मिज़ोरम बाना काइह (हैंडहोल्डिंग) योजना
बजट में राशि: मिज़ोरम बजट भाषण 2026-27 (26.02.2026) (26 फ़र॰ 2026, Para 55 (₹350 crore earmarked for Mizoram Bana Kaih in 2026-27, of which ₹150 crore under "Thlaithar leina under Handholding Scheme"); para 11 (loans to 384 and CM’s Special Package grants to 2,713 Progress Partners; first six-monthly interest subvention released))
मिज़ोरम की प्रमुख आजीविका योजना: चुने गए किसान, उद्यमी और उत्पादक समूहों को बैंक ऋण मिलता है जिसका पूरा ब्याज राज्य लौटाता है (₹50 लाख तक के ऋण पर) और ऋण गारंटी का ख़र्च भी राज्य देता है, या ख़ास मामलों में ₹1,00,000 तक का अनुदान।
- मुख्य लाभ
- ब्याज का 100%₹50 लाख तक के बैंक ऋण पर, समय पर भुगतान करने पर
- घटक
- 2हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 12तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- मौसमी“कब आवेदन करें” देखें
क्या मिलता है
₹50 लाख तक के बैंक ऋण का पूरा ब्याज (केंद्र की ब्याज सहायता के बाद) राज्य लौटाता है, अगर आप समय पर चुकाएँ; राज्य के ख़र्च पर ऋण गारंटी से ऋण बिना गिरवी के मिलता है।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह केवल “टारगेटेड प्रोग्रेस पार्टनर” को मिलता है: वे व्यक्ति या समूह जिनकी परियोजना किसी विभाग की नोडल समिति सिफ़ारिश करे और शीर्ष निकाय (मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मिज़ोरम राज्य नीति समन्वय समिति) योग्यता और उपलब्ध धन के आधार पर चुने (धारा 2.2.1, 6.2, 7(4))। किसान कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, मत्स्य, रेशम और दूसरे लागू करने वाले विभागों के ज़रिए आते हैं (धारा 4.2)। आवेदन करने से सहायता पक्की नहीं होती (फ़ॉर्म-1 का घोषणा-पत्र)। ऋण स्वयं पीएमईजीपी, मुद्रा या केसीसी जैसी किसी केंद्रीय योजना से मिलता है (धारा 3.2.1(4)); जो “जनरल प्रोग्रेस पार्टनर” चुने नहीं गए, वे ये ऋण ले सकते हैं पर उन्हें ब्याज वापसी या गारंटी नहीं मिलती (धारा 2.2.2)। 2026-27 के बजट भाषण (पैरा 11) के अनुसार पहली छमाही ब्याज सहायता जारी हो चुकी है।
“Full interest subvention on interest payable on bank loans of up to Rs. 50 lakhs through reimbursement of interest to Progress Partners over and above interest subvention claimable from the Central Government under the loan scheme, as incentive for prompt repayment.”ख़ास मामलों में, जब आप ऋण नहीं ले सकते, आपकी परियोजना रिपोर्ट के आधार पर ₹1,00,000 तक का मुख्यमंत्री विशेष पैकेज अनुदान।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह केवल “टारगेटेड प्रोग्रेस पार्टनर” को मिलता है: वे व्यक्ति या समूह जिनकी परियोजना किसी विभाग की नोडल समिति सिफ़ारिश करे और शीर्ष निकाय (मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मिज़ोरम राज्य नीति समन्वय समिति) योग्यता और उपलब्ध धन के आधार पर चुने (धारा 2.2.1, 6.2, 7(4))। किसान कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, मत्स्य, रेशम और दूसरे लागू करने वाले विभागों के ज़रिए आते हैं (धारा 4.2)। आवेदन करने से सहायता पक्की नहीं होती (फ़ॉर्म-1 का घोषणा-पत्र)। अनुदान के आवेदन पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में आते और जाँचे जाते हैं (धारा 6.3.2(1))। अनुदान लेने पर उस परियोजना के पूरा होने तक योजना के दूसरे लाभ नहीं मिलते, और लगातार ख़राब प्रदर्शन पर पैसा लौटाना पड़ सकता है (धारा 3.2.2(3), (5))।
“This special provision is made for allowing grant of not more than Rs.1 lakh in exceptional case where the Progress Partner is not in a position to avail loans while having a livelihood project that can be significantly boosted by a small grant.”मुझे कितना मिल सकता है?
₹50 लाख तक के बैंक ऋण पर 100% ब्याज की वापसी, साथ में बिना गिरवी ऋण: एमएसएमई ऋण के लिए राज्य सीजीटीएमएसई कोष में योगदान देता है और कृषि व संबद्ध ऋण के लिए गारंटी शुल्क भरता है (धारा 3.2.1(1)–(3))।
यह केवल “टारगेटेड प्रोग्रेस पार्टनर” को मिलता है: वे व्यक्ति या समूह जिनकी परियोजना किसी विभाग की नोडल समिति सिफ़ारिश करे और शीर्ष निकाय (मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मिज़ोरम राज्य नीति समन्वय समिति) योग्यता और उपलब्ध धन के आधार पर चुने (धारा 2.2.1, 6.2, 7(4))। किसान कृषि एवं किसान कल्याण, बागवानी, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, मत्स्य, रेशम और दूसरे लागू करने वाले विभागों के ज़रिए आते हैं (धारा 4.2)। आवेदन करने से सहायता पक्की नहीं होती (फ़ॉर्म-1 का घोषणा-पत्र)। ऋण स्वयं पीएमईजीपी, मुद्रा या केसीसी जैसी किसी केंद्रीय योजना से मिलता है (धारा 3.2.1(4)); जो “जनरल प्रोग्रेस पार्टनर” चुने नहीं गए, वे ये ऋण ले सकते हैं पर उन्हें ब्याज वापसी या गारंटी नहीं मिलती (धारा 2.2.2)। 2026-27 के बजट भाषण (पैरा 11) के अनुसार पहली छमाही ब्याज सहायता जारी हो चुकी है।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- काश्तकार या बटाईदार
- भूमिहीन
- एफ़पीओ
- स्वयं सहायता समूह
- सहकारी समिति
- कृषि उद्यमी
- कृषि स्टार्टअप
ज़रूरी काग़ज़
- मतदाता पहचान पत्र (फ़ॉर्म-1)
- समूह या संस्था के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र (फ़ॉर्म-1)
- ईडीपी/आरसेटी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, अगर हो (फ़ॉर्म-1)
आवेदन कैसे करें
- अपनी आजीविका या व्यवसाय परियोजना फ़ॉर्म-1 में ऑनलाइन हैंडहोल्डिंग पोर्टल handholding.mizoram.gov.in पर जमा करें; विभाग की सर्च टीम भी आवेदन में मदद कर सकती है (धारा 6.1)।
- विभाग की नोडल समिति आपकी परियोजना की जाँच करती है, साक्षात्कार ले सकती है, और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने में मदद करती है (धारा 6.2.1–6.2.3)।
- अंतिम चयन शीर्ष निकाय करता है; फिर विभाग आपको ऋण के लिए बैंक तक ले जाता है (धारा 6.3.1, 7(4))।
- अनिवार्य ओरिएंटेशन प्रशिक्षण में भाग लें और समय पर किस्त चुकाएँ — ब्याज की वापसी केवल समय पर भुगतान करने पर मिलती है (धारा 2.2.1(c), 3.2.3)।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
योजना 19.09.2024 से पाँच साल के लिए है (राजपत्र धारा 2); आवेदन पोर्टल पर लिए जाते हैं।
दूसरी योजनाओं के साथ
दस्तावेज़ इस पर कुछ नहीं कहते कि इसे दूसरी योजनाओं के साथ जोड़ा जा सकता है या नहीं। दोनों पर भरोसा करने से पहले कार्यालय से पूछें।