10,000 किसान उत्पादक संगठनों (एफ़पीओ) का गठन और संवर्धन
2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 1 (Department of Agriculture and Farmers Welfare), item 11 Formation and Promotion of 10,000 Farmer Producer Organizations (FPOs), BE 2026-27 ₹500.00 crore; Notes item 11)
योजना में बने किसान उत्पादक संगठनों को सहायता: प्रति किसान सदस्य ₹2,000 तक का बराबरी (मैचिंग) इक्विटी अनुदान (प्रति एफ़पीओ अधिकतम ₹15 लाख), ₹2 करोड़ तक के बैंक ऋण पर ऋण गारंटी, और संचालन ख़र्च के लिए ₹18 लाख तक।
- मुख्य लाभ
- ₹2,000प्रति किसान सदस्य, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 1तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
सदस्यों की अपनी शेयर राशि के बराबर अनुदान — प्रति किसान सदस्य ₹2,000 तक, प्रति एफ़पीओ अधिकतम ₹15 लाख — एफ़पीओ को मिलता है, जो उतने ही मूल्य के अतिरिक्त शेयर सदस्यों को देता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह बराबरी (मैचिंग) अनुदान है: जिस सदस्य ने ₹2,000 से कम लगाया है, उसे उतना ही मिलेगा जितनी उसकी अपनी शेयर राशि है। कई एफ़पीओ का सदस्य होने पर भी किसान को यह एक ही बार मिलता है (धारा 11.3(vi))। एफ़पीओ को 45 दिन में अतिरिक्त शेयर जारी करने होते हैं (धारा 11.4(i)), और अनुदान किस्तों में लिया जा सकता है।
“11.1 … Equity Grant shall be in the form of matching grant upto Rs. 2,000 per farmer member of FPO subject to maximum limit of Rs. 15.00 lakh fixed per FPO. … 11.4 (ii) Individual Shareholder – up to Rs 2,000/- per member.”एफ़पीओ को दिए बैंक ऋण की गारंटी मिलती है: ₹1 करोड़ तक के परियोजना ऋण का 85% (अधिकतम ₹85 लाख), या ₹1 से ₹2 करोड़ के ऋण का 75% (अधिकतम ₹150 लाख), ताकि बैंक बिना गिरवी के ऋण दे सके।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
बैंक नाबार्ड या एनसीडीसी को 0.75% (₹1 करोड़ तक) या 0.85% (₹1–2 करोड़) तक गारंटी शुल्क देता है (धारा 12.9)। एक बैंक एक ही एफ़पीओ के लिए 5 साल में अधिकतम दो बार कवर ले सकता है (धारा 12.8(ii))।
“12.8 (i) The credit guarantee cover per FPO will be limited to the project loan of Rs. 2 crore. In case of project loan up to Rs. 1 crore, credit guarantee cover will be 85% of bankable project loan with ceiling of Rs. 85 lakh; while in case of project loan above Rs.1 crore and up to Rs. 2 crore, credit guarantee cover will be 75% of bankable project loan with a maximum ceiling of Rs. 150 lakh.”गठन से तीन साल में एफ़पीओ के संचालन ख़र्च के लिए ₹18 लाख तक (या असल ख़र्च, जो कम हो); जो एफ़पीओ समय पर उपयोग नहीं कर पाया, वह पाँच साल के भीतर कर सकता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह सहायता केवल इस योजना में बने एफ़पीओ को मिलती है। दिशानिर्देशों के अनुसार इसमें सीईओ/मैनेजर का वेतन ₹25,000 प्रति माह तक, लेखाकार ₹10,000 प्रति माह तक, एकबारगी पंजीकरण ₹40,000 तक, कार्यालय किराया ₹48,000 प्रति वर्ष तक, आदि शामिल हैं (धारा 10.1, पृ. 19)।
“FPO Management Cost (modified guideline for cl. 10.0): Under the scheme, financial support to Farmer Producer Organization (FPO) @ upto maximum of Rs. 18 Lakh / FPO or actual, whichever is lesser is to be provided during three years from the year of formation. However, if any of the FPO promoted under 10K FPO scheme was unable to avail/ utilize Rs 18 Lakh within the period of three years (due to initial corona restrictions or any other reason); then the respective FPO to utilize the same within the period of five years from its formation, subject to overall ceiling of assistance of Rs 18 Lakhs per FPOs.”मुझे कितना मिल सकता है?
यह प्रावधान इस आवेदक श्रेणी को सहायता नहीं देता (11.1; 11.4(i)–(ii))।
यह बराबरी (मैचिंग) अनुदान है: जिस सदस्य ने ₹2,000 से कम लगाया है, उसे उतना ही मिलेगा जितनी उसकी अपनी शेयर राशि है। कई एफ़पीओ का सदस्य होने पर भी किसान को यह एक ही बार मिलता है (धारा 11.3(vi))। एफ़पीओ को 45 दिन में अतिरिक्त शेयर जारी करने होते हैं (धारा 11.4(i)), और अनुदान किस्तों में लिया जा सकता है।
कौन आवेदन कर सकता है
- एफ़पीओ
ज़रूरी काग़ज़
- शेयरधारकों की सूची और हर सदस्य की शेयर पूँजी, चार्टर्ड अकाउंटेंट या सहकारी लेखा परीक्षक से प्रमाणित (धारा 11.5(i))
- इक्विटी अनुदान माँगने का निदेशक मंडल / शासी निकाय का प्रस्ताव (धारा 11.5(ii))
- अतिरिक्त शेयरों के बदले अनुदान एफ़पीओ के बैंक खाते में भेजने के लिए शेयरधारकों की सहमति (धारा 11.5(iii))
आवेदन कैसे करें
- एफ़पीओ पंजीकृत उत्पादक कंपनी या सहकारी समिति हो; कम से कम आधे शेयरधारक लघु, सीमांत या भूमिहीन काश्तकार किसान हों, और किसी एक सदस्य के पास 10% से अधिक इक्विटी न हो (धारा 11.3)।
- इक्विटी अनुदान के लिए अनुलग्नक-I के फ़ॉर्म में कार्यान्वयन एजेंसी को आवेदन करें, साथ में सीए या सहकारी लेखा परीक्षक से प्रमाणित शेयरधारक सूची, बोर्ड का प्रस्ताव और शेयरधारकों की सहमति (धारा 11.5)।
- ऋण गारंटी के लिए आपका बैंक एफ़पीओ के परियोजना ऋण पर कवर के लिए नाबार्ड या एनसीडीसी को आवेदन करता है (धारा 12.3, 12.9)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।