सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम की स्थापना योजना, उत्तर प्रदेश
चालू होने का आधार: सघन मत्स्य पालन हेतु एरेशन सिस्टम योजना — संशोधित दिशा-निर्देश शासनादेश (2 फ़रवरी 2026) (2 फ़र॰ 2026, para 1–3: the scheme, running since 2024-25, is opened to all categories of fish farmers from this order)
उत्पादक तालाब वाले मत्स्य पालक को ₹50,000 के एरेटर पर 50% (₹25,000), अनुसूचित जाति के पालक को 60% (₹30,000) — 0.5 हेक्टेयर पर एक, अधिकतम दो।
- मुख्य लाभ
- 60%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 7तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
₹50,000 का एरेटर: 50% अनुदान (₹25,000), अनुसूचित जाति के मत्स्य पालकों को 60% (₹30,000); अधिकतम दो एरेटर।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
0.50 हेक्टेयर तालाब पर एक एरेटर (2 एचपी क्वाड पैडल व्हील), 1.00 हेक्टेयर या बड़े तालाब पर अधिकतम दो। तालाब की मौजूदा उपज कम से कम 4 टन/हेक्टेयर हो और पट्टे के कम से कम 5 साल बचे हों। चयन ज़िला समिति में लॉटरी (रैंडमाइज़ेशन) से; पहली वरीयता मछुआ समुदाय की अंत्योदय, बीपीएल और विधवा महिला पट्टाधारकों को, फिर ग्राम सभा के अन्य पट्टाधारकों को, फिर निजी तालाब वालों को।
“एरेटर सिस्टम की प्रति इकाई लागत रू0.0.50 लाख होगी जिसमे लाभार्थी अंश का धनराशि (समस्त मत्स्य पालकों द्वारा योजना की इकाई लागत का 50% तथा अनुसूचित जाति महिला/पुरुष/अन्य मत्स्य पालक द्वारा 40% धनराशि) लाभार्थी स्वयं के संसाधन से अथवा बैंक ऋण लेकर वहन किया जाएगा। योजनान्तर्गत सामान्य महिला/पुरुष/ अन्य मत्स्य पालक को परियोजना के सापेक्ष 50 प्रतिशत अनुदान की धनराशि अर्थात ₹ 0.25 लाख प्रति इकाई एवं अनुसूचित जाति के महिला/पुरुष/अन्य मत्स्य पालक को 60 प्रतिशत अनुदान अर्थात ₹ 0.30 लाख प्रति इकाई देय होगा।”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए एरेटर की संख्या भरें।
0.50 हेक्टेयर तालाब पर एक एरेटर (2 एचपी क्वाड पैडल व्हील), 1.00 हेक्टेयर या बड़े तालाब पर अधिकतम दो। तालाब की मौजूदा उपज कम से कम 4 टन/हेक्टेयर हो और पट्टे के कम से कम 5 साल बचे हों। चयन ज़िला समिति में लॉटरी (रैंडमाइज़ेशन) से; पहली वरीयता मछुआ समुदाय की अंत्योदय, बीपीएल और विधवा महिला पट्टाधारकों को, फिर ग्राम सभा के अन्य पट्टाधारकों को, फिर निजी तालाब वालों को।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- भूमिहीन
- काश्तकार या बटाईदार
ज़रूरी काग़ज़
आवेदन कैसे करें
- आवेदन खुलने पर विभाग के पोर्टल (fisheries.up.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन करें।
- ज़िला चयन समिति पैरा 2(4) की वरीयता के क्रम में लॉटरी से लाभार्थी चुनती है।
- अपना 50% (अनुसूचित जाति के लिए 40%) अंश ख़ुद या बैंक ऋण से दें; बाक़ी राज्य देता है।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।