उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक कल्याण कोष
चालू होने का आधार: मत्स्य पालक कल्याण कोष 2026-27 वित्तीय स्वीकृति (9 जून 2026) (9 जून 2026, Para 2: वित्तीय वर्ष 2026-27 में उ0प्र0 मत्स्य पालक कल्याण कोष के अन्तर्गत … 13-मत्स्य पालक कल्याण कोष 42- अन्य व्यय में धनराशि रू0 2500.00 लाख (रू0 पच्चीस करोड मात्र) की वित्तीय स्वीकृति)
राज्य के मत्स्य पालक कल्याण कोष से: मछली बेचने के लिए आइसबॉक्स और हैवी ड्यूटी मोपेड पर 40% (₹24,000), मत्स्य तालाब के नलकूप के बिजली बिल का 40%, और ₹2 लाख तक के मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड ऋण पर किसान द्वारा चुकाया गया 4% ब्याज, एक बार।
- मुख्य लाभ
- 40%लागत का, अधिकतम
- घटक
- 3हर एक दस्तावेज़ से पढ़ा
- कौन ले सकता है
- 6तरह के आवेदक
- अंतिम तिथि
- कोई नहींकभी भी आवेदन
क्या मिलता है
मछली बेचने के लिए हैवी ड्यूटी मोपेड (₹56,000) और 50 लीटर आइसबॉक्स (₹4,000) की लागत का 40% — अधिकतम ₹24,000।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
परंपरागत मछुआ समुदाय (केवट, मल्लाह, निषाद, बिन्द, धीमर, कश्यप आदि, प्रस्तर 1.2) या एक वर्ष या अधिक से मत्स्य पालन से आजीविका चलाने वाले उत्तर प्रदेश निवासी के लिए। जिसने पहले निषादराज बोट योजना या पीएमएमएसवाई मत्स्य विपणन जैसी किसी योजना में ऐसा अनुदान लिया हो, वह पात्र नहीं (प्रस्तर 1.1, 1.4)। कम से कम 5 वर्ष मत्स्य कार्य में उपयोग ज़रूरी, नहीं तो राशि वसूली जाएगी (प्रस्तर 1.5(3))।
“1.मछली पकड़ने के जाल /उपकरणों की सुविधा की व्यवस्था करना और मछली विक्रय हेतु मोपेड आइस बॉक्स आदि उपलब्ध कराना: … आइस बॉक्स (न्यूनतम क्षमता 50 ली0) 01 — 4000 — 2400 — 1600; हैवी ड्यूटी मोपेड 01 — 56000 — 33600 — 22400; योग 60000 — 36000 — 24000 [परियोजना धनराशि (₹) — लाभार्थी अंश (%60) — अनुदान (%40)]”मछली तालाब या हैचरी में पानी भरने वाले नलकूप के व्यावसायिक कनेक्शन के चुकाए गए बिजली बिल का 40%, 0.2 से 2 हेक्टेयर तक के तालाबों के लिए।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
कनेक्शन व्यावसायिक (एलएमवी5) और केवल मात्स्यिकी के लिए हो, पट्टाधारक/मत्स्य पालक के नाम पर; तालाब 0.2–2.0 हेक्टेयर (आर.ए.एस./बायोफ्लॉक/हैचरी में परियोजना ही इकाई) (प्रस्तर 2.2)।
“(द) आवेदक द्वारा भुगतान किए गए बीजक एवं भुगतान रसीद के साथ आवेदन प्रस्तुत करने पर संबंधित मत्स्य पालक/मछुआ को उसके द्वारा विद्युत विभाग को कुल भुगतान की गई धनराशि का 40% धनराशि अनुदान सहायता के रूप में उ.प्र. मत्स्य पालक कल्याण कोष से प्रदान किया जाएगा ।”मत्स्य पालन के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण को समय से चुकाने पर, ₹2 लाख तक के ऋण पर आपके द्वारा चुकाया गया 4% ब्याज कोष लौटा देता है, केवल एक बार।
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है
यह केसीसी पर केंद्र के 3% समय पर भुगतान प्रोत्साहन के ऊपर है (प्रस्तर 4.1), जिससे ऋण ब्याज मुक्त हो जाता है। केवल मत्स्य पालन के केसीसी कार्यशील पूंजी ऋण पर, तालाब कम से कम 0.2 हेक्टेयर; डिफ़ॉल्टर या दूसरी ब्याज राहत/ऋणमाफ़ी पाने वाले पात्र नहीं (प्रस्तर 4.1, 4.4(3), 4.4(5))।
“मत्स्य पालक द्वारा बैंक को समय से भुगतान किए जाने पर क्रेडिट कार्ड ऋण की धनराशि के सापेक्ष लाभार्थी द्वारा ब्याज की भुगतान की गई 4% धनराशि को उ0 प्र0 मत्स्य पालक कल्याण कोष से ब्याज पर आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान किया जा सकेगा। … 4.4(2) योजना का लाभ लाभार्थी को केवल एक बार एवं अधिकतम ऋण सीमा रू० 2.00 लाख तक पर ही प्राप्त होगा”मुझे कितना मिल सकता है?
आँकड़ा देखने के लिए परियोजना लागत भरें।
परंपरागत मछुआ समुदाय (केवट, मल्लाह, निषाद, बिन्द, धीमर, कश्यप आदि, प्रस्तर 1.2) या एक वर्ष या अधिक से मत्स्य पालन से आजीविका चलाने वाले उत्तर प्रदेश निवासी के लिए। जिसने पहले निषादराज बोट योजना या पीएमएमएसवाई मत्स्य विपणन जैसी किसी योजना में ऐसा अनुदान लिया हो, वह पात्र नहीं (प्रस्तर 1.1, 1.4)। कम से कम 5 वर्ष मत्स्य कार्य में उपयोग ज़रूरी, नहीं तो राशि वसूली जाएगी (प्रस्तर 1.5(3))।
कौन आवेदन कर सकता है
- अन्य किसान
- लघु या सीमांत किसान
- अनुसूचित जाति किसान
- अनुसूचित जनजाति किसान
- महिला किसान
- भूमिहीन
ज़रूरी काग़ज़
- मोपेड के लिए: वाहन ख़रीद की रसीद, वाहन पंजीकरण प्रमाण-पत्र, आइसबॉक्स की रसीद, ड्राइविंग लाइसेंस की प्रति और जी.पी.एस. फ़ोटो (प्रस्तर 1.5(2))
- बिजली के लिए: व्यावसायिक (एलएमवी5) मात्स्यिकी कनेक्शन के बिल और भुगतान रसीदें, आपके या पट्टाधारक के नाम (प्रस्तर 2.1(द), 2.2(2)–(3))
- ब्याज के लिए: बैंक से प्रमाण-पत्र कि केसीसी ऋण मत्स्य पालन के लिए लिया गया, चुकाए गए ब्याज का प्रमाण-पत्र, और शपथ-पत्र कि कोई दूसरी ब्याज राहत या ऋणमाफ़ी नहीं ली (प्रस्तर 4.2(2), 4.3(4), 4.4(4))
आवेदन कैसे करें
- मत्स्य विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें (प्रस्तर 1.3(1), 2.3(1), 4.3(1))।
- जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति पात्र आवेदकों का क्रम डिजिटल लॉटरी से तय करती है (प्रस्तर 1.3(2))।
- ख़रीद की रसीदें (या बिजली बिल और भुगतान रसीद, या बैंक का ब्याज प्रमाण-पत्र) अपलोड करें; जनपदीय मत्स्य अधिकारी मौके पर सत्यापन करता है (प्रस्तर 1.5, 2.1(द), 4.4(4))।
- सहायता काम के बाद डीबीटी से आपके बैंक खाते में आती है (ब्याज की राशि आपके केसीसी खाते में) (प्रस्तर 1.5(2), 2.4(2), 4.4(2))।
आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।
कब आवेदन करें
दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।
दूसरी योजनाओं के साथ
- KCC – Interest Subvention (MISS): जोड़ी जा सकती है