बागवानी फ़सलों के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर — कर्नाटक का अतिरिक्त राज्य हिस्सा (2 हेक्टेयर तक 90%)
बजट में राशि: कर्नाटक बजट 2026-27, व्यय खंड 3 (मार्च 2026, Head 2401-00-108-2-59 “State Additional Topup for CSS PMKSY (Horticulture)” — HOA Total, Budget Estimates 2026-27 ₹10,000.00 lakh (Subsidies ₹7,591.00 lakh))
केंद्र की पीएम-आरकेवीवाई-पीडीएमसी हिस्सेदारी के ऊपर कर्नाटक 35% अतिरिक्त देता है, ताकि हर बागवानी किसान को पहले 2 हेक्टेयर तक ड्रिप या स्प्रिंकलर पर 90% अनुदान मिले; 2 से 5 हेक्टेयर पर सामान्य 45% मिलता है।
- मुख्य लाभ
- 90%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 6तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
बागवानी फ़सल उगाने वाले हर वर्ग के किसान को पहले 2 हेक्टेयर तक ड्रिप या स्प्रिंकलर की स्वीकृत लागत का 90%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
90% में से 33% केंद्र का, 22% राज्य का अनिवार्य हिस्सा और 35% राज्य का अतिरिक्त टॉप-अप है (लेखा शीर्ष 2401-00-108-2-59 से)। इसका आदेश स.आ. सं. ತೋಇ 80 ತೋಯೋಕಾ 2025, दिनांक 02-05-2025 है। दिशानिर्देश 2025-26 के हैं; 2026-27 के बजट में टॉप-अप शीर्ष के लिए राशि रखी गई है।
“2.00 ಹೆಕ್ಟೇರ್ ವರೆಗಿನ ಸಹಾಯಧನ — ಎಲ್ಲಾ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ: ಕೇಂದ್ರ ಪಾಲು 33, ರಾಜ್ಯ ಪಾಲು ಕಡ್ಡಾಯವಾಗಿ ನೀಡಬೇಕಾದ ಪಾಲು 22, ಹೆಚ್ಚುವರಿ ಪಾಲು 35, ಒಟ್ಟು ರಾಜ್ಯ ಪಾಲು 57, ಒಟ್ಟು 90 (%). … 6) ಎಲ್ಲಾ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ ಮೊದಲ ಗರಿಷ್ಠ 2.00 ಹೆಕ್ಟೇರ್ವರೆಗೆ ಶೇ.90ರಷ್ಟು ಸಹಾಯಧನ ನೀಡಲು ಅವಕಾಶವಿರುತ್ತದೆ.”2 हेक्टेयर से ऊपर 5 हेक्टेयर तक के रकबे के लिए स्वीकृत लागत का 45% (सब्ज़ी और फूल: केवल 2 हेक्टेयर तक)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
“2.00 ಹೆಕ್ಟೇರ್ ಮೇಲ್ಪಟ್ಟು ಸಹಾಯಧನ [2.00 ಹೆಕ್ಟೇರ್ ಮೇಲ್ಪಟ್ಟು 5.00 ಹೆಕ್ಟೇರ್ವರೆಗೂ] — ಎಲ್ಲಾ ವರ್ಗದ ರೈತರಿಗೆ: ಕೇಂದ್ರ ಪಾಲು 27, ರಾಜ್ಯ ಪಾಲು 18, ಒಟ್ಟು 45 (%).”मुझे कितना मिल सकता है?
आपकी दर 90% पात्र लागत का
अनुदान आपकी फ़सल की दूरी और रकबे के लिए पीएम-आरकेवीवाई-पीडीएमसी की इकाई लागत का हिस्सा है, जो यह रिकॉर्ड दर्ज नहीं करता — अपनी प्रणाली की स्वीकृत लागत बागवानी कार्यालय से पूछें।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
ज़रूरी काग़ज़
- तय नमूने में आवेदन — फ़ॉर्म-1, HASIRU पर ऑनलाइन या कार्यालय से (मार्गदर्शिका VII.3(a), छपा पृष्ठ 6)
- पहणी (RTC) ज़मीन का रिकॉर्ड — FRUITS में पंजीकृत हैं तो वहीं से लिया जाता है, नक़ल नहीं चाहिए (VII.3(c))
- आधार कार्ड — FRUITS से लिया जाता है (VII.3(c))
- RD नंबर वाला जाति प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति/जनजाति किसानों के लिए — FRUITS से लिया जाता है (VII.3(c))
- बैंक खाता संख्या — FRUITS से ली जाती है (VII.3(c))
- अनापत्ति पत्र कि इस सर्वे नंबर पर कृषि या रेशम विभाग से सूक्ष्म सिंचाई अनुदान नहीं लिया — फ़ॉर्म-2 (VII.3(e))
- मिट्टी और पानी जाँच का प्रमाण पत्र — विभाग के जैविक केंद्र या सरकारी / सरकार से मान्य प्रयोगशाला से (VII.3(f))
- खेत की चौहद्दी (चक्कुबंदी) फ़ॉर्म-3 में — केवल उन गाँवों में जहाँ डिजिटल सर्वे नक़्शा नहीं है (VII.3(g))
- कंपनी के हस्ताक्षर और आपके सत्यापन वाला टैक्स इनवॉइस, तीन प्रतियों में (VII.6(4), छपा पृष्ठ 9)
- ₹100 के स्टांप पेपर पर घोषणा पत्र कि सिस्टम 5 साल चलाएँगे, रख-रखाव करेंगे, और न हटाएँगे न बेचेंगे — फ़ॉर्म-6 (VII.6(5))
- अगर आपने केवल अपना हिस्सा भरा है, तो बागवानी अधिकारियों के सामने हस्ताक्षर किया अनापत्ति प्रमाण पत्र — फ़ॉर्म-7 (VII.6(6))
- कंपनी के लेटरहेड पर काम पूरा होने का प्रमाण पत्र, आपके हस्ताक्षर के साथ — फ़ॉर्म-5 (छपा पृष्ठ 9)
आवेदन कैसे करें
- अपने नाम की ज़मीन के साथ तालुक बागवानी कार्यालय (रैता संपर्क केंद्र) में आवेदन करें; विभाग अपने हसिरु पोर्टल पर भी आवेदन लेता है (खंड VI, क्रम 1)।
- प्रणाली के लिए पानी का स्रोत और बिजली होनी चाहिए, और लगाने के बाद उस ज़मीन पर बागवानी फ़सल ही उगानी होगी (खंड VI, क्रम 3–4)।
- जिस खेत को सूक्ष्म सिंचाई अनुदान मिला है, उसे 7 साल बाद ही दोबारा मिलेगा; पहली बार आवेदन करने वालों को प्राथमिकता (खंड VI, क्रम 5)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।