचआईडीएफ़ से ऋण लिया जा सकता है। कार्यशील पूँजी, निजी वाहन, ज़मीन ख़रीद या ज़मीन के किराये/पट्टे पर सब्सिडी नहीं। सब्सिडी सिडबी के ज़रिये आपके ऋण देने वाले बैंक को दो बराबर किस्तों में आती है — पहली, बैंक की पहली ऋण किस्त जारी होने पर (या अपने हिस्से से 25% ख़र्च करने पर), दूसरी परियोजना पूरी होने पर।

“50% of the total project cost with subsidy up to Rs. 50 lakhs will be provided to the beneficiaries through State Implementing Agencies in two equal instalments as per scheme guidelines.”
50%लागत का, अधिकतम

देसी घोड़ा, गधा या ऊँट प्रजनन फ़ार्म की आधी लागत, पशुओं की संख्या के हिसाब से अधिकतम सीमा (₹3 लाख से ₹50 लाख)।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा 6.1 Activity III, items 2–4 (Salient features, Eligible Entities, Funding pattern) · पृ. 15–17 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल देसी नस्लें — थोरोब्रेड घोड़ों के फ़ार्म को सहायता नहीं। आवास, प्रजनन पशु, बीमा, चारे के लिए ज़मीन तैयारी और उपकरण शामिल (अनुलग्नक IV–VI)। कार्यशील पूँजी, निजी वाहन, ज़मीन ख़रीद या ज़मीन के किराये/पट्टे पर सब्सिडी नहीं। सब्सिडी सिडबी के ज़रिये आपके ऋण देने वाले बैंक को दो बराबर किस्तों में आती है — पहली, बैंक की पहली ऋण किस्त जारी होने पर (या अपने हिस्से से 25% ख़र्च करने पर), दूसरी परियोजना पूरी होने पर।

“One Time 50% capital subsidy of the total project cost will be provided with maximum subsidy up to ₹ 50 lakh for each unit.”
50%लागत का, अधिकतम

चारा बीज प्रसंस्करण और ग्रेडिंग प्लांट लगाने या आधुनिक बनाने की आधी लागत, अधिकतम ₹50 लाख।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा Sub-Mission on feed and fodder development, Activity III, items 1–3 (Salient Feature, Pattern of Assistance, Eligible Entity) · पृ. 33–34 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

निजी कंपनी, स्वयं सहायता समूह, एफ़सीओ, जेएलजी, एफपीओ, सहकारी समिति और सेक्शन 8 कंपनी के लिए — व्यक्ति सूची में नहीं हैं। बाकी लागत के लिए एएचआईडीएफ़ से ऋण लिया जा सकता है (सूची अनुलग्नक VIII)। कार्यशील पूँजी, निजी कार, ज़मीन, ज़मीन का पट्टा या किराया और दफ़्तर पर सब्सिडी नहीं। सिडबी के ज़रिये बैंक को दो बराबर किस्तों में।

“50% of the total project cost with subsidy up to Rs. 50 lakh will be provided to the beneficiaries through State Implementing Agencies in two equal instalments as per scheme guidelines.”
75%लागत का, अधिकतम

किसी स्वीकृत बीज एजेंसी के लिए उगाए ब्रीडर चारा बीज पर ₹187.50 प्रति किलो (₹250 तक का 75%)।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा Sub-Mission on feed and fodder development, Activity I, item 3 (Pattern of Assistance) · पृ. 29 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

आप ख़ुद आवेदन नहीं करते: एनएलएम में स्वीकृत बीज एजेंसी (आईसीएआर, एनएससी, नेफ़ेड, इफ़को, कृभको, राज्य बीज निगम, डेयरी सहकारी समितियाँ…) आपको बीज उत्पादन में जोड़ती है, और सब्सिडी का 75% किसान को और 25% एजेंसी को मिलता है। भुगतान दो किस्तों में — स्वीकृति के बाद और बीज बनने व स्व-प्रमाणन के बाद।

“Cost which will be assisted for productions of various category of seeds are as under: … Breeder Seed up to Rs.250/kg … When farmers are engaged by the seed producing agencies in the Fodder seed production activity, 75% of the subsidy to be passed on to the farmers and 25%should be kept by the seed producing agency to meet expenditure including certification cost.”
75%लागत का, अधिकतम

किसी स्वीकृत बीज एजेंसी के लिए उगाए फ़ाउंडेशन चारा बीज पर ₹112.50 प्रति किलो (₹150 तक का 75%)।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा Sub-Mission on feed and fodder development, Activity I, item 3 (Pattern of Assistance) · पृ. 29 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

आप ख़ुद आवेदन नहीं करते: एनएलएम में स्वीकृत बीज एजेंसी (आईसीएआर, एनएससी, नेफ़ेड, इफ़को, कृभको, राज्य बीज निगम, डेयरी सहकारी समितियाँ…) आपको बीज उत्पादन में जोड़ती है, और सब्सिडी का 75% किसान को और 25% एजेंसी को मिलता है। भुगतान दो किस्तों में — स्वीकृति के बाद और बीज बनने व स्व-प्रमाणन के बाद।

“Cost which will be assisted for productions of various category of seeds are as under: … Foundation Seed up to Rs.150 /Kg … When farmers are engaged by the seed producing agencies in the Fodder seed production activity, 75% of the subsidy to be passed on to the farmers and 25%should be kept by the seed producing agency to meet expenditure including certification cost.”
75%लागत का, अधिकतम

किसी स्वीकृत बीज एजेंसी के लिए उगाए प्रमाणित चारा बीज पर ₹75.00 प्रति किलो (₹100 तक का 75%)।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा Sub-Mission on feed and fodder development, Activity I, item 3 (Pattern of Assistance) · पृ. 29 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

आप ख़ुद आवेदन नहीं करते: एनएलएम में स्वीकृत बीज एजेंसी (आईसीएआर, एनएससी, नेफ़ेड, इफ़को, कृभको, राज्य बीज निगम, डेयरी सहकारी समितियाँ…) आपको बीज उत्पादन में जोड़ती है, और सब्सिडी का 75% किसान को और 25% एजेंसी को मिलता है। भुगतान दो किस्तों में — स्वीकृति के बाद और बीज बनने व स्व-प्रमाणन के बाद।

“Cost which will be assisted for productions of various category of seeds are as under: … Certified Seed up to Rs. 100/Kg … When farmers are engaged by the seed producing agencies in the Fodder seed production activity, 75% of the subsidy to be passed on to the farmers and 25%should be kept by the seed producing agency to meet expenditure including certification cost.”
60%लागत का, अधिकतम

अपने खेत में 3 साल बारहमासी चारा घास, दलहनी चारा या चारा पेड़ उगाने पर ₹55,000 प्रति हेक्टेयर का कम से कम 60% (₹33,000)।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा Sub-Mission on feed and fodder development, Activity IV, items 2–3, with Annexure XIX (Individual farmers column, Note a) · पृ. 34–36, 98 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

व्यक्तिगत किसानों का मानक परियोजना अवधि के लिए ₹55,000 प्रति हेक्टेयर (बीज, खाद, जुताई-बुआई, अन्य)। हम सामान्य राज्यों का 60% केंद्रीय हिस्सा दिखाते हैं; बाकी 40% राज्य दे सकता है, आपसे ले सकता है, या आपके साथ बाँट सकता है (गतिविधि IV, मद 3)। उत्तर-पूर्व व हिमालयी राज्यों और विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों में केंद्रीय हिस्सा 90%, बिना विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों में 100% — दस्तावेज़ इन राज्यों की सूची नहीं देता, इसलिए हम इसे अपने-आप नहीं लगाते। व्यक्ति का प्रस्ताव कम से कम 1 हेक्टेयर का हो; 3 साल ज़मीन को घास के नीचे रखने का अनुबंध करना होगा, वरना पूरी सहायता लौटानी होगी। आवेदन राज्य पशुपालन विभाग के ज़रिये।

“(In rupees per ha. for project tenure) … Individual farmers … Grand Total 125000 110000 90000 75000 55000 … Note a) Central assistance will be provided out of above rates for one hectare as 60% for normal states, 90% for NER, Himalayan States and UTs with Legislature and 100% for UTs without legislature.”
मुफ़्तइकाई का 90%, ज़्यादातर पशु और सामान के रूप में: 10 बकरी/भेड़ + नर ₹1,00,000 तक; 5 बकरी + 1 बकरा ₹50,000 तक; 200 मुर्गियों की अंडा इकाई ₹50,000 तक; 100 मुर्गियों की अंडा इकाई ₹25,000 तक; 5 मादा सूअर + 1 नर ₹60,000 तक। 10% आप देते हैं।

वन अधिकार (एफ़आरए पट्टा) वाले अनुसूचित जनजाति परिवारों के लिए: बकरी/भेड़, अंडा देने वाली मुर्गी या सूअर इकाई का 90%, ज़्यादातर पशु और सामान के रूप में — इकाई के हिसाब से ₹25,000 से ₹1,00,000 तक।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा 5.12 with Annexure XVII (PM-JUGA), paras 4–5, Means of Finance, Channelling of subsidy · पृ. 9, 91–93 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

केवल वन अधिकार अधिनियम के तहत पट्टा वाले अनुसूचित जनजाति लाभार्थियों के लिए, पीएम-जुगा गाँवों में (500+ आबादी और कम से कम 50% जनजाति, या आकांक्षी ज़िलों के 50+ जनजाति वाले गाँव), जिन्होंने बकरी/भेड़, घरेलू मुर्गी या सूअर पालन का प्रशिक्षण लिया हो और 10% हिस्सा दे सकें। इकाई में पशु, रात का आश्रय, छह महीने का चारा, पशु चिकित्सा और एक साल का बीमा शामिल। जनजातीय कार्य विभाग की अगुवाई वाली ज़िला समिति लाभार्थी चुनती है; राज्य को पशु और सामान वस्तु रूप में देने की सलाह है, केवल आश्रय की लागत आपके जन धन खाते में। मद 1 के शीर्षक में "10 बकरी/भेड़ और एक नर" पर पाठ में "दो नर" छपा है; मद iv में ₹25,000 सीमा के साथ "₹50,000" भी छपा है — हम कम सीमा दिखाते हैं।

“a) Rearing of goat: The Central Government will provide 90% subsidy up to ₹100000 … i. Establishment of Breeding unit of 10 doe or ewe and one buck or ram … ii. Establishment of Breeding unit of5 doe and one buck: Subsidy will be provided up to 90% limited Rs 50000 … iii. Establishment of Poultry Unit for laying of eggs (200 birds’ unit): The Central Government will provide up to 90% subsidy limited to Rs. 50000/- … iv. Establishment of Poultry Unit for laying of eggs (100 birds’ unit): The Central Government will provide up to 90% subsidy limited to Rs. 25000/- … v. Establishment of Breeding unit of 5 sow and one boar unit: Subsidy will be provided upto 90% limited Rs 60000”

मुझे कितना मिल सकता है?

आँकड़ा देखने के लिए परियोजना लागत भरें।

स्रोत राष्ट्रीय पशुधन मिशन दिशानिर्देश (जनवरी 2025) · धारा 6.1.1 Activity I, item 4 (Funding pattern) · पृ. 12 · हमारी प्रति (PDF)

इकाई में कम लागत तकनीक वाली कम से कम 1000 पैरेंट लेयर मुर्गियाँ हों (मद 2)। कार्यशील पूँजी, निजी वाहन, ज़मीन ख़रीद या ज़मीन के किराये/पट्टे पर सब्सिडी नहीं। सब्सिडी सिडबी के ज़रिये आपके ऋण देने वाले बैंक को दो बराबर किस्तों में आती है — पहली, बैंक की पहली ऋण किस्त जारी होने पर (या अपने हिस्से से 25% ख़र्च करने पर), दूसरी परियोजना पूरी होने पर।

कौन आवेदन कर सकता है

  • अन्य किसान
  • लघु या सीमांत किसान
  • अनुसूचित जाति किसान
  • अनुसूचित जनजाति किसान
  • महिला किसान
  • काश्तकार या बटाईदार
  • एफ़पीओ
  • स्वयं सहायता समूह
  • सहकारी समिति
  • कृषि उद्यमी

ज़रूरी काग़ज़

  • इस काम का प्रशिक्षण या अनुभव, या परियोजना पर प्रशिक्षित विशेषज्ञ होने का प्रमाण (पैरा 5.3)
  • बैंक के परियोजना मूल्यांकन के साथ ऋण स्वीकृति पत्र — या अपने पैसे से लगाने पर बैंक गारंटी
  • जहाँ इकाई लगेगी उस अपनी या पट्टे की ज़मीन के काग़ज़
  • केवाईसी दस्तावेज़
  • परियोजना लागत का कम से कम 10% मार्जिन मनी लगाने की क्षमता का प्रमाण

आवेदन कैसे करें

  1. एनएलएम पोर्टल nlm.udyamimitra.in पर ऑनलाइन आवेदन करें (पैरा 5.5)।
  2. राज्य कार्यान्वयन एजेंसी आवेदन जाँचकर ऋण के लिए बैंक या एनसीडीसी को सिफ़ारिश करती है।
  3. बैंक से ऋण मंज़ूर होने पर (या अपने पैसे से लगाने पर बैंक गारंटी देने पर) राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति परियोजना को विभाग को भेजती है।
  4. विभाग की परियोजना अनुमोदन समिति स्वीकृति देती है, और सिडबी आपके बैंक के ज़रिये दो किस्तों में सब्सिडी देता है।
आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗

आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।

कब आवेदन करें

दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।

दूसरी योजनाओं के साथ

दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।