प्रति बूँद अधिक फसल (सूक्ष्म सिंचाई) — पीएमकेएसवाई
2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: आउटपुट-आउटकम निगरानी ढाँचा 2026-27 (केंद्रीय बजट) (तिथि नहीं छपी, 4. Rashtriya Krishi Vikas Yojana (CSS); component a. Per Drop More Crop — area under micro-irrigation, target 12 lakh ha in 2026-27)
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर सब्सिडी, सीधे बैंक खाते में।
- मुख्य लाभ
- 55%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 18हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 11तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
ड्रिप: आपकी दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत का 55% (लघु-सीमांत) या 45%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
गिनी जाने वाली लागत आपके कोटेशन और दिशानिर्देशों में आपकी प्रणाली, दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत (जीएसटी सहित) में से जो कम हो, वही है (धारा 20.1)। प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर (धारा 7.9), और उसी ज़मीन पर सात साल तक दोबारा नहीं (धारा 7.10)। छपे हुए आकारों के बीच लागत सीधी रेखा से निकाली जाती है, जैसा दिशानिर्देश का अपना उदाहरण दिखाता है (धारा 9.5); तालिका में न दी गई दूरी के लिए दिशानिर्देश पास की दूरियों का औसत लेता है — यहाँ सबसे पास वाली चुनें।
“Table 1: Indicative cost of Drip Irrigation System for calculation of subsidy”पोर्टेबल स्प्रिंकलर: आपके पाइप और क्षेत्र की सांकेतिक लागत का 55% या 45%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
गिनी जाने वाली लागत आपके कोटेशन और दिशानिर्देशों में आपकी प्रणाली, दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत (जीएसटी सहित) में से जो कम हो, वही है (धारा 20.1)। प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर (धारा 7.9), और उसी ज़मीन पर सात साल तक दोबारा नहीं (धारा 7.10)। छपे हुए आकारों के बीच लागत सीधी रेखा से निकाली जाती है, जैसा दिशानिर्देश का अपना उदाहरण दिखाता है (धारा 9.5); तालिका में न दी गई दूरी के लिए दिशानिर्देश पास की दूरियों का औसत लेता है — यहाँ सबसे पास वाली चुनें। कम पहुँच वाले राज्यों और पूर्वोत्तर सहित पहाड़ी राज्यों के लिए दिशानिर्देश कहते हैं कि 15% और 25% अधिक लागत “ली जा सकती है” — यह राज्य का निर्णय है, इसलिए हम छपी लागत ही लेते हैं।
“Table 4: Indicative Cost of Portable Sprinkler Irrigation System”माइक्रो स्प्रिंकलर: आपकी दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत का 55% या 45%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
गिनी जाने वाली लागत आपके कोटेशन और दिशानिर्देशों में आपकी प्रणाली, दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत (जीएसटी सहित) में से जो कम हो, वही है (धारा 20.1)। प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर (धारा 7.9), और उसी ज़मीन पर सात साल तक दोबारा नहीं (धारा 7.10)। छपे हुए आकारों के बीच लागत सीधी रेखा से निकाली जाती है, जैसा दिशानिर्देश का अपना उदाहरण दिखाता है (धारा 9.5); तालिका में न दी गई दूरी के लिए दिशानिर्देश पास की दूरियों का औसत लेता है — यहाँ सबसे पास वाली चुनें। कम पहुँच वाले राज्यों और पूर्वोत्तर सहित पहाड़ी राज्यों के लिए दिशानिर्देश कहते हैं कि 15% और 25% अधिक लागत “ली जा सकती है” — यह राज्य का निर्णय है, इसलिए हम छपी लागत ही लेते हैं।
“Table 5: Indicative cost of Micro Sprinkler Irrigation System”मिनी स्प्रिंकलर: आपकी दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत का 55% या 45%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
गिनी जाने वाली लागत आपके कोटेशन और दिशानिर्देशों में आपकी प्रणाली, दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत (जीएसटी सहित) में से जो कम हो, वही है (धारा 20.1)। प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर (धारा 7.9), और उसी ज़मीन पर सात साल तक दोबारा नहीं (धारा 7.10)। छपे हुए आकारों के बीच लागत सीधी रेखा से निकाली जाती है, जैसा दिशानिर्देश का अपना उदाहरण दिखाता है (धारा 9.5); तालिका में न दी गई दूरी के लिए दिशानिर्देश पास की दूरियों का औसत लेता है — यहाँ सबसे पास वाली चुनें। कम पहुँच वाले राज्यों और पूर्वोत्तर सहित पहाड़ी राज्यों के लिए दिशानिर्देश कहते हैं कि 15% और 25% अधिक लागत “ली जा सकती है” — यह राज्य का निर्णय है, इसलिए हम छपी लागत ही लेते हैं।
“Table 6:- Indicative Cost of Mini Sprinkler Irrigation System”अर्ध-स्थायी स्प्रिंकलर: आपके क्षेत्र की सांकेतिक लागत का 55% या 45%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
गिनी जाने वाली लागत आपके कोटेशन और दिशानिर्देशों में आपकी प्रणाली, दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत (जीएसटी सहित) में से जो कम हो, वही है (धारा 20.1)। प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर (धारा 7.9), और उसी ज़मीन पर सात साल तक दोबारा नहीं (धारा 7.10)। छपे हुए आकारों के बीच लागत सीधी रेखा से निकाली जाती है, जैसा दिशानिर्देश का अपना उदाहरण दिखाता है (धारा 9.5); तालिका में न दी गई दूरी के लिए दिशानिर्देश पास की दूरियों का औसत लेता है — यहाँ सबसे पास वाली चुनें। कम पहुँच वाले राज्यों और पूर्वोत्तर सहित पहाड़ी राज्यों के लिए दिशानिर्देश कहते हैं कि 15% और 25% अधिक लागत “ली जा सकती है” — यह राज्य का निर्णय है, इसलिए हम छपी लागत ही लेते हैं।
“Table 7: Indicative Cost of Semi-Permanent Sprinkler System”रेन गन: आपके पाइप और क्षेत्र की सांकेतिक लागत का 55% या 45%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
गिनी जाने वाली लागत आपके कोटेशन और दिशानिर्देशों में आपकी प्रणाली, दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत (जीएसटी सहित) में से जो कम हो, वही है (धारा 20.1)। प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर (धारा 7.9), और उसी ज़मीन पर सात साल तक दोबारा नहीं (धारा 7.10)। छपे हुए आकारों के बीच लागत सीधी रेखा से निकाली जाती है, जैसा दिशानिर्देश का अपना उदाहरण दिखाता है (धारा 9.5); तालिका में न दी गई दूरी के लिए दिशानिर्देश पास की दूरियों का औसत लेता है — यहाँ सबसे पास वाली चुनें। कम पहुँच वाले राज्यों और पूर्वोत्तर सहित पहाड़ी राज्यों के लिए दिशानिर्देश कहते हैं कि 15% और 25% अधिक लागत “ली जा सकती है” — यह राज्य का निर्णय है, इसलिए हम छपी लागत ही लेते हैं।
“Table: 9 Indicative Cost of Large Volume Sprinklers(Rain–gun)”जो किसान अपने एफपीओ, सहकारी समिति, स्वयं सहायता समूह या जल उपयोगकर्ता समूह के ज़रिये क्लस्टर में ड्रिप लगाते हैं, उन सभी को ज़मीन के आकार से परे सांकेतिक लागत का 55% मिलता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
क्लस्टर मैदानी राज्यों में 50 हेक्टेयर या अधिक और पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों में 20 हेक्टेयर का, लगातार ज़मीन पर होता है; सहायता संगठन के ज़रिये मिलती है (धारा 7.27.1)। क्लस्टर में स्प्रिंकलर प्रणाली पर भी यही 55% लागू है। गिनी जाने वाली लागत आपके कोटेशन और दिशानिर्देशों में आपकी प्रणाली, दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत (जीएसटी सहित) में से जो कम हो, वही है (धारा 20.1)। प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर (धारा 7.9), और उसी ज़मीन पर सात साल तक दोबारा नहीं (धारा 7.10)। छपे हुए आकारों के बीच लागत सीधी रेखा से निकाली जाती है, जैसा दिशानिर्देश का अपना उदाहरण दिखाता है (धारा 9.5); तालिका में न दी गई दूरी के लिए दिशानिर्देश पास की दूरियों का औसत लेता है — यहाँ सबसे पास वाली चुनें।
“7.27.1 … Water User Associations/Groups, Farmer Producer Organizations, Cooperative societies, Self-Help Groups, Growers’ Associations etc. shall be encouraged to adopt Micro Irrigation in a cluster. In such cases the beneficiary will be entitled to avail financial assistance through their respective organizations / bodies. The total financial assistance available to the individual beneficiary in the group would be 55% under the scheme.”सूक्ष्म सिंचाई क्लस्टर चलाने वाले एफपीओ, सहकारी समिति, स्वयं सहायता समूह या जल उपयोगकर्ता समूह को क्लस्टर लागत का 3% प्रशासनिक शुल्क मिल सकता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“दिया जा सकता है” — राज्य तय करता है। राज्यों को सूक्ष्म सिंचाई लक्ष्य का कम से कम 5% एफपीओ के ज़रिये पूरा करना है (धारा 7.27.2)।
“Such farmers groups/organizations may be allowed to avail an administrative/institutional charges @ 3% of the cost of the Cluster.”सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के साथ उर्वरक टैंक, सैंड या हाइड्रो-साइक्लोन फ़िल्टर, या ड्रिप लाइन वाइंडर: सांकेतिक क़ीमत का 55% (लघु-सीमांत) या 45%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“उस समय लागू सब्सिडी दर” पर — यानी धारा 20.1 की सूक्ष्म सिंचाई दर — आपके कोटेशन और अनुलग्नक XII की सांकेतिक क़ीमत में जो कम हो उस पर। उर्वरक टैंक, वेंचुरी या स्वचालित डोज़िंग में से एक ही ले सकते हैं (13.1(i))। कोई और वैकल्पिक सामान आपके अपने ख़र्च पर है (13.4)।
“13.1 … The provision is kept to provide the said component on the then existing rate of subsidy to the beneficiary; if required & provided. These components are: i. Fertilizer tank … ii. Sand filters/media filters … iii. Hydro Cyclone Filters/Sand Separators … iv. Drip Line Winder”मैदानी क्षेत्र में जल संचयन तालाब या डिग्गी: ₹125 प्रति घन मीटर पर गिनी लागत का 50%, लाइनिंग सहित अधिकतम ₹75,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
बिना लाइनिंग वाले तालाब/टैंक पर गिनी जाने वाली लागत 30% कम होती है (अनुलग्नक XIII, मद 1) — यहाँ की राशि लाइनिंग वाले के लिए है। केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“1 Water harvesting system ,Diggi for individuals/community — 50% of cost (Construction cost - Rs. 125 for plain/ Rs. 150 per cum for hilly areas) limited to Rs. 75000 for plain areas and Rs. 90000 for hilly areas including lining. For smaller size of the ponds/ dug wells, cost admissible on pro rata basis. Cost for non-lined ponds/tanks will be 30% less.”पहाड़ी क्षेत्र में जल संचयन तालाब या डिग्गी: ₹150 प्रति घन मीटर पर गिनी लागत का 50%, लाइनिंग सहित अधिकतम ₹90,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
दिशानिर्देश पहाड़ी क्षेत्रों की सूची नहीं देता; यह राज्य तय करता है। बिना लाइनिंग वाले तालाब/टैंक पर गिनी जाने वाली लागत 30% कम होती है (अनुलग्नक XIII, मद 1) — यहाँ की राशि लाइनिंग वाले के लिए है। केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“1 Water harvesting system ,Diggi for individuals/community — 50% of cost (Construction cost - Rs. 125 for plain/ Rs. 150 per cum for hilly areas) limited to Rs. 75000 for plain areas and Rs. 90000 for hilly areas including lining. For smaller size of the ponds/ dug wells, cost admissible on pro rata basis. Cost for non-lined ponds/tanks will be 30% less.”उथला या मध्यम ट्यूबवेल/बोरवेल: लागत का 50%, अधिकतम ₹25,000 — अति-दोहित, क्रिटिकल या सेमी-क्रिटिकल भूजल क्षेत्रों में नहीं।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल वहाँ जहाँ केंद्रीय भूजल बोर्ड ने क्षेत्र को अति-दोहित, क्रिटिकल या सेमी-क्रिटिकल नहीं माना है (अनुलग्नक XIII, मद 2)। केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“2 Construction of Tube wells / Bore wells (Shallow / Medium) only in areas which are not categorized under over-exploited, critical & semi- critical zones by Central Ground Water Board. — 50% of the total cost of installation limited to Rs. 25,000 / - per unit”छोटे तालाब/टैंक की मरम्मत या जीर्णोद्धार: लागत का 50%, अधिकतम ₹15,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“3 Restoration / Renovation of small tank — 50% of the cost of renovation limited to Rs. 15,000 / - per unit”बंद पड़े बोरवेल का पुनर्भरण (रिचार्ज): लागत का 50%, अधिकतम ₹5,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“4 Recharge of defunct bore well — 50% of the cost of recharging limited to Rs. 5000 / - per unit”पाइप या प्री-कास्ट जल वितरण प्रणाली: लागत का 50%, अधिकतम ₹10,000 प्रति हेक्टेयर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
मद 5 कोई क्षेत्र सीमा नहीं छापता; हम अधिकतम 5 हेक्टेयर गिनते हैं, जो इससे जुड़ी सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के लिए प्रति लाभार्थी पीडीएमसी सीमा है (धारा 7.9)। केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“5 Pipe/pre-cast distribution system — 50% of the cost of system limited to Rs. 10,000 / - per ha”बिजली या डीज़ल से पानी उठाने का पंप: स्थापना लागत का 50%, अधिकतम ₹15,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“6 Water Lifting Devices (Electric, Diesel, wind / Solar) — 50% of the cost of installation limited to Rs. 15,000/ - per electric / diesel unit and Rs. 50,000/- per solar / wind unit”सौर या पवन ऊर्जा से पानी उठाने का यंत्र: स्थापना लागत का 50%, अधिकतम ₹50,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“6 Water Lifting Devices (Electric, Diesel, wind / Solar) — 50% of the cost of installation limited to Rs. 15,000/ - per electric / diesel unit and Rs. 50,000/- per solar / wind unit”15 एचपी तक का पेट्रोल सिंचाई पंप: स्थापना सहित लागत का 50%, अधिकतम ₹10,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल “तभी जब किसान ने अपने खेत में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली लगाने का विकल्प चुना हो” (अनुलग्नक XIII), उसी प्रणाली से जुड़ा और किसान की वास्तविक ज़रूरत के अनुसार (धारा 13.2)। राज्य पीडीएमसी राशि का लगभग 20% (पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 40%) ही इन कामों पर ख़र्च कर सकते हैं (धारा 7.8), इसलिए पूछें कि आपका राज्य इस साल यह दे रहा है या नहीं।
“7 Petrol Irrigation Pumps- up to 15 hp — Rs. 10000/unit or 50% of the cost of the system (including installation) whichever is less.”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए फसल की दूरी (कतार × पौधा) भरें।
गिनी जाने वाली लागत आपके कोटेशन और दिशानिर्देशों में आपकी प्रणाली, दूरी और क्षेत्र की सांकेतिक लागत (जीएसटी सहित) में से जो कम हो, वही है (धारा 20.1)। प्रति लाभार्थी अधिकतम 5 हेक्टेयर (धारा 7.9), और उसी ज़मीन पर सात साल तक दोबारा नहीं (धारा 7.10)। छपे हुए आकारों के बीच लागत सीधी रेखा से निकाली जाती है, जैसा दिशानिर्देश का अपना उदाहरण दिखाता है (धारा 9.5); तालिका में न दी गई दूरी के लिए दिशानिर्देश पास की दूरियों का औसत लेता है — यहाँ सबसे पास वाली चुनें।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- एफ़पीओ
- स्वयं सहायता समूह
- सहकारी समिति
- कृषि उद्यमी
- कृषि स्टार्टअप
ज़रूरी काग़ज़
- आधार नंबर
- भू-अभिलेख — या पट्टे की ज़मीन हो तो कम से कम सात साल का पट्टा (धारा 7.14)
- बैंक खाते का विवरण
आवेदन कैसे करें
- अपने राज्य के सूक्ष्म सिंचाई पोर्टल पर आधार के साथ पंजीकरण करें — सब्सिडी डीबीटी से मिलती है (मुख्य विशेषताएँ)।
- किसी पंजीकृत सूक्ष्म सिंचाई आपूर्तिकर्ता को चुनें और अपने खेत का डिज़ाइन और कोटेशन लें।
- लगाने से पहले कार्यान्वयन एजेंसी की स्वीकृति का इंतज़ार करें।
- स्थापना और निरीक्षण के बाद सब्सिडी आपके बैंक खाते में जमा होती है।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।