सौर ऊर्जा पम्प अनुदान (पीएम कुसुम कम्पोनेंट-बी), राजस्थान
बजट में राशि है, पर कोई आदेश पुष्टि नहीं करता कि योजना अभी चालू है: राजस्थान बजट भाषण 2026-27 (11 फ़रवरी 2026) (11 फ़र॰ 2026, Para 168: राज्य में सौर पम्प संयंत्रों के प्रोत्साहन हेतु आगामी वर्ष 50 हजार (पचास हजार) सोलर पम्प संयंत्रों की स्थापना की जायेगी। इस पर एक हजार 500 करोड़ (एक हजार पांच सौ करोड़) रुपये का व्यय किया जायेगा।)
जिस किसान के पास खेती का बिजली कनेक्शन नहीं है, उसे 3 से 7.5 एचपी का ऑफ-ग्रिड सौर पम्प: 60% अनुदान (30% केन्द्र + 30% राज्य), पम्प के आकार के हिसाब से तय राशि — 3 एचपी पर ₹1,09,392, 5 एचपी पर ₹1,68,518, 7.5 एचपी पर ₹2,28,406 — और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को ₹45,000 अतिरिक्त।
- मुख्य लाभ
- 100%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 5तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
पम्प के आकार के हिसाब से तय अनुदान: 3 एचपी पर ₹1,09,392, 5 एचपी पर ₹1,68,518 और 7.5 एचपी पर ₹2,28,406; 10 एचपी पम्प पर 7.5 एचपी जितना ही अनुदान मिलता है, बाक़ी आप देते हैं।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
केवल उस किसान के लिए जिसके पास खेती का बिजली कनेक्शन नहीं है, कम से कम 0.4 हेक्टेयर ज़मीन (अधिसूचित जनजाति क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए 3 व 5 एचपी पर 0.2 हेक्टेयर) और जल स्रोत है, और जो ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर या स्प्रिंकलर से सिंचाई करेगा (धारा 2, 3)। बाक़ी क़ीमत आप देते हैं (जैसे ₹2,02,933 के 3 एचपी एसी सरफेस पम्प पर ₹93,541), और लागत के 30% तक बैंक ऋण ले सकते हैं (धारा 9.3)। आपका नाम बिजली कंपनी को भेजा जाता है और बाद में कृषि बिजली कनेक्शन पर अनुदान नहीं मिलेगा (धारा 4.3)। 22.09.2025 से पहले बने बिलों पर पुरानी दरें लागू रहेंगी (07.10.2025 का पत्र, बिंदु 1)।
“9.1 पीएम कुसुम कम्पोनेंट– बी के तहत ऑफ ग्रिड स्टेन्ड अलोन सौर ऊर्जा पम्प परियोजना अन्तर्गत 60 प्रतिशत (30 प्रतिशत केन्द्रीय मद तथा 30 प्रतिशत राज्य मद) अनुदान देय होगा। — Solar pump category wise revised rate and subsidy effetive from 22.09.2025: General Farmer Subsidy 109392 (3 HP), 168518 (5 HP), 228406 (7.5 HP and 10 HP)”अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को हर आकार के पम्प पर ₹45,000 अतिरिक्त अनुदान मिलता है, जिससे उनका अपना हिस्सा उतना कम हो जाता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
पत्र में हर पम्प आकार पर एक जैसे ₹45,000 छपे हैं (जैसे 3 एचपी एसी सरफेस पम्प: किसान हिस्सा ₹93,541 की जगह ₹48,541)। यह सामान्य अनुदान के ऊपर मिलता है। यहाँ 100% सिर्फ़ तय राशि दिखाने का तरीका है: इस मद से ₹45,000 से ज़्यादा कभी नहीं मिलता।
“Additional subsidy for SC/ST Farmer — Additional subsidy 45000 (S.N. 1–28)”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए पम्प की क्षमता भरें।
केवल उस किसान के लिए जिसके पास खेती का बिजली कनेक्शन नहीं है, कम से कम 0.4 हेक्टेयर ज़मीन (अधिसूचित जनजाति क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति किसानों के लिए 3 व 5 एचपी पर 0.2 हेक्टेयर) और जल स्रोत है, और जो ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर या स्प्रिंकलर से सिंचाई करेगा (धारा 2, 3)। बाक़ी क़ीमत आप देते हैं (जैसे ₹2,02,933 के 3 एचपी एसी सरफेस पम्प पर ₹93,541), और लागत के 30% तक बैंक ऋण ले सकते हैं (धारा 9.3)। आपका नाम बिजली कंपनी को भेजा जाता है और बाद में कृषि बिजली कनेक्शन पर अनुदान नहीं मिलेगा (धारा 4.3)। 22.09.2025 से पहले बने बिलों पर पुरानी दरें लागू रहेंगी (07.10.2025 का पत्र, बिंदु 1)।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
ज़रूरी काग़ज़
- जन आधार कार्ड (धारा 5.1)
- भू-स्वामित्व के लिए जमाबंदी या पासबुक की प्रति (धारा 5.2)
- सिंचाई जल स्रोत होने और कृषि बिजली कनेक्शन न होने का शपथ-पत्र (संलग्नक-1, धारा 5.3)
आवेदन कैसे करें
- राज किसान साथी पोर्टल पर ई-मित्र से या अपनी एसएसओ आईडी से आवेदन करें (धारा 4.1)।
- सूचीबद्ध आपूर्तिकर्ता फर्म चुनें; फर्म आपके जल स्रोत का सर्वे कर पम्प की क्षमता तय करती है (धारा 11.2–11.4)।
- ₹500 के स्टाम्प पर त्रि-पक्षीय अनुबंध करें और ऑनलाइन स्वीकृति के बाद अपना किसान हिस्सा जिला होर्टिकल्चर डवलपमेंट सोसायटी में जमा करें (धारा 11.5–11.7)।
- कार्यादेश के 120 दिन में फर्म पम्प लगाती है; भौतिक सत्यापन के बाद अनुदान फर्म को दिया जाता है (धारा 11.9, 12)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
2026-27 के लिए पुष्टि नहीं। केंद्रीय पीएम-कुसुम में 31.12.2025 के बाद कोई नई परियोजना नहीं (एमएनआरई कार्यालय ज्ञापन, 28 मार्च 2026) और पीएम-कुसुम 2.0 का इंतज़ार है, इसलिए नए आवेदक केन्द्र के 30% पर भरोसा नहीं कर सकते। पीएम-कुसुम 2.0 या राजस्थान के 2026-27 के आदेश की प्रतीक्षा करें।
दूसरी योजनाओं के साथ
- PM-KUSUM: नहीं जोड़ी जा सकती