मंडी समितियों के ज़रिए किसानों को उपज गिरवी ऋण योजना (कर्नाटक कृषि विपणन विभाग)
चालू होने का आधार: कर्नाटक कृषि विपणन विभाग: आरटीआई 4(1)(b) स्वप्रेरित प्रकटीकरण 2025-26 (12 जून 2026) (12 जून 2026, Item 12 (RTI s.4(1)(b)(xii)), concession scheme 1 “ಅಡಮಾನ ಸಾಲ ಯೋಜನೆ”)
मंडी समितियाँ किसानों को उनकी रखी उपज के बदले 6 महीने का ऋण देती हैं — ₹2,00,000 या उपज के मूल्य का 60%, जो कम हो; पहले महीने कोई ब्याज नहीं; भंडारण का बीमा और अन्य ख़र्च समिति उठाती है।
- मुख्य लाभ
- ₹2,00,000 तकरखी उपज पर ऋण, पहला महीना बिना ब्याज
- घटक
- 1हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
उपज के बदले 6 महीने का ऋण — ₹2,00,000 या उपज के मूल्य का 60% (जो कम हो), पहले महीने बिना ब्याज, भंडारण बीमा मंडी समिति देती है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
प्रकटीकरण में पहले महीने के बाद की ब्याज दर नहीं छपी; उपज गिरवी रखने से पहले मंडी समिति से पूछें।
“ಈ ಯೋಜನೆಯಡಿ ರೈತರಿಗೆ ಅವರ ಉತ್ಪನ್ನಗಳ ಆಧಾರದ ಮೇಲೆ ಅಲ್ಪಾವಧಿ (6 ತಿಂಗಳ ಅವಧಿಗೆ) ಸಾಲವನ್ನು ನೀಡಲಾಗುತ್ತದೆ. ಸಾಲದ ಗರಿಷ್ಠ ಮೊತ್ತ ರೂ.2,00,000-00 ಅಥವಾ ಉತ್ಪನ್ನದ ಮೌಲ್ಯದ ಶೇ.60ರಷ್ಟು ಇದರಲ್ಲಿ ಯಾವುದು ಕಡಿಮೆಯೋ ಅಷ್ಟು. ಸಾಲ ನೀಡಿದ ಮೊದಲ ತಿಂಗಳಿಗೆ ಯಾವುದೇ ಬಡ್ಡಿಯನ್ನು ವಿಧಿಸಲಾಗುವುದಿಲ್ಲ. ಈ ಯೋಜನೆಯಡಿ ಉತ್ಪನ್ನಗಳ ದಾಸ್ತಾನು ಇಡಲು ಆಗುವಂತಹ ವಿಮೆ ಹಾಗೂ ಇನ್ನಿತರೆ ವೆಚ್ಚಗಳನ್ನು ಮಾರುಕಟ್ಟೆ ಸಮಿತಿಯೇ ಭರಿಸುತ್ತದೆ.”मुझे कितना मिल सकता है?
₹2,00,000 या उपज मूल्य का 60% (जो कम हो) तक का 6 महीने का ऋण; पहले महीने ब्याज नहीं; भंडारण बीमा व अन्य ख़र्च मंडी समिति के।
प्रकटीकरण में पहले महीने के बाद की ब्याज दर नहीं छपी; उपज गिरवी रखने से पहले मंडी समिति से पूछें।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
आवेदन कैसे करें
- अपनी कृषि उपज मंडी समिति (APMC) के सचिव से संपर्क करें — योजना मंडी समितियाँ चलाती हैं (पृ.35)।
- समिति के बताए अनुसार उपज रखें; ऋण उसके मूल्य पर तय होता है (पृ.35)।
- ज़िले के कृषि विपणन उप/सहायक निदेशक भी जानकारी देते हैं (पृ.35)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।