निजी, मुफ़्त मार्गदर्शिका — सरकारी वेबसाइट नहीं। आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर करें।

योजना चालू है

मत्स्य विपणन योजना, झारखंड

चालू होने का आधार: मत्स्य विपणन योजना स्वीकृति 2026-27 (राज्यादेश 05, 25.05.2026) (25 मई 2026, Para 1 — राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026–27 में राज्य योजना के मत्स्य विपणन योजना के तहत् … योजना एवं व्यय की स्वीकृति प्रदान की जाती है)

Jharkhand fish marketing scheme · मत्स्य निदेशालय, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (मत्स्य प्रभाग), झारखण्ड सरकार · राज्य योजना

मछली विक्रेताओं को ₹15,000 की मछली बिक्री किट पर 95% (अधिकतम ₹14,250); मत्स्यजीवी सहयोग समितियों और उनके सदस्यों को मछली या मत्स्य बीज ढोने के चार पहिया भारवाहक वैन पर 60%, अधिकतम ₹4.80 लाख।

मुख्य लाभ
95%लागत का, अधिकतम
घटक
3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
कौन ले सकता है
8तरह के आवेदक
अंतिम तिथि
मौसमी“कब आवेदन करें” देखें

क्या मिलता है

95%लागत का, अधिकतम

सड़क किनारे, चौक या हाट में मछली बेचने वाले खुदरा विक्रेता को ₹15,000 की मछली बिक्री किट पर 95% — अधिकतम ₹14,250।

स्रोत मत्स्य विपणन योजना स्वीकृति 2026-27 (राज्यादेश 05, 25.05.2026) · धारा Para 5 · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

जिसे अनुदानित वैन मिली है उसे नहीं (कंडिका 9)। 2026-27 में महिलाओं को प्राथमिकता।

“एक मछली बिक्री किट की इकाई लागत मो0 15,000/– रू0 मात्र आकलित की गई है … निर्धारित स्पेशिफिकेशन के एक मछली बिक्री किट हेतु खुदरा मत्स्य विक्रेताओं को विभागीय अनुदान 95 प्रतिशत अथवा अधिकतम् मो0 14,250/– रू0 (दोनों में से जो कम हो) दिया जायेगा।”
60%लागत का, अधिकतम

मछली या मत्स्य बीज ढोने वाली मत्स्यजीवी सहयोग समिति या उसके सदस्य को चार पहिया भारवाहक वैन पर 60%, अधिकतम ₹4,80,000।

स्रोत मत्स्य विपणन योजना स्वीकृति 2026-27 (राज्यादेश 05, 25.05.2026) · धारा Para 3 · पृ. 1 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

कम-से-कम ₹8 लाख की वैन के लिए आवेदन हो और आप मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य हों; निबंधन और बीमा का ख़र्च आपका (कंडिका 3, 8.1)।

“मछलियों तथा मछलियों के बीज परिवहन हेतु मत्स्यजीवी सहयोग समितियों अथवा उनके सदस्यों को अनुदान पर चार पहिया भारवाहक वैन के लिए विभागीय अनुदान 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम् मो0 4.80 लाख रू0 (दोनों में से जो कम हो) दिया जायेगा।”
₹1,00,000 तकके उपकरण

शहर में एक्वेरियम या रंगीन मछली की दुकान खोलने वाले प्रशिक्षित व्यक्ति को ₹1,00,000 तक के उपकरण (2026-27 में राज्य में 13 दुकानें)।

स्रोत मत्स्य विपणन योजना स्वीकृति 2026-27 (राज्यादेश 05, 25.05.2026) · धारा Para 4; selection para 8.2 · पृ. 2–3 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

रंगीन मछली पालन में प्रशिक्षित महिलाओं को प्राथमिकता, उनमें दिव्यांग आवेदकों को सर्वोच्च (कंडिका 8.2)।

“शहरी क्षेत्रों में एक्वेरियम शॉप/रंगीन मछली दुकान सज्जा के लिए उपकरण हेतु अनुदान दिया जाएगा। सक्षम स्तर से चयनित लाभुकों को प्रति लाभुक अधिकतम मो0 1.00 लाख रू0 का उपकरणों के रुप में अनुदान कुल 13 लाभुकों के रंगीन मछली/एक्वेरियम बिक्री दुकान हेतु दिया जाएगा”

मुझे कितना मिल सकता है?

आँकड़ा देखने के लिए परियोजना लागत भरें।

स्रोत मत्स्य विपणन योजना स्वीकृति 2026-27 (राज्यादेश 05, 25.05.2026) · धारा Para 5 · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)

जिसे अनुदानित वैन मिली है उसे नहीं (कंडिका 9)। 2026-27 में महिलाओं को प्राथमिकता।

कौन आवेदन कर सकता है

  • अन्य किसान
  • लघु या सीमांत किसान
  • अनुसूचित जाति किसान
  • अनुसूचित जनजाति किसान
  • महिला किसान
  • भूमिहीन
  • सहकारी समिति
  • कृषि उद्यमी

ज़रूरी काग़ज़

  • प्रखंड मत्स्य प्रसार पदाधिकारी का लिखित प्रतिवेदन कि आप मछली बेचते हैं (या व्यापार करते हैं)
  • किट की ख़रीद का बिल; प्राथमिकता के लिए असैनिक शल्य चिकित्सक का दिव्यांगता प्रमाण पत्र

आवेदन कैसे करें

  1. ज़िला मत्स्य पदाधिकारी को आवेदन दें; ज़िला समिति लाभुक चुनती है और उपायुक्त सूची अनुमोदित करते हैं (कंडिका 7, 8.5)।
  2. किट के लिए प्रखंड मत्स्य प्रसार पदाधिकारी लिखित प्रमाण देंगे कि आप मछली बेचते हैं; किट ख़रीदकर बिल जमा करें, अनुदान डीबीटी से आएगा (कंडिका 8.3, 10(ख))।
  3. वैन के लिए चयन के एक महीने में अपना अंशदान एस्क्रो खाते में जमा करें; अनुदान और अंशदान एक साथ आपूर्तिकर्ता को दिए जाते हैं (कंडिका 10(क))।

आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।

कब आवेदन करें

2026-27 के लिए 25.05.2026 को स्वीकृत। अंतिम तिथि नहीं छपी है।

दूसरी योजनाओं के साथ

दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।