ऋण और ब्याज सहायताKCC – Interest Subvention (MISS)
समय पर चुकाने पर ₹3 लाख तक के केसीसी ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष की छूट (अगर ऋण केवल पशुपालन, डेयरी, मछली या मधुमक्खी के लिए है तो ₹2 लाख तक)।
निजी, मुफ़्त मार्गदर्शिका — सरकारी वेबसाइट नहीं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।
सस्ता कृषि ऋण, ब्याज में छूट और ऋण गारंटी।
ऋण और ब्याज सहायतासमय पर चुकाने पर ₹3 लाख तक के केसीसी ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष की छूट (अगर ऋण केवल पशुपालन, डेयरी, मछली या मधुमक्खी के लिए है तो ₹2 लाख तक)।
ऋण और ब्याज सहायतासरकार आपके ₹2 करोड़ तक के ऋण पर ब्याज का 3% प्रति वर्ष, अधिकतम 7 वर्ष तक देती है।
डेयरी और पशुपालनऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष की छूट, अधिकतम 8 वर्ष।
ऋण और ब्याज सहायतापरियोजना लागत का 36% (महिला, अनुसूचित जाति/जनजाति और पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों के लिए 44%), ₹20 लाख तक की परियोजना पर।
प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धनविचार / प्री-सीड स्तर पर ₹5 लाख तक का अनुदान — स्वीकृत लागत का 85%; 15% आपको लगाना होगा।
ऋण और ब्याज सहायतासदस्यों की अपनी शेयर राशि के बराबर अनुदान — प्रति किसान सदस्य ₹2,000 तक, प्रति एफ़पीओ अधिकतम ₹15 लाख — एफ़पीओ को मिलता है, जो उतने ही मूल्य के अतिरिक्त शेयर सदस्यों को देता है।
ग्रामीण आजीविका और स्वयं सहायता समूहहर महिला स्वयं सहायता समूह को रिवॉल्विंग फंड मिलता है, औसतन ₹20,000 से ₹30,000, जो समूह के पास रहता है और सदस्यों को आपस में ऋण देने के काम आता है।
सहकारिता और किसान समूहसहकारी समिति के एनसीडीसी आवधिक ऋण पर ब्याज एनसीडीसी की सामान्य दर से 2% प्रति वर्ष कम लगता है, जब तक हर किस्त समय पर चुकाई जाए।
सहकारिता और किसान समूहनई या नवाचारी गतिविधि के लिए महिला सहकारी समिति के एनसीडीसी आवधिक ऋण पर ब्याज एनसीडीसी की सामान्य दर से 2% प्रति वर्ष कम लगता है, अगर समय पर चुकाया जाए।
मत्स्य पालनमत्स्य अवसंरचना परियोजना की लागत का 80% तक ऋण, जिस पर ब्याज 5% प्रति वर्ष तक कम हो सकता है क्योंकि सरकार ऋणदाता को हर साल 3% तक देती है; 2 साल की मोहलत सहित 12 साल तक में चुकाएँ।
डेयरी और पशुपालनदुग्ध महासंघ, संघ या मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी को बैंक कार्यशील पूँजी ऋण के ब्याज में 2% सालाना छूट मिलती है, साल में अधिकतम 12 महीने।
ऋण और ब्याज सहायताडेयरी, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन या दूसरे संबद्ध या ग़ैर-कृषि कारोबार के लिए ₹20 लाख तक का बिना गिरवी ऋण; यह चुकाना होता है, सब्सिडी नहीं है।
ऋण और ब्याज सहायतालघु, सीमांत, महिला, एससी, एसटी या दिव्यांग किसान के गोदाम रसीद ऋण की ₹3 लाख तक 85% और ₹3 लाख से ₹75 लाख तक 80% गारंटी मिलती है, ताकि बैंक आसानी से ऋण दे; शुल्क 0.4% सालाना है।
मत्स्य पालनमछली बेचने के लिए हैवी ड्यूटी मोपेड (₹56,000) और 50 लीटर आइसबॉक्स (₹4,000) की लागत का 40% — अधिकतम ₹24,000।
ऋण और ब्याज सहायतासमय पर चुकाने पर ₹3 लाख तक के अल्पकालिक फ़सल ऋण के ब्याज में 4% सालाना की छूट।
ऋण और ब्याज सहायता₹3 लाख तक के फ़सल ऋण और केसीसी सीमा के ब्याज का 4% सालाना राज्य सरकार देती है, केंद्र की छूट के ऊपर।
ऋण और ब्याज सहायता₹50 लाख तक के बैंक ऋण का पूरा ब्याज (केंद्र की ब्याज सहायता के बाद) राज्य लौटाता है, अगर आप समय पर चुकाएँ; राज्य के ख़र्च पर ऋण गारंटी से ऋण बिना गिरवी के मिलता है।
ऋण और ब्याज सहायताराज्य आपके अल्पकालीन केसीसी फ़सल ऋण पर हर साल 4% ब्याज भरता है, केंद्र के 3% के ऊपर — इसलिए समय पर चुकाने वाला कुछ नहीं देता।
ऋण और ब्याज सहायताकेसीसी फसल ऋण समय पर चुकाने पर मेघालय सरकार ब्याज का 4% सालाना देती है, केंद्र की 3% छूट के ऊपर।
ऋण और ब्याज सहायताफसल ऋण समय पर चुकाने पर ₹3 लाख तक के ऋण के ब्याज का 4% सालाना राज्य सरकार देती है।
डेयरी और पशुपालनमिनी डेयरी ऋण के ब्याज पर हर साल 4% की छूट।
डेयरी और पशुपालनएक साल के लिए ₹1,00,000 तक का ऋण — गाय/भैंस का शेड, खेली, या दूध, चारा व बांटा संबंधी उपकरण के लिए — समय पर चुकाने पर शून्य ब्याज।
डेयरी और पशुपालनऋण का पूरा ब्याज (बैंक दर, अधिकतम 12% सालाना) नाबार्ड इकाई लागत और ऋण में से कम राशि पर, चुकने तक या 5 साल।
डेयरी और पशुपालनपशु ख़रीद के ऋण पर 7.5% सालाना ब्याज सहायता, 5 साल।
डेयरी और पशुपालनगाय ख़रीद के ऋण पर 7.5% सालाना ब्याज सहायता, 5 साल।
डेयरी और पशुपालनडेयरी परियोजना लागत का 25% मार्जिन मनी, अधिकतम ₹1,50,000 (परियोजना ₹10 लाख तक गिनी जाती है)।
ऋण और ब्याज सहायताउपज के बदले 6 महीने का ऋण — ₹2,00,000 या उपज के मूल्य का 60% (जो कम हो), पहले महीने बिना ब्याज, भंडारण बीमा मंडी समिति देती है।
डेयरी और पशुपालनसूची में दी गई डेयरी, खच्चर, भेड़-बकरी, सूकर या मुर्गी इकाई के बैंक ऋण के ब्याज का 90% राज्य देता है।
इस काम के लिए कोई चालू योजना जितना सबसे बड़ा हिस्सा देती है, आवेदक के हिसाब से। राशि फिर भी हर योजना की लागत-सीमा तक।
समय पर चुकाने पर ₹3 लाख तक के केसीसी ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष की छूट (अगर ऋण केवल पशुपालन, डेयरी, मछली या मधुमक्खी के लिए है तो ₹2 लाख तक)।
बैंक 7% वार्षिक ब्याज पर ऋण देता है (इसके लिए सरकार बैंक को 1.5% देती है); समय पर चुकाने पर ब्याज 4% रह जाता है। ₹3 लाख की सीमा प्रति किसान, सभी केसीसी खातों को मिलाकर है (पैरा 3(ii))। एक साल के बाद चुकाने पर यह छूट नहीं मिलती। लघु और सीमांत किसानों को कटाई के बाद WDRA गोदाम रसीद पर लिए ऋण पर छह महीने और यह सहायता मिलती है (पैरा 2(iv))। ये दरें वित्त वर्ष 2025-26 के आरबीआई परिपत्र से हैं; केंद्रीय बजट 2026-27 की टिप्पणी में यही शर्तें लिखी हैं (₹3 लाख तक 7% पर, समय पर चुकाने पर 3% और छूट), पर वित्त वर्ष 2026-27 का आरबीआई परिपत्र हमने अभी नहीं देखा है।
“An additional interest subvention of 3% per annum will be provided to such of those farmers repaying in time, i.e., from the date of disbursement/drawl/renewal of the loan/s upto the actual date of repayment/tenure/due date or upto the due date fixed by the banks for repayment of such loan/s, whichever is earlier, subject to a maximum period of one year from the date of disbursement.”यदि आप केवल पशुपालन, डेयरी, मछली पालन या मधुमक्खी पालन करते हैं (फसल ऋण नहीं), तो समय पर चुकाने की 3% छूट ₹2 लाख तक पर मिलती है।
यदि आपके पास फसल ऋण और पशुपालन आदि का ऋण दोनों हैं, तो पहले फसल ऋण गिना जाता है और कुल सीमा ₹3 लाख रहती है (पैरा 2(iii) और उदाहरण) — तब ₹3 लाख वाला नियम देखें।
“Interest subvention and prompt repayment incentive benefits on short term crop loans and short term loans for allied activities will be available on an overall limit of ₹3 lakh per annum subject to a maximum sub-limit of ₹2 lakh per farmer in respect of those farmers involved only in activities related to animal husbandry, dairy, fisheries, bee keeping etc.”किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख तक के फसल और पशुपालन आदि के अल्पकालिक ऋण 7% सालाना ब्याज पर मिलते हैं — इसके लिए सरकार बैंक को 1.5% देती है।
1.5% बैंक को मिलता है, आपको नहीं; आपको 7% की दर मिलती है। यह सरकारी बैंकों, निजी बैंकों की ग्रामीण व अर्ध-शहरी शाखाओं, स्मॉल फ़ाइनेंस बैंकों और अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक से जुड़ी कंप्यूटरीकृत पैक्स पर लागू है (पैरा 2(i))। समय पर चुकाने पर 3% और छूट (समय पर चुकाने वाला नियम)। ये वित्त वर्ष 2025-26 की शर्तें हैं; केंद्रीय बजट 2026-27 की टिप्पणी में यही लिखा है।
“In order to provide short term crop loans and short term loans for allied activities including animal husbandry, dairy, fisheries, bee keeping etc. upto an overall limit of ₹3 lakh to farmers through KCC at concessional interest rate during the year 2025-26, it has been decided to provide interest subvention to lending institutions … Lending rate to farmers 7% — Rate of Interest Subvention to Lending Institutions 1.50%”लघु और सीमांत किसान जो अपनी उपज WDRA से मान्यता प्राप्त गोदाम में रखते हैं, गोदाम रसीद पर लिए ऋण पर छह महीने और केसीसी ब्याज लाभ पाते हैं।
“In order to discourage distress sale by farmers and to encourage them to store their produce in warehouses, the benefit of interest subvention under KCC will be available to small and marginal farmers for a further period of upto six months post the harvest of the crop against negotiable warehouse receipts on the produce stored in warehouses accredited with Warehousing Development Regulatory Authority (WDRA), at the same rate as applicable to the crop loan from the date of pledge.”प्राकृतिक आपदा में फसल ऋण का पुनर्गठन होने पर पुनर्गठित ऋण पर पहले साल रियायती दर जारी रहती है — सरकार द्वारा घोषित गंभीर आपदा में पाँच साल तक, समय पर चुकाने की 3% छूट के साथ।
कोई आपदा गंभीर है या नहीं, यह अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल और राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की उप-समिति की सिफ़ारिश पर उच्च स्तरीय समिति तय करती है (पैरा 2(vi))। सामान्य आपदा में दूसरे साल से पुनर्गठित ऋण पर सामान्य ब्याज लगता है (पैरा 2(v))।
“(v) To provide relief to farmers affected by natural calamities, the applicable rate of interest subvention for that year will be made available to banks for the first year on the restructured loan amount. … (vi) However, to provide relief to farmers affected due to severe natural calamities, the applicable rate of interest subvention for that year will be made available to banks for first three years/entire period (subject to a maximum of five years) on the restructured loan amount. Further, in all such cases, the benefit of prompt repayment incentive @3% per annum shall also be provided to the affected farmers.”सरकार आपके ₹2 करोड़ तक के ऋण पर ब्याज का 3% प्रति वर्ष, अधिकतम 7 वर्ष तक देती है।
₹2 करोड़ तक के ऋण पर सीजीटीएमएसई के तहत ऋण गारंटी भी मिलती है, जिसका शुल्क सरकार देती है; एफ़पीओ, एफ़पीओ योजना की गारंटी ले सकते हैं और फिर भी शुल्क की प्रतिपूर्ति पाते हैं (खंड 5, मद 2)। ₹2 करोड़ की सीमा प्रति स्थान है; किसान, कृषि उद्यमी या स्टार्ट-अप अधिकतम 25 ऐसी परियोजनाएँ ले सकते हैं (खंड 8)। चुकाने की अवधि अधिकतम 7 वर्ष, जिसमें 2 वर्ष तक की मोहलत शामिल है (खंड 4)।
“All loans under this financing facility will have interest subvention of 3% per annum up to a limit of ₹ 2 crore. This subvention will be available for a maximum period of 7 years. In case of loans beyond ₹ 2 crore, then interest subvention will be limited up to ₹ 2 crore.”₹2 करोड़ तक के आपके एआईएफ़ ऋण पर सीजीटीएमएसई की ऋण गारंटी मिल सकती है, और गारंटी शुल्क सरकार देती है।
दिशानिर्देश शुल्क की दर नहीं छापता, इसलिए हम कोई रुपये की राशि नहीं दिखाते। पात्र परियोजनाओं (खंड 6) में गोदाम और साइलो, कोल्ड स्टोर और कोल्ड चेन, पैकेजिंग, जाँच, छँटाई और ग्रेडिंग इकाइयाँ, पकाने के कक्ष, प्राथमिक और एकीकृत प्रसंस्करण, ई-मार्केटिंग और आपूर्ति शृंखला सेवाएँ, वर्मीकम्पोस्ट व अन्य जैविक आदान, संपीड़ित बायोगैस, बायो-स्टिमुलेंट, ड्रोन और सटीक खेती, नर्सरी, टिशू कल्चर, बीज प्रसंस्करण, कस्टम हायरिंग केंद्र (कम से कम 4 मशीनें), कंबाइन और गन्ना हार्वेस्टर, पीएम-कुसुम सोलर प्लांट और पंप, स्पिरुलिना, रेशम और शहद प्रसंस्करण, हाइड्रोपोनिक, मशरूम, वर्टिकल और एरोपोनिक खेती, और पॉलीहाउस/ग्रीनहाउस शामिल हैं। ट्रैक्टर और बिना ठंडक वाले परिवहन वाहन व्यक्तिगत किसानों के लिए पात्र नहीं (खंड 6, टिप्पणी 4)। किसी अन्य योजना (एमआईडीएच, पीएमएफ़एमई, एसएमएएम, पीएमकेएसवाई, पीएम-कुसुम…) की पूँजीगत सब्सिडी साथ ली जा सकती है और आपके अंशदान में गिनी जाती है, पर कम से कम 10% आपका अपना होना चाहिए (खंड 13)।
“Credit guarantee coverage will be available for eligible borrowers from this financing facility under Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises (CGTMSE) scheme for a loan up to ₹ 2 crore. The fee for this coverage will be paid by the Government. In case of FPOs the credit guarantee may be availed from the facility created under FPO promotion scheme of DA&FW and NABSanrakshan Trustee Company Pvt. Ltd. However, FPOs are also eligible for reimbursement of credit guarantee fee under AIF.”ऋण के ब्याज में 3% प्रति वर्ष की छूट, अधिकतम 8 वर्ष।
दर का स्रोत: 1.04.2024 के बाद की स्वीकृतियों के लिए 3% डीएएचडी के 5वें परिशिष्ट (26.03.2024, धारा h) 9.1.2) से है; नए दिशानिर्देश 3.0 (धारा 9) 3% केवल 31.03.2023 से पहले की स्वीकृतियों के लिए छापते हैं और नई पर चुप हैं — मौजूदा दर ऋणदाता से पक्की करें। डेयरी सहकारी समितियाँ भी पात्र हैं (धारा 4(f))। छूट विभाग आपके ऋणदाता को देता है, 2 साल की मोहलत समेत 8 साल तक (दिशानिर्देश 3.0, धारा 13.2), और तभी जब खाता एनपीए न हो (धारा 9.3.3)। ज़मीन, कार्यशील पूँजी, पूर्व-परिचालन ख़र्च, निर्माण अवधि का ब्याज, पुरानी संरचना, पुरानी मशीन या निजी वाहन के ऋण पर नहीं (धारा 8.3)। यहाँ दिखाई राशि पूरे ऋण का 3% है; ऋण चुकाने के साथ यह घटती है। एमएसएमई और डेयरी सहकारी समितियों को ऋण सुविधा के 25% तक ऋण गारंटी भी मिल सकती है (धारा 10.1.3–10.1.4)। उसी परियोजना पर किसी दूसरी केंद्र या राज्य योजना से ब्याज छूट नहीं ली जा सकती (धारा 14)।
“Henceforth new sanction made after 1.04.2024 will avail 3% Interest Subvention under the new realigned AHIDF Scheme.”परियोजना लागत का 36% (महिला, अनुसूचित जाति/जनजाति और पूर्वोत्तर व पहाड़ी राज्यों के लिए 44%), ₹20 लाख तक की परियोजना पर।
सब्सिडी एक व्यक्ति के लिए अधिकतम ₹20 लाख की कुल वित्तीय लागत पर गिनी जाती है (“असाधारण रूप से सफल” उद्यम के लिए ₹25 लाख, पैरा 5.2.2; 5 या अधिक के समूह के लिए ₹100 लाख तक), और कभी भी ऋण राशि से ज़्यादा नहीं हो सकती (पैरा 6.3.1)। यह बैक-एंडेड है: बैंक के पास रहती है और ऋण में समायोजित होती है। पहाड़ी राज्य: प्रशिक्षण वाले पैरा (4.4.1) में लद्दाख भी है, पर सब्सिडी दावा प्रारूप में केवल जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड हैं, इसलिए लद्दाख में 44% केवल महिला/अनुसूचित जाति/जनजाति श्रेणी से मिलेगा। दस्तावेज़ पूर्वोत्तर राज्यों के नाम नहीं गिनाता; हमने पूर्वोत्तर क्षेत्र के आठ राज्य लिए हैं।
“It will be 44% of project cost or Total Financial Outlay (TFO) for women, SC/ST/ PwP & all categories of candidates from NE and Hill states and 36% of total project cost or TFO for all others.”45 दिन का कृषि-उद्यमी प्रशिक्षण, जिसका खर्च योजना उठाती है।
21 से 60 वर्ष के ऐसे उम्मीदवार जिनके पास कृषि या संबद्ध विषय में डिग्री, 3 साल का डिप्लोमा या स्नातकोत्तर डिप्लोमा हो, और योग्यता के बाद कम से कम एक साल का अंतर हो। सेवारत व्यक्ति और पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त व्यक्ति सब्सिडी के पात्र नहीं हैं (पैरा 3)।
“The scheme covers full financial support for training and hand holding, provision of loan and credit linked back ended composite subsidy as per the details given in the following section.”सदस्यों की अपनी शेयर राशि के बराबर अनुदान — प्रति किसान सदस्य ₹2,000 तक, प्रति एफ़पीओ अधिकतम ₹15 लाख — एफ़पीओ को मिलता है, जो उतने ही मूल्य के अतिरिक्त शेयर सदस्यों को देता है।
यह बराबरी (मैचिंग) अनुदान है: जिस सदस्य ने ₹2,000 से कम लगाया है, उसे उतना ही मिलेगा जितनी उसकी अपनी शेयर राशि है। कई एफ़पीओ का सदस्य होने पर भी किसान को यह एक ही बार मिलता है (धारा 11.3(vi))। एफ़पीओ को 45 दिन में अतिरिक्त शेयर जारी करने होते हैं (धारा 11.4(i)), और अनुदान किस्तों में लिया जा सकता है।
“11.1 … Equity Grant shall be in the form of matching grant upto Rs. 2,000 per farmer member of FPO subject to maximum limit of Rs. 15.00 lakh fixed per FPO. … 11.4 (ii) Individual Shareholder – up to Rs 2,000/- per member.”एफ़पीओ को दिए बैंक ऋण की गारंटी मिलती है: ₹1 करोड़ तक के परियोजना ऋण का 85% (अधिकतम ₹85 लाख), या ₹1 से ₹2 करोड़ के ऋण का 75% (अधिकतम ₹150 लाख), ताकि बैंक बिना गिरवी के ऋण दे सके।
बैंक नाबार्ड या एनसीडीसी को 0.75% (₹1 करोड़ तक) या 0.85% (₹1–2 करोड़) तक गारंटी शुल्क देता है (धारा 12.9)। एक बैंक एक ही एफ़पीओ के लिए 5 साल में अधिकतम दो बार कवर ले सकता है (धारा 12.8(ii))।
“12.8 (i) The credit guarantee cover per FPO will be limited to the project loan of Rs. 2 crore. In case of project loan up to Rs. 1 crore, credit guarantee cover will be 85% of bankable project loan with ceiling of Rs. 85 lakh; while in case of project loan above Rs.1 crore and up to Rs. 2 crore, credit guarantee cover will be 75% of bankable project loan with a maximum ceiling of Rs. 150 lakh.”गठन से तीन साल में एफ़पीओ के संचालन ख़र्च के लिए ₹18 लाख तक (या असल ख़र्च, जो कम हो); जो एफ़पीओ समय पर उपयोग नहीं कर पाया, वह पाँच साल के भीतर कर सकता है।
यह सहायता केवल इस योजना में बने एफ़पीओ को मिलती है। दिशानिर्देशों के अनुसार इसमें सीईओ/मैनेजर का वेतन ₹25,000 प्रति माह तक, लेखाकार ₹10,000 प्रति माह तक, एकबारगी पंजीकरण ₹40,000 तक, कार्यालय किराया ₹48,000 प्रति वर्ष तक, आदि शामिल हैं (धारा 10.1, पृ. 19)।
“FPO Management Cost (modified guideline for cl. 10.0): Under the scheme, financial support to Farmer Producer Organization (FPO) @ upto maximum of Rs. 18 Lakh / FPO or actual, whichever is lesser is to be provided during three years from the year of formation. However, if any of the FPO promoted under 10K FPO scheme was unable to avail/ utilize Rs 18 Lakh within the period of three years (due to initial corona restrictions or any other reason); then the respective FPO to utilize the same within the period of five years from its formation, subject to overall ceiling of assistance of Rs 18 Lakhs per FPOs.”ग्रामीण क्षेत्र का डीएवाई-एनआरएलएम महिला स्वयं सहायता समूह ₹3 लाख तक के बैंक ऋण पर केवल 7% सालाना ब्याज देता है; ₹3 लाख तक की बकाया राशि पर 4.5% सालाना सरकार बैंक को देती है।
सर्कुलर 4.5% की बैंक सब्सिडी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए छापता है; व्यय बजट 2026-27 (टिप्पणी मद 12, पृ.291) 2026-27 के लिए भी ₹3 लाख तक का ऋण 7% पर दोहराता है। यह तभी मिलती है जब ऋण खाता नियमित (स्टैंडर्ड) हो, एनपीए न हो (अनुलग्नक II(iv))।
“ii. For loans up to ₹3 lakh under the scheme, banks will extend credit at a concessional interest rate of 7% per annum. For outstanding credit balance up to ₹3 lakh, banks will be subvented at a uniform rate of 4.5% per annum during FY 2025-26.”₹3 लाख से ऊपर और ₹5 लाख तक के समूह ऋण पर बैंक अपनी 1-वर्षीय एमसीएलआर (या बाहरी बेंचमार्क दर) या 10% सालाना, जो भी कम हो, उससे ज़्यादा ब्याज नहीं लेता।
“iii. For loans above ₹3 lakh and up to ₹5 lakh under the scheme, banks will extend credit at interest rate equivalent to their 1 year-MCLR or any other external benchmark-based lending rate or 10% per annum, whichever is lower. For outstanding credit balance above ₹3 lakh and up to ₹5 lakh, banks will be subvented at a uniform rate of 5% per annum during FY 2025-26.”डीएवाई-एनआरएलएम समूह की महिला सदस्य जो अपने उद्यम के लिए व्यक्तिगत बैंक ऋण लेकर समय पर चुकाती है, उसे ₹1.5 लाख तक की राशि पर 2% सालाना ब्याज छूट, अधिकतम 3 साल, जीवन में एक बार मिलती है।
केवल ग्रामीण क्षेत्र के डीएवाई-एनआरएलएम समूहों की महिला सदस्यों के लिए, ऐसे उद्यम ऋण पर जिसका ब्याज 1-वर्षीय एमसीएलआर + 3% या 14% सालाना से ज़्यादा न हो (2(i), (iii)); एक व्यक्ति को केवल एक बार (2(ii))।
“(viii) Lending Institutions can claim interest subvention of 2% per annum on maximum outstanding loan of ₹1.5 lakh per borrower for a maximum tenure of 3 years. In case of loan outstanding amount exceeding ₹1.5 lakh, interest subvention will be limited to the ceiling of ₹1.5 lakh only.”सहकारी समिति के एनसीडीसी आवधिक ऋण पर ब्याज एनसीडीसी की सामान्य दर से 2% प्रति वर्ष कम लगता है, जब तक हर किस्त समय पर चुकाई जाए।
ऋण 5 वर्ष तक का है, जिसमें मूलधन पर 2 वर्ष की छूट (स्थगन) शामिल है। दस्तावेज़ परियोजना लागत की सीमा (₹3 करोड़, या एक वर्ष से कम पुरानी समिति के लिए ₹1 करोड़) तय करता है, ऋण की नहीं; श्रेणी क (पूर्वोत्तर की कोई भी समिति, नीति आयोग के आकांक्षी ज़िलों की समितियाँ, और 100% महिला/अनुसूचित जाति/जनजाति/दिव्यांग सदस्यों वाली समितियाँ) में ऋण लागत का 80% और बाकी (श्रेणी ख) में 70% है।
“ब्याज की दर: रा.स.वि.नि. परिपत्र के अनुसार समय-समय पर ब्याज दरों को संशोधित किया जाता है। प्रोत्साहन के रूप में, रा.स.वि.नि. परियोजना गतिविधियों के लिए अपनी सामान्य ब्याज दर से 2% कम ब्याज दर पर आवधिक ऋण प्रदान करता है । ब्याज प्रोत्साहन केवल समय पर पुनर्भुगतान की स्थिति में ही मान्य होगा ।”नई या नवाचारी गतिविधि के लिए महिला सहकारी समिति के एनसीडीसी आवधिक ऋण पर ब्याज एनसीडीसी की सामान्य दर से 2% प्रति वर्ष कम लगता है, अगर समय पर चुकाया जाए।
केवल महिला सहकारी समितियों या कम से कम 50% महिला सदस्यों वाली समितियों के लिए। ऋण 5–8 वर्ष का होता है, मूलधन पर 1–2 वर्ष की छूट (स्थगन) के साथ। अन्य सरकारी योजनाओं की ब्याज सहायता या सब्सिडी इसके साथ ली जा सकती है (योजना दस्तावेज़, पृ. 6)।
“ब्याज-दर : रा.स.वि.नि. परिपत्र के अनुसार समय-समय पर ब्याज दरों को संशोधित किया जाता है । समयानुसार पुनर्भुगतान के मामले में, नवीन एवं नवाचारी गतिविधियों हेतु आवधिक ऋण पर सामान्य ब्याज दर पर 2% ब्याज छूट सहायता प्रदान की जायेगी ।”अन्य किसी भी गतिविधि के लिए महिला सहकारी समिति के एनसीडीसी आवधिक ऋण पर ब्याज एनसीडीसी की सामान्य दर से 1% प्रति वर्ष कम लगता है, अगर समय पर चुकाया जाए।
“नवीन एवं नवाचारी गतिविधियों को छोड़कर सभी गतिविधियों हेतु आवधिक ऋण पर सामान्य ब्याज दर पर 1% ब्याज छूट सहायता प्रदान की जायेगी ।”दुग्ध महासंघ, संघ या मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी को बैंक कार्यशील पूँजी ऋण के ब्याज में 2% सालाना छूट मिलती है, साल में अधिकतम 12 महीने।
24 अप्रैल 2026 की स्वीकृति ने इसे केवल “30 सितंबर 2026 तक या 16वें वित्त आयोग चक्र के लिए योजना की स्वीकृति की तारीख़ तक, जो पहले हो” बढ़ाया था (पैरा 1)। 30 सितंबर 2026 के बाद का कोई आदेश हमें नहीं मिला (dahd.gov.in पर 7 अक्टूबर 2026 को जाँचा), इसलिए अभी यह चल रही है या नहीं, पता नहीं। कार्यशील पूँजी ऋण (घटक A) 2026-27 में स्थगित है (पैरा 3)।
“Under this provision, 2% per annum interest subvention on secured/unsecured working capital loan shall be provided. … Eligible Organizations: Producers’ Owned Institutions such as Milk Federations, Milk unions, Farmer owned/ Milk Producer Companies will be considered for providing financial assistance under the proposed scheme.”अगर हर किस्त और ब्याज नियत तारीख़ के 30 दिन के भीतर चुकाया जाए, तो संगठन को ऋण के अंत में 2% सालाना और मिलता है।
24 अप्रैल 2026 की स्वीकृति ने इसे केवल “30 सितंबर 2026 तक या 16वें वित्त आयोग चक्र के लिए योजना की स्वीकृति की तारीख़ तक, जो पहले हो” बढ़ाया था (पैरा 1)। 30 सितंबर 2026 के बाद का कोई आदेश हमें नहीं मिला (dahd.gov.in पर 7 अक्टूबर 2026 को जाँचा), इसलिए अभी यह चल रही है या नहीं, पता नहीं। कार्यशील पूँजी ऋण (घटक A) 2026-27 में स्थगित है (पैरा 3)।
“For prompt and timely repayment additional 2% interest subvention will be payable at the end of the loan repayment period.”डेयरी, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन या दूसरे संबद्ध या ग़ैर-कृषि कारोबार के लिए ₹20 लाख तक का बिना गिरवी ऋण; यह चुकाना होता है, सब्सिडी नहीं है।
मुद्रा ग़ैर-कॉर्पोरेट, ग़ैर-कृषि आय वाले कामों के लिए है: फसल की खेती इसमें नहीं आती (उसके लिए किसान क्रेडिट कार्ड लें), पर मुर्गी पालन, डेयरी और मधुमक्खी पालन जैसे संबद्ध काम आते हैं। योजना में ब्याज सब्सिडी नहीं है।
“Shishu: covering loans upto Rs. 50,000/- Kishor: covering loans above Rs. 50,000/- and up to Rs. 5 lakhs Tarun: covering loans above Rs.5 lakh and upto Rs.10 lakhs TarunPlus: covering loans above Rs.10lakh and upto Rs.20 lakhs Loans cover term financing and working capital needs across manufacturing, trading and service sectors, including activities allied to agriculture like poultry, dairy, and beekeeping, etc. The interest rate is governed by RBI guidelines, with flexible repayment terms.”लघु, सीमांत, महिला, एससी, एसटी या दिव्यांग किसान के गोदाम रसीद ऋण की ₹3 लाख तक 85% और ₹3 लाख से ₹75 लाख तक 80% गारंटी मिलती है, ताकि बैंक आसानी से ऋण दे; शुल्क 0.4% सालाना है।
यह कवर कृषि प्रयोजन के ₹75 लाख तक के ऋण पर है (कवरेज)। लघु और सीमांत किसानों को ऐसे ऋण पर छह महीने तक केसीसी ब्याज लाभ भी मिलता है (केसीसी ब्याज सहायता रिकॉर्ड देखें)। शुभारंभ नोट यह नहीं बताता कि 0.4% शुल्क आप देंगे या बैंक।
“Guarantee coverage 85% for loans up to Rs. 3L and 80% for loan between 3 to 75 lakhs for small and marginal farmers/women/SC/ST/PwD and 75% for other borrowers. … Guarantee Fee 0.4% p.a. for farmers and 1% p.a. for non-farmers”दूसरे किसान, एफ़पीओ, किसान सहकारी समितियाँ और छोटे व्यापारी भी गोदाम रसीद ऋण पर 75% गारंटी पाते हैं — कृषि प्रयोजन के लिए ₹75 लाख तक और अन्य के लिए ₹2 करोड़ तक।
“Eligible Borrowers Small and Marginal Farmer (SMF)/ Women/SC/ST/PwD Farmers, other farmers, MSMEs, Traders, FPOs and Farmer cooperatives. … Coverage Loans up to Rs. 75 lakhs for agricultural purpose and Loans up to Rs. 200 Lakhs for nonagricultural purpose. … and 75% for other borrowers.”मत्स्य पालन के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण को समय से चुकाने पर, ₹2 लाख तक के ऋण पर आपके द्वारा चुकाया गया 4% ब्याज कोष लौटा देता है, केवल एक बार।
यह केसीसी पर केंद्र के 3% समय पर भुगतान प्रोत्साहन के ऊपर है (प्रस्तर 4.1), जिससे ऋण ब्याज मुक्त हो जाता है। केवल मत्स्य पालन के केसीसी कार्यशील पूंजी ऋण पर, तालाब कम से कम 0.2 हेक्टेयर; डिफ़ॉल्टर या दूसरी ब्याज राहत/ऋणमाफ़ी पाने वाले पात्र नहीं (प्रस्तर 4.1, 4.4(3), 4.4(5))।
“मत्स्य पालक द्वारा बैंक को समय से भुगतान किए जाने पर क्रेडिट कार्ड ऋण की धनराशि के सापेक्ष लाभार्थी द्वारा ब्याज की भुगतान की गई 4% धनराशि को उ0 प्र0 मत्स्य पालक कल्याण कोष से ब्याज पर आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किया जा सकेगा। … 4.4(2) योजना का लाभ लाभार्थी को केवल एक बार एवं अधिकतम ऋण सीमा रू० 2.00 लाख तक पर ही प्राप्त होगा”समय पर चुकाने पर ₹3 लाख तक के अल्पकालिक फ़सल ऋण के ब्याज में 4% सालाना की छूट।
केवल समय पर कर्ज़ चुकाने वाले किसानों के लिए — डिफ़ॉल्टर किसानों का दावा बैंक आगे नहीं भेजता (“Rate of interest and subsidy”)। जिन किसानों को भारत सरकार की ब्याज छूट मिलती है, वे भी पात्र हैं। खेती और पशुपालन करने वाले किसानों के लिए कृषि कार्ड ज़रूरी है; केसीसी धारक भी शामिल हैं। कर्ज़ अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक, गोवा राज्य सहकारी बैंक या प्राथमिक कृषि सहकारी समिति से होना चाहिए जिसने कृषि निदेशालय के साथ सहमति दी हो। अधिसूचना में सीमा “₹3 लाख तक का फ़सल ऋण” / “₹5 लाख तक का सावधि ऋण” लिखी है — इससे बड़ा कर्ज़ शायद पात्र ही न हो; अपने बैंक से पूछें।
“Short term crop loan upto Rs. 3.0 lakhs is eligible for Interest subsidy. … The Government of Goa will provide interest subsidy of 4% to those farmers who repay their loans promptly.”समय पर चुकाने पर ₹5 लाख तक के कृषि सावधि ऋण (भूमि सुधार, बाड़ आदि) के ब्याज में 4% सालाना की छूट, अधिकतम 5 साल।
केवल समय पर कर्ज़ चुकाने वाले किसानों के लिए — डिफ़ॉल्टर किसानों का दावा बैंक आगे नहीं भेजता (“Rate of interest and subsidy”)। जिन किसानों को भारत सरकार की ब्याज छूट मिलती है, वे भी पात्र हैं। खेती और पशुपालन करने वाले किसानों के लिए कृषि कार्ड ज़रूरी है; केसीसी धारक भी शामिल हैं। कर्ज़ अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक, गोवा राज्य सहकारी बैंक या प्राथमिक कृषि सहकारी समिति से होना चाहिए जिसने कृषि निदेशालय के साथ सहमति दी हो। अधिसूचना में सीमा “₹3 लाख तक का फ़सल ऋण” / “₹5 लाख तक का सावधि ऋण” लिखी है — इससे बड़ा कर्ज़ शायद पात्र ही न हो; अपने बैंक से पूछें।
“Agriculture Term loan upto Rs. 5.00 lakhs. … The tenure of the loan shall be maximum five years. … The Government of Goa will provide interest subsidy of 4% to those farmers who repay their loans promptly.”₹3 लाख तक के फ़सल ऋण और केसीसी सीमा के ब्याज का 4% सालाना राज्य सरकार देती है, केंद्र की छूट के ऊपर।
बारहमासी खाद्य या बागान फ़सलों के लिए नहीं (धारा 5)। अधिसूचना “चालू वित्तीय वर्ष” (2017-18) में मंज़ूर ऋणों की बात करती है और पहले साल 7,500 किसानों का लक्ष्य रखती है (धारा 8); इसे आगे बढ़ाने वाला कोई बाद का आदेश हमें नहीं मिला, इसलिए अपने बैंक से पूछ लें।
“The Government of Arunachal Pradesh would provide interest subvention of 4% on crop loan / Kisan Credit Card limit upto Rs.3.00 lakhs sanctioned by all banks to all farmers of the State during the current financial year. This interest subvention will be over and above the subvention given by Govt of India to banks and the farmers as per policy circular issued by RBI/NABARD”₹50 लाख तक के बैंक ऋण का पूरा ब्याज (केंद्र की ब्याज सहायता के बाद) राज्य लौटाता है, अगर आप समय पर चुकाएँ; राज्य के ख़र्च पर ऋण गारंटी से ऋण बिना गिरवी के मिलता है।
यह केवल “टारगेटेड प्रोग्रेस पार्टनर” को मिलता है: वे व्यक्ति या समूह जिनकी परियोजना किसी विभाग की नोडल समिति सिफ़ारिश करे और शीर्ष निकाय (मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मिज़ोरम राज्य नीति समन्वय समिति) योग्यता और उपलब्ध धन के आधार पर चुने (धारा 2.2.1, 6.2, 7(4))। किसान कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, मत्स्य, रेशम और दूसरे लागू करने वाले विभागों के ज़रिए आते हैं (धारा 4.2)। आवेदन करने से सहायता पक्की नहीं होती (फ़ॉर्म-1 का घोषणा-पत्र)। ऋण स्वयं पीएमईजीपी, मुद्रा या केसीसी जैसी किसी केंद्रीय योजना से मिलता है (धारा 3.2.1(4)); जो “जनरल प्रोग्रेस पार्टनर” चुने नहीं गए, वे ये ऋण ले सकते हैं पर उन्हें ब्याज वापसी या गारंटी नहीं मिलती (धारा 2.2.2)। 2026-27 के बजट भाषण (पैरा 11) के अनुसार पहली छमाही ब्याज सहायता जारी हो चुकी है।
“Full interest subvention on interest payable on bank loans of up to Rs. 50 lakhs through reimbursement of interest to Progress Partners over and above interest subvention claimable from the Central Government under the loan scheme, as incentive for prompt repayment.”राज्य आपके अल्पकालीन केसीसी फ़सल ऋण पर हर साल 4% ब्याज भरता है, केंद्र के 3% के ऊपर — इसलिए समय पर चुकाने वाला कुछ नहीं देता।
दस्तावेज़ के अनुसार केसीसी अल्पकालीन ऋण पर ब्याज 7% है, समय पर चुकाने पर केंद्र 3% देता है और बचा 4% राज्य देता है — “यानी किसानों पर ब्याज का बोझ पूरी तरह माफ़ है”। इसमें ऋण की कोई सीमा नहीं छपी; 3% वाले हिस्से पर केंद्र की अपनी ब्याज-छूट सीमा लागू होती है।
“On timely repayment of loan, a rebate of 3 percent is granted by the Central Government, therefore resulting in a 4 percent interest burden on farmers. In such cases, keeping in view the wider interests of the farmers of the state, the department has granted rebate of the remaining 4 percent in the payment of agricultural loans on short-term agricultural loans being given to farmers from banks/cooperative banks for agricultural work.”केसीसी फसल ऋण समय पर चुकाने पर मेघालय सरकार ब्याज का 4% सालाना देती है, केंद्र की 3% छूट के ऊपर।
एफ़एक्यू अपनी कोई ऋण सीमा नहीं छापता। राज्य की 4% छूट केवल उन ऋणधारकों को है जिन्हें केंद्र की 3% समय पर चुकाने वाली छूट मिली है, इसलिए व्यवहार में यह उसी केंद्रीय योजना की ऋण सीमा के साथ चलती है। 2026-27 के बजट भाषण के अनुसार समय पर चुकाने वालों को इस छूट से बिना ब्याज का ऋण मिलता है (पैरा 3.1.1)।
“Extending 4% Interest Subvention to Standard/ Regular KCC Borrowers on crop loans. … The Prompt Repayment Incentive (PRI) @ 4 % percent subvention scheme by State Government will be applied only for Prompt Repayment KCC borrowers who have benefitted the 3% Interest Subvention from the Government of India as endorsed by the banks.”फसल ऋण समय पर चुकाने पर ₹3 लाख तक के ऋण के ब्याज का 4% सालाना राज्य सरकार देती है।
₹3 लाख की सीमा पूरे साल के लिए कुल है: पशुपालन या मत्स्य के लिए ₹2 लाख तक का ऋण भी हो तो कुल ₹3 लाख तक का बाकी फसल ऋण ही गिना जाता है (शर्त (अ)(10))। राज्य की यह राहत केंद्र की 3% समय पर चुकाने वाली छूट से अलग है; संकल्प उन्हीं बैंकों का नाम लेता है जो केंद्र या नाबार्ड की 7% या कम ब्याज वाली योजना चलाते हैं, इसलिए दोनों साथ मिलती हैं।
“(૩) આ યોજનાની શરત નં.-૨ માં દર્શાવેલ બેંકો/સંસ્થાઓ દ્વારા પાક ધિરાણ મેળવતા તથા નાબાર્ડની PROMPT-PAYING SCHEME અંતર્ગત સમયસર પરત ભરપાઈ કરતા ખેડૂતોને તેઓના પાક ધિરાણ પર રૂ.૩.૦૦ લાખ સુધીના ધિરાણ માટે ૪% ના દરે વ્યાજ રાહતની રકમ રાજ્ય સરકાર દ્વારા પુરી પાડવામાં આવશે.”ऋण का पूरा ब्याज (बैंक दर, अधिकतम 12% सालाना) नाबार्ड इकाई लागत और ऋण में से कम राशि पर, चुकने तक या 5 साल।
राज्य बैंक की दर भरता है, इसलिए बैंक 12% से कम ले तो वही कम दर मिलेगी; गिने जाने वाले ऋण की सीमा तय करने वाली नाबार्ड इकाई लागत संकल्प में नहीं छपी। देसी नस्ल को प्राथमिकता; संकर गाय राज्य की पशु-प्रजनन नीति के अनुसार। इकाई 5 साल रखें, मरे पशु की जगह अपने ख़र्च से नया लें (शर्त 8, 11)। यह ऋण चुकने तक दूसरी इकाई नहीं (शर्त 12)।
“નાબાર્ડ દ્વારા નક્કી થયેલ પશુ એકમની કિંમત અથવા બેંક પશુખરીદી કરવા એકમદીઠ ધિરાણ બંનેમાંથી જે ઓછુ હોય, તેના ઉપર બેંક દ્વારા નક્કી કરેલ ધિરાણનો દર અથવા ૧૨% બંનેમાથી જે ઓછુ હોય તે ચુકવવાનુ રહેશે.”पशु ख़रीद के ऋण पर 7.5% सालाना ब्याज सहायता, 5 साल।
अनुसूचित जाति, जनजाति और किसी भी जाति की महिलाओं को इसकी जगह 8.5% (अगला नियम)। गिना जाने वाला ऋण नाबार्ड इकाई लागत तक सीमित है, जो संकल्प में नहीं छपी। जीवन में एक बार, परिवार का एक वयस्क; स्वयं सहायता समूह भी आवेदन कर सकते हैं; अपनी, वारिसी या 7 साल के पट्टे की ज़मीन; केवल नई ख़रीद और नया निर्माण (मरम्मत नहीं)। पशु ख़रीद, शेड और बीमा अनिवार्य घटक हैं; चाफ़-कटर, फ़ॉगर और दूध मशीन वैकल्पिक (शर्त 1–6, 19)। ब्याज सहायता केवल 2026-27 में लिए ऋण पर, और जिस छमाही में तीन या ज़्यादा किस्तें छूटें उसकी नहीं मिलती (शर्त 7, 20)।
“પશુ ખરીદી માટે બેંક દ્વારા કરેલ ધિરાણ અથવા નાબાર્ડ દ્વારા નિયત થયેલ યુનિટ કોસ્ટ બંનેમાંથી જે ઓછી રકમ હોય તેના પર ૭.૫ % વ્યાજ સહાય ૫ (પાંચ) વર્ષ સુધી મળવાપાત્ર થશે.”अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाएँ: पशु ख़रीद के ऋण पर 8.5% सालाना ब्याज सहायता, 5 साल।
जीवन में एक बार, परिवार का एक वयस्क; स्वयं सहायता समूह भी आवेदन कर सकते हैं; अपनी, वारिसी या 7 साल के पट्टे की ज़मीन; केवल नई ख़रीद और नया निर्माण (मरम्मत नहीं)। पशु ख़रीद, शेड और बीमा अनिवार्य घटक हैं; चाफ़-कटर, फ़ॉगर और दूध मशीन वैकल्पिक (शर्त 1–6, 19)। ब्याज सहायता केवल 2026-27 में लिए ऋण पर, और जिस छमाही में तीन या ज़्यादा किस्तें छूटें उसकी नहीं मिलती (शर्त 7, 20)।
“અનુસુચિત જાતિ, અનુસુચિત જન-જાતિના લાભાર્થી તેમજ કોઇપણ જાતિના મહિલા લાભાર્થીને એક ટકા વધારે એટલે કે ૮.૫% વ્યાજ સહાય ૫ (પાંચ) વર્ષ સુધી મળવાપાત્ર થશે.”गीर और कांकरेज गाय: ख़रीद ऋण पर 12% सालाना तक ब्याज सहायता, 5 साल।
“12% तक” — संकल्प यह नहीं कहता कि यह बैंक दर तक सीमित है, इसलिए हम केवल ऊपरी सीमा दिखाते हैं। जब 12 पशु गीर या कांकरेज गाय हों, तब 7.5%/8.5% की जगह लागू।
“ગીર અને કાંકરેજ ગાયની ખરીદી માટે બેંક દ્વારા કરેલ ધિરાણ અથવા નાબાર્ડ દ્વારા નિયત થયેલ યુનિટ કોસ્ટ બંનેમાંથી જે ઓછી રકમ હોય તેના પર મહત્તમ ૧૨% લેખે વ્યાજ સહાય ૫ (પાંચ) વર્ષ સુધી મળવાપાત્ર થશે.”गाय ख़रीद के ऋण पर 7.5% सालाना ब्याज सहायता, 5 साल।
जीवन में एक बार, परिवार का एक वयस्क; स्वयं सहायता समूह भी; केवल नई ख़रीद और नया निर्माण (शर्त 1, 4, 5)। गिना जाने वाला ऋण नाबार्ड इकाई लागत तक सीमित है, जो संकल्प में नहीं छपी।
“પશુ ખરીદી માટે બેંક દ્વારા કરેલ ધિરાણ અથવા નાબાર્ડ દ્વારા નિયત થયેલ યુનિટ કોસ્ટ બંનેમાંથી જે ઓછી રકમ હોય તેના પર ૭.૫% વ્યાજ સહાય ૫ (પાંચ) વર્ષ સુધી મળવાપાત્ર થશે.”बैंक ऋण (इकाई लागत के 75% तक) पर 5% सालाना ब्याज की वापसी, अधिकतम ₹25,000 प्रति वर्ष, 7 वर्ष तक।
ऋण ₹7,50,000 (₹10 लाख की अधिकतम परियोजना का 75%) तक गिना जाता है। 5% से ऊपर का ब्याज आपको भरना होगा।
“इकाई लागत के 75 प्रतिशत पर या हितग्राही द्वारा बैंक से प्राप्त ऋण पर जो भी कम हो 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से (अधिकतम रू. 25,000 प्रतिवर्ष) ब्याज की प्रतिपूर्ति 7 वर्षों तक विभाग द्वारा की जाएगी।”उपज के बदले 6 महीने का ऋण — ₹2,00,000 या उपज के मूल्य का 60% (जो कम हो), पहले महीने बिना ब्याज, भंडारण बीमा मंडी समिति देती है।
प्रकटीकरण में पहले महीने के बाद की ब्याज दर नहीं छपी; उपज गिरवी रखने से पहले मंडी समिति से पूछें।
“ಈ ಯೋಜನೆಯಡಿ ರೈತರಿಗೆ ಅವರ ಉತ್ಪನ್ನಗಳ ಆಧಾರದ ಮೇಲೆ ಅಲ್ಪಾವಧಿ (6 ತಿಂಗಳ ಅವಧಿಗೆ) ಸಾಲವನ್ನು ನೀಡಲಾಗುತ್ತದೆ. ಸಾಲದ ಗರಿಷ್ಠ ಮೊತ್ತ ರೂ.2,00,000-00 ಅಥವಾ ಉತ್ಪನ್ನದ ಮೌಲ್ಯದ ಶೇ.60ರಷ್ಟು ಇದರಲ್ಲಿ ಯಾವುದು ಕಡಿಮೆಯೋ ಅಷ್ಟು. ಸಾಲ ನೀಡಿದ ಮೊದಲ ತಿಂಗಳಿಗೆ ಯಾವುದೇ ಬಡ್ಡಿಯನ್ನು ವಿಧಿಸಲಾಗುವುದಿಲ್ಲ. ಈ ಯೋಜನೆಯಡಿ ಉತ್ಪನ್ನಗಳ ದಾಸ್ತಾನು ಇಡಲು ಆಗುವಂತಹ ವಿಮೆ ಹಾಗೂ ಇನ್ನಿತರೆ ವೆಚ್ಚಗಳನ್ನು ಮಾರುಕಟ್ಟೆ ಸಮಿತಿಯೇ ಭರಿಸುತ್ತದೆ.”