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योजना चालू है

पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी और 1962 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयाँ सहित)

2026-27 के केंद्रीय बजट में राशि: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 (फ़र॰ 2026, Demand No. 44 (Department of Animal Husbandry and Dairying), item 7 Livestock Health and Disease Control Programme, BE 2026-27 ₹2010.00 crore; Notes item 7)

LHDCP · पशुपालन और डेयरी विभाग · केंद्रीय योजना, सभी राज्य

पशुओं के रोग नियंत्रण का ख़र्च सरकार उठाती है: खुरपका-मुँहपका (एफ़एमडी), ब्रुसेलोसिस, पीपीआर और स्वाइन फ़ीवर के टीके केंद्र ख़रीदता है और टीका लगाने वालों का मेहनताना देता है, और 1962 पर फ़ोन करने पर मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई आपके दरवाज़े आती है। किसान को नकद राशि नहीं मिलती, सिवाय उस मुआवज़े के जो बीमारी फैलने पर पशु या पक्षी मारे जाने पर दिया जाता है।

मुख्य लाभ
मुफ़्तहर छह महीने एफ़एमडी टीका और मादा बछियों को एक बार ब्रुसेलोसिस टीका; टीका, कान का टैग और टीका लगाने वाले का ख़र्च 100% केंद्र देता है
घटक
5हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
कौन ले सकता है
सभीआवेदक
अंतिम तिथि
कोई नहींकभी भी आवेदन

क्या मिलता है

मुफ़्तहर छह महीने एफ़एमडी टीका और मादा बछियों को एक बार ब्रुसेलोसिस टीका; टीका, कान का टैग और टीका लगाने वाले का ख़र्च 100% केंद्र देता है

आपकी गाय, भैंस, भेड़, बकरी और सूअर को हर छह महीने खुरपका-मुँहपका का टीका, और 4 से 8 महीने की मादा बछियों को एक बार ब्रुसेलोसिस का टीका लगता है; टीका, कान का टैग और टीका लगाने वाले का ख़र्च केंद्र देता है।

स्रोत एलएचडीसीपी परिचालन दिशानिर्देश (मई 2025) · धारा 2.1 Salient features; 2.2 (i), (ii), (v); 2.3 Funding pattern; 2.4.6 · पृ. 10–11, 13 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देशों में “निःशुल्क” शब्द नहीं छपा है; वे कहते हैं कि टीका केंद्र ख़रीदता है और टीका लगाने वाले को पूरा भुगतान केंद्र करता है। 4 महीने से छोटे बछड़े, बीमार पशु और अधिक गर्भ वाले पशु उस दौर में छोड़े जाते हैं (खंड 2.4.6); पहली बार टीका पाए बछड़ों को एक महीने बाद बूस्टर लगता है (खंड 2.2 ii)।

“2.1. Salient features — In this component Government of India, centrally procure and supply FMD and Brucellosis vaccines and ear tags to States & UTs after quality control testing to ensure uniform quality. In addition to above, 100% financial assistance is provided to States for the following: - • Procurement of Vaccination accessories • Providing remuneration to vaccinators for vaccination and ear tagging and uploading the data on Bhart Pashudhan Portal; … 2.3. Funding pattern — Under NADCP 100% funding (100:0 sharing pattern) from the central government is provided for conducting vaccination program against FMD and Brucellosis”
मुफ़्तभेड़-बकरियों को पीपीआर और सूअरों को स्वाइन फ़ीवर का टीका, 100% केंद्र के ख़र्च पर

आपकी भेड़-बकरियों (घुमंतू रेवड़ सहित) को पीपीआर और सूअरों को क्लासिकल स्वाइन फ़ीवर का टीका लगता है; टीका और टीका लगाने वाले का ख़र्च केंद्र देता है।

स्रोत एलएचडीसीपी परिचालन दिशानिर्देश (मई 2025) · धारा 3.1.2 Salient features; 3.1.3 Funding pattern; 3.1.4 (ii)–(iv) · पृ. 19–20 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

भेड़, बकरी और सूअर के झुंड का पंजीकरण भारत पशुधन पर झुंड पर एक कान टैग से होता है (खंड 2.4.5, 3.1.4 iv)।

“3.1.2. Salient features — Under this component Government of India, centrally procure and supply PPR and CSF vaccines and small animal ear tags to States & UTs after quality control testing to ensure uniform quality. … 3.1.3. Funding pattern — For CADCP 100% funding is provided by the Central Government. 3.1.4 … ii. Vaccine Administration: Under PPR-EP, entire sheep and goat population of India, including migrant flocks are vaccinated … iii. Under CSF, entire pig population is vaccinated by CSF vaccine”
मुफ़्त1962 पर फ़ोन करने पर मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई द्वारा घर पर पशु इलाज

1962 पर फ़ोन करें; कॉल सेंटर के पशु चिकित्सक को मामला ज़रूरी लगे तो पशु चिकित्सक, पैरा-वेट और दवाइयों वाली गाड़ी आपके घर आकर पशु का इलाज करती है।

स्रोत एलएचडीसीपी परिचालन दिशानिर्देश (मई 2025) · धारा 3.3.1 Objective; 3.3.2 (iv), (vi), (viii); 3.3.4 Service Delivery · पृ. 25–27 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

गाड़ी के लिए दवाइयाँ, सर्जिकल सामान और ईंधन सरकार देती है (खंड 3.3.2 v); दिशानिर्देशों में किसान से कोई शुल्क नहीं छपा है, इसलिए कॉल सेंटर से पूछें कि आपका राज्य कोई शुल्क लेता है या नहीं। इकाई तभी भेजी जाती है जब कॉल सेंटर का पशु चिकित्सक मामले को आपात मानता है (खंड 3.3.2 viii)।

“3.3.1. Objective — The main objective ESVHD-MVU is to deliver veterinary services at the farmers' at doorstep for emergency treatment of the animals on toll free phone calls from farmers. … Service Delivery: MVUs will provide veterinary services at farmers' doorsteps based on calls received on 1962 toll free number at a State/UT-level Call Centre.”
मुफ़्तबीमारी फैलने पर मारे गए पशु-पक्षियों और नष्ट दाना-अंडों का मुआवज़ा (केंद्र:राज्य 50:50; दर हर प्रकोप पर तय, छपी नहीं)

बर्ड फ़्लू, अफ़्रीकन स्वाइन फ़ीवर या ग्लैंडर्स रोकने के लिए आपकी मुर्गियाँ, सूअर या घोड़े मारे जाएँ, या मुर्गी दाना और अंडे नष्ट किए जाएँ, तो राज्य आपको मुआवज़ा देता है, जिसका आधा केंद्र देता है।

स्रोत एलएचडीसीपी परिचालन दिशानिर्देश (मई 2025) · धारा 3.2.3 Funding pattern (second bullet); 3.2.4 (b); Annexure-6 Payment for compensation to farmer for culling · पृ. 23, 45 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देशों में प्रति पक्षी या पशु कोई रुपया दर नहीं छपी है — अनुलग्नक-6 कहता है मुआवज़ा “माँग और रिपोर्ट जमा करने के अनुसार” दिया जाता है। मारने की कार्रवाई के बाद राज्य पशुपालन विभाग इसका भुगतान करता है।

“3.2.4 … b. … Assistance shall also be given for ring vaccination to inhibit the spread of the diseases (in cases of disease outbreaks) as well as towards payment of compensation to farmers for culling of poultry birds, elimination of infected animals, destruction of poultry feed /eggs, including operational costs. … Annexure-6: PAYMENT FOR COMPENSATION TO FARMER FOR CULLING (50:50) i ASF (African Swine Fever) ii AI (Avian Influenza) iii Glanders — Given as per demand & report submission in 50:50”
20% मार्जिन + ₹20,000 तकप्रति माह, पशु औषधि केंद्र को (नामित क्षेत्रों में एकमुश्त ₹1,50,000 अलग)

जो सहकारी समिति जेनेरिक पशु दवाइयाँ बेचने वाला पशु औषधि केंद्र खोले, उसे एमआरपी पर 20% मार्जिन और हर महीने ख़रीद पर ₹10,000 तक तथा स्टॉक रखने पर ₹10,000 तक प्रोत्साहन मिलता है; आकांक्षी ज़िलों और ब्लॉकों, हिमालयी, द्वीप और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में इसे खोलने के ख़र्च के लिए एकमुश्त ₹1,50,000 भी मिलते हैं।

स्रोत पशु औषधि केंद्र दिशानिर्देश (जुलाई 2025) · धारा 2. Eligibility Criteria; 3 (i)–(vi); 4. Margins and Incentives (i)–(iii) · पृ. 5–7 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

पीएम-किसान समृद्धि केंद्र भी आवेदन कर सकते हैं (खंड 2)। फ़ार्मासिस्ट (बी.फ़ार्म/डी.फ़ार्म), 120 वर्ग फ़ुट जगह और दवा बिक्री लाइसेंस ज़रूरी है; विशेष प्रोत्साहन वाले क्षेत्रों में ₹5,000 आवेदन शुल्क माफ़ है (खंड 3)। ₹1,50,000 मूल बिलों पर प्रतिपूर्ति है, वास्तविक ख़र्च तक; स्टॉक प्रोत्साहन पूरा तभी मिलता है जब तय दवाओं में से 80% या अधिक रखी जाएँ (खंड 4)।

“4. Margins and Incentives i. Operating Margin: Pashu Aushadhi Vikray Kendra operating agency will be provided 20% margin on MRP (Excluding taxes) of each drug. ii. Special Incentive: One time special incentive of 1.50 lakh shall be granted for Pashu Aushadhi Vikray Kendra opened Pashu Aushadhi Vikray Kendra at aspirational districts (backward district) or aspirational blocks as notified by the NITI Aayog & in Himalayan, Island territories and North-Eastern States. … restricted up to actual expenditure incurred. iii. Normal Incentive The incentive at the rate of 20% (10% purchase based and 10% stock based) will be provided to PAVK. … a. 10% incentive on purchase basis (up to max. of Rs. 10,000/-) … b. Remaining 10% incentive based on stock mandate (up to max. of Rs. 10,000/)”

मुझे कितना मिल सकता है?

हर छह महीने एफ़एमडी टीका और मादा बछियों को एक बार ब्रुसेलोसिस टीका; टीका, कान का टैग और टीका लगाने वाले का ख़र्च 100% केंद्र देता है

स्रोत एलएचडीसीपी परिचालन दिशानिर्देश (मई 2025) · धारा 2.1 Salient features; 2.2 (i), (ii), (v); 2.3 Funding pattern; 2.4.6 · पृ. 10–11, 13 · हमारी प्रति (PDF)

दिशानिर्देशों में “निःशुल्क” शब्द नहीं छपा है; वे कहते हैं कि टीका केंद्र ख़रीदता है और टीका लगाने वाले को पूरा भुगतान केंद्र करता है। 4 महीने से छोटे बछड़े, बीमार पशु और अधिक गर्भ वाले पशु उस दौर में छोड़े जाते हैं (खंड 2.4.6); पहली बार टीका पाए बछड़ों को एक महीने बाद बूस्टर लगता है (खंड 2.2 ii)।

कौन आवेदन कर सकता है

  • सभी आवेदक

ज़रूरी काग़ज़

  • टीकाकरण के लिए: भारत पशुधन पंजीकरण हेतु पशुपालक का नाम, पता, आधार नंबर और मोबाइल नंबर (खंड 2.4.5)।

आवेदन कैसे करें

  1. टीकाकरण आपके राज्य पशुपालन विभाग के गाँव-वार अभियान में होता है; गाँव का कार्यक्रम और टीका लगाने वाले का नाम एक महीने पहले जारी किया जाना है (खंड 2.4.4)।
  2. आधार और मोबाइल नंबर तैयार रखें: आपका और आपके पशु का पंजीकरण भारत पशुधन पोर्टल पर होता है और हर गाय-भैंस को कान का टैग लगता है, जिसकी पुष्टि आपके फ़ोन पर ओटीपी से होती है (खंड 2.4.5)।
  3. पशु बीमार हो तो टोल-फ़्री नंबर 1962 पर फ़ोन करें; कॉल सेंटर का पशु चिकित्सक तय करता है कि मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई भेजनी है या नहीं (खंड 3.3.2 viii, 3.3.4)।
  4. जो पीएम-किसान समृद्धि केंद्र या सहकारी समिति पशु औषधि केंद्र चलाना चाहे, वह डीएएचडी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करे (पशु औषधि दिशानिर्देश खंड 3(v))।

आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।

कब आवेदन करें

दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।

दूसरी योजनाओं के साथ

दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।