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राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड — व्यावसायिक बागवानी और कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी

NHB · राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय · केंद्रीय योजना, सभी राज्य

बड़ी बागवानी परियोजनाओं के लिए बैंक ऋण से जुड़ी सब्सिडी: व्यावसायिक बाग़-बगीचे, पॉलीहाउस-शेड नेट और कोल्ड स्टोरेज।

मुख्य लाभ
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)
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क्या मिलता है

35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

व्यावसायिक खुले खेत की बागवानी परियोजना की पात्र लागत का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), अधिकतम ₹100 लाख की लागत पर।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

परिपत्र ने दर 40%/50% (दिशानिर्देश योजना 1, मद 1(i), पृ. 6) से घटाकर 35%/45% की; प्रति परियोजना ₹100 लाख का मानक और अन्य शर्तें बनी रहती हैं। परियोजना 2 हेक्टेयर से बड़ी हो (पूर्वोत्तर में 1 हेक्टेयर से बड़ी)। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Open Field Cultivation Projects — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

पॉलीहाउस या शेड नेट परियोजना की पात्र लागत का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), प्रति परियोजना अधिकतम ₹100 लाख सब्सिडी।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

परिपत्र ने पहले की 50% दर (दिशानिर्देश योजना 1, मद 1(iii), पृ. 7) को 35%/45% किया; सब्सिडी की सीमा, प्रति परियोजना ₹100 लाख, बनी रहती है। परियोजना 4000 वर्ग मीटर से बड़ी हो (पूर्वोत्तर राज्यों में 1000 वर्ग मीटर)। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Protected Cultivation Projects, including plug-type nurseries under protected conditions — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

बड़े कोल्ड स्टोरेज की पात्र लागत का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), अधिकतम ₹2 करोड़।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 4. Cold Storage Scheme · पृ. 3 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

यह एनएचबी योजना 2 है, 5001 से 20,000 टन के कोल्ड स्टोर के लिए (पूर्वोत्तर राज्यों में 1000 टन या अधिक) (दिशानिर्देश पृ. 18)। परिपत्र ने दर 35%/50% से 35%/45% की। इस धारा में लद्दाख का नाम नहीं है, इसलिए उसे 35% पर दिखाया है; अनुसूचित क्षेत्र और वाइब्रेंट गाँव 45% पाते हैं, पर केवल राज्य से यह तय नहीं हो सकता। एक परिवार-एक बार का नियम और ज़मीन की लागत न गिनने का नियम लागू है (परिपत्र धारा 1, 5)।

“Under the revised provisions, NHB shall provide credit-linked back-ended subsidy at: 35% of the eligible project cost in General Areas; and 45% in NER and Himalayan States, Scheduled Areas, Vibrant Villages, Andaman & Nicobar Islands and Lakshadweep Islands. The maximum subsidy admissible from NHB for any type of cold storage project shall not exceed ₹2.00 crore.”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

20 हेक्टेयर से बड़ी सेब, अखरोट, बादाम, काजू, कीवी या खजूर की बड़ी हाई-टेक बाग़ परियोजना की पात्र लागत का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), अधिकतम ₹200 लाख की लागत पर।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

यह दिशानिर्देश योजना 1 की मद 1(ii) है — चुनी हुई उच्च मूल्य वाली फ़सलों (सेब, अखरोट, बादाम, काजू, कीवी, खजूर) की बड़ी हाई-टेक खुले खेत की खेती: 20 हेक्टेयर से बड़ी परियोजनाओं के लिए प्रति परियोजना ₹200 लाख (पृ. 6)। परिपत्र ने दर 40% / 50% से 35% / 45% की। गिनी जाने वाली लागत फ़सल-वार प्रति हेक्टेयर सीमा (पृ. 11–15) × आपका क्षेत्रफल है, अधिकतम ₹200 लाख। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Open Field Cultivation Projects — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

4,000 वर्ग मीटर से बड़ी हाई-टेक प्लग-ट्रे नर्सरी के लिए ₹1,200 प्रति वर्ग मीटर का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), अधिकतम ₹100 लाख सब्सिडी।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(iv), नियंत्रित परिस्थितियों में हाई-टेक प्लग-ट्रे नर्सरी: एमआईडीएच लागत मानकों पर परियोजना आधारित, 4000 वर्ग मीटर से बड़े क्षेत्र के लिए (पूर्वोत्तर राज्यों में 1000 वर्ग मीटर), प्रति परियोजना अधिकतम ₹100 लाख सब्सिडी (पृ. 7)। हम हर जगह 4,000 वर्ग मीटर की सीमा लगाते हैं, इसलिए पूर्वोत्तर की छोटी परियोजना भी पात्र हो सकती है। परिपत्र ने दर 50% से 35% / 45% की। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Protected Cultivation Projects, including plug-type nurseries under protected conditions — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

नई निजी टिशू कल्चर इकाई की लागत का 35%, अधिकतम ₹250 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), बैंक ऋण से जुड़ी सब्सिडी।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(v), नई टिशू कल्चर इकाई: अधिकतम ₹250 लाख प्रति इकाई; इकाई को हर साल कम से कम 10 लाख (25 लाख तक) तैयार पौधे बनाने होंगे और अंतिम किस्त के 18 महीने में मान्यता लेनी होगी (पृ. 7)। परिपत्र ने पहले की 40% दर को 35% / 45% किया। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“New Tissue Culture Units – Private Sector — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

50 से अधिक और 300 टन तक की एकीकृत मशरूम इकाई के लिए ₹75,000 (कैनिंग के साथ ₹85,000) प्रति टन क्षमता का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(vi): नियंत्रित परिस्थितियों में 50 टन से अधिक और 300 टन तक की स्थापित क्षमता के लिए, उत्पादन इकाई + कम्पोस्ट इकाई सहित, बिना कैनिंग ₹75000/टन और कैनिंग के साथ ₹85000/टन (पृ. 7)। परिपत्र ने दर 40% / 50% से 35% / 45% की। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Integrated Mushroom Units — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

एनएचबी में पैक हाउस, संग्रह केंद्र, मोबाइल प्री-कूलर या स्टेजिंग कोल्ड रूम की लागत का 35%, उसके एमआईडीएच मानक तक की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(vii): सभी कटाई-बाद प्रबंधन घटक (एमआईडीएच के C1 से C6) — एमआईडीएच लागत मानकों के अनुसार (पृ. 7); निर्माण एनसीसीडी दिशानिर्देशों के अनुसार। स्थायी प्री-कूलिंग इकाई (C.4, ₹5 लाख प्रति टन) अलग मद है। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

एनएचबी में प्री-कूलिंग इकाई के लिए अधिकतम ₹5 लाख प्रति टन क्षमता का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

लागत मानक एमआईडीएच परिचालन दिशानिर्देश 2025, अनुलग्नक V, C.4 प्री-कूलिंग इकाई से: अधिकतम ₹5 लाख प्रति टन (पृ. 64), दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(vii) के ज़रिये। प्री-कूलर के 20 घन मीटर को एक टन गिना जाता है (दिशानिर्देश पृ. 35)। अधिकतम क्षमता नहीं छपी। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

15 से 30 टन के रेफ़्रिजरेटेड वाहन के लिए ₹3.45 लाख प्रति टन का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%), प्रति परियोजना अधिकतम ₹80 लाख।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(viii): गणना के लिए ₹3.45 लाख प्रति टन, प्रति वाहन 15 से 30 टन; अधिकतम सब्सिडी सामान्य क्षेत्रों में प्रति परियोजना ₹80 लाख और पूर्वोत्तर व हिमालयी राज्यों, अनुसूचित क्षेत्रों, वाइब्रेंट गाँवों, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में ₹100 लाख (पृ. 8, 35)। हम हर जगह ₹80 लाख की सीमा लगाते हैं, इसलिए पूर्वोत्तर की बड़ी परियोजना को अधिक मिल सकता है। वाहन में जीपीएस और टेलीमैटिक्स ज़रूरी। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

मूल्य संवर्धन के लिए द्वितीयक प्रसंस्करण इकाई की लागत का 35%, अधिकतम ₹100 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(ix), मूल्य संवर्धन के लिए द्वितीयक प्रसंस्करण इकाई: ₹100 लाख प्रति इकाई (एमआईडीएच लागत मानकों के अनुसार) (पृ. 8)। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

15 से 300 टन के राइपनिंग चैंबर के लिए ₹1 लाख (बिना दबाव) या ₹1.20 लाख (दबाव वाला) प्रति टन का 35% (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देश योजना 1 मद 1(x): बिना दबाव ₹1.00 लाख/टन, दबाव वाला ₹1.20 लाख/टन (पृ. 8)। अधिकतम स्वीकार्य क्षमता 300 टन; हर कक्ष 15 से 30 टन; 11 घन मीटर को एक टन गिना जाता है (पृ. 11)। परिपत्र ने "कटाई-बाद प्रबंधन घटक, द्वितीयक/प्राथमिक प्रसंस्करण सहित" के लिए 35% / 45% तय किया; दिशानिर्देशों में 35% / 50% छपा था। सब्सिडी की सीमाएँ छपे अनुसार रहती हैं। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Post-Harvest Management Components, including Secondary Primary/Processing — General Area 35% — NER/Himalayan States, Scheduled Areas and specified UTs* 45%”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

कोल्ड स्टोर की प्रशीतन प्रणाली के आधुनिकीकरण की लागत का 35%, अधिकतम ₹125 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।

स्रोत एनएचबी परिचालन दिशानिर्देश, जनवरी 2025 · धारा Chapter 03, Scheme 2, Expansion and Modernization, C-12 Modernisation of Refrigeration (as amended by Public Circular 21.08.2026 cl. 4) · पृ. 32 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

दिशानिर्देशों में 50% छपा है; 21 अगस्त 2026 के परिपत्र (धारा 4) ने कोल्ड स्टोरेज योजना के लिए 35% / 45% तय किया, और हम आधुनिकीकरण पर भी यही कम दर लगाते हैं। अगर एनएचबी आधुनिकीकरण पर 50% की पुष्टि करे, तो अधिकतम ₹62.5 लाख तक अधिक मिलेगा। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“C-12 Modernisation of Refrigeration — Modernisation for Refrigeration with latest technologies including refrigeration plant and associated equipment’s with the refrigeration system to reduce energy consumption & Unified Control System with PLC, BMS, IoT, Remote Monitoring, etc. — Rs.125 lakh / project (where 5 Lakhs/ project is for Unified Control System) — Credit linked back-ended assistance @ 50% of the actual cost or 50% of the Rs. 125lakh whichever is lower, for Modernisation of Refrigeration, with capping of maximum subsidy to Rs. 62.5 lakhs.”
35%लागत का, अधिकतम (45% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (एचएमएनईएच सूची), अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)

कोल्ड स्टोर के इन्सुलेशन के आधुनिकीकरण की लागत का 35%, अधिकतम ₹120 लाख की लागत पर (पूर्वोत्तर व हिमालयी क्षेत्रों में 45%)।

स्रोत एनएचबी परिचालन दिशानिर्देश, जनवरी 2025 · धारा Chapter 03, Scheme 2, Expansion and Modernization, C-12 Modernisation of Insulation (as amended by Public Circular 21.08.2026 cl. 4) · पृ. 32 · हमारी प्रति (PDF)
दस्तावेज़ में ठीक क्या लिखा है

नए इन्सुलेशन से ऊर्जा खपत कम से कम 5% घटनी चाहिए; ईपीएस की अनुमति नहीं। दिशानिर्देशों में 50% छपा है; 21 अगस्त 2026 के परिपत्र (धारा 4) ने कोल्ड स्टोरेज योजना के लिए 35% / 45% तय किया, और हम यही कम दर लगाते हैं। अगर एनएचबी 50% की पुष्टि करे, तो अधिकतम ₹60 लाख तक अधिक मिलेगा। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

“Modernisation of Insulation — The insulation used should be CFC and preferably HCFC free material … to result in at least 5% reduction in energy consumption. EPS is not allowed. — Rs.120 lakh / project — Credit linked back-ended assistance @ 50% of the actual cost or 50% of the Rs. 120lakh whichever is lower, for Modernisation of Insulation, with capping of maximum subsidy to Rs. 60 lakhs.”

मुझे कितना मिल सकता है?

आँकड़ा देखने के लिए फ़सल और पौधों के बीच की दूरी भरें।

स्रोत एनएचबी सार्वजनिक परिपत्र, 21 अगस्त 2026 (दरों में कटौती) · धारा 3. Revision in Rate of Financial Assistance (table and footnote *) · पृ. 2 · हमारी प्रति (PDF)

परिपत्र ने दर 40%/50% (दिशानिर्देश योजना 1, मद 1(i), पृ. 6) से घटाकर 35%/45% की; प्रति परियोजना ₹100 लाख का मानक और अन्य शर्तें बनी रहती हैं। परियोजना 2 हेक्टेयर से बड़ी हो (पूर्वोत्तर में 1 हेक्टेयर से बड़ी)। 21 अगस्त 2026 से एक परिवार (पति/पत्नी, माता-पिता, बेटे, बेटियाँ) में से केवल एक सदस्य, सभी एनएचबी योजनाओं में एक ही बार, सहायता ले सकता है; किसानों के समूह और सेवारत सरकारी कर्मचारी आवेदन नहीं कर सकते (परिपत्र धारा 1–2)। ज़मीन की लागत नहीं गिनी जाती (धारा 5)। अनुसूचित क्षेत्रों को भी बढ़ी दर मिलती है — एनएचबी से पूछें, क्योंकि केवल राज्य से हम यह नहीं जान सकते।

कौन आवेदन कर सकता है

  • अन्य किसान
  • लघु या सीमांत किसान
  • अनुसूचित जाति किसान
  • अनुसूचित जनजाति किसान
  • महिला किसान
  • एफ़पीओ
  • कृषि उद्यमी

ज़रूरी काग़ज़

  • स्व-सत्यापित पैन कार्ड और आधार कार्ड
  • आपके नाम ज़मीन के मालिकाना काग़ज़ और अधिकार अभिलेख (आरओआर) — या सब-रजिस्ट्रार में पंजीकृत कम से कम 10 साल का पट्टा
  • एनएचबी प्रारूप में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, और जहाँ लागू हो, स्थल नक्शा
  • बैंक का अंतिम स्वीकृति पत्र और मूल्यांकन नोट
  • अनुसूचित जाति/जनजाति हों तो जाति प्रमाणपत्र
  • एनएचबी, एनएचएम या केंद्रीय मंत्रालयों से पहले ली गई सहायता और परिवार के सदस्यों के बारे में स्व-घोषणा (परिपत्र धारा 1)

आवेदन कैसे करें

  1. बैंक से परियोजना का मूल्यांकन कराकर टर्म लोन मंज़ूर कराएँ; टर्म लोन माँगी गई सब्सिडी से कम नहीं होना चाहिए (दिशानिर्देश अध्याय 4, पात्रता 2)।
  2. nhb.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करें — ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य है — हस्ताक्षरित दस्तावेज़ अपलोड करें और परियोजना के आकार के अनुसार आवेदन शुल्क दें (अध्याय 4; परिपत्र धारा 7)।
  3. परियोजना पूरी करें; पूरा दावा पूरा होने के 3 महीने के भीतर भेजें (अध्याय 1, अन्य 1)।
  4. निरीक्षण के बाद सब्सिडी बाद में (बैक-एंडेड) आपके बैंक के ज़रिये ऋण में समायोजित होती है।
आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें ↗

आवेदन मुफ़्त है। आवेदन के लिए किसी को पैसा न दें।

कब आवेदन करें

दिशानिर्देशों में कोई अंतिम तिथि नहीं है।

दूसरी योजनाओं के साथ

  • MIDH: नहीं जोड़ी जा सकती