राजे यशवंतराव होळकर महामेष योजना — घुमंतू चरवाहों के लिए भेड़ इकाई, मेढ़े, आश्रय और आहार
चालू होने का आधार: महाराष्ट्र शासन निर्णय 9 मार्च 2026: मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना (राज्य स्तर) (9 मार्च 2026, प्रस्तावना para 6: the Raje Yashwantrao Holkar Mahamesh scheme “राबविण्यात येणारी” through the Punyashlok Ahilyadevi corporation is kept outside the 2026 merger of animal-husbandry schemes (read with GR 05.08.2024, decision 1: “यापूढे चालू ठेवण्यात येत आहे”))
धनगर और अन्य एनटी-सी चरवाहा परिवारों को राज्य 75% देता है: ढाँचे सहित 20 + 1 भेड़ इकाई (स्थायी ₹2,49,750 / घुमंतू ₹1,51,875), उन्नत मेढ़े (₹7,500 प्रति), मौजूदा झुंडों के लिए आश्रय और उपकरण (₹24,375 से ₹2,37,750) और संतुलित आहार (₹18.75 प्रति किलो); साथ में मिनी साइलेज बेलर (अधिकतम ₹4 लाख) या पशुआहार कारख़ाने (अधिकतम ₹5 लाख) पर 50%।
- मुख्य लाभ
- 75%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 6हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- सभीआवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
ढाँचे सहित 20 भेड़ + 1 मेढ़ा: ₹3,33,000 (स्थायी, ₹2,49,750) या ₹2,02,500 (घुमंतू, ₹1,51,875) का 75%।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
₹8,000 प्रति भेड़ / ₹10,000 प्रति मेढ़े से ऊपर की क़ीमत ख़रीदार की (7(अ)(5))। भेड़ों का बीमा अनिवार्य (सामान्य 13)। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के चरवाहों — धनगर व समान समुदाय — के लिए, उम्र 18–60 साल; 30% स्थान महिलाओं और 3% दिव्यांगों के लिए (खंड 7, 9(1)–(3))। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल, पुणे द्वारा, मुंबई और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में; लाभ महामंडल के वार्षिक बजट की सीमा में (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 2)।
“20 मेंढ्या + 1 मेंढानर या स्थायी मेंढी गटाची एकूण किंमत रु. 3,33,000 - आणि स्थलांतरीत मेंढी गटाची एकूण किंमत रु. 2,02,500 - राहील. … उर्वरित 75 टक्के रक्कम स्थायी गटासाठी रु. 2,49,750 - आणि स्थलांतरीत गटासाठी रु. 1,51,875 - एवढे शासनाचे अनुदान अनुज्ञेय असेल.”उन्नत नस्ल के मेढ़े: ₹10,000 प्रति का 75% (₹7,500) — 20–39 अपनी भेड़ों पर 1 मेढ़ा, 100 या अधिक पर अधिकतम 5।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
जिन्हें भेड़ इकाई नहीं मिली उनके लिए: 20–39 भेड़ों पर 1 मेढ़ा, 40–59 पर 2, 60–79 पर 3, 80–99 पर 4 और 100+ पर 5 (7(ब)(3))। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के चरवाहों — धनगर व समान समुदाय — के लिए, उम्र 18–60 साल; 30% स्थान महिलाओं और 3% दिव्यांगों के लिए (खंड 7, 9(1)–(3))। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल, पुणे द्वारा, मुंबई और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में; लाभ महामंडल के वार्षिक बजट की सीमा में (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 2)।
“सुधारीत प्रजातीच्या एका नर मेंढ्याची किंमत रु. 10,000 - एवढी असेल. सदर किंमतीमधील 25 टक्के हिस्सा म्हणजे रु. 2,500 - एवढी रक्कम स्वहिस्सा म्हणून लाभधारकाने भरावयाची आहे, आणि उर्वरित 75 टक्के हिस्सा म्हणजे रु. 7,500 - एवढ्या रकमेचे शासनाचे अनुदान अनुज्ञेय असेल.”जिनके पास पहले से भेड़ें हैं उनके लिए शेड, बाड़, बर्तन, तंबू और अन्य उपकरण: 75% — 21–39 भेड़ों पर ₹1,22,250 / ₹24,375 (स्थायी / घुमंतू) और 42 या अधिक पर ₹2,37,750 / ₹36,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
स्थायी इकाई को शेड, बाड़, आहार/पानी की नाँद, बाल्टियाँ, कृमिनाशक, खनिज ईंटें, बीमा और चारा बीज; घुमंतू इकाई को नाँद, तंबू, सूती कपड़ा, सामान ढोने के लिए खोगीर, बाल्टियाँ, दवाइयाँ, बीमा और चारा ख़रीद या चराई किराया (सामान्य 4–5)। जिन्हें भेड़ इकाई मिली उनके लिए नहीं। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के चरवाहों — धनगर व समान समुदाय — के लिए, उम्र 18–60 साल; 30% स्थान महिलाओं और 3% दिव्यांगों के लिए (खंड 7, 9(1)–(3))। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल, पुणे द्वारा, मुंबई और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में; लाभ महामंडल के वार्षिक बजट की सीमा में (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 2)।
“मेंढीपालनासाठी पायाभूत सोई-सुविधा उपलब्ध करुन देण्यासाठी अनुदान वाटप … 75 टक्के अनुदान तत्वावर”संतुलित आहार (100 ग्राम प्रति भेड़ प्रति दिन; घुमंतू झुंड को जून–जुलाई, स्थायी को अप्रैल–जुलाई): ₹25 प्रति किलो का 75%, यानी ₹18.75 प्रति किलो।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
अनुदान आपके वास्तव में लिए गए आहार के अनुसार (7(ड)(7))। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के चरवाहों — धनगर व समान समुदाय — के लिए, उम्र 18–60 साल; 30% स्थान महिलाओं और 3% दिव्यांगों के लिए (खंड 7, 9(1)–(3))। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल, पुणे द्वारा, मुंबई और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में; लाभ महामंडल के वार्षिक बजट की सीमा में (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 2)।
“प्रति किलो पशुखाद्याची किंमत रु. 25 - एवढी असून, त्यापैकी 25 टक्के लाभार्थी हिस्सा म्हणजे रु. 6.25 - आणि 75 टक्के शासनाचा हिस्सा म्हणजे रु. 18.75 - एवढा राहील.”मिनी साइलेज बेलर कम रैपर: क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹4,00,000 (राज्य भर में 25 मशीनें)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
चयन पशुपालन आयुक्त की अध्यक्षता वाली राज्य समिति द्वारा (खंड 11); एनटी-सी स्वयं सहायता समूहों और पशुपालक उत्पादक कंपनियों को प्राथमिकता (सामान्य 3)। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के चरवाहों — धनगर व समान समुदाय — के लिए, उम्र 18–60 साल; 30% स्थान महिलाओं और 3% दिव्यांगों के लिए (खंड 7, 9(1)–(3))। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल, पुणे द्वारा, मुंबई और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में; लाभ महामंडल के वार्षिक बजट की सीमा में (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 2)।
“कुट्टी केलेल्या हिरव्या चाऱ्याचा मूरघास बनविण्याकरीता गासड्या बांधण्याचे यंत्र (Mini Silage Baler cum Wrapper) … रु. 8.00 लक्ष … त्यापैकी 50 टक्के म्हणजेच रु. 4.00 लक्ष इतक्या मर्यादेपर्यंत किंवा प्रत्यक्ष यंत्राच्या किमतीच्या 50 टक्के यापैकी जे कमी असेल”छोटा पशुआहार कारख़ाना: लागत का 50%, अधिकतम ₹5,00,000 (राज्य भर में 5 कारख़ाने)।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
चयन राज्य समिति द्वारा (खंड 11)। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के चरवाहों — धनगर व समान समुदाय — के लिए, उम्र 18–60 साल; 30% स्थान महिलाओं और 3% दिव्यांगों के लिए (खंड 7, 9(1)–(3))। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल, पुणे द्वारा, मुंबई और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में; लाभ महामंडल के वार्षिक बजट की सीमा में (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 2)।
“पशुखाद्य कारखाने उभारण्यासाठी अनुदान वाटप … रु. 10.00 लक्ष एवढा खर्च ग्राह्य धरुन, त्यापैकी 50 टक्के म्हणजेच रु. 5.00 लक्ष मर्यादेपर्यंत”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए भेड़ पालन का प्रकार भरें।
₹8,000 प्रति भेड़ / ₹10,000 प्रति मेढ़े से ऊपर की क़ीमत ख़रीदार की (7(अ)(5))। भेड़ों का बीमा अनिवार्य (सामान्य 13)। केवल घुमंतू जनजाति (एनटी-सी) वर्ग के चरवाहों — धनगर व समान समुदाय — के लिए, उम्र 18–60 साल; 30% स्थान महिलाओं और 3% दिव्यांगों के लिए (खंड 7, 9(1)–(3))। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी महाराष्ट्र भेड़-बकरी विकास महामंडल, पुणे द्वारा, मुंबई और मुंबई उपनगर को छोड़ सभी ज़िलों में; लाभ महामंडल के वार्षिक बजट की सीमा में (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 2)।
कौन आवेदन कर सकता है
- सभी आवेदक
ज़रूरी काग़ज़
- एनटी-सी जाति प्रमाणपत्र और आधार (खंड 9(1), 9(5))
- स्थायी इकाई के लिए शेड हेतु अपनी ज़मीन का प्रमाण (सामान्य 7)
- मूल ख़रीद रसीदें और ख़रीद समिति के साथ फ़ोटो (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 4(ii))
आवेदन कैसे करें
- पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी भेड़-बकरी विकास महामंडल को आवेदन करें; ज़िला उपायुक्त (पशुपालन) की अध्यक्षता वाली ज़िला समिति लाभार्थी चुनती है (खंड 10)।
- अपना 25% हिस्सा दें; 2024 से भेड़ें और मेढ़े पहले आप स्वयं ख़रीद समिति के सामने महामंडल के फ़ार्म या मान्यता प्राप्त पशु बाज़ार से ख़रीदते हैं (शासन निर्णय 05.08.2024, निर्णय 4(i))।
- ज़िला उपायुक्त मूल रसीदें और फ़ोटो रिपोर्ट भेजते हैं; महामंडल 7 दिन में 75% अनुदान डीबीटी से देता है (निर्णय 4(ii)–(iii))।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।